Chapter 1. What, Where, How and When? (क्या, कब, कहाँ और कैसे ?) [Class 6 History Old NCERT]

Chapter 1. क्या, कब, कहाँ और कैसे ? MCQ

1. प्राचीन काल में प्रारंभिक मानव मुख्यतः किस नदी के किनारे रहते थे?

A. गंगा
B. सिन्धु
C. नर्मदा
D. सतलज

Answer: C

Solution:
प्रारंभिक मानव के निवास स्थान का चयन उनकी जीविका, सुरक्षा और संसाधनों की उपलब्धता पर आधारित था। नर्मदा नदी के किनारे ऐसे ही एक महत्वपूर्ण क्षेत्र थे, जहाँ कई लाख वर्ष पूर्व से मानव निवास के प्रमाण प्राप्त होते हैं। इस क्षेत्र में जल की सतत उपलब्धता थी, जो जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है। इसके साथ ही, नर्मदा घाटी के आसपास घने जंगल पाए जाते थे, जहाँ विभिन्न प्रकार के पशु-पक्षी और वनस्पतियाँ उपलब्ध थीं। इससे प्रारंभिक मानव को शिकार करने और खाद्य पदार्थों जैसे फल, जड़ें, कंद-मूल और अन्य वन उत्पादों को एकत्र करने में सुविधा मिलती थी।

प्रारंभिक मानव का जीवन शिकारी-संग्राहक प्रकृति का था, इसलिए वे ऐसे क्षेत्रों को चुनते थे जहाँ संसाधनों की विविधता और निरंतरता बनी रहे। नदियों के किनारे रहने से उन्हें मछलियाँ भी मिलती थीं, जो भोजन का एक अतिरिक्त स्रोत था। इसके अलावा, नदी के किनारे की भूमि अपेक्षाकृत समतल होती है, जिससे समूहों में रहना और आश्रय बनाना आसान होता है।

नर्मदा घाटी का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यहाँ से पत्थर के औजारों के प्रमाण भी मिले हैं, जो यह दर्शाते हैं कि प्रारंभिक मानव ने इस क्षेत्र में लंबे समय तक निवास किया और अपने जीवन को अनुकूल बनाने के लिए तकनीकी विकास भी किया। गंगा और सिंधु घाटियाँ बाद में सभ्यता के विकास के केंद्र बनीं, लेकिन प्रारंभिक मानव के संदर्भ में नर्मदा क्षेत्र अधिक महत्वपूर्ण रहा।
(NCERT Class 6, Chapter 1, Page 1)


2. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

I. प्रारंभिक मानव गंगा नदी के किनारे रहते थे।
II. वे अपने भोजन के लिए जड़ों, फलों और जंगल के उत्पादों का संग्रह करते थे।

A. केवल I
B. केवल II
C. I और II दोनों
D. इनमें से कोई नहीं

Answer: B

Solution:
प्रारंभिक मानव का जीवन पूर्णतः प्राकृतिक संसाधनों पर आधारित था, और वे मुख्यतः शिकारी-संग्राहक थे। वे जंगलों से जड़ें, फल, कंद-मूल और अन्य वन उत्पाद एकत्र करते थे, जिससे उनकी दैनिक भोजन की आवश्यकताएँ पूरी होती थीं। इसके अतिरिक्त, वे जानवरों का शिकार भी करते थे, जिससे उन्हें मांस प्राप्त होता था। इस प्रकार उनका जीवन भोजन प्राप्त करने के लिए प्रकृति पर पूरी तरह निर्भर था, और कथन II इस जीवन शैली को सही रूप में दर्शाता है।

दूसरी ओर, गंगा नदी के किनारे प्रारंभिक मानव के निवास के प्रमाण नहीं मिलते। प्रारंभिक मानव के प्रमुख निवास क्षेत्रों में नर्मदा घाटी का उल्लेख मिलता है, जहाँ उन्हें आवश्यक संसाधन आसानी से उपलब्ध थे। गंगा घाटी का महत्व बाद के काल में बढ़ा, विशेष रूप से जब कृषि का विकास हुआ और स्थायी बस्तियाँ बसने लगीं। इस प्रकार कथन I प्रारंभिक मानव के संदर्भ में सही नहीं है।

यह प्रश्न इस बात को स्पष्ट करता है कि मानव इतिहास के विभिन्न चरणों में भौगोलिक क्षेत्रों का महत्व बदलता रहा है। प्रारंभिक मानव के लिए जंगल और नदी के किनारे संसाधनों की उपलब्धता महत्वपूर्ण थी, जबकि बाद के काल में कृषि योग्य भूमि और स्थायी बसावट अधिक महत्वपूर्ण हो गई।
(NCERT Class 6, Chapter 1, Page 1)


3. सुलेमान और किरथार पर्वत शृंखलाएँ किस दिशा में स्थित हैं?

