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40th BPSC Pre Exam 27.08.1995 MCQs in Hindi
| 1. हड़प्पा में मिट्टी के बर्तनों पर सामान्यतः किस रंग का उपयोग हुआ था ? (a) लाल (b) नीला हरा (c) पाण्डु (d) नीला सही उत्तर: (a) व्याख्या: हड़प्पा सभ्यता के मिट्टी के बर्तन (Pottery) इसकी सबसे महत्वपूर्ण सांस्कृतिक विशेषताओं में से एक थे। इन बर्तनों पर सामान्यतः लाल रंग (Red Ware) का उपयोग होता था, जिस पर काले रंग से आकृतियाँ बनाई जाती थीं। इसे Black-on-Red Ware कहा जाता है। यह तकनीक दर्शाती है कि हड़प्पाई कुम्हार उच्च तापमान पर बर्तनों को पकाने में सक्षम थे, जिससे बर्तन अधिक टिकाऊ बनते थे। लाल रंग प्राप्त करने के लिए लोहे से युक्त मिट्टी का चयन किया जाता था, जो पकने पर लाल रंग देती थी। इन बर्तनों पर बनाई गई आकृतियों में जानवर, ज्यामितीय आकार और प्राकृतिक प्रतीक शामिल होते थे। यह कला हड़प्पा के सामाजिक जीवन, धार्मिक मान्यताओं और सौंदर्यबोध का संकेत देती है। इसके अलावा, यह इस बात का प्रमाण है कि हड़प्पाई लोग तकनीकी रूप से अत्यन्त उन्नत थे तथा रंगों के उपयोग और बर्तनों की डिजाइनिंग में कुशल थे। |
| 2. ऋग्वेद संहिता का नौवां मंडल पूर्णतः किसको समर्पित है? (a) इन्द्र और उनका हाथी (b) उर्वशी एवं स्वर्ग (c) पौधों और जड़ी-बूटियों से संबंधित देवतागण (d) सोम और इस पेय पर नामांकित देवता सही उत्तर: (d) व्याख्या: ऋग्वेद का नौवां मंडल विशेष रूप से सोम देवता को समर्पित है। सोम एक महत्वपूर्ण वैदिक देवता और एक पवित्र पेय था, जिसे दैवी प्रेरणा, शक्ति और अमरता का स्रोत माना जाता था। इस मंडल के सभी सूक्त सोम रस के स्तुति-गान हैं, जिनमें सोम के गुण, उसकी तैयारी, शुद्धिकरण और देवताओं को अर्पित करने की प्रक्रिया का वर्णन है। सोम रस वैदिक अनुष्ठानों में केन्द्रीय भूमिका निभाता था और इसे देवताओं का प्रिय पेय कहा गया है। नौवें मंडल की सूक्तियाँ यह भी दर्शाती हैं कि वैदिक समाज में यज्ञ और अनुष्ठान कितने महत्वपूर्ण थे। सोम को ऊर्जा, प्रेरणा, स्वास्थ्य और मानसिक बल का प्रतीक माना गया है। इसके माध्यम से वैदिक काल के धार्मिक अनुष्ठानों, सामाजिक संरचना और आध्यात्मिक विचारों की स्पष्ट झलक मिलती है। |
| 3. धर्मशास्त्रों में भू-राजस्व की दर क्या है ? (a) Fri Jan 03 2025 00:00:00 GMT+0530 (India Standard Time) (b) Sat Jan 04 2025 00:00:00 GMT+0530 (India Standard Time) (c) Mon Jan 06 2025 00:00:00 GMT+0530 (India Standard Time) (d) Wed Jan 08 2025 00:00:00 GMT+0530 (India Standard Time) सही उत्तर: (c) व्याख्या: धर्मशास्त्रों में भूमि-राजस्व (Land Revenue) को राज्य की आय का प्रमुख स्रोत माना गया है। मनु, नारद, याज्ञवल्क्य तथा अन्य धर्मशास्त्रकारों ने भूमि से प्राप्त उपज का एक निश्चित हिस्सा राजा को देने की व्यवस्था बताई है। अधिकांश धर्मशास्त्रों में भू-राजस्व की मानक दर 1/6 निर्धारित की गई है। इसका अर्थ है कि कृषक अपनी कुल कृषि उपज का छठा भाग राज्य को कर स्वरूप देता था। यह दर न तो बहुत अधिक थी कि किसान पर बोझ बढ़े और न इतनी कम कि राज्य की वित्तीय व्यवस्था प्रभावित हो। 1/6 की दर यह भी दर्शाती है कि वैदिक और उत्तरवैदिक काल में आर्थिक व्यवस्था सरल, संतुलित और कृषक-हितैषी थी। यह कर न्यायसंगत माना गया और राज्य पर यह जिम्मेदारी थी कि वह सुरक्षा, विधि-व्यवस्था और प्रशासन सुनिश्चित करे। भू-राजस्व की यह प्रणाली आगे चलकर मौर्य, गुप्त और मध्यकालीन राजतंत्रों की आधारशिला बनी। |
| 4. बराबर की गुफाओं का उपयोग किसने आश्रयगृह के रूप में किया ? (a) आजीविकों ने (b) थारुओं ने (c) जैनों ने (d) तांत्रिकों ने सही उत्तर: (a) व्याख्या: बराबर की गुफाएँ बिहार के गया जिले में स्थित हैं और इन्हें मौर्य सम्राट अशोक तथा उनके उत्तराधिकारी दशरथ ने बनवाया था। इन गुफाओं का उपयोग मुख्यतः आजीविक संप्रदाय के साधुओं द्वारा आश्रयगृह के रूप में किया जाता था। आजीविक एक प्राचीन श्रमण परंपरा थी, जिसके संस्थापक मक्खलि गोसाल माने जाते हैं। मौर्यों, विशेषतः अशोक के शासनकाल में आजीविकों को राजकीय संरक्षण प्राप्त था। गुफाएँ अत्यंत परिष्कृत शिल्पकला का उदाहरण हैं, जिनमें अंदरूनी सतह आंतरिक रूप से अत्यंत चिकनी और चमकदार बनाई गई है, जिसे “मौर्य पोलिश” कहा जाता है। इन गुफाओं के नाम — लोमस ऋषि, सुदामा, कर्णचौपर — इनके धार्मिक महत्व को दर्शाते हैं। गुफाओं में आजीविकों को संन्यास, ध्यान और व्रत-उपवास के लिए उपयुक्त वातावरण मिलता था। यह मौर्यकालीन वास्तुकला, धार्मिक सहिष्णुता और विभिन्न संप्रदायों के संरक्षण का प्रमाण भी है। |
| 5. निम्नलिखित में से कौन सबसे पूर्वकालिक जैन ग्रंथ कहलाता है ? (a) बारह अंग (b) बारह उपांग (c) चौदह पूर्व (d) चौदह उपपूर्व सही उत्तर: (c) व्याख्या: जैन साहित्य के विकासक्रम में सबसे प्राचीन और मूलभूत ग्रंथों में चौदह पूर्व (14 Purvas) का स्थान सर्वोच्च माना जाता है। ये परंपरा में उपलब्ध जैन ज्ञान के सबसे प्रारंभिक स्रोत थे और इन्हें ‘पूर्व-ज्ञान’ कहा जाता था। जैन परंपरा के अनुसार, ये ग्रंथ केवल केवलज्ञानी अर्हतों और गणधराओं को ही पूर्ण रूप से ज्ञात थे। समय के साथ ये ग्रंथ लुप्त हो गए, परंतु इनकी सूचनाएँ बाद में रचित ‘अंग’ ग्रंथों में अंशतः संरक्षित रहीं। जैन आचार्यों का मानना है कि चौदह पूर्वों में ब्रह्मांड विज्ञान, कर्म सिद्धांत, आध्यात्मिक साधना, पथ, दर्शन और मोक्ष संबंधी विस्तृत ज्ञान संकलित था। जैन धर्म की ज्ञान-परंपरा की मूल धारा इन्हीं पूर्वों पर आधारित मानी जाती है। यह ग्रंथ-परंपरा यह भी दर्शाती है कि जैन धर्म का तार्किक, दार्शनिक और ध्यान-प्रधान स्वरूप प्रारंभ से ही विकसित था और इसका साहित्यिक इतिहास बहुत प्राचीन है। |
| 6. नगरों का क्रमिक पतन किस काल की एक महत्वपूर्ण विशेषता थी ? (a) गुप्तकाल (b) प्रतिहार युग (c) राष्ट्रकूट काल (d) सातवाहन युग सही उत्तर: (a) व्याख्या: गुप्तकाल को प्राचीन भारत का “स्वर्ण युग” कहा जाता है, परंतु इस युग में एक महत्वपूर्ण सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन देखने को मिला, जो था नगरों का क्रमिक पतन। यह पतन कई कारणों से हुआ। पहला कारण था ग्रामीण अर्थव्यवस्था का अत्यधिक विस्तार, जिससे शहरी व्यापार और कारीगरी का महत्व कम होने लगा। दूसरा, सामंती व्यवस्था (Feudalism) का उभार, जिसके कारण भूमि पर आधारित अर्थव्यवस्था बढ़ी और शहरी उत्पादन घटने लगा। तीसरा, रोमन साम्राज्य के पतन के बाद भारत–पश्चिम व्यापार में भारी कमी आई, जिससे तटीय और आंतरिक नगरों की आय के स्रोत सूख गए। चौथा, स्थानीय प्रशासनिक इकाइयों का महत्व बढ़ा और केन्द्रीय शहरी प्रशासन का प्रभाव कम हुआ। परिणामस्वरूप कई प्रसिद्ध नगर धीरे-धीरे छोटे कस्बों में बदल गए। यह प्रक्रिया गुप्तोत्तर काल में और तेज़ हो गई। यह घटना प्राचीन भारतीय अर्थव्यवस्था के संक्रमण (transition) का प्रमुख संकेतक है। |
| 7. चीनी यात्री इत्सिंग ने बिहार का भ्रमण किया, लगभग (a) 405 ई. में (b) 635 ई. में (c) 637 ई. में (d) उपर्युक्त में से कोई नहीं सही उत्तर: (c) व्याख्या: चीनी बौद्ध यात्री इत्सिंग (I-Tsing) ने भारत की यात्रा लगभग 637 ईस्वी के आसपास प्रारंभ की थी और नालंदा सहित बिहार के विभिन्न बौद्ध स्थलों का विस्तृत अध्ययन और वर्णन किया। उसने अपने यात्रा-वृत्तांत “A Record of Buddhist Practices Sent Home from the Southern Sea” में बिहार, नालंदा विश्वविद्यालय, बौद्ध शिक्षा प्रणाली, मठों की व्यवस्था, भिक्षुओं के दैनिक अनुशासन और शिक्षा के स्तर का विस्तार से वर्णन किया है। इत्सिंग मुख्यतः बौद्ध ग्रंथों के अध्ययन और अनुवाद के उद्देश्य से भारत आया था। नालंदा में उसने लंबे समय तक संस्कृत और बौद्ध दर्शन का अध्ययन किया और कई ग्रंथों का अनुवाद किया। उसके विवरण से यह ज्ञात होता है कि उस समय बिहार बौद्ध शिक्षा और सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र था। उसके उल्लेख बौद्ध धर्म, व्यापार, समाज और शिक्षण प्रणाली को समझने के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण ऐतिहासिक स्रोत हैं। |
| 8. निम्नलिखित में से कौन भूमि उत्पाद पर लगने वाले कर को इंगित करता है? 1. खराज 2. खम्स 3. उम्र 4. मुक्तई — नीचे दिए गए कूटों में से सही उत्तर चुनिए (a) केवल 1 (b) केवल 2 एवं 3 (c) 1, 2 एवं 3 (d) 1, 3 एवं 4 सही उत्तर: (a) व्याख्या: मध्यकालीन भारत की कर-व्यवस्था में “खराज” वह कर था जो विशेष रूप से भूमि उत्पाद (agricultural produce) पर लगाया जाता था। यह मुख्यतः मुसलिम शासन में गैर-मुस्लिम कृषकों से लिया जाने वाला राजस्व था, जो शासक की आय का प्रमुख स्रोत बनता था। इसके विपरीत, खम्स (Khums) युद्ध में प्राप्त धन-संपत्ति का पाँचवाँ हिस्सा था और इसका भूमि से सीधा संबंध नहीं था। उमर कोई राजस्व या भूमि कर नहीं बल्कि प्रशासनिक वर्ग से जुड़ा शब्द है। मुक्तई भी भूमि-उत्पाद पर लगाए जाने वाले कर की श्रेणी में नहीं आती। इसलिए भूमि उत्पाद पर लगने वाले कर का सबसे सटीक शब्द “खराज” ही है। खराज व्यवस्था भारतीय कृषि आधारित अर्थव्यवस्था और शासन के वित्तीय ढांचे को समझने के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि मध्यकालीन शासन में किसानों और राज्य के बीच आर्थिक संबंध कैसे संरचित थे और राजस्व संग्रह की प्रक्रिया किस प्रकार भूमि पर आधारित थी। |
| 9. विजयनगर के उस पहले शासक की पहचान कीजिए जिसने बहमनियों से गोवा छीना (a) हरिहर प्रथम (b) हरिहर द्वितीय (c) हरिहर तृतीय (d) हरिहर चतुर्थ सही उत्तर: (b) व्याख्या: विजयनगर साम्राज्य के इतिहास में हरिहर द्वितीय (1377–1404 ई.) एक अत्यंत महत्त्वपूर्ण शासक थे, जिन्होंने बहमनी साम्राज्य के साथ संघर्षों में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की। इन्हीं के काल में विजयनगर की सीमाओं का महत्वपूर्ण विस्तार हुआ। बहमनियों से गोवा का अधिग्रहण हरिहर द्वितीय की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल है। गोवा उस समय व्यापारिक और समुद्री संपर्कों के लिए अत्यंत रणनीतिक क्षेत्र था, जिससे विजयनगर की आर्थिक और नौसैनिक शक्ति को बढ़ावा मिला। हरिहर द्वितीय ने न केवल राजनीतिक रूप से साम्राज्य को स्थिर किया बल्कि प्रशासन, कृषि विस्तार, मंदिर निर्माण और विद्या-धर्म के संरक्षण में भी विशेष योगदान दिया। बहमनियों के विरुद्ध उनकी यह सफलता दक्षिण भारत के शक्ति-संतुलन को उनके पक्ष में झुकाने वाली सिद्ध हुई। गोवा पर नियंत्रण ने अरब तथा पश्चिमी व्यापारिक गतिविधियों पर भी प्रभाव डाला और विजयनगर को एक मजबूत तटीय शक्ति के रूप में स्थापित किया। |
| 10. बिहार के सुप्रसिद्ध संत शफुद्दीन मनेरी का संबंध सूफियों के किस संप्रदाय से था? (a) चिश्ती (b) सुहरावर्दी (c) फिरदौसी (d) कुत्वी सही उत्तर: (c) व्याख्या: बिहार के महान सूफी संत शहाबुद्दीन याह्या मनेरी, जिन्हें प्रायः शफीउद्दीन मनेरी या मख़दूम-ए-जहान कहा जाता है, का संबंध फिरदौसी सिलसिला (Firdousi Silsilah) से था। यह सिलसिला सूफी मत की एक शाखा थी, जो अध्यात्म, संयम, आध्यात्मिक पवित्रता और आत्मशोधन पर विशेष बल देती थी। मनेरी का केंद्र बिहार के मनैर (Maner) में स्थित था, जो मध्यकालीन सूफी संस्कृति का महत्वपूर्ण केंद्र बन गया। उन्होंने अपने पत्रों और उपदेशों में मनुष्य के नैतिक दायित्व, ईश्वर-भक्ति, प्रेम और मानवता की अवधारणा को अत्यंत सरल एवं प्रभावी भाषा में प्रस्तुत किया। उनकी रचना “मक़तूबात-ए-सदी” और “मक़तूबात-ए-बीस” सूफी साहित्य में अत्यंत सम्मानित स्थान रखती हैं। मनेरी के विचार सामाजिक समरसता, सहिष्णुता और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों को बढ़ावा देते थे, जो बिहार और पूर्वी भारत की आध्यात्मिक विरासत का अहम हिस्सा हैं। |
| 11. मध्यकाल में बिहार शरीफ का नगर महत्वपूर्ण रहा — 1. व्यापार केंद्र 2. विद्या केंद्र 3. प्रशासनिक केंद्र 4. धार्मिक केंद्र — कूटों में से सही उत्तर चुनिए (a) 1 एवं 3 (b) 1, 2 एवं 3 (c) 2, 3 एवं 4 (d) 2 एवं 4 सही उत्तर: (c) व्याख्या: मध्यकालीन भारत में बिहार शरीफ (Nalanda district) एक अत्यंत महत्वपूर्ण नगर के रूप में विकसित हुआ। यह क्षेत्र मुख्यतः सूफी, इस्लामी शिक्षा और प्रशासनिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बना। विकल्प 2, 3 और 4 सभी इस नगर की प्रमुख विशेषताओं को दर्शाते हैं। विद्या केंद्र के रूप में यह क्षेत्र प्रसिद्ध था क्योंकि यहाँ से आधुनिक बिहार के कई विद्वान, सूफी संत तथा इस्लामी विद्वान जुड़े रहे। यहाँ स्थित खानकाह-ए-मुनीरिया एवं सूफी संतों के आश्रमों ने इसे आध्यात्मिक और बौद्धिक केंद्र के रूप में प्रतिष्ठित किया। प्रशासनिक दृष्टि से यह दिल्ली सल्तनत और बंगाल सल्तनत दोनों के समय एक महत्वपूर्ण जिला एवं सराय केंद्र रहा। धार्मिक रूप में यह हिंदू, बौद्ध और सूफी परंपराओं का संगम स्थल था, विशेषकर मखदूम शहाबुद्दीन मनेरी के कारण यह प्रसिद्ध धार्मिक केन्द्र के रूप में उभरा। इन सब कारणों से यह नगर मध्यकाल में सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र था। |
| 12. निम्नलिखित अंग्रेजों में किसे जहाँगीर ने ‘ख़ान’ की उपाधि से सम्मानित किया था? (a) कैप्टन हॉकिंस (b) सर टॉमस रो (c) एडवर्ड टेरी (d) उपर्युक्त में से कोई नहीं सही उत्तर: (a) व्याख्या: मुगल सम्राट जहाँगीर के दरबार में आने वाले पहले अंग्रेजों में से एक कैप्टन विलियम हॉकिंस थे, जिन्हें 1608–1611 के बीच भारत भेजा गया था। वह इंग्लैंड की ईस्ट इंडिया कंपनी के प्रतिनिधि के रूप में आए थे। हॉकिंस ने जहाँगीर के साथ व्यक्तिगत रूप से घनिष्ठ संबंध स्थापित किए और मुगल दरबार में फारसी भाषा में महारत के कारण विशेष लोकप्रियता भी प्राप्त की। जहाँगीर ने उनकी प्रशंसा करते हुए उन्हें ‘ख़ान’ की उपाधि प्रदान की, जो अत्यंत सम्मानजनक मानी जाती थी। हालांकि, हॉकिंस भारत में व्यापारिक फैक्ट्री स्थापित करने में सफल नहीं हुए, क्योंकि मुगल दरबार में पुर्तगालियों का प्रभाव अधिक था। इसके विपरीत सर टॉमस रो को जहाँगीर ने बहुत सम्मान दिया, लेकिन उन्हें ‘ख़ान’ की उपाधि नहीं दी गई। एडवर्ड टेरी केवल टॉमस रो के साथ आए एक यात्री और लेखक थे। इसलिए सही उत्तर कैप्टन हॉकिंस है। |
| 13. उस क्षेत्र की पहचान कीजिए जहां से यूरोपवासियों को सर्वोत्तम शोरा और अफीम प्राप्त होता था (a) बिहार (b) गुजरात (c) बंगाल (d) मद्रास सही उत्तर: (a) व्याख्या: मध्यकाल तथा औपनिवेशिक काल में बिहार शोरा (Saltpetre–KNO₃) और अफीम का सबसे बड़ा एवं सर्वोत्तम उत्पादक क्षेत्र माना जाता था। यूरोप में शोरा का महत्व अत्यंत अधिक था क्योंकि इसका उपयोग विशेष रूप से बारूद (gunpowder) बनाने में होता था। अंग्रेज, फ्रांसीसी, डच और पुर्तगाली सभी बिहार के शोरा व्यापार में गहरी रुचि रखते थे। पटना, हाजीपुर, मुंगेर, छपरा और दरभंगा शोरा उत्पादन और व्यापार के प्रमुख केंद्र थे। इसके साथ ही बिहार की जलवायु और मिट्टी अफीम उत्पादन के लिए भी अत्यंत अनुकूल थी, जिसके कारण ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने यहां बड़े पैमाने पर अफीम फैक्ट्रियों की स्थापना की। पटना और गाजीपुर की अफीम फैक्ट्रियाँ अंतरराष्ट्रीय व्यापार का हिस्सा बन गईं। शोरा और अफीम की भारी मांग ने बिहार को वैश्विक व्यापार में महत्वपूर्ण स्थान दिलाया। इन उत्पादों के कारण यूरोपीय शक्तियों के बीच प्रतिस्पर्धा भी बढ़ी, जिससे बिहार राजनीतिक और आर्थिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण बन गया। |
| 14. मयूर सिंहासन पर बैठने वाला अंतिम मुगल सम्राट कौन था? (a) शाह आलम प्रथम (b) मोहम्मद शाह (c) बहादुर शाह ज़फर (d) जहांदार शाह सही उत्तर: (b) व्याख्या: मोहम्मद शाह (1719–1748) वह अंतिम मुगल सम्राट थे जिन्होंने वास्तव में मयूर सिंहासन (Peacock Throne) पर बैठकर शासन किया। मयूर सिंहासन शाहजहाँ द्वारा बनवाया गया भारत का अत्यंत भव्य और मूल्यवान सिंहासन था, जिसे मुगल साम्राज्य की शान और शक्ति का प्रतीक माना जाता था। 1739 में नादिर शाह के दिल्ली आक्रमण के दौरान यह सिंहासन लूट कर ईरान ले जाया गया। इस प्रकार मोहम्मद शाह वह अंतिम सम्राट सिद्ध होते हैं जिन्हें इस ऐतिहासिक सिंहासन पर बैठने का अवसर मिला। बाद के मुगल सम्राटों—विशेषकर शाह आलम द्वितीय या बहादुर शाह ज़फर—के समय तक यह सिंहासन दिल्ली में नहीं था, इसलिए वे उस पर नहीं बैठ सके। यह घटना मुगल साम्राज्य के राजनीतिक पतन और साम्राज्य की घटती प्रतिष्ठा का एक प्रतीकात्मक संकेत है। नादिर शाह की इस लूट ने मुगलों की केंद्रीय शक्ति को अत्यंत कमजोर कर दिया और आगे चलकर क्षेत्रीय शक्तियों के उभार को और तेज कर दिया। |
| 15. सूची 1 को सूची II से सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे दिये गए कूटों की सहायता से सही उत्तर का चयन कीजिए- सूची I: (a) नागानन्द (b) हर्षचरित (c) तुगलकनामा (d) तोहफत-उल-मोबहेद्दीन (e) नील दर्पण सूची II: 1. बाणभट्ट 2. हर्षवर्धन 3. अमीर खुसरो 4. राजा राममोहन राय 5. अब्दे मलिक इसामी 6. दीनबन्धु मित्र (a) a-1, b-2, c-3, d-5, e-6 (b) a-2, b-1, c-5, d-3, e-4 (c) a-1, b-2, c-3, d-4, e-6 (d) a-2, b-3, c-1, d-5, e-6 सही उत्तर: (c) व्याख्या: इस प्रश्न में हमें मध्यकाल और आधुनिक भारतीय साहित्य से संबंधित प्रमुख रचनाओं और उनके लेखकों को मिलाना है। नागानन्द बाणभट्ट की प्रसिद्ध काव्यात्मक नाटक रचना है। हर्षचरित हर्षवर्धन के जीवन और शासन पर आधारित बाणभट्ट द्वारा लिखा गया ऐतिहासिक ग्रंथ है। तुगलकनामा अमीर खुसरो द्वारा तुगलक वंश के समय की घटनाओं और शासन की व्यंगात्मक प्रस्तुति है। तोहफत-उल-मोबहेद्दीन अब्दे मलिक इसामी की ऐतिहासिक रचना है। नील दर्पण दीनबन्धु मित्र द्वारा लिखा गया बांग्ला नाटक है, जो बंगाल के जूट उद्योग में उत्पन्न समस्याओं और किसानों के शोषण को चित्रित करता है। इस प्रकार सही मिलान होगा: a-1, b-2, c-3, d-5, e-6। |
| 16. निम्नलिखित में किसने 1857 के विद्रोह को एक षड्यन्त्र की संज्ञा दी ? (a) सर जेम्स आउट्रम एण्ड डब्ल्यू, टेलर (b) सर जॉन के (c) सर जॉन लॉरेन्स (d) टी.आर. होम्स सही उत्तर: (a) व्याख्या: 1857 के स्वतंत्रता संग्राम को ब्रिटिश अधिकारियों ने अलग-अलग दृष्टिकोण से देखा। सर जेम्स आउट्रम और डब्ल्यू. टेलर ने इसे एक संगठित षड्यंत्र के रूप में देखा और इस विद्रोह को केवल सैनिकों और स्थानीय अधिकारियों के आपसी साजिश के रूप में प्रस्तुत किया। उनका मानना था कि यह विद्रोह व्यापक जनता का आंदोलन नहीं था, बल्कि कुछ विशेष लोगों द्वारा ब्रिटिश शासन को कमजोर करने के उद्देश्य से किया गया था। उनके दृष्टिकोण ने ब्रिटिश शासन की नीतियों को कठोर बनाने और विद्रोह के बाद सख्त दंडात्मक कदम उठाने में योगदान दिया। |
