मनुष्य और प्रकृति के संतुलन की आवश्यकता/The need for balance between humans and nature [Modal Essay BPSC Mains]
मनुष्य और प्रकृति के संतुलन की आवश्यकता “प्रकृति का सम्मान करो, यही जीवन का आधार है,इसके बिना मानव जीवन अधूरा, […]
मनुष्य और प्रकृति के संतुलन की आवश्यकता “प्रकृति का सम्मान करो, यही जीवन का आधार है,इसके बिना मानव जीवन अधूरा, […]
शिक्षा: ज्ञान का माध्यम या चरित्र निर्माण का साधन? “विद्या ददाति विनयं, विनयाद्याति पात्रताम्। पात्रत्वात्धनमाप्नोति, धनात्धर्मं ततः सुखम्।” – महाभारत
विज्ञान और तकनीक का मानव जीवन पर प्रभाव “विद्या ददाति विनयं, विनयाद्याति पात्रताम्। पात्रत्वात्धनमाप्नोति, धनात्धर्मं ततः सुखम्।” – महाभारत यह
समाज में नैतिकता का महत्व “सत्य की राह पर चलो, धर्म का दीप जलाओ,ईमानदारी और करुणा से, समाज को सजाओ।”
सफलता में असफलता की भूमिका सफलता और असफलता जीवन के दो ऐसे पहलू हैं जो हमेशा साथ चलते हैं। जीवन
सफलता में असफलता की भूमिका / The role of failure in success [Modal Essay BPSC Mains] Read Post »
समय का सदुपयोग क्यों आवश्यक है? एक छोटे से गाँव में अर्जुन नाम का एक लड़का रहता था। वह होशियार
जीवन का अर्थ और उद्देश्य क्या है? “मनुष्य अपने कर्मों से ही अपने जीवन का अर्थ पहचानता है।” – स्वामी