A. उत्तर-पूर्व
B. उत्तर-पश्चिम
C. दक्षिण-पश्चिम
D. दक्षिण-पूर्व

Answer: B

Solution:
सुलेमान और किरथार पर्वत शृंखलाएँ भारतीय उपमहाद्वीप के उत्तर-पश्चिमी भाग में स्थित हैं और प्रारंभिक मानव के इतिहास में इनका महत्वपूर्ण स्थान है। यह क्षेत्र वर्तमान पाकिस्तान और अफगानिस्तान के निकट स्थित है और प्राचीन काल में मानव के आवागमन का एक प्रमुख मार्ग रहा है। उत्तर-पश्चिमी दिशा से ही विभिन्न मानव समूह भारतीय उपमहाद्वीप में प्रवेश करते रहे, जिससे सांस्कृतिक और जैविक आदान-प्रदान संभव हुआ।

इस क्षेत्र की भौगोलिक विशेषताएँ भी प्रारंभिक मानव के लिए अनुकूल थीं। यहाँ पर्वतीय क्षेत्र होने के बावजूद जल स्रोत, वनस्पति और शिकार के लिए उपयुक्त वातावरण उपलब्ध था। इससे मानव को भोजन, आश्रय और सुरक्षा प्राप्त होती थी। इसके अतिरिक्त, इन पर्वतों के आसपास कई पुरातात्विक स्थल पाए गए हैं, जहाँ से पत्थर के औजार और अन्य अवशेष मिले हैं, जो प्रारंभिक मानव के निवास और गतिविधियों का प्रमाण देते हैं।

उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र का एक और महत्व यह है कि यह बाहरी दुनिया से संपर्क का द्वार था, जिससे नए विचार, तकनीक और मानव समूह इस क्षेत्र में प्रवेश करते रहे। इस प्रकार सुलेमान और किरथार पर्वत शृंखलाएँ न केवल भौगोलिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि मानव इतिहास के प्रारंभिक विकास को समझने में भी सहायक हैं।
(NCERT Class 6, Chapter 1, Page 2)


4. निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही नहीं है?

I. स्त्री और पुरुषों ने सबसे पहले चावल को उपजाना प्रारम्भ किया।
II. उन्होंने भेड़, बकरी और गाय-बैल जैसे पशुओं को पालतू बनाया।

A. केवल I
B. केवल II
C. I और II दोनों
D. इनमें से कोई नहीं

Answer: A

Solution:
मानव इतिहास में कृषि और पशुपालन का विकास एक क्रांतिकारी परिवर्तन था, जिसने मानव जीवन की दिशा ही बदल दी। प्रारंभिक मानव लंबे समय तक शिकारी-संग्राहक के रूप में जीवन व्यतीत करता रहा, लेकिन धीरे-धीरे उसने पौधों और पशुओं को नियंत्रित करना सीखा। उत्तर-पश्चिम भारत और उससे सटे क्षेत्रों, विशेषकर सुलेमान और किरथर पहाड़ियों के आसपास, लगभग 8000 वर्ष पूर्व कृषि के प्रारंभिक प्रमाण मिलते हैं। इस क्षेत्र में मानव ने सबसे पहले गेहूँ और जौ जैसी फसलों की खेती शुरू की थी। इसका कारण यह था कि इन फसलों के बीज उस क्षेत्र की जलवायु और मिट्टी के अनुकूल थे तथा उन्हें उगाना अपेक्षाकृत सरल था।

कथन I में यह कहा गया है कि सबसे पहले चावल की खेती की गई, जो तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है। चावल की खेती बाद के चरण में विकसित हुई, विशेषकर गंगा घाटी और विंध्य के उत्तर के क्षेत्रों में। इसलिए कथन I गलत है।

कथन II सही है क्योंकि कृषि के साथ-साथ मानव ने पशुपालन की शुरुआत भी की। भेड़, बकरी और गाय-बैल जैसे पशुओं को पालतू बनाना मानव के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हुआ। इससे उसे दूध, मांस, चमड़ा और खेती में श्रम (जैसे हल चलाना) प्राप्त हुआ। यह परिवर्तन मानव को स्थायी जीवन अपनाने और गाँव बसाने की दिशा में प्रेरित करता है।

इस प्रकार यह प्रश्न कृषि के प्रारंभिक केंद्रों और फसलों के क्रम को समझने की क्षमता की जाँच करता है, जहाँ गेहूँ और जौ का स्थान सबसे पहले आता है, जबकि चावल बाद में विकसित होता है।
(NCERT Class 6, Chapter 1, Page 2)

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