| 17. निम्नलिखित वर्गों में किसने 1857 के विद्रोह में भाग नहीं लिया ? (a) केवल 1 (b) 1 एवं 2 (c) केवल 2 (d) 2 एवं 4 सही उत्तर: (c) व्याख्या: 1857 के विद्रोह में मुख्य रूप से जमींदार, सैनिक, स्थानीय किसानों और शहरी लोगों ने भाग लिया। हालांकि, साहूकार (वित्तीय वर्ग) ने आमतौर पर इस विद्रोह में सक्रिय भागीदारी नहीं की क्योंकि उनका हित ब्रिटिश शासन के साथ आर्थिक संबंध बनाए रखना था। खेतिहर मजदूर भी विद्रोह में सीमित रूप से शामिल हुए। इस प्रकार केवल साहूकार वर्ग ने सक्रिय भागीदारी नहीं की। यह वर्ग विद्रोह के व्यापक राजनीतिक और सैन्य दृष्टिकोण से अलग रहा और आर्थिक हितों के कारण विद्रोह में शामिल नहीं हुआ। |
| 18. किस वर्ष में हिन्दुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन की स्थापना हुई? (a) 1920 (b) 1924 (c) 1928 (d) 1930 सही उत्तर: (b) व्याख्या: हिन्दुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन (HRA) की स्थापना 1924 में हुई थी। इसका उद्देश्य ब्रिटिश साम्राज्य के खिलाफ क्रांतिकारी गतिविधियों के माध्यम से स्वतंत्रता प्राप्त करना था। इस संगठन ने भारतीय युवा क्रांतिकारियों को संगठित किया और स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भूमिका निभाई। HRA के प्रमुख सदस्य भूगोल और सामाजिक दृष्टिकोण से भारत के विभिन्न हिस्सों से थे। यह संगठन बाद में हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (HSRA) में विकसित हुआ, जिसने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में आतंकवादी और क्रांतिकारी गतिविधियों के माध्यम से ब्रिटिश प्रशासन पर दबाव बनाया। |
| 19. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्रथम महिला अध्यक्ष का नाम बताइए (a) सरोजिनी नायडू (b) पंडित रामाबाई (c) अरुणा आसफ अली (d) एनी बेसेंट सही उत्तर: (d) व्याख्या: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्रथम महिला अध्यक्ष एनी बेसेंट थीं जिन्होंने 1917 में अध्यक्षता संभाली। एनी बेसेंट आयरलैंड में जन्मी थीं लेकिन भारत के राष्ट्रीय आंदोलन में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। वे थियोसोफिकल सोसायटी की प्रमुख थीं तथा भारतीय स्वशासन, सामाजिक सुधार और राष्ट्रीय चेतना को बढ़ावा देने में अग्रणी मानी जाती हैं। उन्होंने होमरूल आंदोलन की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य भारत में स्वशासन की मांग को मजबूत करना था। एनी बेसेंट ने ‘न्यू इंडिया’ और ‘कॉमनवील’ जैसे अखबारों के माध्यम से राष्ट्रीय विचारधारा का प्रसार किया। यह ध्यान देने योग्य है कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्रथम भारतीय महिला अध्यक्ष सरोजिनी नायडू थीं, जिन्होंने 1925 में अध्यक्षता की। लेकिन कांग्रेस की सबसे पहली महिला अध्यक्ष होने का श्रेय एनी बेसेंट को ही जाता है। उनकी अध्यक्षता भारतीय राजनीति में महिलाओं की सक्रिय भूमिका का प्रतीक मानी जाती है। |
| 20. निम्न में से किसने 1873 में सत्य शोधक समाज की स्थापना की ? (a) गोपालकृष्ण गोखले (b) ज्योतिबा फूले (c) शिवनाथ शास्त्री (d) उपर्युक्त में से कोई नहीं सही उत्तर: (b) व्याख्या: सत्य शोधक समाज की स्थापना 1873 में समाज सुधारक ज्योतिबा फूले ने की थी। इस समाज का मुख्य उद्देश्य था—जाति व्यवस्था, ब्राह्मणवादी वर्चस्व और सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध संघर्ष करना तथा शोषित एवं निम्न वर्गों को सामाजिक न्याय उपलब्ध कराना। फूले ने इस आंदोलन के माध्यम से महिलाओं, विधवाओं, दलितों, पिछड़े वर्गों और किसानों के अधिकारों के लिए आवाज उठाई। सत्य शोधक समाज ने विवाह, मृत्यु और अन्य सामाजिक अनुष्ठानों को सरल बनाया तथा पंडितों के हस्तक्षेप से मुक्त करने का प्रयास किया। ज्योतिबा फूले की पत्नी सावित्रीबाई फूले भी समाज की प्रमुख कार्यकर्ता थीं और उन्होंने स्त्री शिक्षा के प्रसार में अग्रणी भूमिका निभाई। इस आंदोलन ने आगे चलकर महाराष्ट्र और भारत के सामाजिक सुधार आंदोलनों को दिशा दी। |
| 21. निम्नलिखित वर्गों में कौन 1905 के स्वदेशी आन्दोलन से मुख्यतः अप्रभावित रहा? 1. महिलाएं 2. कृषक 3. मुसलमान 4. बुद्धिजीवी (a) 1 एवं 2 (b) 1, 2 एवं 3 (c) 2 एवं 3 (d) 2 एवं 4 सही उत्तर: (c) व्याख्या: 1905 का स्वदेशी आंदोलन बंग-भंग के विरोध में शुरू हुआ और भारत के राष्ट्रीय आंदोलन का एक महत्वपूर्ण चरण बना। इस आंदोलन में छात्रों, बुद्धिजीवियों, महिलाओं और व्यापारियों ने सक्रिय भागीदारी की। विशेष रूप से महिलाओं ने विदेशी वस्त्रों की होली जलाने, स्वदेशी शिक्षण संस्थानों के निर्माण और आंदोलन की जनजागरण गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बुद्धिजीवी वर्ग ने लेखन, भाषणों और राष्ट्रीय शिक्षा को बढ़ावा देकर आंदोलन को दिशा दी। इसके विपरीत, कृषक वर्ग और मुसलमान समुदाय का एक बड़ा हिस्सा आंदोलन से मुख्यतः अप्रभावित रहा। कृषक वर्ग विदेशी वस्त्रों के बहिष्कार या औद्योगिक स्वदेशीकरण से सीधे प्रभावित नहीं था, क्योंकि उनका प्राथमिक ध्यान कृषि और जीवन निर्वाह पर केंद्रित था। दूसरी ओर, बंगाल के मुसलमानों का एक बड़ा हिस्सा बंग-भंग से प्रभावित नहीं हुआ क्योंकि नया पूर्वी बंगाल (मुस्लिम बहुल) प्रशासनिक रूप से उन्हें लाभकारी लग रहा था। इसलिए सही विकल्प “2 एवं 3” है। |
| 22. निम्नलिखित में किसका योगदान होमरूल लीग की स्थापना में नहीं था? (a) बाल गंगाधर तिलक (b) एनी बेसेंट (c) एस. सुब्रह्मण्यम अय्यर (d) एच. एस. ऑलकॉट सही उत्तर: (d) व्याख्या: भारत में स्वशासन की मांग को तेज करने के लिए 1916 में होमरूल लीग आंदोलन शुरू किया गया। इस आंदोलन के दो मुख्य नेता थे बाल गंगाधर तिलक और एनी बेसेंट। तिलक ने अपनी लीग महाराष्ट्र, कर्नाटक और मध्य प्रदेश में चलाई, जबकि एनी बेसेंट ने मद्रास, उत्तर भारत और अन्य क्षेत्रों को कवर किया। तीसरे व्यक्ति एस. सुब्रह्मण्यम अय्यर लीग के समर्थनकर्ता और सामाजिक सुधारक थे, जिन्होंने एनी बेसेंट की लीग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके विपरीत, एच. एस. ऑलकॉट थियोसोफिकल सोसायटी के सह-संस्थापक थे, परंतु उनका होमरूल लीग की स्थापना में कोई योगदान नहीं था। वे मुख्यतः शिक्षा और थियोसोफिकल गतिविधियों से जुड़े रहे। इस प्रकार विकल्प (4) सही है। |
| 23. किसने खिलाफत आन्दोलन को ‘हिन्दुओं और मुसलमानों की एकता के एक ऐसे अवसर के रूप में देखा जो सौ वर्षों में भी पुनः प्रस्तुत नहीं होगा’? (a) अली बन्धु (b) अबुल कलाम आज़ाद (c) महात्मा गाँधी (d) खान अब्दुल गफ्फार खाँ सही उत्तर: (c) व्याख्या: खिलाफत आंदोलन (1919–1924) भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन का एक महत्त्वपूर्ण अध्याय रहा जहाँ हिंदुओं और मुसलमानों की एकता अपने चरम पर देखी गई। महात्मा गांधी ने इस आंदोलन को राष्ट्रीय आंदोलन के लिए एक अद्वितीय अवसर के रूप में देखा। गांधी का मानना था कि यदि हिंदू–मुस्लिम एकता मजबूत हुई, तो ब्रिटिश शासन को पूरी तरह चुनौती देना संभव हो सकेगा। इसलिए गांधी ने कहा कि यह एक ऐसा अवसर है जो “सौ वर्षों में भी पुनः प्रस्तुत नहीं होगा।” गांधी ने खिलाफत नेताओं—अली बंधु, मौलाना आज़ाद और अन्य मुस्लिम विद्वानों—के साथ मिलकर असहयोग आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाया। गांधी की नेतृत्व क्षमता और उनकी राष्ट्रव्यापी स्वीकृति ने दोनों समुदायों को एक व्यापक मंच पर एकजुट किया। यह ऐतिहासिक घटनाक्रम न केवल राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण था, बल्कि भारतीय राष्ट्रीय एकता की भावना को एक नयी दिशा देने वाला भी सिद्ध हुआ। |
| 24. असहयोग आन्दोलन के स्थगन संबंधी घटनाओं का सही क्रम इंगित कीजिए — 1. चौरी चौरा में पुलिस गोलीकाण्ड 2. उग्र भीड़ द्वारा पुलिस थाना को जलाना 3. गांधीजी द्वारा आन्दोलन का स्थगन 4. गांधीजी की गिरफ्तारी (a) 1, 2, 3 एवं 4 (b) 2, 1, 3 एवं 4 (c) 4, 1, 2 एवं 3 (d) 2, 1, 4 एवं 3 सही उत्तर: (a) व्याख्या: असहयोग आंदोलन 1920 में शुरू हुआ और राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक जनसमर्थन प्राप्त किया। फरवरी 1922 में घटना क्रम तेजी से बदला। सबसे पहले चौरी-चौरा में पुलिस की गोलीबारी हुई, जहाँ पुलिस ने भीड़ पर आग खोल दी (घटना 1)। इसके बाद भीड़ भड़क उठी और पुलिस थाना को आग के हवाले कर दिया, जिसमें पुलिसकर्मी मारे गए (घटना 2)। यह हिंसक घटना गांधीजी के लिए अत्यंत निराशाजनक थी क्योंकि उनका आंदोलन पूर्णतः अहिंसा पर आधारित था। इसलिए उन्होंने तुरंत असहयोग आंदोलन को स्थगित कर दिया (घटना 3)। इसके बाद ब्रिटिश सरकार ने गांधीजी को गिरफ्तार कर लिया और उन पर राजद्रोह का मुकदमा चलाया गया (घटना 4)। अतः घटनाओं का सही क्रम है — 1 → 2 → 3 → 4। |
| 25. खुदाई खिदमतगार संगठन की स्थापना किसने की? (a) अबुल कलाम आज़ाद (b) खान अब्दुल गफ्फार खान (c) एनायुतुल्लाह मशरि (d) मौलाना हसरत मोहानी सही उत्तर: (b) व्याख्या: खुदाई खिदमतगार संगठन की स्थापना खान अब्दुल गफ्फार खान, जिन्हें “सीमांत गांधी” भी कहा जाता है, ने की थी। यह संगठन 1929 में उत्तर-पश्चिम सीमा प्रांत (आज का खैबर पख्तूनख्वा) में बना। इसका मुख्य उद्देश्य पठानों को सामाजिक सुधार, शिक्षा, चरित्र निर्माण और अहिंसक संघर्ष के मार्ग पर चलाना था। गफ्फार खान गांधीजी के अहिंसक सिद्धांतों से अत्यधिक प्रभावित थे और उन्होंने अहिंसा को इस संगठन का आधार बनाया। संगठन के कार्यकर्ता लाल कुर्ती पहनते थे, इसलिए इन्हें “लाल कुर्ते” भी कहा जाता था। खुदाई खिदमतगार ने ब्रिटिश सरकार के खिलाफ सविनय अवज्ञा और असहयोग आंदोलनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पठान समुदाय में अहिंसा का संदेश फैलाना अत्यंत कठिन कार्य था, लेकिन गफ्फार खान के नेतृत्व ने इसे संभव बनाया। |
| 26. कम्युनिष्ट इंटरनेशनल का सदस्य बनने वाला पहला भारतीय कौन था? (a) एम. एन. राय (b) मुजफ्फर अहमद (c) एस. ए. डांगे (d) उपर्युक्त में से कोई नहीं सही उत्तर: (a) व्याख्या: कम्युनिस्ट इंटरनेशनल (Comintern) का सदस्य बनने वाले पहले भारतीय एम. एन. राय (मानवेन्द्र नाथ राय) थे। वे प्रारंभ में एक क्रांतिकारी थे, लेकिन बाद में अंतरराष्ट्रीय समाजवाद और साम्यवाद के प्रमुख सिद्धांतकार बने। वे 1917 की रूसी क्रांति से प्रभावित हुए और 1920 में बाकू में आयोजित कम्युनिस्ट इंटरनेशनल के सम्मेलन में भाग लिया। लेनिन के साथ उनकी मुलाक़ात ने उनके राजनीतिक विचारों को नई दिशा दी। एम. एन. राय ने सोवियत संघ सहित कई देशों में कार्य किया और बाद में भारत लौटकर रेडिकल ह्यूमनिज्म का सिद्धांत प्रस्तुत किया। उन्हें भारतीय कम्युनिस्ट आंदोलन का संस्थापक भी माना जाता है। उनकी पुस्तकें और राजनीतिक लेख आज भी भारतीय राजनीतिक विचारधारा के अध्ययन के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। |
| 27. ऑल इंडिया स्टेट पीपुल्स कॉन्फ्रेंस का गठन कब हुआ ? (a) 1924 में (b) 1926 में (c) 1927 में (d) 1929 में सही उत्तर: (c) व्याख्या: ऑल इंडिया स्टेट पीपुल्स कॉन्फ्रेंस (AISPC) का गठन 1927 में किया गया था। इसका उद्देश्य देश की रजवाड़ी राज्यों की जनता को संगठित करना और वहाँ की दमनकारी रियासती नीतियों के विरुद्ध आवाज़ उठाना था। उस समय रियासतें ब्रिटिश संरक्षित थीं और वहाँ लोकतांत्रिक अधिकारों का अभाव था। AISPC ने इन रियासतों में प्रजासत्ता, जनाधिकार, प्रतिनिधिक शासन और नागरिक स्वतंत्रता के लिए आंदोलन चलाना शुरू किया। पंडित नेहरू, बलवंत राय मेहता, जी. आर. आयंगर और मणिपाल कोठारी जैसे नेता इससे जुड़े रहे। बाद में यह संस्था भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का सहयोगी मंच बनी। 1947 के बाद रियासतों के एकीकरण में संगठन के नेताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। |
| 28. नीचे दो वक्तव्य दिए गए हैं, जिनमें एक कथन (A) और दूसरा कथन (R) है- कथन (A): राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ 1942 के भारत छोड़ो आन्दोलन से पृथक रहा। कारण (R): इसका विचार था कि इस आन्दोलन से भारत की स्वतंत्रता में देर होगी। उपर्युक्त दोनों वक्तव्यों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सही है? (a) कथन A और कारण R दोनों सही हैं तथा कारण R, कथन A की व्याख्या करता है। (b) कथन A और कारण R दोनों सही हैं परंतु कारण R, कथन A की व्याख्या नहीं करता। (c) कथन A सत्य है परंतु कारण R असत्य है। (d) कथन A असत्य है परंतु कारण R सत्य है। सही उत्तर: (c) व्याख्या: 1942 के भारत छोड़ो आन्दोलन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने आधिकारिक रूप से भाग नहीं लिया, इसलिए कथन (A) सही है। लेकिन कारण (R) — कि RSS का मानना था कि आंदोलन से भारत की स्वतंत्रता में देर होगी — सही नहीं माना जाता। ऐतिहासिक अभिलेख दर्शाते हैं कि RSS उस समय अपने संगठनात्मक विस्तार और स्वयंसेवी ढांचे को मजबूत करने में लगा था तथा सीधे राजनीतिक आंदोलनों से दूर रहना उसकी नीति थी। RSS ने राजनीतिक सक्रियता की बजाय सामाजिक कार्य और संगठन निर्माण को प्राथमिकता दी। इसलिए यह कहना कि RSS ने इसलिए भाग नहीं लिया क्योंकि उसे लगता था कि आंदोलन स्वतंत्रता को देर करेगा—तथ्यों पर आधारित नहीं है। इस प्रकार, कथन A सत्य है पर कारण R असत्य। |
| 29. बिरसा मुण्डा के गुरु कौन थे ? (a) स्वामी सहजानन्द (b) आनन्द पाण्डे (c) जावा भगत (d) एम. एन. राय सही उत्तर: (b) व्याख्या: बिरसा मुण्डा, जिन्हें “धरती आबा” कहा जाता है, भारतीय जनजातीय इतिहास के महान नेता थे। उनके आध्यात्मिक और धार्मिक गुरु आनंद पांडे थे। आनंद पांडे ने बिरसा को वैष्णव भक्ति, नैतिक जीवन, सत्य, संयम और आध्यात्मिक अनुशासन की शिक्षा दी। इन्हीं के प्रभाव से बिरसा मुण्डा ने वैष्णव संप्रदाय को अपनाया और जनजातीय समाज में धार्मिक सुधारों का संदेश फैलाया। बाद में उन्होंने मुण्डा समाज में सामाजिक परिवर्तन, शोषण के विरोध और अंग्रेजों के दमन के खिलाफ बिरसा आंदोलन (उलगुलान) का नेतृत्व किया। बिरसा का यह आंदोलन 1899–1900 में चरम पर पहुँचा और जनजातीय चेतना का प्रतीक बना। |
| 30. 1856 में निम्नलिखित कानून पारित हुआ ? 1. धार्मिक असुविधा कानून 2. सती निषेध रेग्युलेशन XVII 3. हिन्दू विधवा पुनर्विवाह कानून 4. राज्य हड़पने का सिद्धांत (a) 1 एवं 3 (b) 1 एवं 4 (c) 3 एवं 4 (d) 1, 2 एवं 4 सही उत्तर: (a) व्याख्या: 1856 में ब्रिटिश शासन ने दो महत्वपूर्ण कानून पारित किए — धार्मिक असुविधा कानून (Religious Disabilities Act) और हिन्दू विधवा पुनर्विवाह अधिनियम, जिसका समर्थन ईश्वरचंद्र विद्यासागर ने किया। यह अधिनियम हिंदू समाज में विधवाओं को पुनर्विवाह का अधिकार देता था और सामाजिक सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम था। “सती निषेध अधिनियम” 1829 में लॉर्ड बेंटिंक द्वारा पारित किया गया था, इसलिए इसका 1856 से संबंध नहीं। “राज्य हड़पने का सिद्धांत (Doctrine of Lapse)” लार्ड डलहौजी द्वारा लागू नीति थी, कोई कानून नहीं, और यह 1848–1856 के बीच सक्रिय रहा। अतः 1856 में पारित कानूनों का सही समूह “1 एवं 3” है। |
| 31. रेग्युलेटिंग एक्ट के प्रावधानों के अंतर्गत बिहार के लिए एक प्रांतीय सभा की स्थापना हुई ? (a) 1772 में (b) 1774 में (c) 1776 में (d) 1778 में सही उत्तर: (b) व्याख्या: 1773 के रेग्युलेटिंग एक्ट ने ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के शासन में महत्वपूर्ण बदलाव किए। इसी एक्ट के परिणामस्वरूप 1774 में बिहार के लिए एक प्रांतीय सभा (Provincial Council) की स्थापना की गई। इस सभा का उद्देश्य बंगाल, बिहार और उड़ीसा के राजस्व प्रशासन को अधिक संगठित और पारदर्शी बनाना था। कंपनी के बढ़ते भ्रष्टाचार और अव्यवस्था को रोकने के लिए इस सभा में राजस्व कार्यों की जिम्मेदारी स्थानांतरित की गई। यह व्यवस्थागत सुधार ब्रिटिश-भारतीय प्रशासन के केंद्रीकरण और नियमन की दिशा में पहला बड़ा कदम था। प्रांतीय सभाएँ बाद में भारत के प्रशासनिक ढांचे का आधार बनीं और आगे चलकर आधुनिक प्रांतीय सरकारों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाईं। |
| 32. महाराष्ट्र के किस सुधारक को ‘लोकहितवादी’ कहा जाता था ? (a) एम.जी. रानाडे (b) गोपाल कृष्ण गोखले (c) पण्डिता रामाबाई (d) गोपाल हरि देशमुख सही उत्तर: (d) व्याख्या: गोपाल हरि देशमुख को महाराष्ट्र में “लोकहितवादी” के नाम से जाना जाता है। वे 19वीं शताब्दी के प्रमुख समाज सुधारक, लेखक और चिंतक थे। उन्होंने समाज में फैली कुरीतियों, ब्राह्मणवादी रूढ़ियों, जातिगत भेदभाव, धार्मिक अंधविश्वास और सामाजिक अन्याय के खिलाफ लेखन किया। उनके लेख “लोकहितवादी” नाम से प्रकाशित होते थे, जिससे यह उपाधि उनके नाम के साथ स्थायी रूप से जुड़ गई। गोपाल हरि देशमुख ने महिलाओं की शिक्षा, विधवा पुनर्विवाह, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों पर जोर दिया। वे सामाजिक जागरूकता को जन-आन्दोलन का रूप देने वालों में अग्रणी थे। |
| 33. किसके द्वारा मंदिरों में प्रवेश के अधिकार की मांग की प्रस्तुति के कारण 1899 में तिरुनेलवेली में भयंकर दंगे हुए थे ? (a) ओकालिंग (b) नादास्त्र (c) महार (d) पाली सही उत्तर: (b) व्याख्या: 1899 में तिरुनेलवेली में हुए भीषण दंगों का मुख्य कारण था नादास्त्र समुदाय द्वारा मंदिर प्रवेश के अधिकार की मांग। तिरुनेलवेली उस समय जातिगत सामाजिक विभाजन के कारण अत्यधिक संवेदनशील क्षेत्र था। नादास्त्र जाति को मंदिरों में प्रवेश करने की अनुमति नहीं थी, जिससे उनके सामाजिक अधिकारों का हनन होता था। जब उन्होंने औपचारिक रूप से मंदिर प्रवेश का अधिकार मांगा, तो उच्च जाति समूहों ने इसका जोरदार विरोध किया। परिणामस्वरूप व्यापक हिंसा, सामाजिक अशांति और दंगे हुए। यह घटना दक्षिण भारत में सामाजिक समानता और सामाजिक सुधार आंदोलनों के इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय है। इसने आगे चलकर मंदिर प्रवेश आंदोलनों को बल दिया और स्वतंत्रता से पूर्व सामाजिक न्याय के संघर्ष की दिशा निर्धारित की। |
| 34. 19वीं शताब्दी के धर्म एवं समाज सुधार आंदोलनों ने जनसंख्या के किस वर्ग को मुख्यतः आकर्षित किया? 1. बुद्धिजीवी 2. नगरीय उच्च जातियाँ 3. निर्धन सर्वसाधारण वर्ग 4. उदार रजवाड़े (a) केवल 1 (b) 1 एवं 2 (c) 1, 2 एवं 3 (d) 1 एवं 4 सही उत्तर: (b) व्याख्या: 19वीं शताब्दी में राजा राममोहन राय, केशवचंद्र सेन, स्वामी विवेकानंद, दयानंद सरस्वती और गोपाल हरि देशमुख जैसे सुधारकों द्वारा चलाए गए सामाजिक एवं धार्मिक सुधार आंदोलनों ने सबसे अधिक बुद्धिजीवी और नगरीय उच्च जातियों को आकर्षित किया। इस समय भारत में अंग्रेजी शिक्षा का प्रसार हुआ, जिससे एक नया मध्यमवर्गीय शिक्षित वर्ग उभरकर सामने आया—जो तार्किकता, वैज्ञानिक सोच और सामाजिक आधुनिकता को अपनाने के लिए तैयार था। सुधार आंदोलनों ने सती प्रथा, जातिगत भेदभाव, बाल विवाह, पर्दा प्रथा, मूर्ति-पूजा और सामाजिक कुरीतियों पर जोरदार प्रहार किया। इन विचारों से सबसे पहले वही लोग प्रभावित हुए जो शिक्षित थे और जिनका सामाजिक स्तर उच्च था। निर्धन सर्वसाधारण वर्ग इन आंदोलनों के प्रत्यक्ष प्रभाव से अपेक्षाकृत दूर रहा क्योंकि उनकी प्राथमिकता आर्थिक जीवन-निर्वाह पर अधिक केंद्रित थी। रजवाड़ों का समर्थन सीमित रूप से मिला, पर वे मुख्य आधार नहीं थे। इसलिए सही विकल्प “1 एवं 2” है। |
| 35. लोकसभा को उसके कार्यकाल की समाप्ति के पूर्व ही भंग किया जा सकता है (a) राष्ट्रपति द्वारा, उसकी इच्छानुसार (b) लोकसभा अध्यक्ष द्वारा (c) राष्ट्रपति द्वारा, मंत्रीपरिषद् की सलाह पर (d) राष्ट्रपति द्वारा, लोकसभा अध्यक्ष की सलाह पर सही उत्तर: (c) व्याख्या: भारतीय संविधान के अनुसार लोकसभा को उसके कार्यकाल की समाप्ति से पहले केवल राष्ट्रपति मंत्रीपरिषद् (Council of Ministers) की सलाह पर भंग कर सकते हैं। राष्ट्रपति की इस संदर्भ में कोई स्वतंत्र शक्ति नहीं है; संविधान स्पष्ट रूप से इंगित करता है कि राष्ट्रपति मंत्रिपरिषद् की सलाह का पालन करने के लिए बाध्य हैं। यह प्रावधान संसदीय शासन प्रणाली का मूल तत्व है—जहाँ वास्तविक कार्यकारी शक्ति मंत्रिपरिषद् में निहित होती है और राष्ट्रपति केवल औपचारिक मुखिया होता है। लोकसभा अध्यक्ष की भूमिका सदन की कार्यवाही तक सीमित है, और उन्हें सदन भंग करने का कोई अधिकार नहीं है। यह व्यवस्था लोकतांत्रिक स्थिरता सुनिश्चित करती है और सत्ता के केंद्रीकरण को रोकती है। |
| 36. लोकसभा चुनाव का कोई प्रत्याशी अपनी जमानत खो देता है, यदि उसे प्राप्त मत न हो सके — (a) वैध मतों का 1/3 (b) वैध मतों का 1/4 (c) वैध मतों का 1/5 (d) उपर्युक्त में से कोई नहीं सही उत्तर: (d) व्याख्या: लोकसभा चुनाव में जमानत राशि की व्यवस्था इसलिए बनाई गई है ताकि गैर-गंभीर उम्मीदवारों की भीड़ न बढ़े। भारतीय चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार कोई भी प्रत्याशी अपनी जमानत तभी खो देता है जब उसे कुल वैध मतों का एक–छठा (1/6) हिस्सा प्राप्त नहीं होता। यह प्रतिशत विकल्पों में नहीं दिया गया है, इसलिए सही उत्तर “उपर्युक्त में से कोई नहीं” है। जमानत राशि सामान्य उम्मीदवारों के लिए 25,000 रुपये और अनुसूचित जाति/जनजाति उम्मीदवारों के लिए 12,500 रुपये होती है। जमानत जब्त होने का अर्थ है कि उम्मीदवार को जनता से न्यूनतम आवश्यक समर्थन प्राप्त नहीं हुआ। यह चुनाव प्रणाली को गंभीर, जिम्मेदार और प्रतिस्पर्धी बनाए रखने का एक महत्वपूर्ण प्रावधान है। |
| 37. मंत्रीपरिषद् उत्तरदायी होता है — (a) राष्ट्रपति के प्रति (b) प्रधानमंत्री के प्रति (c) लोकसभा के अध्यक्ष के प्रति (d) संसद के प्रति सही उत्तर: (d) व्याख्या: भारतीय संसदीय व्यवस्था में मंत्रीपरिषद् सामूहिक रूप से संसद, और विशेष रूप से लोकसभा, के प्रति उत्तरदायी होती है। यद्यपि सभी मंत्री संविधान के अनुसार राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त किए जाते हैं, लेकिन वास्तविक उत्तरदायित्व निर्वाचित सदन अर्थात लोकसभा के प्रति होता है। यदि लोकसभा किसी अविश्वास प्रस्ताव को पारित कर दे, तो संपूर्ण मंत्रीपरिषद् को इस्तीफा देना अनिवार्य हो जाता है। यह व्यवस्था ब्रिटिश संसदीय प्रणाली पर आधारित है जहाँ मंत्रिमंडल जनता के प्रतिनिधियों के प्रति जवाबदेह होता है। मंत्रीपरिषद् की यह उत्तरदायित्व व्यवस्था लोकतंत्र की नींव को मजबूत करती है और सुनिश्चित करती है कि कार्यपालिका जनता के प्रति जवाबदेह रहे। इसलिए सही उत्तर है — संसद (विशेषकर लोकसभा) के प्रति उत्तरदायित्व। |
| 38. वर्तमान लोकसभा में प्रत्येक राज्य के लिए स्थानों का आवंटन आधारित है — (a) 1951 की जनगणना पर (b) 1961 की जनगणना पर (c) 1971 की जनगणना पर (d) 1981 की जनगणना पर सही उत्तर: (c) व्याख्या: लोकसभा में विभिन्न राज्यों के लिए सीटों का आवंटन 1971 की जनगणना के आधार पर निर्धारित है। 42वें संविधान संशोधन (1976) और बाद में 84वें संविधान संशोधन (2001) द्वारा यह प्रावधान किया गया कि 2026 तक लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं की सीटों का पुनः निर्धारण (Delimitation) नहीं किया जाएगा। इस रोक का उद्देश्य जनसंख्या नियंत्रण में सफल राज्यों को नुकसान से बचाना था। 1971 की जनगणना पर आधारित सीटें अभी भी लागू हैं, जिससे राज्यों की जनसंख्या वृद्धि का राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर तत्काल प्रभाव नहीं पड़ता। यह प्रावधान राष्ट्रीय एकता, प्रशासनिक स्थिरता और चुनावी संतुलन के लिए महत्वपूर्ण माना गया है। |
| 39. यदि किसी राज्य की विधानसभा का अध्यक्ष पद त्यागना चाहे तो उसे अपना त्यागपत्र देना चाहिए — (a) मुख्यमंत्री को (b) राज्यपाल को (c) उपाध्यक्ष को (d) भारत के राष्ट्रपति को सही उत्तर: (c) व्याख्या: किसी राज्य की विधानसभा का अध्यक्ष (Speaker) यदि अपने पद से इस्तीफा देना चाहे, तो वह विधानसभा के उपाध्यक्ष को त्यागपत्र देता है। यह व्यवस्था लोकसभा और राज्य विधानसभाओं दोनों में समान है—जहाँ लोकसभा अध्यक्ष अपना इस्तीफा उपाध्यक्ष को सौंपता है। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों सदन के आंतरिक अधिकारी होते हैं, और पदत्याग की प्रक्रिया भी सदन के भीतर ही रहती है, न कि कार्यपालिका के पास। यह संवैधानिक प्रावधान विधानमंडल की स्वायत्तता को दर्शाता है और सुनिश्चित करता है कि विधायी प्रक्रिया कार्यपालिका के प्रत्यक्ष प्रभाव से मुक्त रहे। |
| 40. राज्यसभा को भंग करने का अधिकार किसे प्राप्त है? (a) राष्ट्रपति को (b) उपराष्ट्रपति को (c) उच्चतम न्यायालय को (d) उपर्युक्त में से कोई नहीं सही उत्तर: (d) व्याख्या: राज्यसभा भारत की संसद का स्थायी सदन है, जिसे भंग नहीं किया जा सकता। इसलिए इसे भंग करने का अधिकार भारत में किसी भी संवैधानिक प्राधिकरण — न राष्ट्रपति, न उपराष्ट्रपति और न ही सर्वोच्च न्यायालय — के पास नहीं है। राज्यसभा के सदस्य 6 वर्षों के लिए चुने जाते हैं और हर दो वर्ष में एक-तिहाई सदस्य सेवानिवृत्त होते हैं। यह व्यवस्था शासन में निरंतरता बनाए रखने के लिए बनाई गई है। जबकि लोकसभा को राष्ट्रपति भंग कर सकता है, राज्यसभा की स्थायित्व व्यवस्था संघीय ढांचे और विधायी स्थिरता का प्रमुख स्तंभ है। इसलिए सही उत्तर है — “उपर्युक्त में से कोई नहीं।” |
| 41. भारतीय संविधान की प्रस्तावना के सिलसिले में निम्नलिखित में कौन क्रम सही है — (a) गणतंत्र, जनवादी, धर्मनिरपेक्ष, समाजवादी, सार्वभौम सत्ता सम्पन्न (b) सार्वभौम सत्ता सम्पन्न, समाजवादी, जनवादी, धर्मनिरपेक्ष, गणतंत्र (c) सार्वभौम सत्ता सम्पन्न, जनवादी, धर्मनिरपेक्ष, गणतंत्र (d) सार्वभौम सत्ता सम्पन्न, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष, जनवादी सही उत्तर: (d) व्याख्या: भारतीय संविधान की प्रस्तावना का क्रम है — सार्वभौम, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष, जनवादी (लोकतांत्रिक), गणतंत्र। “समाजवादी” और “धर्मनिरपेक्ष” शब्द 42वें संविधान संशोधन (1976) द्वारा जोड़े गए। प्रस्तावना राष्ट्र के राजनीतिक-सामाजिक चरित्र को व्यक्त करती है और भारत को एक ऐसे गणराज्य के रूप में परिभाषित करती है जहाँ शासन जनता से प्राप्त अधिकार पर आधारित है। “सार्वभौम” का अर्थ है – भारत बाहरी और आंतरिक रूप से पूर्णतः स्वतंत्र है। “समाजवादी” सामाजिक और आर्थिक समानता का लक्ष्य दर्शाता है। “धर्मनिरपेक्ष” राज्य को सभी धर्मों से समान दूरी रखने की अवधारणा देता है। “जनवादी” लोकतांत्रिक प्रणाली को दर्शाता है और “गणतंत्र” का अर्थ है कि राष्ट्र का प्रमुख जनता द्वारा चुना जाता है। इस प्रकार सही क्रम विकल्प (4) है। |
| 42. लोकसभा का नेता कौन होता है ? (a) राष्ट्रपति (b) प्रधानमंत्री (c) लोकसभा अध्यक्ष (d) उपर्युक्त में से कोई नहीं सही उत्तर: (b) व्याख्या: भारतीय संसदीय प्रणाली में प्रधानमंत्री ही लोकसभा का नेता (Leader of the House) होता है, बशर्ते वह लोकसभा का सदस्य हो। यदि प्रधानमंत्री राज्यसभा का सदस्य हो, तो लोकसभा में किसी अन्य मंत्री को Leader of the House नियुक्त किया जाता है। लोकसभा अध्यक्ष सदन की कार्यवाही चलाते हैं, लेकिन वे सदन के नेता नहीं होते। राष्ट्रपति सदन का हिस्सा नहीं होते और उनकी कार्यपालिका तथा औपचारिक संवैधानिक भूमिका होती है। Leader of the House सदन में सरकार की नीतियों का प्रतिनिधित्व करता है, विधेयकों को प्रस्तुत करता है और सरकार की ओर से बहसों का नेतृत्व करता है। इसलिए सही उत्तर विकल्प (2) है। |
| 43. संसद के दोनों सदनों का संयुक्त अधिवेशन आयोजित होता है — 1. राष्ट्रपति के निर्वाचन के लिए 2. उपराष्ट्रपति के निर्वाचन के लिए 3. संविधान संशोधन विधेयक पारित करने के लिए 4. ऐसे विधेयक के लिए जिस पर दोनों सदनों में मतभेद हो (a) 1 एवं 4 (b) 3 एवं 4 (c) 1 एवं 2 (d) केवल 4 सही उत्तर: (d) व्याख्या: भारतीय संविधान के अनुसार संयुक्त अधिवेशन केवल तब बुलाया जाता है जब लोकसभा और राज्यसभा किसी साधारण विधेयक पर सहमति नहीं बना पाते—अर्थात दोनों सदनों में मतभेद हो। इसे राष्ट्रपति बुलाते हैं और इसकी अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष करते हैं। संयुक्त अधिवेशन राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति के चुनाव के लिए नहीं बुलाया जाता; उनके चुनाव की प्रक्रिया पूरी तरह अलग निर्वाचन मंडल द्वारा की जाती है। इसी तरह, संविधान संशोधन विधेयकों पर संयुक्त अधिवेशन का कोई प्रावधान नहीं है; इन्हें दोनों सदनों में अलग-अलग 2/3 बहुमत से पारित होना होता है। इसलिए केवल विकल्प (4) सही है। |
| 44. किसी राज्य में विधानपरिषद् की संरचना अथवा विघटन किया जा सकता है — (a) उस राज्य की विधानसभा द्वारा (b) संसद द्वारा (c) संसद द्वारा, राज्यपाल की अनुशंसा पर (d) राष्ट्रपति द्वारा, राज्यपाल की अनुशंसा पर सही उत्तर: (b) व्याख्या: संविधान के अनुच्छेद 169 के अनुसार किसी भी राज्य में विधानपरिषद् को संसद बनाती या समाप्त करती है। राज्य की विधानसभा केवल विशेष बहुमत से प्रस्ताव पारित करती है, लेकिन उसके बाद अंतिम निर्णय संसद का होता है। राज्यपाल की कोई भूमिका नहीं होती, न ही राष्ट्रपति का विशेषाधिकार। यह प्रक्रिया संघीय ढांचे की विशिष्टता को दर्शाती है जहाँ विधानपरिषद् जैसी द्विसदनीय प्रणाली का अंतिम निर्णय केंद्र द्वारा किया जाता है। इसलिए सही विकल्प “संसद द्वारा” है। |
| 45. निम्नलिखित राज्यों में से कहाँ विधानपरिषद् है? 1. केरल 2. हिमाचल प्रदेश 3. दिल्ली 4. बिहार (a) 1 एवं 4 (b) 1 एवं 2 (c) 2 एवं 3 (d) केवल 4 सही उत्तर: (a) व्याख्या: भारत में विधानपरिषद् (Legislative Council) एक द्विसदनीय व्यवस्था वाले कुछ राज्यों में ही मौजूद है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में विधानपरिषद् है। दिए गए विकल्पों में केवल बिहार और केरल में कभी विधानपरिषद् रही है, लेकिन दिल्ली और हिमाचल प्रदेश में कभी भी विधानपरिषद् स्थापित नहीं की गई। दिल्ली एक केंद्र शासित क्षेत्र है, जहाँ विधानसभा तो है, पर परिषद का प्रावधान नहीं। केरल में विधानपरिषद् पहले थी, जिसे बाद में समाप्त किया गया था, परंतु प्रश्न “कहाँ है” के संदर्भ में सही विकल्प “1 एवं 4” ही माना जाता है क्योंकि बिहार में वर्तमान में परिषद है और सूची में यही सही संयोजन है। |
| 46. भारतीय संविधान के निम्नलिखित अनुच्छेदों में कौन राज्य की विधानसभाओं के निर्वाचन का प्रावधान प्रस्तुत करता है? (a) अनुच्छेद 170 (b) अनुच्छेद 176 (c) अनुच्छेद 178 (d) उपर्युक्त में से कोई नहीं सही उत्तर: (a) व्याख्या: भारतीय संविधान का अनुच्छेद 170 राज्य की विधानसभाओं के निर्वाचन, उनके गठन, सदस्यों की संख्या और सीटों के विभाजन से संबंधित प्रावधान प्रस्तुत करता है। इसमें यह स्पष्ट किया गया है कि राज्य की विधानसभा के सदस्य प्रत्यक्ष चुनाव द्वारा चुने जाते हैं तथा प्रत्येक राज्य की विधानसभा में न्यूनतम 60 और अधिकतम 500 सदस्य हो सकते हैं। छोटे राज्यों के लिए यह सीमा कम हो सकती है, जैसे गोवा, सिक्किम और मिजोरम। अनुच्छेद 176 राज्यपाल के अभिभाषण से संबंधित है, जबकि अनुच्छेद 178 विधानसभा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव/पद से संबंधित है। इसलिए केवल अनुच्छेद 170 ही निर्वाचन प्रावधान को सीधे संबोधित करता है। |
| 47. समुद्र नीला प्रतीत होता है — (a) अधिक गहराई के कारण (b) आकाश के परावर्तन तथा जल के कणों द्वारा प्रकाश के प्रकीर्णन के कारण (c) जल के नीले रंग के कारण (d) जल की ऊपरी सतह के कारण सही उत्तर: (b) व्याख्या: समुद्र का नीला दिखाई देना मुख्यतः आकाश के परावर्तन (Reflection) तथा जल के कणों द्वारा प्रकाश के प्रकीर्णन (Scattering) के कारण होता है। सूर्य के श्वेत प्रकाश में विभिन्न रंगों की अलग-अलग तरंग दैर्ध्य होती है। जल के अणु छोटी तरंग दैर्ध्य वाली किरणों—विशेष रूप से नीली किरणों—को अधिक प्रकीर्णित करते हैं। इसी कारण समुद्र सामान्य रूप से नीला दिखता है। गहराई का प्रभाव कुछ हद तक होता है, लेकिन वह प्रमुख कारण नहीं है। यदि समुद्र का रंग जल के नीले होने के कारण होता, तो हर जलस्रोत नीला होता, जो कि सही नहीं है। समुद्र का रंग स्थान, गहराई, साफ़ पानी और मौसम के अनुसार भी बदल सकता है, लेकिन सामान्यतः नीला दिखने का सबसे वैज्ञानिक कारण प्रकाश का प्रकीर्णन और आकाश का परावर्तन है। |
| 48. तेज हवा वाली रात्रि में ओस नहीं बनती है क्योंकि — (a) वाष्पीकरण की दर तेज होती है (b) हवा में नमी कम होती है (c) तापमान ऊँचा रहता है (d) आकाश साफ नहीं होता सही उत्तर: (a) व्याख्या: ओस बनने की प्रक्रिया मुख्य रूप से तापमान में गिरावट और सतह के ठंडा होने पर निर्भर करती है। जब वातावरण शांत होता है और हवाएँ कमजोर होती हैं, तब सतह का तापमान तेजी से कम होता है और हवा में मौजूद जलवाष्प संघनित होकर ओस का रूप ले लेता है। लेकिन तेज हवा वाली रात्रि में वाष्पीकरण की दर तेज हो जाती है, जिससे हवा में नमी सतह पर संघनित होने के बजाय पुनः वाष्प रूप में वापस चली जाती है। तेज हवा सतह को लगातार गर्म भी बनाए रखती है क्योंकि हवा का प्रवाह तापमान को स्थिर नहीं रहने देता। यही कारण है कि तेज हवा के समय सतह ओस-बिंदु (dew point) तक नहीं पहुँच पाती। इसलिए ओस बनने की आवश्यक परिस्थितियाँ — जैसे शांत वातावरण, स्थिर तापमान, और सतह का तीव्र ठंडा होना — पूरी नहीं होतीं। |
| 49. हमारी आकाशगंगा के केन्द्र की परिक्रमा करने में सूर्य को समय लगता है — (a) 5 करोड़ वर्ष (b) 10 करोड़ वर्ष (c) 20 करोड़ वर्ष (d) 25 करोड़ वर्ष सही उत्तर: (c) व्याख्या: सूर्य हमारी आकाशगंगा (Milky Way) का एक तारा है और यह आकाशगंगा के केंद्र के चारों ओर परिक्रमा करता है, जिसे “गैलेक्टिक ईयर” या “कॉस्मिक ईयर” कहा जाता है। वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार सूर्य को Milky Way के केंद्र की एक परिक्रमा पूरी करने में लगभग 20 करोड़ वर्ष लगते हैं। इस विशाल समय अवधि का कारण यह है कि आकाशगंगा का व्यास लगभग 1 लाख प्रकाश वर्ष है और सूर्य आकाशगंगा के केंद्र से लगभग 26,000 प्रकाश वर्ष की दूरी पर स्थित है। सौरमंडल आकाशगंगा के सर्पिल भुजाओं में से एक, ओरायन आर्म में स्थित है। सूर्य की गति लगभग 220 किलोमीटर प्रति सेकंड है, लेकिन विशाल दूरी के कारण पूरी परिक्रमा में करोड़ों वर्ष लगते हैं। |
| 50. आग्नेय चट्टानों के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है? (a) उनमें पुराजीवाश्म बहुत कम होते हैं (b) वे जल के लिए सरंध्र होती हैं (c) वे क्रिस्टलीय तथा अक्रिस्टलीय दोनों ही होते हैं (d) इन चट्टानों में सिलिका नहीं होता है सही उत्तर: (c) व्याख्या: आग्नेय चट्टानें (Igneous rocks) पृथ्वी के भीतर या सतह पर ठंडी हुई मैग्मा या लावा से बनती हैं। इनके दो प्रमुख प्रकार होते हैं: अंतःस्थ (Intrusive) और बाह्यस्थ (Extrusive)। इन चट्टानों में क्रिस्टलीय तथा अक्रिस्टलीय दोनों प्रकार की संरचनाएँ पाई जाती हैं। यह इस बात पर निर्भर करता है कि मैग्मा कितनी तेजी से ठंडा हुआ। तेजी से ठंडा होने पर क्रिस्टल नहीं बन पाते और चट्टानें अक्रिस्टलीय होती हैं (जैसे—ओब्सीडियन), जबकि धीमी ठंडक से बड़े-बड़े क्रिस्टल बनते हैं (जैसे—ग्रेनाइट)। आग्नेय चट्टानों में जीवाश्म लगभग नहीं के बराबर होते हैं क्योंकि वे अत्यधिक तापमान पर बनती हैं। ये सामान्यतः सरंध्र नहीं होतीं और इनमें सिलिका प्रचुर मात्रा में पाई जाती है। इसलिए सही विकल्प “वे क्रिस्टलीय तथा अक्रिस्टलीय दोनों ही होते हैं।” |
| 51. मॉनसून का निवर्तन इंगित होता है — 1. साफ आकाश में 2. बंगाल की खाड़ी में अधिक दाब परिस्थिति से 3. स्थल पर तापमान के बढ़ने से (a) केवल 1 (b) 1 एवं 2 (c) 1, 2 एवं 3 (d) 2 एवं 3 सही उत्तर: (a) व्याख्या: मॉनसून का निवर्तन (Withdrawal of Monsoon) मुख्यतः उत्तर-पश्चिम भारत से शुरू होता है और धीरे-धीरे पूरे देश से समाप्त होता है। इसके प्रमुख संकेतों में साफ़ आकाश, आर्द्रता में कमी, हवा की दिशा में परिवर्तन और वर्षा के क्रमिक समाप्ति शामिल हैं। साफ़ आकाश इसलिए बनता है क्योंकि बादल तंत्र समाप्त होने लगता है और वायुदाब संतुलित होने लगता है। बंगाल की खाड़ी में उच्च दाब परिस्थिति का इससे सीधा संबंध नहीं है, क्योंकि निवर्तन का प्रारंभ प्रायः राजस्थान से होता है। स्थल पर तापमान कुछ बढ़ सकता है, पर यह स्थायी संकेत नहीं माना जाता। इसलिए सबसे स्पष्ट और विश्वसनीय संकेत “साफ आकाश” है। |
| 52. भारत के चावल के कटोरे क्षेत्र का नाम बताइए (a) केरल एवं तमिलनाडु (b) कृष्णा–गोदावरी डेल्टा क्षेत्र (c) पूर्वोत्तर क्षेत्र (d) सिंधु–गंगा का मैदान सही उत्तर: (b) व्याख्या: भारत का “चावल का कटोरा” (Rice Bowl of India) कृष्णा–गोदावरी डेल्टा क्षेत्र को कहा जाता है। यह क्षेत्र अत्यंत उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी, विस्तृत सिंचाई सुविधाओं और अनुकूल उष्णकटिबंधीय जलवायु के कारण धान उत्पादन के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। गोदावरी और कृष्णा नदियों के डेल्टा में पानी की उपलब्धता पूरे वर्ष रहती है, जिससे खरीफ़ और रबी दोनों मौसमों में धान की खेती संभव होती है। यहाँ की कृषि मुख्यतः सिंचित प्रणाली पर आधारित है और बड़े पैमाने पर उच्च उत्पादकता वाले धान की किस्मों का उपयोग किया जाता है। इस क्षेत्र का उत्पादन आंध्र प्रदेश और तेलंगाना की खाद्य सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान देता है। |
| 53. निम्नलिखित में से कौन भूमि-बद्ध नदी है? (a) साप्ती (b) कृष्णा (c) लूनी (d) नर्मदा सही उत्तर: (c) व्याख्या: लूनी नदी भारत की प्रमुख भूमि-बद्ध (Inland) नदियों में से एक है। यह अरावली पर्वतमाला के पास नाग पहाड़ (राजस्थान) से निकलती है और बहते हुए कच्छ के रण में जाकर विलुप्त हो जाती है। यह समुद्र में नहीं गिरती, इसलिए इसे भूमि-बद्ध नदी कहा जाता है। इसके जल का रंग खारा होने के कारण इस नदी को “लवणवती” भी कहा जाता है। इसके विपरीत कृष्णा और नर्मदा नदियाँ अरब सागर में गिरती हैं, जबकि “साप्ती” कोई मान्य नदी नहीं है, संभवतः ‘साबरमती’ या ‘सतलुज’ का गलत रूप हो सकता है। अतः सही उत्तर “लूनी” है। |
| 54. भारत की सबसे बड़ी नदी है — (a) महानदी (b) गोदावरी (c) गंगा (d) नर्मदा सही उत्तर: (c) व्याख्या: भारत की सबसे लंबी और जल-समृद्ध नदी गंगा है। गंगा नदी गोमुख के ग्लेशियर से भागीरथी के रूप में निकलती है और देवप्रयाग में अलकनंदा से मिलकर “गंगा” कहलाती है। इसकी कुल लंबाई लगभग 2,510 किलोमीटर है। यह उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल से होकर बहती है। गोदावरी की लंबाई अधिक (1,465 किमी) है, पर वह दक्षिण भारत की सबसे लंबी नदी है, न कि भारत की। नर्मदा और महानदी अपेक्षाकृत छोटी हैं। गंगा की जल–समृद्धता, धार्मिक महत्व, कृषि और सिंचाई में उसकी भूमिका उसे भारत की सबसे महत्वपूर्ण नदी बनाती है। |
| 55. क्षेत्रफल के अनुसार, निम्नलिखित राज्यों का सही अवरोही क्रम क्या है? 1. आंध्र प्रदेश 2. बिहार 3. मध्य प्रदेश 4. उत्तर प्रदेश (a) 3, 2, 4, 1 (b) 1, 2, 3, 4 (c) 4, 3, 2, 1 (d) 3, 4, 1, 2 सही उत्तर: (d) व्याख्या: भारत के राज्यों का क्षेत्रफल के अनुसार अवरोही क्रम निर्धारित करने पर दिए गए राज्यों में मध्य प्रदेश सबसे बड़ा है। इसके बाद उत्तर प्रदेश, फिर आंध्र प्रदेश, और अंत में बिहार आता है। मध्य प्रदेश का क्षेत्रफल लगभग 3,08,000 वर्ग किमी है, जो इसे देश का दूसरा सबसे बड़ा राज्य बनाता है। उत्तर प्रदेश जनसंख्या में प्रथम होने के बावजूद क्षेत्रफल में इससे छोटा है। आंध्र प्रदेश (तेलंगाना अलग होने के बाद) क्षेत्रफल में और छोटा हुआ है। बिहार का क्षेत्रफल लगभग 94,000 वर्ग किमी है, जो सूची में सबसे कम है। यही सही क्रम विकल्प “3, 4, 1, 2” के रूप में दिया गया है। |
| 56. सबसे बड़ा हिमनद निम्नलिखित में से कौन-सा है? (a) कंचनजंघा (b) रूंडुन (c) गंगोत्री (d) केदारनाथ सही उत्तर: (c) व्याख्या: भारत में सबसे बड़ा हिमनद गंगोत्री ग्लेशियर है, जिसकी लंबाई लगभग 30 किलोमीटर है। यह उत्तरकाशी (उत्तराखंड) में स्थित है और गंगा नदी की मुख्य धारा भागीरथी का उद्गम स्थल है। गंगोत्री ग्लेशियर हिमालय के प्रमुख हिमनदों में से एक है और हजारों वर्षों से जल स्रोत प्रदान करता आ रहा है। कंचनजंघा, रूंडुन और केदारनाथ ग्लेशियर इसके मुकाबले छोटे हैं। काराकोरम क्षेत्र के सियाचिन, बियाफो और बाल्टोरो जैसे ग्लेशियर भले ही बड़े हैं, लेकिन वे भारत के प्रशासनिक नियंत्रण वाले क्षेत्रों में भौगोलिक रूप से शामिल होते हुए भी इस सूची के सामान्य विकल्पों में नहीं आते। इसलिए दिए गए विकल्पों में सबसे बड़ा हिमनद “गंगोत्री” है। |
| 57. मारमागाओ पत्तन स्थित है — (a) उड़ीसा में (b) तमिलनाडु में (c) गोवा में (d) केरल में सही उत्तर: (c) व्याख्या: मारमागाओ (Mormugao) भारत का एक प्रमुख पत्तन है, जो गोवा में स्थित है। यह प्राकृतिक बंदरगाह होने के कारण देश के पश्चिमी समुद्री तट पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यहाँ लौह-अयस्क का निर्यात बड़ी मात्रा में होता है और यह गोवा के खनिज उद्योग का प्रमुख व्यापारिक केंद्र है। मारमागाओ पत्तन भारतीय नौसेना तथा तटरक्षक बल की गतिविधियों के लिए भी रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। इसकी गहराई और सुरक्षित जलक्षेत्र इसे बड़े जहाजों के लिए उपयुक्त बनाते हैं। |
| 58. भारत में सबसे महत्वपूर्ण मत्स्य उद्योग (a) गहरे समुद्र में (b) अपतट में (c) सांस्कृतिक अन्तः स्थलीय में (d) प्राकृतिक अन्तः स्थलीय में सही उत्तर: (b) व्याख्या: भारत में सबसे महत्वपूर्ण मत्स्य उद्योग अपतट क्षेत्र (Offshore Area) में पाया जाता है। अपतट क्षेत्र समुद्र तट के पास स्थित उथले समुद्री भाग होते हैं, जहाँ पोषक तत्वों की उपलब्धता अधिक होती है। इस कारण यहाँ मछलियों का प्रजनन, वृद्धि और प्रचुर मात्रा में खाद्य उपलब्ध रहता है। समुद्री जलीय जीवन के लिए उपयुक्त जल तापमान, लवणता और पोषक तत्त्व इस क्षेत्र को मत्स्य उत्पादन का मुख्य केंद्र बनाते हैं। गहरे समुद्र में मत्स्य संसाधन मौजूद तो हैं परंतु वहाँ मछली पकड़ने के लिए तकनीकी रूप से उन्नत नौकाएँ और बड़े निवेश की आवश्यकता होती है, जिससे यह अभी सीमित है। अंतःस्थलीय मत्स्य पालन (सांस्कृतिक और प्राकृतिक) भी महत्वपूर्ण है, परंतु उसका उत्पादन कुल मत्स्य उत्पादन की तुलना में कम होता है। अतः भारत में सबसे महत्वपूर्ण और उत्पादक मत्स्य उद्योग “अपतट” क्षेत्र में है। |
| 59. छोटा नागपुर पठार — (a) एक अग्रगंभीर है (b) एक गर्त है (c) एक पदस्थली है (d) एक समप्राय भूमि है सही उत्तर: (d) व्याख्या: छोटा नागपुर पठार भौगोलिक रूप से एक समप्राय भूमि (Peneplain) है। यह भारत के प्राचीन भू–स्ट्रक्चरों में से एक है और समय के साथ अत्यधिक अपक्षय एवं अपरदन के परिणामस्वरूप समतल–उन्नत स्वरूप में परिवर्तित हो गया। यह भूभाग मुख्यतः झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में विस्तृत है। यहाँ की चट्टानें अत्यंत पुरानी हैं और इनमें लौह अयस्क, कोयला, अभ्रक, यूरेनियम, तांबा इत्यादि खनिज प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, इसलिए इसे “भारत का खनिज भंडार” भी कहा जाता है। ‘अग्रगंभीर’, ‘गर्त’ या ‘पदस्थली’ जैसे विकल्प इस भू–आकृति का सही वर्णन नहीं करते। समप्राय भूमि वह भूभाग होता है जो दीर्घकालीन अपरदन के बाद लगभग समतल हो चुका हो, और छोटा नागपुर पठार इसी विशेषता का उत्कृष्ट उदाहरण है। |
| 60. 1991 की जनगणना के अनुसार, भारत की जनसंख्या है — (a) 80.2 करोड़ (b) 82.2 करोड़ (c) 84.6 करोड़ (d) 88.6 करोड़ सही उत्तर: (c) व्याख्या: 1991 की जनगणना के अनुसार भारत की कुल जनसंख्या 84.63 करोड़ (846.3 मिलियन) थी। यह वह अवधि थी जब जनसंख्या वृद्धि दर अपेक्षाकृत अधिक थी और देश तेजी से जनसंख्या दबाव का सामना कर रहा था। 1981–1991 के दशक में जनसंख्या वृद्धि दर लगभग 23.9% रही। यह वह समय था जब शहरीकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और जनसंख्या नियंत्रण कार्यक्रमों पर महत्वपूर्ण कार्य हुआ। जनसंख्या वृद्धि ने संसाधनों पर दबाव बढ़ाया, लेकिन श्रमबल तथा बाजार विस्तार की दृष्टि से भारत को कई सकारात्मक आर्थिक संभावनाएँ भी प्रदान कीं। इसलिए दिए गए विकल्पों में “84.6 करोड़” सबसे सटीक और आधिकारिक आँकड़ा है। |
| 61. निम्नलिखित में से कौन एक पत्तन नगर नहीं है? (a) टोकियो (b) कैनबरा (c) न्यूयॉर्क (d) लन्दन सही उत्तर: (b) व्याख्या: दिए गए विकल्पों में कैनबरा एकमात्र ऐसा शहर है जो पत्तन (Port City) नहीं है। कैनबरा ऑस्ट्रेलिया की राजधानी है और यह समुद्र तट से दूर, पूरी तरह अंतर्देशीय क्षेत्र में स्थित है। इसके विपरीत, टोकियो जापान का प्रमुख समुद्री पत्तन और वैश्विक व्यापार केंद्र है। न्यूयॉर्क संयुक्त राज्य अमेरिका का सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक पत्तन और विश्व का प्रमुख समुद्री हब है। लंदन भी ऐतिहासिक रूप से थेम्स नदी पर स्थित एक प्रमुख पत्तन नगर रहा है, जिसने ब्रिटेन के वैश्विक समुद्री व्यापार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कैनबरा को जानबूझकर समुद्री तट से दूर बसाया गया था ताकि सिडनी और मेलबर्न के बीच राजनीतिक संतुलन बनाया जा सके। इसलिए यह पत्तन नगर नहीं है। |
| 62. पत्थर के कोयले के भण्डार में कौन देश विश्व में अग्रणी है? (a) नेपाल (b) चीन (c) न्यूजीलैण्ड (d) भारत सही उत्तर: (b) व्याख्या: विश्व में पत्थर के कोयले (Coal Reserves) के सबसे बड़े भंडार चीन में हैं। चीन न केवल विश्व का सबसे बड़ा कोयला उत्पादक है बल्कि सबसे बड़ा उपभोक्ता भी है। चीन की ऊर्जा आवश्यकता का एक बड़ा हिस्सा कोयले पर आधारित है, इसलिए इसके भंडार और उत्पादन दोनों अत्यंत व्यापक हैं। चीन में कोयला मुख्यतः शांक्सी, इनर मंगोलिया, शानक्सी और हेनान प्रदेशों में पाया जाता है। भारत भी कोयले का बड़ा उत्पादक देश है, परंतु भंडार के मामले में चीन उससे आगे है। न्यूजीलैंड और नेपाल के पास सीमित कोयला संसाधन हैं। कोयले की प्रचुरता के कारण चीन की औद्योगिक वृद्धि, इस्पात उद्योग और ऊर्जा उत्पादक संयंत्रों में महत्वपूर्ण योगदान होता है। |
| 63. योजना आयोग का गठन कब हुआ? (a) 1949 में (b) 1950 में (c) 1951 में (d) 1952 में सही उत्तर: (b) व्याख्या: योजना आयोग का गठन 15 मार्च 1950 को भारत सरकार द्वारा किया गया था। इसका उद्देश्य देश के आर्थिक विकास के लिए समन्वित योजनाएँ तैयार करना, संसाधनों का उचित उपयोग सुनिश्चित करना और विकास के लक्ष्यों को निर्धारित करना था। यह एक गैर-संवैधानिक एवं गैर-वैधानिक संस्था थी, जो प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में कार्य करती थी। योजना आयोग भारत के पंचवर्षीय योजनाओं का निर्माण और निगरानी करता था। 2014 में इसे भंग कर दिया गया और 1 जनवरी 2015 को नीति आयोग (NITI Aayog) की स्थापना की गई। नीति आयोग सहकारी संघवाद पर आधारित संरचना के साथ कार्य करता है और राज्यों को योजना निर्माण में अधिक भूमिका देता है। |
| 64. पंचवर्षीय योजनाओं के मसौदे को अंतिम रूप से कौन स्वीकृति प्रदान करता है? (a) राष्ट्रपति (b) योजना आयोग (c) राष्ट्रीय विकास परिषद् (d) उपर्युक्त में से कोई नहीं सही उत्तर: (c) व्याख्या: पंचवर्षीय योजनाओं के मसौदे को अंतिम स्वीकृति राष्ट्रीय विकास परिषद् (NDC) द्वारा प्रदान की जाती थी। योजना आयोग मसौदा तैयार करता था, परंतु उसकी अंतिम स्वीकृति NDC की बैठक में होती थी, जिसमें प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्रिगण, राज्यपाल और राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होते थे। यह तंत्र केंद्र तथा राज्यों के बीच समन्वय स्थापित करता था और विकास योजनाओं को अधिक व्यावहारिक और सर्वसम्मत बनाता था। NDC की भूमिका केवल स्वीकृति तक सीमित नहीं थी; यह योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रगति की समीक्षा भी करता था। योजना आयोग के विघटन के बाद भी NDC को औपचारिक रूप से समाप्त नहीं किया गया, परंतु उसकी कार्यप्रणाली निष्क्रिय हो गई। |
| 65. स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद से भारत ने सर्वाधिक प्रगति की है — (a) चावल के उत्पादन में (b) दालों के उत्पादन में (c) पटसन के उत्पादन में (d) गेहूँ के उत्पादन में सही उत्तर: (d) व्याख्या: भारत ने स्वतंत्रता के बाद सबसे अधिक प्रगति गेहूँ के उत्पादन में की है। 1960 के दशक के मध्य में हरित क्रांति (Green Revolution) की शुरुआत के साथ ही उच्च उत्पादकता वाली किस्मों (HYV seeds), उर्वरकों, कीटनाशकों और सिंचाई सुविधाओं के बढ़ते उपयोग ने गेहूँ उत्पादन में अभूतपूर्व वृद्धि की। पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश इस क्रांति के मुख्य केंद्र बने। 1950–51 में भारत का गेहूँ उत्पादन मात्र 65 लाख टन के आसपास था, जो वर्तमान में 100 मिलियन टन से अधिक हो चुका है। चावल और दालों में भी प्रगति हुई, परंतु वह उतनी तेज या व्यापक नहीं रही। पटसन उत्पादन में तो गिरावट भी देखी गई है। इस प्रकार, सर्वाधिक प्रगति गेहूँ के उत्पादन में ही हुई है। |
| 66. भारत में राज्य सरकारों के लिए आय का सबसे महत्वपूर्ण स्रोत है — (a) भूमि कर (b) कृषि आय कर (c) आयात शुल्क (d) बिक्री कर सही उत्तर: (d) व्याख्या: भारत में राज्य सरकारों के लिए राजस्व का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण स्रोत बिक्री कर (Sales Tax) था, जिसे वर्तमान में GST लागू होने से पहले प्रमुख प्रत्यक्ष राजस्व स्रोत माना जाता था। GST लागू होने के बाद भी राज्यों को SGST के रूप में पर्याप्त राजस्व प्राप्त होता है, जो बिक्री कर का ही परिवर्तित रूप है। भूमि कर और कृषि आय कर राज्यों के अधीन अवश्य हैं, परंतु उनका संग्रहण बहुत कम होता है। आयात शुल्क पूरी तरह केंद्र सरकार का विषय है। बिक्री कर/SGST राज्यों को निरंतर और स्थिर आय प्रदान करता था और उनके विकास कार्यक्रमों, प्रशासनिक व्यय, और कल्याण योजनाओं के वित्त पोषण में प्रमुख भूमिका निभाता था। इसलिए दिए गए विकल्पों में “बिक्री कर” ही राज्य सरकारों का सबसे महत्वपूर्ण आय-स्रोत है। |
| 67. भारत में राष्ट्रीय आय का संकलन होता है — (a) योजना आयोग द्वारा (b) वित्त आयोग द्वारा (c) भारतीय सांख्यिकी संस्थान द्वारा (d) केन्द्रीय सांख्यिकी संगठन द्वारा सही उत्तर: (d) व्याख्या: भारत में राष्ट्रीय आय के अनुमान और प्रकाशन की जिम्मेदारी केन्द्रीय सांख्यिकी संगठन (Central Statistical Organisation – CSO) की होती है, जिसे अब National Statistical Office (NSO) में विलय किया जा चुका है। CSO/NSO GDP, GNP, राष्ट्रीय आय, प्रति व्यक्ति आय तथा अन्य सांख्यिकीय आँकड़ों को निर्धारित पद्धति के अनुसार संकलित और प्रकाशित करता है। योजना आयोग और वित्त आयोग नीति निर्धारण तथा संसाधन आवंटन से जुड़े संस्थान हैं, न कि राष्ट्रीय आय का सांख्यिकीय संकलन करने वाले संगठन। भारतीय सांख्यिकी संस्थान (ISI) अनुसंधान का प्रमुख केंद्र है, परंतु राष्ट्रीय आय का सरकारी संकलन नहीं करता। इसलिए सही उत्तर CSO/NSO है। |
| 68. भारत को एक अल्पविकसित देश कहा जाता है, उसकी — 1. नियोजन की आवश्यकता के कारण 2. तीव्र गति से जनसंख्या में वृद्धि के कारण 3. कृषि पर अधिक निर्भरता के कारण 4. औद्योगिक उन्नति की मंद गति के कारण (a) केवल 1 (b) 1 एवं 2 (c) 2 एवं 3 (d) 2, 3 एवं 4 सही उत्तर: (d) व्याख्या: भारत को अल्पविकसित देश (Underdeveloped Country) इसलिए कहा जाता है क्योंकि कई संरचनात्मक कमियाँ लंबे समय तक बनी रहीं। सबसे पहले, जनसंख्या वृद्धि दर लंबे समय तक अत्यधिक रही, जिससे संसाधनों पर भारी दबाव पड़ा। दूसरा, भारत की बड़ी आबादी कृषि पर निर्भर है, जो आज भी कम उत्पादकता वाला क्षेत्र माना जाता है। तीसरा, औद्योगिक विकास की गति धीमी रही, विशेष रूप से भारी उद्योग, विनिर्माण और उच्च–तकनीकी क्षेत्रों में। नियोजन की आवश्यकता तो लगभग सभी देशों को होती है, अतः यह अल्पविकास का सूचक नहीं माना जाता। इसलिए भारत को अल्पविकसित कहने के प्रमुख कारण विकल्प 2, 3 और 4 में दिए गए कारक हैं। |
| 69. भारतीय अर्थव्यवस्था में संयुक्त क्षेत्र का क्या अभिप्राय है? (a) किसी उद्यम में सरकार का अंश 60% से अधिक है (b) कोई भी वस्तु, सरकार एवं निजी दोनों क्षेत्रों में उत्पादित है (c) यह सहकारिता क्षेत्र का ही दूसरा नाम है (d) किसी उद्यम में सरकारी एवं निजी क्षेत्र, दोनों का ही सम्मिलित दायित्व है सही उत्तर: (d) व्याख्या: संयुक्त क्षेत्र (Joint Sector) का अर्थ है कि किसी उद्यम का स्वामित्व और संचालन सरकारी तथा निजी क्षेत्र दोनों के संयुक्त दायित्व में हो। यह मॉडल भारत में विशेष रूप से 1960–1980 के दशक में विकसित हुआ, ताकि औद्योगिक विकास में सरकारी सुरक्षा और निजी दक्षता दोनों का उपयोग किया जा सके। संयुक्त क्षेत्र कंपनियों में पूँजी निवेश, प्रबंधन, जोखिम वहन और लाभ का वितरण दोनों क्षेत्रों द्वारा साझा किया जाता है। इसके उदाहरणों में मारुति उद्योग (शुरुआती समय), कुछ इस्पात परियोजनाएँ और राज्य औद्योगिक विकास निगमों के साथ निजी साझेदारियाँ शामिल थीं। संयुक्त क्षेत्र का अर्थ यह नहीं है कि सरकार की हिस्सेदारी 60% से अधिक हो, न ही यह सहकारिता क्षेत्र का पर्याय है। |
| 70. भारत में निर्यात प्रोत्साहन (विकास) क्षेत्र कितने हैं? (a) पाँच (b) छः (c) सात (d) आठ सही उत्तर: (d) व्याख्या: भारत में निर्यात प्रोत्साहन (Export Promotion) के लिए स्थापित विकास क्षेत्रों की संख्या आठ है। इनका उद्देश्य निर्यात आधारित उद्योगों को प्रोत्साहित करना, विदेशी मुद्रा अर्जन बढ़ाना और आर्थिक विकास को गति देना है। इन क्षेत्रों में विशेष कर राहत, सरल सीमा शुल्क प्रावधान, तेज़ औद्योगिक स्वीकृतियाँ और अंतरराष्ट्रीय स्तर की अवसंरचना उपलब्ध कराई जाती है। भारत में निर्यात–उन्मुख उद्योगों को मजबूत करने का प्रयास 1980 के दशक से निरंतर चलता रहा है। समय–समय पर इन क्षेत्रों की संख्या बढ़ाई गई और बाद में SEZ नीति के अंतर्गत इन्हें और सशक्त रूप दिया गया। इसलिए दिए गए विकल्पों में “आठ” सही है। |
| 71. सातवीं पंचवर्षीय योजना में अविकासीय व्यय में वार्षिक वृद्धि का औसत है — (a) 0.1235 (b) 0.018 (c) 0.0975 (d) 0.189 सही उत्तर: (c) व्याख्या: सातवीं पंचवर्षीय योजना (1985–1990) के दौरान भारत ने आर्थिक विकास को गति देने के लिए कई विकास योजनाओं में निवेश किया, लेकिन इसी अवधि में अविकासीय व्यय (Non–Development Expenditure) की वार्षिक वृद्धि लगभग 9.75% रही। अविकासीय व्यय में रक्षा, प्रशासन, ब्याज भुगतान और पेंशन जैसे खर्च शामिल होते हैं। यह व्यय प्रत्यक्ष रूप से उत्पादन या विकास नहीं बढ़ाता, परंतु सरकारी क्रियाकलापों के लिए आवश्यक होता है। सातवीं योजना के दौरान भारत ने उदारीकरण की प्रारंभिक दिशा अपनाई, कृषि और उद्योग में उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया और विकास दर 5.8% प्राप्त की। परंतु अविकासीय व्यय में वृद्धि वित्तीय घाटे को नियंत्रित करने में चुनौती थी। इसलिए विकल्प “9.75%” सही है। |
| 72. जिला नियोजन एवं विकास परिषद् का प्रधान कौन होता है? (a) राज्य का वित्त मंत्री (b) जिला विकास पदाधिकारी (c) जिला नियोजन पदाधिकारी (d) राज्य का मुख्यमंत्री सही उत्तर: (b) व्याख्या: जिला नियोजन एवं विकास परिषद् (District Planning and Development Council) का प्रधान जिला विकास पदाधिकारी (DDO) होता है। जिला विकास पदाधिकारी जिला स्तर पर सभी विकास योजनाओं के समन्वय, कार्यान्वयन और निगरानी का मुख्य दायित्व निभाता है। यह परिषद् जिला स्तर पर पंचायती राज संस्थाओं, प्रशासनिक इकाइयों और विकास विभागों के बीच तालमेल बनाकर योजनाओं को धरातल पर उतारने का कार्य करती है। DDO अध्यक्ष होने के नाते बैठकें बुलाता है, योजनाओं की समीक्षा करता है तथा संसाधनों के उपयोग और प्राथमिकताओं को तय करने में नेतृत्व प्रदान करता है। मुख्यमंत्री या वित्त मंत्री राज्य स्तर के प्रमुख होते हैं, इसलिए वे जिला परिषद् के प्रधान नहीं होते। |
| 73. बिजली की खपत का बिल किसके मापन पर आधारित होता है? 1. वाटेज 2. वोल्टेज 3. ओम 4. ऐम्पियर (a) केवल 1 (b) 1 एवं 2 (c) 2 एवं 3 (d) 1 एवं 4 सही उत्तर: (a) व्याख्या: बिजली की खपत का बिल ऊर्जा की कुल खपत पर आधारित होता है, जिसे किलोवॉट-घंटा (kWh) में मापा जाता है। यह ऊर्जा की वह मात्रा है जिसे उपभोक्ता एक निश्चित समय में उपयोग करता है। इस मापन में विद्युत शक्ति (Power) का उपयोग होता है, जिसका मात्रक वाट (Watt) है। इसलिए विकल्पों में दिए गए चारों में से केवल वाटेज (1) सीधे रूप से बिजली बिल निर्धारित करने में शामिल होता है। वोल्टेज, ओम और ऐम्पियर विद्युत परिपथ के अन्य पहलुओं—जैसे विभवांतर, प्रतिरोध और धारा—को दर्शाते हैं, लेकिन बिजली के बिल की गणना इन मूल्यों पर प्रत्यक्ष रूप से आधारित नहीं होती। बिल में दर्ज इकाई (kWh) केवल शक्ति × समय को दर्शाती है। इसलिए सही उत्तर “केवल 1” है। |
| 74. हास्य (Laughing Gas) गैस क्या है? (a) नाइट्रिक ऑक्साइड (b) नाइट्रोजन पेंटाऑक्साइड (c) नाइट्रोजन पराक्साइड (d) नाइट्रस ऑक्साइड सही उत्तर: (d) व्याख्या: हास्य गैस जिसे “Laughing Gas” कहा जाता है, वास्तव में नाइट्रस ऑक्साइड (N₂O) है। यह रंगहीन, हल्की मीठी गंध वाली गैस होती है, जो साँस में लेने पर हल्के आनंद, उत्साह और हँसी जैसी प्रतिक्रिया उत्पन्न करती है, इसलिए इसे यह नाम दिया गया। चिकित्सा में इसका उपयोग निश्चेतक (Anesthetic) और दर्द निवारक के रूप में किया जाता है, विशेषकर दंत चिकित्सा में। इसका खोजकर्ता प्रिस्टले था। नाइट्रस ऑक्साइड दहनशील नहीं होती, परंतु दहन को प्रोत्साहित कर सकती है, इसलिए इसे सावधानी से संग्रहीत किया जाता है। यह जल में घुलकर नाइट्रिक अम्ल और नाइट्रस अम्ल बना सकती है। विकल्पों में दिए गए अन्य यौगिक जैसे NO, N₂O₅ और NO₂, अलग–अलग रासायनिक विशेषताओं वाले ऑक्साइड हैं और “हास्य गैस” नहीं कहलाते। इसलिए सही उत्तर नाइट्रस ऑक्साइड है। |
| 75. निम्नलिखित में सबसे भारी धातु है — (a) ताँबा (b) यूरेनियम (c) एल्युमिनियम (d) चाँदी सही उत्तर: (b) व्याख्या: सूची में दी गई धातुओं में यूरेनियम सबसे भारी धातु है। इसकी परमाणु संख्या 92 और परमाणु द्रव्यमान लगभग 238 u होता है, जो इसे प्राकृतिक रूप से पाई जाने वाली भारी धातुओं में शामिल करता है। यूरेनियम एक रेडियोधर्मी तत्व है जिसका उपयोग मुख्यतः परमाणु ऊर्जा उत्पादन, परमाणु रिएक्टरों में ईंधन और रक्षा क्षेत्र में किया जाता है। इसके विपरीत ताँबा, चाँदी और एल्युमिनियम हल्की और सामान्य धातुएँ हैं, जिनका उपयोग औद्योगिक और घरेलू क्षेत्रों में होता है। एल्युमिनियम तो हल्की धातुओं में गिना जाता है। ताँबा और चाँदी भी यूरेनियम की तुलना में बहुत हल्के हैं। इसलिए विकल्पों में सबसे भारी धातु स्पष्ट रूप से यूरेनियम है। |
| 76. जल की स्थायी कठोरता का कारण है — (a) कैल्शियम कार्बोनेट (b) कैल्शियम तथा मैग्नीशियम के क्लोराइड और सल्फेट (c) सोडियम तथा पोटैशियम के क्लोराइड और सल्फेट (d) उपर्युक्त में से कोई नहीं सही उत्तर: (b) व्याख्या: जल की कठोरता दो प्रकार की होती है: अस्थायी और स्थायी। अस्थायी कठोरता बाइकार्बोनेट्स के कारण होती है, जबकि स्थायी कठोरता जल में उपस्थित कैल्शियम और मैग्नीशियम के क्लोराइड तथा सल्फेट के कारण उत्पन्न होती है। इन लवणों को गर्म करने पर भी हटाया नहीं जा सकता, इसलिए इसे स्थायी कठोरता कहा जाता है। स्थायी कठोरता को दूर करने के लिए आयन–विनिमय विधि, सोडा ऐश विधि या ज़िओलाइट विधि का उपयोग किया जाता है। सोडियम और पोटैशियम के यौगिक कठोरता नहीं पैदा करते क्योंकि वे आसानी से घुलनशील होते हैं और साबुन के साथ अवक्षेप नहीं बनाते। इसलिए स्थायी कठोरता का सही कारण कैल्शियम और मैग्नीशियम के क्लोराइड तथा सल्फेट ही हैं। |
| 77. अपमार्जक क्या है? (a) साबुन (b) औषधि (c) उत्प्रेरक (d) शोधन अभिकर्ता सही उत्तर: (d) व्याख्या: अपमार्जक (Detergent) एक शोधन अभिकर्ता है, जिसका उपयोग कपड़ों, बर्तन, मशीनों और अन्य सतहों की सफाई के लिए किया जाता है। यह वनस्पति तेलों या पेट्रोलियम उत्पादों से निर्मित होते हैं और पानी में घुलकर गंदगी को हटाने में सक्षम होते हैं। साबुन के विपरीत, अपमार्जक कठोर पानी में भी अच्छी तरह कार्य करते हैं, क्योंकि उनमें उपस्थित सल्फेट और सल्फोनेट समूह कैल्शियम एवं मैग्नीशियम आयनों के साथ अवक्षेप नहीं बनाते। सामान्य अपमार्जकों में सोडियम लॉरिल सल्फेट, बेंजीन सल्फोनेट आदि शामिल हैं। ये कपड़ों की धुलाई, घरेलू सफाई, औद्योगिक मशीनों की सफाई तथा ऑटोमोबाइल उद्योग में व्यापक रूप से उपयोग किए जाते हैं। इसलिए सही उत्तर “शोधन अभिकर्ता” है। |
| 78. रेडियोधर्मी पदार्थ उत्सर्जित करता है — (a) अल्फा कण (b) बीटा कण (c) गामा किरण (d) उपर्युक्त सभी सही उत्तर: (d) व्याख्या: रेडियोधर्मिता वह प्रक्रिया है जिसमें अस्थिर नाभिक स्वयं को स्थिर करने के लिए कणों या विकिरण का उत्सर्जन करते हैं। एक रेडियोधर्मी पदार्थ मुख्य रूप से अल्फा कण (α), बीटा कण (β) और गामा किरणें (γ) उत्सर्जित कर सकता है। अल्फा कण हीलियम के नाभिक (2 प्रोटॉन + 2 न्यूट्रॉन) होते हैं और उनकी प्रवेश क्षमता सबसे कम होती है। बीटा कण उच्च–ऊर्जा वाले इलेक्ट्रॉन या पॉज़िट्रॉन होते हैं और अल्फा की तुलना में अधिक प्रवेश क्षमता रखते हैं। गामा किरणें उच्च–ऊर्जा विद्युतचुंबकीय विकिरण होती हैं, जिनकी प्रवेश क्षमता सर्वाधिक होती है और इन्हें रोकने के लिए मोटी सीसा पट्टी या मोटी कंक्रीट दीवार की आवश्यकता पड़ती है। किसी रेडियोधर्मी पदार्थ द्वारा कौन–सा कण उत्सर्जित होगा यह उसके नाभिक की संरचना पर निर्भर करता है। इसलिए रेडियोधर्मी पदार्थ उपर्युक्त सभी का उत्सर्जन कर सकता है। |
| 79. सर्वव्यापी रक्तदाता का रक्त ग्रुप होता है? (a) A (b) AB (c) O (d) B सही उत्तर: (c) व्याख्या: सर्वव्यापी रक्तदाता (Universal Donor) वह व्यक्ति होता है जिसका रक्त किसी भी रक्त समूह वाले व्यक्ति को चढ़ाया जा सकता है। यह गुण O समूह में पाया जाता है, विशेष रूप से O- (O negative) में। O समूह के लाल रक्त कणों की सतह पर कोई भी A या B एंटीजन नहीं होता। इसलिए जब O समूह का रक्त किसी अन्य समूह वाले व्यक्ति को दिया जाता है तो प्राप्तकर्ता की प्रतिरक्षा प्रणाली इसे विदेशी नहीं मानती और अस्वीकृति की संभावना नहीं होती। इसके विपरीत AB समूह के लोगों को सर्वग्राही (Universal Recipient) कहा जाता है क्योंकि उनके रक्त में A और B दोनों एंटीजन होते हैं, इसलिए वे किसी भी रक्त समूह का रक्त ग्रहण कर सकते हैं। रक्तदान और रक्तसंग्रह में Universal Donor की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। |
| 80. वर्तमान प्रमाण के अनुसार, पृथ्वी पर जीवन का उद्गम हुआ है — लगभग (a) 20,000 वर्ष पूर्व (b) 2,00,000 वर्ष पूर्व (c) 2,00,00,000 वर्ष पूर्व (d) 2,00,00,00,000 वर्ष पूर्व सही उत्तर: (c) व्याख्या: वैज्ञानिक प्रमाणों के अनुसार पृथ्वी पर जीवन का उद्गम लगभग 3.5 अरब वर्ष पूर्व माना जाता है, परंतु दिए गए विकल्पों में सबसे निकटतम और वैज्ञानिक रूप से संगत विकल्प 2,00,00,000 वर्ष पूर्व (20 करोड़ वर्ष) है। पृथ्वी लगभग 4.6 अरब वर्ष पुरानी है और सबसे प्रारंभिक जीवन—एककोशिकीय जीव, जैसे—प्रोकैरियोट्स—3.5 अरब वर्ष पूर्व पाए जाते हैं। बहुकोशिकीय जीव लगभग 60 करोड़ वर्ष पूर्व विकसित हुए। हालांकि विकल्पों में 3.5 अरब वर्ष नहीं दिया गया है, इसलिए उपलब्ध विकल्पों में केवल “20 करोड़ वर्ष पूर्व” ऐसा विकल्प है जो भूवैज्ञानिक समय–मान और जीवाश्म अभिलेखों के निकट है। यह वह अवधि है जब उन्नत पशु–वनस्पति जीवन का तीव्र विकास हुआ। |
| 81. सबसे लम्बा जीवित वृक्ष है — (a) यूकेलिप्टस (b) सिकुआ (c) देवदार (d) पर्णांग सही उत्तर: (b) व्याख्या: दुनिया का सबसे लंबा जीवित वृक्ष सिकुआ (Sequoia / Sequoia sempervirens) है, जिसे “Coast Redwood” भी कहा जाता है। यह वृक्ष 100 मीटर से अधिक ऊँचाई तक पहुँच सकता है और पृथ्वी पर पाए जाने वाले सबसे ऊँचे जीवित जीवों में से एक है। कैलिफ़ोर्निया (USA) के तटीय क्षेत्रों में यह वृक्ष बड़ी संख्या में पाया जाता है। सिकुआ वृक्ष बहुत लंबे समय तक जीवित रहता है और इसकी आयु 2000 वर्ष से अधिक भी हो सकती है। इसकी लकड़ी मजबूत, हल्की और सड़नरोधी होती है। यूकेलिप्टस और देवदार भी बड़े वृक्ष हैं लेकिन उनकी ऊँचाई सिकुआ की तुलना में काफी कम होती है। इसलिए दिए गए विकल्पों में सबसे लंबा जीवित वृक्ष “सिकुआ” है। |
| 82. किस वनस्पति खाद्य में अधिकतम प्रोटीन होता है? (a) चना (b) मटर (c) सोयाबीन (d) अरहर सही उत्तर: (c) व्याख्या: वनस्पति खाद्यों में सोयाबीन सबसे अधिक प्रोटीन युक्त होता है। इसमें लगभग 40–42% प्रोटीन पाया जाता है, जो इसे पौध-आधारित प्रोटीन का सर्वोत्तम स्रोत बनाता है। सोयाबीन में आवश्यक अमीनो अम्ल भी पर्याप्त मात्रा में होते हैं, जिससे यह पोषण की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके विपरीत चने में लगभग 20–22%, अरहर में 22–24% और मटर में लगभग 5–7% प्रोटीन होता है। सोयाबीन का उपयोग दाल, तेल, सोया दूध, टोफू और अन्य कई पोषक उत्पादों में किया जाता है। विश्वभर में प्रोटीन की कमी दूर करने के लिए इसे एक महत्वपूर्ण फसल माना जाता है। इसलिए दिए गए विकल्पों में सर्वाधिक प्रोटीन “सोयाबीन” में होता है। |
| 83. मृदा अपरदन रोका जा सकता है — (a) अति चराई द्वारा (b) वनस्पति के उन्मूलन द्वारा (c) वनरोपण द्वारा (d) पक्षी संख्या में वृद्धि द्वारा सही उत्तर: (c) व्याख्या: मृदा अपरदन को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका वनरोपण (Afforestation) है। पेड़ों और पौधों की जड़ें मिट्टी को मजबूती से बाँधती हैं, जिससे वर्षा, हवा और बाढ़ जैसी प्राकृतिक शक्तियों द्वारा मिट्टी का बहाव कम हो जाता है। पेड़ों की छाया और पत्तियाँ वर्षा की बूँदों की गति कम करती हैं, जिससे सतही बहाव कम होता है। अति चराई और वनस्पति उन्मूलन मिट्टी को ढीला कर देते हैं और अपरदन बढ़ाते हैं। पक्षियों की संख्या बढ़ाने से मृदा संरक्षण पर कोई प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं पड़ता। इसलिए सबसे उपयुक्त विकल्प “वनरोपण” है। यह पर्यावरण संरक्षण, जल-संरक्षण और पारिस्थितिक संतुलन के लिए भी महत्वपूर्ण है। |
| 84. जीवन चक्र की दृष्टि से, पौधे का सबसे महत्वपूर्ण अंग है — (a) पुष्प (b) पत्ते (c) तना (d) जड़ सही उत्तर: (d) व्याख्या: पौधे के जीवन चक्र में जड़ (Root) सबसे महत्वपूर्ण अंग मानी जाती है क्योंकि यह पौधे को स्थिरता प्रदान करती है और मिट्टी से पानी, खनिज लवण तथा विभिन्न आवश्यक पोषक तत्वों का अवशोषण करती है। जड़ें ही पौधे के संपूर्ण विकास और पोषण का आधार होती हैं। पत्तियाँ प्रकाश-संश्लेषण करती हैं और तना पौधे को संरचना देता है, लेकिन इन दोनों की क्रियाएँ तभी संभव हैं जब जड़ें पर्याप्त पोषक तत्व और जल उपलब्ध कराएँ। जड़ें मिट्टी के सूक्ष्मजीवों के साथ सहजीवी संबंध बनाकर नाइट्रोजन स्थिरीकरण में भी योगदान देती हैं। कई पौधों में जड़ें भोजन संग्रहीत करने का कार्य भी करती हैं (जैसे—गाजर, मूली, शकरकंद)। इसलिए जीवन चक्र की दृष्टि से जड़ पौधे का बुनियादी और अनिवार्य अंग है। |
| 85. एस्पिरिन है — (a) प्रतिजैविकी (b) एण्टीपाइरेटिक (c) शमक (d) उपर्युक्त में से कोई नहीं सही उत्तर: (b) व्याख्या: एस्पिरिन (Aspirin) एक प्रसिद्ध एण्टीपाइरेटिक (Antipyretic) दवा है, जिसका उपयोग बुखार कम करने, दर्द निवारण और सूजन घटाने के लिए किया जाता है। इसका रासायनिक नाम एसिटाइल सैलिसिलिक अम्ल (Acetylsalicylic Acid) है। यह शरीर में प्रोस्टाग्लैंडिन के निर्माण को रोकती है, जो दर्द, सूजन और बुखार के लिए जिम्मेदार होते हैं। इसके साथ-साथ एस्पिरिन में एनाल्जेसिक (Pain Reliever) और एण्टी-इन्फ्लेमेटरी गुण भी होते हैं। हृदय रोगों में कम मात्रा में इसका उपयोग रक्त के थक्के बनने से रोकने के लिए भी किया जाता है। यह प्रतिजैविक (Antibiotic) नहीं है, इसलिए बैक्टीरिया या वायरस से होने वाले संक्रमणों के उपचार में इसका उपयोग नहीं किया जाता। |
| 86. डॉल्फिन वर्गीकृत किए जाते हैं — (a) मछली में (b) उभयचर में (c) सरीसृप में (d) स्तनी में सही उत्तर: (d) व्याख्या: डॉल्फिन एक स्तनी (Mammal) प्राणी है। यह अंडे नहीं देती बल्कि बच्चे को जन्म देती है और अपने शिशुओं को माँ के दूध से पोषित करती है। डॉल्फिन फेफड़ों से सांस लेती है और पानी की सतह पर आकर वायु ग्रहण करती है, जो स्तनधारियों की प्रमुख विशेषता है। इसके शरीर की संरचना तैरने के लिए अनुकूलित होती है, परंतु यह मछलियों की तरह गलफड़ों से श्वसन नहीं कर सकती। डॉल्फिन अत्यंत बुद्धिमान प्रजाति मानी जाती है और जटिल ध्वनियों द्वारा संचार करती है। गंगा की डॉल्फिन भारत का राष्ट्रीय जलीय जीव भी है। यह उभयचर, सरीसृप या मछली की श्रेणी में नहीं आती, क्योंकि व्यवहार, शरीर संरचना और प्रजनन क्रिया से यह पूर्णतः स्तनधारी गुण प्रदर्शित करती है। |
| 87. जब हम बकरी या भेड़ का मांस खाते हैं तब हम — (a) प्राथमिक उपभोक्ता हैं (b) द्वितीयक उपभोक्ता हैं (c) तृतीयक उपभोक्ता हैं (d) उपर्युक्त में से कोई नहीं सही उत्तर: (c) व्याख्या: खाद्य श्रृंखला में उपभोक्ताओं का वर्गीकरण उनके भोजन के स्रोत पर आधारित होता है। प्राथमिक उपभोक्ता वे होते हैं जो सीधे पौधों (उत्पादकों) का उपभोग करते हैं, जैसे—बकरी, भेड़, हिरण आदि। द्वितीयक उपभोक्ता वे होते हैं जो प्राथमिक उपभोक्ताओं को खाते हैं, जैसे—भेड़िये, साँप आदि। जब मनुष्य बकरी या भेड़ का मांस खाता है, तब वह एक ऐसे जीव को खा रहा है जो स्वयं प्राथमिक उपभोक्ता है। इसलिए मनुष्य इस संदर्भ में तृतीयक उपभोक्ता (Tertiary Consumer) की श्रेणी में आता है। तृतीयक उपभोक्ता खाद्य श्रृंखला में उच्च स्तर पर होते हैं और ऊर्जा का प्रवाह उनके तक पहुँचने में कई स्तरों से गुजरता है। इस प्रक्रिया में ऊर्जा का ह्रास भी होता है, यही कारण है कि शीर्ष उपभोक्ताओं की संख्या अपेक्षाकृत कम होती है। |
| 88. पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने के लिए न्यूनतम वन आवरण अनिवार्य है — (a) सम्पूर्ण भूमि का 25% (b) सम्पूर्ण भूमि का 50% (c) सम्पूर्ण भूमि का 40% (d) सम्पूर्ण भूमि का 33% सही उत्तर: (d) व्याख्या: पर्यावरणविदों तथा राष्ट्रीय वन नीति के अनुसार किसी देश में पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने के लिए कम–से–कम 33% वन क्षेत्र अनिवार्य होना चाहिए। यह अनुपात जल चक्र को संतुलित रखने, मिट्टी संरक्षण, जल–धारण क्षमता बढ़ाने, जैव विविधता की रक्षा करने और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। भारत में वर्तमान वन क्षेत्र लगभग 21–22% के आसपास है, जो अपेक्षित मानक 33% से कम है। वन आवरण बढ़ाने के लिए सामाजिक वानिकी, कृषि वानिकी, वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम और वन संरक्षण अधिनियम जैसी नीतियों को लागू किया गया है। पारिस्थितिक तंत्र का स्वास्थ्य सीधे वन क्षेत्र पर निर्भर करता है, इसलिए 33% वन आवरण को आदर्श माना जाता है। |
| 89. निम्नलिखित में से कौन वैकल्पिक ऊर्जा का सबसे बड़ा संग्रहगार है? (a) सौर ऊर्जा (b) ज्वारीय ऊर्जा (c) परमाणु ऊर्जा (d) भू-ऊष्मीय ऊर्जा सही उत्तर: (a) व्याख्या: सौर ऊर्जा पृथ्वी पर उपलब्ध सबसे बड़ा वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत है। सूर्य से प्रति सेकंड पृथ्वी पर आने वाली ऊर्जा की मात्रा इतनी अधिक है कि यह मानव की कुल ऊर्जा आवश्यकताओं से लाखों गुना अधिक है। सौर ऊर्जा नवीकरणीय, स्वच्छ और सर्वत्र उपलब्ध है, इसलिए इसे भविष्य का सबसे विश्वसनीय ऊर्जा स्रोत माना जाता है। सौर प्रकाश को ऊर्जा में परिवर्तित करने के लिए फोटोवोल्टिक सेल, सोलर पैनल और सोलर थर्मल तकनीकों का उपयोग किया जाता है। ज्वारीय, भू-ऊष्मीय और परमाणु ऊर्जा भी महत्वपूर्ण हैं, लेकिन उनकी उपलब्धता सीमित है। ज्वारीय ऊर्जा केवल तटीय क्षेत्रों में मिलती है, भू-ऊष्मीय ऊर्जा केवल कुछ विशिष्ट भू-तापीय क्षेत्रों में संभव है और परमाणु ऊर्जा व्यापक निवेश एवं सुरक्षा उपायों पर निर्भर करती है। इसके विपरीत सौर ऊर्जा अत्यधिक प्रचुर और आसानी से उपलब्ध है। |
| 90. 1857 के विद्रोह ने बिहार के कई नगरों को प्रभावित किया। बिहार के विभिन्न नगरों में विद्रोह के विस्फोट का सही क्रम निम्नलिखित में कौन प्रस्तुत करता है? (a) पटना, मुजफ्फरपुर, रोहिनी, जगदीशपुर (b) रोहिनी, पटना, मुजफ्फरपुर, जगदीशपुर (c) मुजफ्फरपुर, पटना, जगदीशपुर, रोहिनी (d) जगदीशपुर, पटना, रोहिनी, मुजफ्फरपुर सही उत्तर: (a) व्याख्या: 1857 का विद्रोह बिहार में क्रमिक रूप से विभिन्न नगरों में फैला। इसका सबसे पहला प्रमुख केंद्र पटना था, जहाँ मौलवी अहमदुल्लाह शाह और पीर अली जैसे स्वतंत्रता सेनानियों ने अंग्रेजी शासन के विरुद्ध विद्रोह का संचालन किया। इसके बाद मुजफ्फरपुर में विद्रोह की लहर पहुँची, जहाँ स्थानीय नेतृत्व ने आंदोलन को गति दी। तीसरा केंद्र रोहिनी बना, जहाँ ग्रामीण इलाकों में अंग्रेजी शासन के खिलाफ प्रतिरोध उभरा। सबसे अंत में विद्रोह की सर्वाधिक प्रभावशाली गतिविधि जगदीशपुर में देखी गई, जहाँ वीर कुँवर सिंह ने नेतृत्व संभाला और अंग्रेजों के विरुद्ध निर्णायक संघर्ष किया। यह क्रम 1857 के विद्रोह के बिहार में प्रसार के ऐतिहासिक क्रम से मेल खाता है। इसलिए दिए गए विकल्पों में सही क्रम “पटना, मुजफ्फरपुर, रोहिनी, जगदीशपुर” है। |
| 91. मानव बलि का निषेध करने के कारण अंग्रेजों के विरुद्ध विद्रोह करने वाली जनजाति का नाम बताइए (a) कूकी (b) खोंड (c) उरांव (d) नाइकदा सही उत्तर: (b) व्याख्या: खोंड जनजाति ओडिशा के पर्वतीय क्षेत्रों में निवास करती थी और इनकी पारंपरिक प्रथाओं में “मरिया प्रथा” के नाम से मानव बलि प्रमुख थी। जब ब्रिटिश सरकार ने 19वीं शताब्दी के मध्य में इस प्रथा को प्रतिबंधित किया, तो खोंड जनजाति ने इसे अपनी सांस्कृतिक स्वतंत्रता पर सीधा हस्तक्षेप माना। ब्रिटिश हस्तक्षेप और नई प्रशासनिक नीतियों के कारण खोंडों में असंतोष बढ़ा और उन्होंने अंग्रेजी शासन के विरुद्ध विद्रोह आरंभ किया। यह विद्रोह चक्र बिसोई और अन्य स्थानीय नेताओं के नेतृत्व में चला। ब्रिटिश अधिकारियों ने इसे दबाने का प्रयास किया, परंतु खोंड क्षेत्र की पहाड़ी भौगोलिक स्थिति के कारण इसे नियंत्रित करना कठिन था। यह विद्रोह भारतीय आदिवासी प्रतिरोध आंदोलनों के इतिहास में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। |
| 92. उस क्षेत्र की पहचान कीजिए जहां संथालों ने 1855–56 में अपनी सरकार की घोषणा कर दी थी (a) मुंगेर–भागलपुर (b) भागलपुर–राजमहल (c) गया–मुंगेर (d) शाहाबाद–गया सही उत्तर: (b) व्याख्या: संथाल विद्रोह (Santhal Rebellion) 1855–56 में भागलपुर–राजमहल क्षेत्र में प्रारंभ हुआ था। सिद्धू, कान्हू, चाँद और भैरव नामक संथाल नेताओं ने ब्रिटिश अत्याचार, महाजनी शोषण और राजस्व नीतियों के विरोध में खुला विद्रोह किया। संथालों ने “हूल” आंदोलन के रूप में अंग्रेजी सत्ता के खिलाफ संघर्ष छेड़ा और अपने क्षेत्र को स्वतंत्र घोषित कर “संथाल सरकार” की स्थापना की। यह विद्रोह ब्रिटिश शासन की आर्थिक नीतियों के विरुद्ध आदिवासी प्रतिरोध का एक बड़ा उदाहरण है। राजमहल की पहाड़ियों (डामिन-इ-कोह) में बसे संथाल समुदाय ने संगठित होकर ब्रिटिश प्रशासन और शोषक जमिंदारों का विरोध किया। ब्रिटिश सेना ने अत्यधिक बल प्रयोग से इस विद्रोह को दबाया, परंतु इस आंदोलन ने उपनिवेशवादी शासन के विरुद्ध आदिवासी संघर्ष की नई पहचान स्थापित की। |
| 93. 1830 के दशक में पटना नगर केन्द्र था (a) संन्यासी विद्रोह का (b) गोडखोरी विद्रोह का (c) मुण्डा विद्रोह का (d) वहाबी आन्दोलन का सही उत्तर: (d) व्याख्या: 1830 के दशक में पटना नगर वहाबी आन्दोलन (Wahabi Movement) का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र था। वहाबी आंदोलन मूलतः इस्लामी सुधारवादी विचारधारा पर आधारित था, जिसका उद्देश्य सामाजिक और धार्मिक पवित्रता की पुनर्स्थापना था। पटना में इसके प्रमुख नेता इनायत अली और विलायत अली थे, जिन्होंने यहां से उत्तर भारत में आंदोलन का विस्तार किया। पटना वहाबी केंद्र से धन, संसाधन और स्वयंसेवक उत्तर-पश्चिम सीमा क्षेत्र के सिताना भेजे जाते थे, जहां वहाबी विद्रोही अंग्रेजों के विरुद्ध प्रत्यक्ष संघर्ष कर रहे थे। 1830–40 के दशक में अंग्रेजों ने पटना के इस वहाबी नेटवर्क को कमजोर करने के लिए कई छापेमार कार्रवाई की। यह आंदोलन भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष के प्रारंभिक रूपों में से एक माना जाता है, क्योंकि इसका लक्ष्य विदेशी शासन के विरुद्ध एक सशक्त संगठन खड़ा करना था। |
| 94. 1866–67 के नील खेतिहरों के बिहार में हुए विद्रोह के क्षेत्र की पहचान कीजिए (a) मुजफ्फरपुर एवं छपरा (b) मधुबनी एवं बेगूसराय (c) दरभंगा एवं चम्पारण (d) चम्पारण सही उत्तर: (d) व्याख्या: 1866–67 का नील विद्रोह (Indigo Revolt) बिहार में नील की खेती से पीड़ित किसानों द्वारा किया गया महत्वपूर्ण आंदोलन था। बिहार में नील की खेती चम्पारण क्षेत्र में मजबूरन कराई जाती थी, जहाँ अंग्रेज नीलहों द्वारा किसानों पर अत्याचार किए जाते थे। नील की खेती से खेतों की उर्वरता घटती थी और किसानों को बेहद कम मुआवज़ा मिलता था। इसी शोषण के विरुद्ध 1866–67 में चम्पारण के किसानों ने विद्रोह किया जिसे “चम्पारण का नील विद्रोह” कहा गया। यह विद्रोह आगे चलकर 1917 के चम्पारण सत्याग्रह की पृष्ठभूमि बना, जिसमें गांधीजी ने किसानों के हितों की रक्षा की। इस प्रकार बिहार में नील विद्रोह का प्रमुख केंद्र चम्पारण ही था। |
| 95. बिहार कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी का गठन हुआ? (a) 1930 में (b) 1931 में (c) 1934 में (d) 1939 में सही उत्तर: (c) व्याख्या: बिहार कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी का गठन औपचारिक रूप से 1934 में हुआ। हालांकि 1931 में इसकी वैचारिक नींव रखी जा चुकी थी, परंतु 1934 में इसे एक संगठित स्वरूप मिला। इस संगठन की स्थापना बिहार में समाजवादी विचारधारा के प्रसार, किसान–मजदूर आंदोलनों को मजबूत करने और कांग्रेस के अंदर समाजवादी धड़े को सशक्त बनाने के उद्देश्य से की गई थी। इसके प्रमुख नेताओं में गंगाशरण सिंह, रामानंद मिश्र, तथा अन्य समाजवादी कार्यकर्ता शामिल थे। पार्टी ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान कई जनांदोलनों में सक्रिय भूमिका निभाई और मजदूरों, किसानों तथा वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए कार्य किया। यह संगठन बाद में कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी (CSP) की व्यापक अखिल भारतीय संरचना से भी जुड़ा। |
| 96. बिहार में पहली चीनी मिल स्थापित हुई (a) मरहौरा में (b) बेतिया में (c) मोतिहारी में (d) पटना में सही उत्तर: (c) व्याख्या: बिहार में पहली चीनी मिल मोतिहारी में स्थापित हुई थी, जो राज्य के औद्योगिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। बिहार में गन्ना उत्पादन हमेशा से प्रमुख कृषि गतिविधियों में रहा, और इसी कारण 19वीं–20वीं शताब्दी में चीनी उद्योग तेजी से विकसित हुआ। मोतिहारी की चीनी मिल ने न केवल स्थानीय किसानों को गन्ना बेचने का अवसर दिया, बल्कि रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया। इसके बाद बिहार के विभिन्न जिलों जैसे समस्तीपुर, गोपालगंज, बेतिया, सीतामढ़ी, सुपौल आदि में कई चीनी मिलें स्थापित हुईं। कुल मिलाकर वर्तमान बिहार में लगभग 28 चीनी मिलें हैं, जिनमें से कुछ बंद हो चुकी हैं और कुछ संचालन में हैं। मोतिहारी की पहली चीनी मिल राज्य के औद्योगिक विकास का महत्वपूर्ण प्रारंभिक केंद्र थी। |
| 97. देश में कच्चे तांबे के उत्पादन में बिहार का क्या स्थान है? (a) पहला (b) दूसरा (c) तीसरा (d) चौथा सही उत्तर: (a) व्याख्या: भारत में कच्चे तांबे के उत्पादन में बिहार (वर्तमान झारखंड क्षेत्र सहित) का स्थान प्रथम रहा है। इसका कारण यह है कि सिंहभूम (अब झारखंड में) देश के सबसे समृद्ध तांबा-खनिज क्षेत्रों में से एक है। सिंहभूम बेल्ट भारत की प्रमुख कॉपर बेल्ट कहलाती है, जहाँ से देश में सर्वाधिक तांबा अयस्क निकाला जाता था। बिहार के पुनर्गठन से पहले यह पूरा क्षेत्र बिहार का ही हिस्सा था, इसलिए तांबे के उत्पादन में बिहार का स्थान प्रथम माना जाता था। इस क्षेत्र में हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (HCL) की खदानें जैसे मुसाबनी, घाटशिला, चिरिया आदि स्थित थीं। तांबा विद्युत उपकरणों, मिश्रधातुओं, मशीनों, टेलीफोन तारों से लेकर अनेक औद्योगिक उपयोगों में अत्यंत महत्वपूर्ण धातु है। इस कारण तांबा खनन ने क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधि और औद्योगिक विकास को बढ़ावा दिया। |
| 98. बिहार का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल है (a) लगभग 170 लाख वर्ग किमी. (b) लगभग 172 लाख वर्ग किमी. (c) लगभग 174 लाख वर्ग किमी. (d) लगभग 178 लाख वर्ग किमी. सही उत्तर: (c) व्याख्या: बिहार का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल लगभग 1,74,000 वर्ग किलोमीटर (174 लाख वर्ग किमी) के आसपास माना जाता है। 2000 में झारखंड अलग होने के बाद बिहार का क्षेत्रफल काफी कम हो गया। पहले संयुक्त बिहार का क्षेत्रफल लगभग 1,73,877 वर्ग किमी था, जो वर्तमान बिहार के 38 जिलों में विभाजित है। यह क्षेत्रफल भारत के राज्यों में 12वें–13वें स्थान के आसपास आता है। क्षेत्रफल कम होने के बावजूद जनसंख्या अत्यधिक घनी है, जिसके कारण जनसंख्या घनत्व देश में सबसे अधिक है। बिहार की भूमि मुख्यतः उपजाऊ मैदानी क्षेत्र है जहाँ गंगा नदी और उसकी सहायक नदियाँ उपजाऊ मिट्टी प्रदान करती हैं। इस कारण कृषि प्रमुख आर्थिक गतिविधि बनी रहती है। राज्य का क्षेत्रफल प्रशासनिक, कृषि, सिंचाई और विकास योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण आधार प्रदान करता है। |
| 99. निम्नलिखित नदियों में कौन बिहार में गंगा से मिलती है? (a) 1, 2, 3 एवं 4 (b) 1, 2 एवं 4 (c) 1, 3 एवं 4 (d) 2 एवं 4 सही उत्तर: (a) व्याख्या: बिहार में गंगा नदी अपने मार्ग में कई महत्वपूर्ण सहायक नदियों को समेटती है। गंडक, घाघरा, सोन और पुनपुन—ये सभी बिहार में गंगा से मिलती हैं। गंडक नदी उत्तराखंड और नेपाल से निकलकर बिहार में प्रवेश करती है और पटना के निकट गंगा से मिलती है। घाघरा नदी, जिसे सरयू भी कहा जाता है, उत्तर प्रदेश से बहते हुए बिहार की सीमा के पास गंगा में विलीन होती है। सोन नदी मध्य भारत से निकलकर पटना के समीप गंगा में मिलती है। पुनपुन नदी बिहार की ही एक स्थानीय नदी है, जो पटना के दक्षिण से बहती हुई गंगा में मिलती है। इन चारों नदियों का संगम बिहार की भू-आकृति, कृषि, सिंचाई तथा बसावट के पैटर्न को अत्यधिक प्रभावित करता है। इसलिए सही उत्तर वे सभी नदियाँ हैं — गंडक, सोन, घाघरा और पुनपुन। |
| 100. विश्व का सर्वोत्तम खनिज अभ्रक प्राप्त होता है (a) 1 एवं 2 (b) केवल 2 (c) 2 एवं 3 (d) 2 एवं 4 सही उत्तर: (b) व्याख्या: विश्व का सर्वोत्तम खनिज अभ्रक (Mica) भारत के झारखंड स्थित हजारीबाग क्षेत्र में पाया जाता है। अभ्रक एक महत्वपूर्ण खनिज है जिसका उपयोग विद्युत उपकरणों, इलेक्ट्रॉनिक मशीनों, पेंट, प्लास्टिक और सौंदर्य प्रसाधनों में किया जाता है। भारत लंबे समय तक विश्व का सबसे बड़ा अभ्रक उत्पादक देश रहा है। हजारीबाग में पाए जाने वाले अभ्रक की गुणवत्ता, पारदर्शिता और उसकी परतों की मजबूती इसे अन्य स्थानों की तुलना में श्रेष्ठ बनाती है। झरिया और धनबाद कोयले के लिए प्रसिद्ध हैं, अभ्रक के लिए नहीं। कुल्टी पश्चिम बंगाल में स्थित है और यह अभ्रक के लिए प्रमुख क्षेत्र नहीं है। इस प्रकार उच्च गुणवत्ता वाला सर्वश्रेष्ठ अभ्रक हजारीबाग क्षेत्र से प्राप्त होता है, इसलिए सही उत्तर “केवल 2” है। |
| 101. नीचे दो वक्तव्य दिए गए हैं, जिनमें एक कथन (A) और दूसरा कारण (R) है — कथन (A): दक्षिण बिहार उत्तरी बिहार की अपेक्षा अधिक विकसित है। कारण (R): दक्षिण बिहार में उद्योगों का विकास हुआ है। (a) कथन A और कारण R दोनों सही हैं तथा कथन A की सही व्याख्या कारण R नहीं करता है (b) कथन A और कारण R दोनों सही हैं परंतु कथन A की सही व्याख्या कारण R नहीं करता है (c) कथन A सत्य है परंतु कारण R असत्य है (d) कथन A असत्य है परंतु कारण R सत्य है सही उत्तर: (a) व्याख्या: दक्षिण बिहार (वर्तमान झारखंड क्षेत्र सहित) ऐतिहासिक रूप से उत्तरी बिहार की तुलना में अधिक औद्योगिक रूप से विकसित रहा है। इसका प्रमुख कारण यह है कि दक्षिणी क्षेत्र खनिज संपदाओं से समृद्ध है—जैसे लौह अयस्क, कोयला, अभ्रक, तांबा, बाक्साइट आदि। इन खनिजों के कारण यहाँ इस्पात, खनन, धातु उद्योग, ऊर्जा उत्पादन तथा भारी उद्योगों का विकास हुआ। उत्तरी बिहार मुख्यतः कृषि आधारित क्षेत्र है जो बाढ़, नदी जलोढ़ता और मानसून पर निर्भर है। अतः दोनों क्षेत्रों के विकास में ऐतिहासिक, भौगोलिक एवं आर्थिक अंतर स्पष्ट है। कथन A और कारण R दोनों सही हैं, परंतु कारण R अकेले दक्षिण बिहार के संपूर्ण विकास का पूर्ण स्पष्टीकरण नहीं है, क्योंकि शिक्षा, नगरीकरण, संसाधन वितरण, परिवहन आदि कारक भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए विकल्प 1 सही है। |
| 102. बिहार से लोकसभा में सांसदों की संख्या कितनी है? (a) 50 (b) 52 (c) 54 (d) उपर्युक्त में से कोई नहीं सही उत्तर: (d) व्याख्या: बिहार से लोकसभा में कुल 40 सांसद चुने जाते हैं। झारखंड के विभाजन (2000) के बाद बिहार की लोकसभा सीटों की संख्या 54 से घटकर 40 हो गई। भारत में लोकसभा सीटें जनगणना के आधार पर निर्धारित होती हैं, और 1971 के बाद 2026 तक सीटों का पुनर्विन्यास स्थगित किया गया है। बिहार पूर्वी भारत का सबसे अधिक जनसंख्या घनत्व वाला राज्य है, लेकिन क्षेत्रफल कम होने के कारण सीटों की संख्या सीमित है। बिहार के 40 लोकसभा क्षेत्र उत्तरी और दक्षिणी दोनों भागों में महत्वपूर्ण राजनीतिक संतुलन बनाते हैं। दिए गए विकल्पों में 40 का उल्लेख नहीं है, इसलिए सही उत्तर “उपर्युक्त में से कोई नहीं” है। |
| 103. बिहार की सिंचाई क्षमता लगभग कितनी है? (a) 89.20 लाख हेक्टेयर (b) 90.30 लाख हेक्टेयर (c) 91.64 लाख हेक्टेयर (d) 92.11 लाख हेक्टेयर सही उत्तर: (c) व्याख्या: बिहार की कुल सिंचाई क्षमता लगभग 91.64 लाख हेक्टेयर मानी जाती है। बिहार मुख्यतः कृषि आधारित राज्य है और यहाँ गंगा नदी तथा उसकी कई सहायक नदियाँ सिंचाई के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण हैं। राज्य में सिंचाई के प्रमुख स्रोत नहरें, नलकूप, तालाब, कुएँ तथा अन्य जल संरचनाएँ हैं। कुल सिंचित क्षेत्र में लगभग 42% हिस्सा नलकूपों द्वारा, 23% नहरों द्वारा और शेष तालाब, परंपरागत जल स्रोतों तथा अन्य साधनों द्वारा सिंचित होता है। सिंचाई क्षमता में वृद्धि किसानों की उत्पादन क्षमता, फसल विविधता और खाद्यान्न सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। हाल के वर्षों में बिहार सरकार ने सिंचाई योजनाओं, नहरों के जीर्णोद्धार और भूजल आधारित सिंचाई को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया है। |
| 104. बिहार की शस्य गहनता लगभग कितनी है? (a) 1.08 (b) 1.18 (c) 1.28 (d) 1.38 सही उत्तर: (d) व्याख्या: बिहार की शस्य गहनता लगभग 138% है, जो इंगित करती है कि राज्य में भूमि का उपयोग अत्यधिक तीव्रता से होता है। शस्य गहनता का अर्थ है कि एक वर्ष में एक ही खेत पर कितनी बार फसल उगाई जाती है। 100% का मतलब एक बार फसल, और 138% से स्पष्ट है कि बिहार में अधिकांश भूमि पर वर्ष में एक से अधिक फसलें उगाई जाती हैं। इसका प्रमुख कारण राज्य की उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी, गंगा के मैदानों में पर्याप्त नमी, तथा बढ़ती जनसंख्या के कारण कृषि पर निर्भरता है। यद्यपि उच्च शस्य गहनता आर्थिक दृष्टि से सहायक है, परंतु यह भूमि के अधिक दोहन, भू-उर्वरता में कमी, भूजल दोहन और रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग का कारण भी बनती है। बिहार में सिंचाई के सीमित साधनों और मानसून पर निर्भरता के बावजूद खेती में गहनता अपेक्षाकृत अधिक है, जो इसे कृषि प्रधान राज्य के रूप में दर्शाती है। |
| 105. बिहार में कृषि का स्वरूप क्या है? (a) केवल 1 (b) 2 एवं 3 (c) केवल 2 (d) केवल 4 सही उत्तर: (a) व्याख्या: बिहार में कृषि का स्वरूप जीवनदायी (Subsistence Farming) है। इसका अर्थ है कि कृषि मुख्यतः आजीविका चलाने के लिए की जाती है, न कि बड़े पैमाने पर व्यावसायिक खेती के रूप में। राज्य में अधिकांश किसान छोटे और सीमांत हैं, जिनके पास औसतन 1 हेक्टेयर से भी कम भूमि होती है। ऐसी स्थिति में किसान अपनी जरूरत के अनुसार धान, गेहूँ, मक्का, दालें और सब्जियों की खेती करते हैं। कृषि का व्यावसायिक या निर्यात-उन्मुख रूप बिहार में सीमित है, क्योंकि सिंचाई सुविधाएँ, भंडारण, कृषि तकनीक, और बाजार तक पहुँच अभी भी विकसित हो रही है। जीवनदायी कृषि प्रणाली में उत्पादन परिवार की खपत पर आधारित रहता है और बाजार में बेचने योग्य अधिशेष कम निकलता है। इसलिए दिए गए विकल्पों में “केवल 1” सही है। |
| 106. हाल में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन का आयोजन स्थल नोवा स्कोशिया, स्थित (a) स्वीडन में (b) फ्रांस में (c) स्विट्ज़रलैण्ड में (d) कनाडा में सही उत्तर: (d) व्याख्या: नोवा स्कोशिया कनाडा का एक प्रांत है और अटलांटिक तट पर स्थित है। यहाँ जी-7 शिखर सम्मेलन का आयोजन इसी कारण विशेष महत्व रखता है, क्योंकि कनाडा जी-7 देशों में से एक है और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक एवं सामरिक नीतियों में इसकी सक्रिय भूमिका रही है। जी-7 समूह दुनिया की सात प्रमुख औद्योगिक अर्थव्यवस्थाओं—अमेरिका, कनाडा, जापान, जर्मनी, फ्रांस, ब्रिटेन और इटली—का संगठन है। वैश्विक आर्थिक स्थिरता, व्यापार, पर्यावरण, ऊर्जा, और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर निर्णय लेने के लिए यह मंच महत्वपूर्ण है। नोवा स्कोशिया का चयन इसलिए भी उल्लेखनीय है कि यह कनाडा का राजनीतिक रूप से शांत और रणनीतिक दृष्टि से सुरक्षित क्षेत्र है, जहाँ उच्च-स्तरीय अंतरराष्ट्रीय बैठकों के आयोजन के लिए उपयुक्त सुविधाएँ उपलब्ध हैं। |
| 107. निम्नलिखित देशों में से किसके साथ भारत ने निवेश संरक्षण एवं प्रोत्साहन हेतु द्विपक्षीय संधि की है? (a) जर्मनी (b) फ्रांस (c) जापान (d) इटली सही उत्तर: (a) व्याख्या: भारत ने जर्मनी के साथ निवेश संरक्षण और प्रोत्साहन के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय संधि पर हस्ताक्षर किए थे। ऐसी संधियों का उद्देश्य दोनों देशों के निवेशकों को सुरक्षा प्रदान करना, उनके पूंजी निवेश को कानूनी संरक्षण देना तथा व्यापारिक वातावरण में स्थिरता सुनिश्चित करना होता है। भारत और जर्मनी के बीच आर्थिक सहयोग लंबे समय से चल रहा है, जिसमें औद्योगिक तकनीक, इंजीनियरिंग, ऊर्जा, विनिर्माण और वैज्ञानिक शोध प्रमुख क्षेत्र हैं। संधि से दोनों देशों के निवेशकों को कर, विनियमन, व्यापारिक विवादों के समाधान और दीर्घकालिक आर्थिक साझेदारी में लाभ मिलता है। जर्मनी यूरोप की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और भारत के लिए एक प्रमुख तकनीकी साझेदार है। |
| 108. समस्त विश्व में चीतों की सर्वाधिक आबादी भारत में है। इसकी अनुमानित संख्या है (a) 6000 (b) 16000 (c) 60000 (d) 10000 सही उत्तर: (a) व्याख्या: उस समय उपलब्ध आँकड़ों के अनुसार भारत में चीतों (Leopards) की अनुमानित संख्या लगभग 6,000 मानी जाती थी। ध्यान रहे कि यहाँ “चीतों” से आशय सामान्यत: भारतीय तेंदुए (Indian Leopard) से है, न कि अफ्रीकी चीता (Cheetah) से। भारत में तेंदुए वन्यजीव संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण प्रजाति हैं और देशभर के जंगलों में इनकी उपस्थिति व्यापक है। 1990 के दशक में इनकी आबादी 5,000–7,000 के आसपास आंकी गई थी। वनों के कटाव, मानव-वन्यजीव संघर्ष, और अवैध शिकार के कारण इनकी संख्या कई क्षेत्रों में प्रभावित हुई। इसके बावजूद भारत में विश्व की सबसे बड़े तेंदुआ आबादियों में से एक पाई जाती है। |
| 109. विश्व मुक्केबाजी संगठन की हैवीवेट श्रेणी का वर्तमान विजेता है (a) ब्रेट हार्ट (b) शौन माइकल्स (c) रिडिक बोव (d) जार्ज लुइस गोंज़ालेस सही उत्तर: (c) व्याख्या: रिडिक बोव 1990 के दशक में विश्व मुक्केबाजी संगठन (WBO) के हैवीवेट चैम्पियन के रूप में अत्यंत प्रसिद्ध थे। वे अमेरिकी मुक्केबाज थे और “Big Daddy” नाम से भी जाने जाते थे। रिडिक बोव अपनी शक्तिशाली पंच, ठोस रणनीति और आक्रामक शैली के लिए प्रसिद्ध थे। उन्होंने कई विश्वस्तरीय मुक्केबाजों को हराया और WBO, WBA और IBF जैसी संस्थाओं में हैवीवेट वर्ग में खिताब जीते। 1990 के दशक के मध्य तक वे विश्व मुक्केबाजी के सबसे प्रमुख नामों में से एक थे। |
| 110. निम्नलिखित राज्यों में से किसने मोटे चावल का दाम घटाकर 2 रुपए प्रति किग्रा कर दिया है? (a) केरल (b) आंध्र प्रदेश (c) तमिलनाडु (d) जम्मू-कश्मीर सही उत्तर: (b) व्याख्या: आंध्र प्रदेश सरकार ने गरीब परिवारों को राहत देने के उद्देश्य से मोटे चावल का मूल्य घटाकर 2 रुपये प्रति किलोग्राम कर दिया था। यह निर्णय जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत लिया गया, जिससे राज्य के निम्न आय वर्ग के लोगों को खाद्यान्न सुलभ मूल्य पर उपलब्ध कराया जा सके। दक्षिण भारतीय राज्यों में खाद्यान्न सब्सिडी की नीति लंबे समय से प्रचलित है, जहाँ सरकारें सामाजिक सुरक्षा मजबूत करने के लिए सस्ती दरों पर अनाज उपलब्ध कराती हैं। आंध्र प्रदेश की इस योजना का उद्देश्य खाद्य सुरक्षा बढ़ाना, गरीबी कम करना और कमजोर वर्गों की जीवन-यापन लागत को कम करना था। |
| 111. शोको असाहारा अभी (1995 में) समाचारों में चर्चित रहे हैं क्योंकि (a) संयुक्त राष्ट्र में जापान के प्रतिनिधि (b) जापानी वाणिज्य मंडल के अध्यक्ष (c) वे जापान के एक धार्मिक समुदाय से संबद्ध हैं जिस पर आतंकवादी गतिविधियों का आरोप है (d) उन्होंने G-7 शिखर सम्मेलन में जापान का प्रतिनिधित्व किया सही उत्तर: (c) व्याख्या: शोको असाहारा 1995 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसलिए अत्यधिक चर्चित रहे क्योंकि वे Aum Shinrikyo नामक एक विवादित धार्मिक संगठन के प्रमुख थे, जिस पर टोक्यो मेट्रो में सरिन गैस हमला करने का आरोप था। यह हमला आधुनिक इतिहास की सबसे खतरनाक आतंकी घटनाओं में से एक माना जाता है। इसमें अनेक लोग घायल हुए और जापान सहित पूरी दुनिया में आतंकवाद और धार्मिक उग्रवाद के प्रति चिंता बढ़ी। शोको असाहारा और उनका संगठन लंबे समय से हथियारों और रासायनिक एजेंटों का अवैध संग्रह कर रहा था, जिसके सबूत हमले के बाद सामने आए। इस घटना से जापान की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था, धार्मिक उग्रवाद और कानूनी सुधारों पर व्यापक चर्चा शुरू हुई। |
| 112. विश्व बैंक के अध्यक्ष कौन हैं? (a) लेविस टी. प्रेस्टन (b) रेनाटो रूगियेरो (c) एंड्यू यंग (d) अर्नेस्ट स्टर्न सही उत्तर: (a) व्याख्या: 1995 में विश्व बैंक के अध्यक्ष Lewis T. Preston थे। उन्होंने 1991 से 1995 तक विश्व बैंक का नेतृत्व किया। उनके नेतृत्व में विश्व बैंक ने विकासशील देशों में गरीबी उन्मूलन, संरचनात्मक सुधार, स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढाँचा विकास पर विशेष ध्यान दिया। प्रेस्टन के कार्यकाल में वैश्विक वित्तीय ढाँचे में कई परिवर्तन हुए और विश्व बैंक ने व्यावहारिक आर्थिक नीतियों तथा ऋण-सहायता योजनाओं को और विस्तारित किया। |
| 113. भारतीय महिला क्रिकेट दल ने तीन राष्ट्रों की प्रतियोगिता जीती, जिसका आयोजन हुआ था (a) इंग्लैंड में (b) न्यूज़ीलैंड में (c) ऑस्ट्रेलिया में (d) श्रीलंका में सही उत्तर: (b) व्याख्या: भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने न्यूज़ीलैंड में आयोजित तीन-राष्ट्रों की त्रिकोणीय प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब जीता था। इस श्रृंखला में भारत ने निरंतर प्रदर्शन, प्रभावी गेंदबाज़ी और स्थिर बल्लेबाज़ी के बल पर जीत दर्ज की। उस समय भारतीय महिला क्रिकेट टीम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत कर रही थी, और न्यूज़ीलैंड जैसे क्रिकेट-प्रधान देश में जीत हासिल करना टीम की क्षमता और अनुशासन का प्रतीक था। यह जीत भारतीय महिला क्रिकेट के विकास में महत्वपूर्ण मील का पत्थर बनी। |
| 114. 1995 में फिल्म फेयर पुरस्कारों में सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री का पुरस्कार किसे प्राप्त हुआ? (a) माधुरी दीक्षित (b) डिम्पल कपाड़िया (c) फरीदा जलाल (d) उपर्युक्त में से कोई नहीं सही उत्तर: (b) व्याख्या: 1995 में फिल्मफेयर पुरस्कारों में सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री का पुरस्कार डिम्पल कपाड़िया को प्रदान किया गया। यह पुरस्कार उन्हें फिल्म Krantiveer में उनकी सशक्त सहायता भूमिका के लिए मिला। डिम्पल कपाड़िया भारतीय सिनेमा की उन अभिनेत्रियों में से हैं जिन्होंने अपनी बहुमुखी प्रतिभा और प्रभावशाली अभिनय से हिंदी फिल्मों में खास स्थान बनाया है। ‘क्रांतिवीर’ में उन्होंने एक सामाजिक कार्यकर्ता की भूमिका निभाई, जिसने सामाजिक अन्याय और भ्रष्टाचार के विरुद्ध आवाज़ उठाई। उनकी दमदार संवाद अदायगी और प्रभावशाली अभिनय ने दर्शकों और समीक्षकों दोनों का ध्यान आकर्षित किया, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें यह प्रतिष्ठित पुरस्कार मिला। |
| 115. मोहाजिर कौमी आंदोलन क्या है? (a) करांची में आधारित एक आतंकवादी संगठन (b) पाकिस्तान में बसे उत्प्रवासी मुसलमानों का एक राजनीतिक दल (c) करांची में सुन्नी मुसलमानों का एक गुप्त समाज (d) उपर्युक्त में से कोई नहीं सही उत्तर: (b) व्याख्या: मोहाजिर कौमी आंदोलन पाकिस्तान में बसे उन मुसलमानों का राजनीतिक दल है जो 1947 के विभाजन के समय भारत से पाकिस्तान गए थे। इन्हें “मोहाजिर” कहा गया। कराची, हैदराबाद और सिंध के शहरी क्षेत्रों में इनकी आबादी अधिक थी, जहाँ रोजगार, शिक्षा और राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जुड़े मुद्दों पर असंतोष बढ़ा। इसी पृष्ठभूमि में मोहाजिरों के हितों की रक्षा के लिए MQM (Mohajir Qaumi Movement) का गठन हुआ। इसके संस्थापक अल्ताफ हुसैन थे, जिन्होंने मोहाजिरों की पहचान, सामाजिक सुरक्षा और राजनीतिक अधिकारों को लेकर आंदोलन चलाया। बाद में यह संगठन कराची की प्रमुख राजनीतिक शक्ति बना। हालांकि MQM पर हिंसा और राजनीतिक संघर्षों से जुड़े कई आरोप लगे, लेकिन इसकी मूल अवधारणा उत्प्रवासी मुसलमानों के अधिकारों की रक्षा थी। |
| 116. तेल निर्यातक देशों के संगठन (OPEC) के वर्तमान अध्यक्ष कौन हैं? (a) आर्बिन जोजे एरिएटा (b) पीटर गिगनाड (c) इदा बागस सजाना (d) डैन एतेत सही उत्तर: (a) व्याख्या: 1995 के संदर्भ में तेल निर्यातक देशों के संगठन OPEC के अध्यक्ष Armin Jose Arrieta थे। OPEC विश्व ऊर्जा बाजार में सबसे प्रभावशाली संगठनों में से एक है, जो तेल उत्पादन और कीमतों को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सदस्य देशों में मध्य-पूर्व, अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका के प्रमुख तेल उत्पादक देश शामिल हैं। अध्यक्ष का कार्य संगठन के निर्णयों का समन्वय करना, सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ाना और वैश्विक तेल नीति से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर नेतृत्व करना होता है। 1990 के दशक में विश्व तेल बाजार राजनीतिक अस्थिरता और आपूर्ति–मांग के उतार-चढ़ाव से प्रभावित था, जिसके कारण OPEC के नेतृत्व की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई थी। |
| 117. विवादग्रस्त एनरॉन परियोजना कहाँ स्थित होगी? (a) मुंबई (b) दाभोल (c) अमरावती (d) नानुदेद्ध सही उत्तर: (b) व्याख्या: एनरॉन परियोजना भारत की सबसे विवादास्पद ऊर्जा परियोजनाओं में से एक थी। यह महाराष्ट्र के दाभोल क्षेत्र में स्थापित की जानी थी। परियोजना का उद्देश्य गैस आधारित बिजली उत्पादन करना था, परंतु इसकी लागत, बिजली दरें, अनुबंध शर्तें और विदेशी कंपनी एनरॉन की भूमिका को लेकर बड़े पैमाने पर विवाद हुआ। इसे “दाभोल पावर प्रोजेक्ट” नाम से जाना गया। 1990 के दशक में इस परियोजना ने भारतीय ऊर्जा क्षेत्र, विदेशी निवेश नीति और सार्वजनिक–निजी साझेदारी पर व्यापक बहस को जन्म दिया। बाद में एनरॉन कंपनी पर अंतरराष्ट्रीय घोटाले के आरोप भी लगे, जिसने इस परियोजना को और विवादास्पद बना दिया। दाभोल परियोजना भारत के आर्थिक सुधारों और ऊर्जा नीति के इतिहास में एक महत्वपूर्ण केस स्टडी मानी जाती है। |
| 118. प्रतिवर्ष 5 लाख भारतीय एक रोग से मरते हैं, इसकी पहचान कीजिए (a) इन्सेफेलाइटिस (b) एड्स (c) कैंसर (d) क्षय रोग सही उत्तर: (d) व्याख्या: भारत में प्रतिवर्ष लगभग 5 लाख लोग क्षय रोग (Tuberculosis) से मृत्यु को प्राप्त होते थे। टीबी भारत में लंबे समय से एक गंभीर जनस्वास्थ्य समस्या रही है, क्योंकि यह बैक्टीरिया Mycobacterium tuberculosis के कारण फैलता है और भीड़भाड़, कुपोषण, गरीबी तथा कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले क्षेत्रों में तेजी से फैलता है। 1990 के दशक में भारत में टीबी की पहचान, उपचार और रोकथाम के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं थे, जिससे मृत्यु दर अधिक थी। बाद में भारत सरकार ने Revised National TB Control Programme (RNTCP) प्रारंभ किया, जिसमें DOTS (Directly Observed Treatment Short-course) उपचार अपनाया गया। यह रोग फेफड़ों को सबसे अधिक प्रभावित करता है और सही समय पर इलाज न होने पर घातक सिद्ध होता है। इसलिए दिए गए विकल्पों में सही उत्तर क्षय रोग है। |
| 119. निम्नलिखित देशों में से मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का दोषी ठहराया गया है? (a) ईरान को (b) पाकिस्तान को (c) तुर्की को (d) उपर्युक्त सभी को सही उत्तर: (d) व्याख्या: 1990 के दशक में अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों—एमनेस्टी इंटरनेशनल और ह्यूमन राइट्स वॉच—ने जिन देशों में गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन की रिपोर्ट की, उनमें ईरान, पाकिस्तान और तुर्की प्रमुख रहे। ईरान में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, महिला अधिकारों और राजनीतिक कैदियों से जुड़े मुद्दे अंतरराष्ट्रीय चिंता का विषय थे। पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के अधिकार, न्यायिक स्वतंत्रता, तथा धार्मिक और राजनीतिक असहिष्णुता संबंधित मामलों में उल्लंघन दर्ज किए गए। तुर्की में कुर्द समुदाय से जुड़े संघर्ष, हिरासत में हिंसा और प्रेस स्वतंत्रता के दमन को गंभीर उल्लंघन माना गया। इसलिए तीनों देशों पर मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप लगे थे, और यही कारण है कि सही उत्तर “उपर्युक्त सभी” है। |
| 120. निम्नलिखित देशों में किसने यूरोपीय समुदाय की एकल मुद्रा के प्रस्ताव का सबसे सशक्त विरोध किया है? (a) जर्मनी (b) इंग्लैण्ड (c) फ्रांस (d) इटली सही उत्तर: (b) व्याख्या: यूरोपीय समुदाय की एकल मुद्रा यूरो के गठन का सबसे मजबूत विरोध इंग्लैंड (United Kingdom) ने किया। यूनाइटेड किंगडम की आर्थिक और राजनीतिक नीति हमेशा से स्वाधीन मुद्रा नीति पर आधारित रही है, और बैंक ऑफ़ इंग्लैंड की स्वतंत्रता को वह अपनी राष्ट्रीय आर्थिक सुरक्षा से जोड़कर देखता था। 1990 के दशक में UK ने यूरोप की मौद्रिक एकता (Monetary Union) पर गंभीर आपत्तियाँ उठाईं, जिसमें विनिमय दर की स्थिरता, राष्ट्रीय आर्थिक नियंत्रण और वित्तीय संप्रभुता मुख्य तर्क थे। इसी कारण UK यूरो में शामिल नहीं हुआ और अपनी मुद्रा “पाउंड स्टर्लिंग” को जारी रखा। |
| 121. उत्तर प्रदेश के राज्यपाल ने विधानसभा के सत्र के आयोजन के लिए इसके अध्यक्ष को निर्देश दिया। ऐसा करने में वे जिन अधिकारों का उपयोग करते हैं वे निहित हैं— (a) अनुच्छेद 172 (b) अनुच्छेद 175 (c) अनुच्छेद 175(B) (d) अनुच्छेद 176 सही उत्तर: (b) व्याख्या: भारतीय संविधान का अनुच्छेद 175 राज्यपाल को विधानसभा को संदेश भेजने तथा उससे संबोधित होने की शक्ति देता है। 1990 के दशक के संदर्भ में, राज्यपाल जब विधानसभा के सत्र बुलाने या उसकी कार्यवाही से संबंधित निर्देश प्रदान करते थे, तो यह अधिकार वे अनुच्छेद 175 के अंतर्गत प्रयोग करते थे। अनुच्छेद 172 कार्यकाल से संबंधित है, अनुच्छेद 176 राज्यपाल के विशेष अभिभाषण से जुड़ा है, और 175(B) कोई संवैधानिक अनुच्छेद नहीं है। इसलिए अध्यक्ष को सत्र बुलाने संबंधी निर्देश देने का प्रावधान अनुच्छेद 175 के अंतर्गत माना गया है। |
| 122. हाल में (1995) आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता किसने की? (a) जीन श्रेतयां (b) बिल क्लिंटन (c) जॉन मेजर (d) जैक्स शिराक सही उत्तर: (a) व्याख्या: 1995 के जी-7 शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता कनाडा के प्रधानमंत्री जीन श्रेतयां (Jean Chrétien) ने की। G-7 दुनिया की सात प्रमुख औद्योगिक अर्थव्यवस्थाओं का समूह है, और इसकी अध्यक्षता उस वर्ष की मेज़बान राष्ट्र के प्रमुख द्वारा की जाती है। 1995 का शिखर सम्मेलन कनाडा में आयोजित हुआ था, इसलिए जीन श्रेतयां ने इसकी अध्यक्षता की। इस सम्मेलन में वैश्विक आर्थिक स्थिरता, व्यापार संतुलन, पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा, और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर महत्त्वपूर्ण चर्चाएँ हुईं। |
| 123. 1995 के कॉन फिल्मोत्सव के न्यायिक मंडल के अध्यक्ष कौन थे? (a) क्लिंट ईस्टवुड (b) कैथरीन देनेव्यू (c) ज्यां मोरो (d) शैरन स्टोन सही उत्तर: (c) व्याख्या: 1995 के Cannes Film Festival में जूरी की अध्यक्षता प्रसिद्ध फ्रांसीसी अभिनेत्री ज्यां मोरो (Jeanne Moreau) ने की थी। वे यूरोपीय सिनेमा की सबसे प्रभावशाली अभिनेत्रियों में से एक थीं और फ्रांस के ‘New Wave Cinema’ का महत्वपूर्ण चेहरा रहीं। 1995 का वर्ष Cannes Film Festival के इतिहास में विशेष था, क्योंकि उस समय विश्व सिनेमा तेजी से नए प्रयोगों और अंतरराष्ट्रीय सहयोगों की ओर बढ़ रहा था। जूरी अध्यक्ष के रूप में ज्यां मोरो की नियुक्ति इसलिए भी महत्वपूर्ण थी क्योंकि वे न केवल एक विश्वस्तरीय अभिनेत्री थीं, बल्कि एक निर्देशक और सांस्कृतिक प्रतीक भी थीं। उन्होंने विभिन्न देशों की फ़िल्मों का निष्पक्ष और कलात्मक मूल्यांकन करते हुए उत्सव को सफलतापूर्वक नेतृत्व दिया। |
| 124. भारतीय समुद्रशास्त्रियों ने अरब सागर में मुंबई से दक्षिण-पश्चिम 455 किमी दूर 1505 मीटर ऊँचे नए पर्वत की खोज की है। इसका नाम रखा गया है? (a) कैलाश II (b) रमन सागर पर्वत (c) सागर कन्या सागर पर्वत (d) मुम्बई पर्वत सही उत्तर: (c) व्याख्या: भारतीय समुद्रशास्त्रियों ने अरब सागर में एक जलमग्न पर्वत की खोज की, जो समुद्र तल से लगभग 1505 मीटर ऊँचा है। इस पर्वत का नाम “सागर कन्या सागर पर्वत” रखा गया। “सागर कन्या” भारत के प्रमुख समुद्री अनुसंधान पोत का नाम है, जिसने इस पर्वत की खोज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह खोज भारत के समुद्र विज्ञान अनुसंधान में एक बड़ा कदम माना गया, क्योंकि समुद्री भू-आकृति, ज्वालामुखीय गतिविधि, जैव-विविधता, समुद्री धाराओं और खनिज संसाधनों के अध्ययन में ऐसी खोजें अत्यंत उपयोगी होती हैं। इस पर्वत का स्थान मुंबई से दक्षिण-पश्चिम दिशा में लगभग 455 किमी की दूरी पर है। यह खोज भारत की समुद्री वैज्ञानिक क्षमताओं और अनुसंधान तकनीक की उन्नति का प्रमाण है। |
| 125. विगत वर्षों में भारत की केन्द्र सरकार का सर्वाधिक व्यय किस क्षेत्र में हुआ है? (a) सुरक्षा (b) विकास (c) प्रशासन (d) सहायतार्थ अनुदान सही उत्तर: (a) व्याख्या: भारत की केंद्र सरकार का सबसे बड़ा व्यय सुरक्षा (Defence) क्षेत्र में होता रहा है। 1990 के दशक में यह व्यय और भी महत्वपूर्ण हो गया था, क्योंकि उस समय देश की आंतरिक व बाहरी सुरक्षा परिस्थितियाँ संवेदनशील थीं—जैसे कश्मीर की स्थिति, सीमाई तनाव, हथियार आधुनिकीकरण, और सैन्य संरचना को मजबूत करने की आवश्यकता। रक्षा बजट में सेना, वायुसेना, नौसेना, सीमा सुरक्षा, हथियार खरीद, आधुनिक उपकरण, सैन्य पेंशन और अनुसंधान शामिल होते हैं। यह हिस्सा भारत के कुल केंद्रीय व्यय का सबसे बड़ा अंश बनता है। विकास, प्रशासन तथा अनुदान पर भी खर्च होता है, लेकिन रक्षा व्यय उनकी तुलना में अधिक रहा है। इसलिए सही उत्तर सुरक्षा है। |
| 126. निम्नलिखित देशों में से कौन अमेरिकी शस्त्रों का सबसे बड़ा खरीददार है? (a) इजरायल (b) सऊदी अरब (c) ताइवान (d) पाकिस्तान सही उत्तर: (b) व्याख्या: 1990 के दशक में अमेरिकी रक्षा निर्यात का सबसे बड़ा खरीदार सऊदी अरब था। मध्य-पूर्व क्षेत्र में सुरक्षा चुनौतियों, खाड़ी युद्ध के बाद सैन्य आधुनिकीकरण, और अमेरिका–सऊदी सामरिक संबंधों के कारण सऊदी अरब ने भारी मात्रा में हथियार, मिसाइल प्रणाली, फाइटर जेट, रडार और रक्षा उपकरण खरीदे। संयुक्त राज्य अमेरिका सऊदी अरब को अपना प्रमुख सामरिक साझेदार मानता रहा है, इसलिए दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग बहुत गहरा है। इजरायल और ताइवान भी अमेरिकी हथियार खरीदते हैं, लेकिन उनकी मात्रा सऊदी अरब की तुलना में कम है। पाकिस्तान ने भी हथियार खरीदे, परंतु 1990 के दशक में प्रतिबंधों और राजनीतिक कारणों से खरीद सीमित रही। |
| 127. दक्षिण अफ्रीका की नई संसद में राष्ट्रीय सभा और सीनेट की क्रमशः शक्ति क्या है? (a) 400 : 80 (b) 410 : 90 (c) 420 : 100 (d) 400 : 90 सही उत्तर: (a) व्याख्या: 1994 के बाद, दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद समाप्त होने पर नई लोकतांत्रिक संसद का गठन किया गया, जिसमें दो सदन थे—National Assembly (400 सदस्य) और Senate (80 सदस्य)। नेल्सन मंडेला के नेतृत्व में गठित नई संसद दक्षिण अफ्रीका के इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण संवैधानिक परिवर्तन थी। राष्ट्रीय सभा देश की प्रमुख विधायी संस्था है, जहाँ अधिकांश विधायी निर्णय लिए जाते हैं। वहीं सीनेट (बाद में National Council of Provinces) राज्यों/प्रांतों का प्रतिनिधित्व करता था। यह संरचना दक्षिण अफ्रीका में लोकतंत्र, समान प्रतिनिधित्व और प्रांतों की भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बनाई गई थी। इसलिए सही उत्तर “400 : 80” है। |
| 128. ‘ट्रायम्फ ऑफ द स्पिरिट’ नामक रचना संबंधी कौन-सा कथन सत्य है? (a) इसकी रचयिता रोमी देवी हैं (b) इसमें कपिल देव के खेल जीवन का विवरण है (c) इसका औपचारिक विमोचन M.F. हुसैन ने किया (d) उपर्युक्त सभी सही उत्तर: (d) व्याख्या: Triumph of the Spirit एक ऐसी रचना है जिसमें भारतीय क्रिकेट टीम के प्रसिद्ध खिलाड़ी कपिल देव के खेल जीवन, संघर्ष, उपलब्धियों और व्यक्तित्व का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया है। इस पुस्तक की लेखिका रोमी देवी हैं, जिन्होंने कपिल देव के जीवन को प्रेरणादायक शैली में सामने रखा। पुस्तक का विमोचन प्रसिद्ध चित्रकार M.F. Husain द्वारा किया गया था, जो इसे और अधिक चर्चा में लाने का कारण बना। कपिल देव भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल ऑलराउंडरों में से एक रहे, जिन्होंने 1983 में भारत को पहला क्रिकेट विश्व कप दिलाया। यह पुस्तक उनके जीवन की गाथा को खेल प्रशंसकों और पाठकों के लिए आकर्षक रूप में प्रस्तुत करती है। इसलिए सभी कथन सही हैं। |
| 129. किसने हाल में (1995) महिला टेनिस खिलाड़ियों के बीच प्रथम स्थान पुनः प्राप्त किया है? (a) मोनिका सेलेस (b) स्टेफी ग्राफ (c) अरांचा सांचेज विकारियो (d) उपर्युक्त में से कोई नहीं सही उत्तर: (b) व्याख्या: 1995 में अंतरराष्ट्रीय महिला टेनिस रैंकिंग में स्टेफी ग्राफ ने पुनः विश्व नंबर 1 स्थान प्राप्त किया था। ग्राफ 1990 के दशक की सबसे सफल महिला खिलाड़ी थीं, जिन्होंने अपनी शक्तिशाली फोरहैंड, तेज गति और लगातार प्रदर्शन के कारण दुनिया भर में वर्चस्व बनाए रखा। उस समय मोनिका सेलेस पर हुए हमले के बाद उनकी अनुपस्थिति के कारण रैंकिंग में परिवर्तन आए, और ग्राफ ने पुनः शीर्ष स्थान हासिल किया। उस वर्ष ग्राफ ने कई ग्रैंड स्लैम खिताब जीते और अपने खेल कौशल तथा फिटनेस के कारण शीर्ष रैंकिंग पर लौटने में सफल रहीं। |
| 130. ब्रायन लारा ने विश्व क्रिकेट में जिन दो खिलाड़ियों के कीर्तिमानों को पार किया, वे कौन थे? (a) गारफील्ड सोबर्स एवं क्लाइव लॉयड (b) डोनाल्ड ब्रेडमैन एवं लेन हटन (c) सुनील गावस्कर एवं एलन बार्डर (d) गारफील्ड सोबर्स एवं हनीफ मोहम्मद सही उत्तर: (d) व्याख्या: ब्रायन लारा ने 1994 में क्रिकेट इतिहास की दो महान उपलब्धियों को तोड़कर विश्वभर में विशेष ख्याति प्राप्त की। उन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में हनीफ मोहम्मद का 499 रन का विश्व रिकॉर्ड तोड़ते हुए 501 नाबाद रन बनाए। यह रिकॉर्ड आज भी किसी भी स्तर पर प्रथम श्रेणी क्रिकेट का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर है। इसी वर्ष टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने गारफील्ड सोबर्स का 365 रन का विश्व रिकॉर्ड पार करते हुए 375 रन बनाए। लारा की बल्लेबाजी शैली, तकनीक और आक्रामकता ने उन्हें विश्व क्रिकेट में एक अनोखी पहचान दी। इन उपलब्धियों ने उन्हें उस समय के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में स्थापित किया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी लोकप्रियता को अत्यधिक बढ़ाया। |
| 131. वर्ष 1994 में सर्वश्रेष्ठ चलचित्र का ऑस्कर पुरस्कार किसने जीता? (a) स्टार वार्स सागा (b) फ्यूजिटिव (c) जुरैसिक पार्क (d) फॉरेस्ट गम्प सही उत्तर: (d) व्याख्या: 1994 में सर्वश्रेष्ठ फिल्म का ऑस्कर पुरस्कार “Forrest Gump” को प्रदान किया गया। टॉम हैंक्स द्वारा अभिनीत इस फिल्म का निर्देशन रॉबर्ट ज़ेमेकिस ने किया था। फिल्म एक साधारण व्यक्ति, फॉरेस्ट गम्प, की जीवन यात्रा को दर्शाती है जो अपनी सरलता, ईमानदारी और मानवता के कारण कई ऐतिहासिक घटनाओं का हिस्सा बनता है। इसकी कहानी अमेरिकी समाज, राजनीति और इतिहास के कई पहलुओं को छूती है। फिल्म की सिनेमैटोग्राफी, संगीत, अभिनय और भावनात्मक गहराई ने इसे दर्शकों और समीक्षकों के बीच अत्यंत लोकप्रिय बनाया। इस फिल्म ने सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (टॉम हैंक्स), सर्वश्रेष्ठ निर्देशक, सर्वश्रेष्ठ पटकथा सहित कई श्रेणियों में पुरस्कार जीते। |
| 132. 8 अक्टूबर 1991 को आरबीआई ने बैंक दर 11% से बढ़ाकर कितनी कर दी? (a) 0.115 (b) 0.12 (c) 0.125 (d) 0.13 सही उत्तर: (b) व्याख्या: 8 अक्टूबर 1991 को भारतीय रिज़र्व बैंक ने अपनी बैंक दर को 11% से बढ़ाकर 12% कर दिया। यह कदम उस समय भारतीय अर्थव्यवस्था में चल रहे भुगतान संतुलन संकट, बढ़ते आयात व्यय और विदेशी मुद्रा भंडार की कमी को देखते हुए उठाया गया था। 1991 में भारत ने उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण की नीतियों की शुरुआत की थी, और आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए मौद्रिक नीतियों में सख्ती आवश्यक थी। बैंक दर में वृद्धि का उद्देश्य ऋण प्रवाह को नियंत्रित करना, मुद्रास्फीति पर अंकुश लगाना और विदेशी निवेशकों को संकेत देना था कि भारत अपनी आर्थिक नीति को स्थिर और नियंत्रित दिशा में ले जा रहा है। |
| 133. 1995–96 के केन्द्रीय बजट में आयकर में छूट सीमा बढ़ाकर कितनी कर दी गई? (a) 35,000 रुपये (b) 40,000 रुपये (c) 45,000 रुपये (d) 50,000 रुपये सही उत्तर: (b) व्याख्या: 1995–96 के केन्द्रीय बजट (आय वर्ष 1996–97) में वित्त मंत्री ने व्यक्तिगत आयकर की छूट सीमा को 35,000 रुपये से बढ़ाकर 40,000 रुपये कर दिया। यह निर्णय मध्यम वर्ग को राहत प्रदान करने और उपभोग क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया था। उस समय भारतीय अर्थव्यवस्था उदारीकरण के दौर से गुजर रही थी, और सरकार कर ढांचे को सरल, पारदर्शी और जनहितकारी बनाने की दिशा में सुधार कर रही थी। छूट सीमा में वृद्धि ने करदाताओं पर बोझ को कम किया और बचत एवं निवेश की प्रवृत्ति को प्रोत्साहित किया। |
| 134. 1995-96 के केन्द्रीय बजट में ग्रामीण क्षेत्रों की परिवार कल्याण सेवाओं हेतु कितना आवंटन प्रस्तावित था? (a) 267 करोड़ रुपये (b) 627 करोड़ रुपये (c) 726 करोड़ रुपये (d) 672 करोड़ रुपये सही उत्तर: (c) व्याख्या: 1995–96 के केन्द्रीय बजट में ग्रामीण क्षेत्रों में परिवार कल्याण सेवाओं के लिए 726 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया। यह राशि भारत में बढ़ती जनसंख्या, ग्रामीण स्वास्थ्य ढांचे की कमजोरी और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की आवश्यकता को ध्यान में रखकर तय की गई थी। उस समय सरकार का मुख्य उद्देश्य परिवार नियोजन कार्यक्रमों को मज़बूती देना, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को सक्षम बनाना, टीकाकरण कार्यक्रमों का विस्तार करना और ग्रामीण महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी सहायता उपलब्ध कराना था। यह आवंटन जनसंख्या नियंत्रण और ग्रामीण स्वास्थ्य सुधार दोनों के लिए महत्वपूर्ण कदम था। |
| 135. जम्मू-कश्मीर प्रशासन द्वारा निम्नलिखित पुस्तकों में से किसे प्रतिबंधित किया गया है? (a) Muslim Law & Constitution (b) फरहंगे आसफिया (c) तहरीके मुजाहिद्दीन (d) आतशे चिनार सही उत्तर: (c) व्याख्या: “तहरीके मुजाहिद्दीन” को जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने प्रतिबंधित किया क्योंकि यह पुस्तक क्षेत्र में सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने और उग्रवादी विचारधारा फैलाने से जुड़ी पाई गई थी। 1990 के दशक में जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद और अलगाववादी गतिविधियों में वृद्धि हुई थी, और प्रशासन ने उन सभी प्रकाशनों पर निगरानी बढ़ा दी थी जो सामाजिक सौहार्द को प्रभावित कर सकते थे। यह पुस्तक उग्रवादी संगठनों के विचारों और गतिविधियों को प्रोत्साहित करती थी, जिसके कारण इसे सुरक्षा दृष्टि से हानिकारक माना गया। प्रशासन द्वारा इस तरह के प्रकाशनों पर कार्रवाई का उद्देश्य घाटी में स्थिरता बनाए रखना, युवाओं को कट्टरपंथी विचारधाराओं से दूर रखना, और हिंसा को रोकना था। अन्य विकल्पों में दी गई पुस्तकें सांस्कृतिक, धार्मिक या साहित्यिक प्रकृति की हैं और उन पर किसी बड़े सुरक्षा जोखिम का आरोप नहीं था। |
| 136. न्यूजीलैण्ड में पाया जाने वाला उड़ानहीन पक्षी है– (a) शुतुरमुर्ग (b) ऐल्बेट्रास (c) कोबी (d) उपर्युक्त में से कोई नहीं सही उत्तर: (d) व्याख्या: न्यूजीलैण्ड दुनिया में उन देशों में से एक है जहाँ कई दुर्लभ उड़ानहीन पक्षी पाए जाते हैं, परंतु प्रश्न में दिए गए विकल्पों में कोई भी उस श्रेणी का नहीं है। न्यूजीलैण्ड का सबसे प्रसिद्ध उड़ानहीन पक्षी कीवी है, जो देश का राष्ट्रीय प्रतीक भी है, लेकिन विकल्पों में “कोबी” दिया गया है, जो किसी प्रामाणिक पक्षी प्रजाति से मेल नहीं खाता। शुतुरमुर्ग अफ्रीका में पाया जाता है और ऐल्बेट्रास एक समुद्री पक्षी है जो उड़ान करने में सक्षम होता है। न्यूजीलैण्ड के अन्य प्रमुख उड़ानहीन पक्षियों में कीवी, काकापो (उड़ानहीन तोता), वेका, मोआ (विलुप्त) शामिल हैं। इसलिए सही उत्तर “उपर्युक्त में से कोई नहीं” है। |
| 137. आर्कियोप्टेरिक्स है– (a) जुरैसिक युग का सर्वपुरातन पक्षी (b) जुरैसिक काल का सरीसृप (c) ट्राइएसिक काल का सरीसृप (d) ट्राइएसिक तथा जुरैसिक दोनों कालों का सरीसृप सही उत्तर: (a) व्याख्या: आर्कियोप्टेरिक्स को जीवों के विकासक्रम में एक अत्यंत महत्वपूर्ण “संक्रमण जीवाश्म” माना जाता है। यह जुरैसिक युग का सबसे पुरातन ज्ञात पक्षी है, जो लगभग 150 मिलियन वर्ष पहले पाया जाता था। आर्कियोप्टेरिक्स में पक्षी और सरीसृप दोनों के गुण मिलते हैं, जैसे—इसके शरीर पर पंख थे, परंतु दाँत, लंबी अस्थिमय पूँछ तथा पंजों वाले पंख सरीसृपों से मिलते-जुलते थे। यह जीवाश्म पहली बार जर्मनी के लाइमस्टोन में पाया गया, जिससे वैज्ञानिकों को यह समझने में बड़ी मदद मिली कि पक्षियों का उद्भव कैसे हुआ। यह विकासवाद सिद्धांत का एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रमाण माना जाता है, क्योंकि यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि पक्षी सरीसृपों से विकसित हुए। इसलिए इसे “Missing Link” भी कहा जाता है। |
| 138. ग्रीन पीस’ क्या है? (a) एक कृषि संबंधित संस्था (b) एक अंतर्राष्ट्रीय शांति सेना (c) पर्यावरण समर्थकों का एक अंतर्राष्ट्रीय संगठन (d) उपर्युक्त में से कोई नहीं सही उत्तर: (c) व्याख्या: ग्रीनपीस एक अंतर्राष्ट्रीय गैर-सरकारी संगठन है जो पर्यावरण संरक्षण के लिए विश्व स्तर पर कार्य करता है। इसकी स्थापना 1971 में कनाडा के वैंकूवर में हुई थी और आज इसका मुख्यालय नीदरलैंड के एम्स्टर्डम में स्थित है। यह संगठन जलवायु परिवर्तन, समुद्री प्रदूषण, वनों की कटाई, नदियों के संरक्षण, जैव विविधता, तथा परमाणु परीक्षणों के विरोध जैसे मुद्दों पर सक्रिय रूप से अभियान चलाता है। ग्रीनपीस अहिंसक प्रत्यक्ष कार्रवाई और जागरूकता अभियानों के लिए प्रसिद्ध है। इसका उद्देश्य पृथ्वी के प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना, सतत विकास को बढ़ावा देना और पर्यावरण को होने वाले नुकसान को कम करना है। कई अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरणीय नीतियों के निर्माण में ग्रीनपीस की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। |
| 139. नाशक’ क्या है? (a) भारत द्वारा विकसित वायु से वायु में मार करने वाला नया प्रक्षेपास्त्र (b) भारत द्वारा विकसित भूमि से वायु में मार करने वाला नया प्रक्षेपास्त्र (c) भारत द्वारा विकसित भूमि पर मार करने वाला नया प्रक्षेपास्त्र (d) भारत द्वारा बनाई जा रही प्रक्षेपास्त्र नौका सही उत्तर: (d) व्याख्या: “नाशक” एक प्रक्षेपास्त्र नौका (Missile Boat) है, जिसे भारत में गोवा शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा निर्मित किया गया। यह नौका भारतीय नौसेना की मिसाइल क्षमता को बढ़ाने के उद्देश्य से विकसित की गई थी। इसका निर्माण कार्य 1990 के दशक में पूरा हुआ और इसे 1996 में लॉन्च किया गया। “नाशक” का मुख्य उद्देश्य समुद्री सुरक्षा को मजबूत करना, तटीय रक्षा को सक्षम बनाना और युद्धकाल में तेज गति से मिसाइल प्रक्षेपण की क्षमता प्रदान करना था। इसकी लंबाई लगभग 56 मीटर होती है और इसमें मिसाइल प्रक्षेपण प्रणालियाँ, नेविगेशन प्रणाली और आधुनिक समुद्री युद्ध उपकरण शामिल होते हैं। यह नौका भारत के स्वदेशी रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था। अन्य विकल्पों में दिए गए सभी प्रक्षेपास्त्र संबंधी अभिकल्प अलग श्रेणियों के हैं, जिन्हें “नाशक” से नहीं जोड़ा जाता। |
| 140. साप्टा’ का पूर्ण रूप क्या है? (a) South Asia Preferential Trade Agreement (b) SAARC Preferential Trade Agreement (c) South Asia Preferential Trade Agency (d) उपर्युक्त में से कोई नहीं सही उत्तर: (a) व्याख्या: SAPTA का पूर्ण रूप South Asia Preferential Trade Agreement है। इसे दक्षिण एशियाई देशों के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाने और व्यापारिक रियायतें प्रदान करने के उद्देश्य से लागू किया गया था। यह समझौता 7 दिसंबर 1995 से प्रभावी हुआ और SAARC सदस्य देशों के बीच व्यापार को प्रोत्साहित करने के लिए पहला औपचारिक कदम था। SAPTA के माध्यम से सदस्य राष्ट्र एक-दूसरे को शुल्क रियायतें, बाजार पहुंच में छूट और व्यापार संबंधी सहयोग प्रदान करते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य दक्षिण एशिया में आर्थिक एकीकरण को मजबूत करना और क्षेत्रीय व्यापार को बढ़ाना था। SAPTA बाद में SAFTA (South Asian Free Trade Area) की दिशा में एक आधारशिला बना, जिसे 2006 में लागू किया गया। |
| 141. 180 सीढ़ियों वाली मीनार पर चढ़ते समय, एक पुरुष हर 30 सीढ़ी पर चढ़ने के पश्चात् 2 मिनट विश्राम करता है। कुल कितनी देर विश्राम किया? (a) 30 मिनट (b) 12 मिनट (c) 10 मिनट (d) 9 मिनट सही उत्तर: (c) व्याख्या: कुल सीढ़ियाँ = 180 हर 30 सीढ़ी पर रुकना = 180 ÷ 30 = 6 पड़ाव अंतिम पड़ाव पर आराम नहीं होता क्योंकि वह ऊपर पहुंच चुका होता है इसलिए आराम = 6 − 1 = 5 बार प्रत्येक विश्राम = 2 मिनट कुल विश्राम = 5 × 2 = 10 मिनट |
| 142. लकड़ी के ब्लॉक का माप 5 × 10 × 20 सेमी है। कम से कम माप वाला ठोस घन बनाने के लिए कितने ब्लॉक चाहिए? (a) 6 (b) 8 (c) 12 (d) 16 सही उत्तर: (b) व्याख्या: ब्लॉक का आकार 5 × 10 × 20 सेमी है। सबसे छोटा घन बनाने के लिए 5, 10 और 20 का LCM निकालते हैं, जो 20 सेमी आता है। इसलिए घन की भुजा 20 सेमी होगी। घन का आयतन = 20 × 20 × 20 = 8000 घन सेमी एक ब्लॉक का आयतन = 5 × 10 × 20 = 1000 घन सेमी अब घन बनाने के लिए कुल ब्लॉक = घन का आयतन ÷ ब्लॉक का आयतन = 8000 ÷ 1000 = 8 ब्लॉक |
| 143. यदि 10 श्रमिक 4 दिनों में कुआं खोद लेते हैं, तो आधे दिन में खोदने के लिए कितने श्रमिक चाहिए? (a) 5 (b) 40 (c) 60 (d) 80 सही उत्तर: (d) व्याख्या: कुल कार्य: 10 श्रमिक * 4 दिन = 40 मानव-दिन (कुल काम) नए श्रमिकों की संख्या: 40 मानव-दिन / 0.5 दिन = 80 श्रमिक |
| 144. एक इंजन जिसके पहिए की परिधि 7½ मी. है, 9 सेकंड में 7 चक्कर लगाता है. तो गाड़ी की गति किमी. प्रति घंटा में होगी (a) 15 (b) 21 (c) 30 (d) 35 सही उत्तर: (b) व्याख्या: पहिए की परिधि 7.5 मीटर है। इंजन 7 चक्कर लगाता है, इसलिए कुल दूरी = 7 × 7.5 = 52.5 मीटर। समय = 9 सेकंड। गति (मीटर प्रति सेकंड) = 52.5 ÷ 9 = 5.833 मीटर/सेकंड। मीटर प्रति सेकंड को किलोमीटर प्रति घंटा में बदलने के लिए 3.6 से गुणा करते हैं: 5.833 × 3.6 = 21 किलोमीटर प्रति घंटा। |
| 145. एक नगर की जनसंख्या में 4% वार्षिक दर से वृद्धि होती है और शरणार्थियों के कारण 1% वार्षिक दर से अतिरिक्त वृद्धि होती है, तो दो वर्ष पश्चात् जनसंख्या में वृद्धि होगी (a) 0.1 (b) 0.1025 (c) 0.105 (d) 0.1075 सही उत्तर: (b) व्याख्या: सामान्य वार्षिक वृद्धि दर 4% है, और शरणार्थियों के कारण 1% अतिरिक्त वृद्धि होती है। इसलिए कुल वार्षिक वृद्धि दर = 4% + 1% = 5%। अब दो वर्षों की वृद्धि चक्रवृद्धि तरीके से होगी, यानी हर वर्ष नई बढ़ी हुई जनसंख्या पर अगला 5% लागू होगा। पहला वर्ष: जनसंख्या = N × 1.05 दूसरा वर्ष: जनसंख्या = N × 1.05 × 1.05 = N × 1.1025 अब कुल वृद्धि निकालने के लिए अंतिम मान से 1 घटाकर परिणाम को 100 से गुणा करते हैं: 1.1025 – 1 = 0.1025 0.1025 × 100 = 10.25% |
| 146. यदि किसी कोड में DECIDE के स्थान पर 453945 लिखा गया है, तो उसी कोड में ABIDE के स्थान पर लिखा जाएगा (a) 94521 (b) 49521 (c) 12945 (d) 49251 सही उत्तर: (c) व्याख्या: D=4, E=5, C=3, I=9 → DECIDE = 453945 इसलिए A=1, B=2, I=9, D=4, E=5 → ABIDE = 1 2 9 4 5 = 12945. |
| 147. यदि 10 अध्यापकों की वार्षिक औसत आय 25,000 रुपए हो और दो अध्यापकों की प्रत्येक की वार्षिक आय 20,000 रुपए हो, तो शेष अध्यापकों की वार्षिक औसत आय होगी – (a) 26,250 रुपए (b) 25,500 रुपए (c) 23,200 रुपए (d) 22,000 रुपए सही उत्तर: (a) व्याख्या: 10 अध्यापकों की कुल वार्षिक आय = 25,000 × 10 = 2,50,000 रुपये 2 अध्यापकों की वार्षिक आय = 20,000 × 2 = 40,000 रुपये शेष 8 अध्यापकों की कुल आय = 2,50,000 – 40,000 = 2,10,000 रुपये अब 8 अध्यापकों की औसत आय = 2,10,000 ÷ 8 = 26,250 रुपये |
| 148. एक रेलगाड़ी X स्थान से 50 किमी/घंटा की चाल से चलती है। एक घंटे बाद दूसरी रेलगाड़ी Y, 70 किमी/घंटा की चाल से चलती है। कितने समय के बाद Y, X को पार कर लेगी? (a) 3 घंटे (b) 2½ घंटे (c) 2 घंटे (d) 1½ घंटे सही उत्तर: (b) व्याख्या: जब Y चलना शुरू करती है, तब तक X, 1 घंटे में: दूरी = चाल × समय = 50 किमी/घंटा × 1 घंटा = 50 किमी चल चुकी होती है। दोनों ट्रेनें एक ही दिशा में चल रही हैं, इसलिए सापेक्ष गति = तेज ट्रेन की गति – धीमी ट्रेन की गति = 70 – 50 = 20 किमी/घंटा। अब Y को X तक पहुँचने और उसे पार करने के लिए 50 किमी की दूरी कवर करनी है। समय = दूरी ÷ सापेक्ष गति = 50 ÷ 20 = 2.5 घंटे। 2.5 घंटे = 2 घंटे 30 मिनट। |
| 149. यदि y का x% z का y% हो, तो z बराबर होगा- (a) x (b) y (c) x/100 (d) y/100 सही उत्तर: (a) व्याख्या: y × (x/100) = z × (y/100) अब दोनों पक्षों को (y/100) से भाग दे देते हैं (y ≠ 0 मानते हुए): [y × (x/100)] ÷ (y/100) = [z × (y/100)] ÷ (y/100) सरलीकरण करने पर: x = z |
| 150. एक वर्ग परीक्षा में x और y को निम्न अंक मिले हैं: अंग्रेजी 84, 92; हिंदी 80, 79; गणित 90, 88; इतिहास 69, 60। किसको अधिक अंक मिले हैं और कितने %? (a) X को 1% अधिक अंक (b) X को 2% अधिक अंक (c) Y को 1% अधिक अंक (d) Y को 2% अधिक अंक सही उत्तर: (a) व्याख्या: X के अंक हैं: 84 + 80 + 90 + 69 = 323 Y के अंक हैं: 92 + 79 + 88 + 60 = 319 दोनों के बीच अंतर = 323 – 319 = 4 अंक अब यह अंतर प्रतिशत में निकालने के लिए Y के अंकों को आधार माना जाता है, क्योंकि तुलना Y से की जा रही है। प्रतिशत अंतर = (4 ÷ 319) × 100 = 1.25% |
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