46वीं BPSC संयुक्त प्रतियोगिता (प्रा) परीक्षा – 12.09.2004 | Oneliner GK Pdf in Hindi and English
46वीं BPSC संयुक्त प्रतियोगिता (प्रा) परीक्षा – 12.09.2004
46वीं BPSC संयुक्त प्रतियोगिता (प्रा) परीक्षा – 12.09.2004
45वीं BPSC संयुक्त प्रतियोगिता (प्रा) परीक्षा – 21.04.2002
44वीं BPSC संयुक्त प्रतियोगिता (प्रा) परीक्षा – 18.11.2001
43वीं BPSC संयुक्त प्रतियोगिता (प्रा) परीक्षा – 26.09.1999
42वीं BPSC संयुक्त प्रतियोगिता (प्रा) परीक्षा – 10.05.1998
41वीं BPSC संयुक्त प्रतियोगिता (प्रा) परीक्षा – 06.10.1996
40वीं BPSC संयुक्त प्रतियोगिता (प्रा) परीक्षा – 27.08.1995
39वीं BPSC संयुक्त प्रतियोगिता (प्रा) परीक्षा – 24.07.1994
38वीं BPSC संयुक्त प्रतियोगिता (प्रा) परीक्षा – 12.04.1992
मनुष्य और प्रकृति के संतुलन की आवश्यकता “प्रकृति का सम्मान करो, यही जीवन का आधार है,इसके बिना मानव जीवन अधूरा,
शिक्षा: ज्ञान का माध्यम या चरित्र निर्माण का साधन? “विद्या ददाति विनयं, विनयाद्याति पात्रताम्। पात्रत्वात्धनमाप्नोति, धनात्धर्मं ततः सुखम्।” – महाभारत
विज्ञान और तकनीक का मानव जीवन पर प्रभाव “विद्या ददाति विनयं, विनयाद्याति पात्रताम्। पात्रत्वात्धनमाप्नोति, धनात्धर्मं ततः सुखम्।” – महाभारत यह
समाज में नैतिकता का महत्व “सत्य की राह पर चलो, धर्म का दीप जलाओ,ईमानदारी और करुणा से, समाज को सजाओ।”
सफलता में असफलता की भूमिका सफलता और असफलता जीवन के दो ऐसे पहलू हैं जो हमेशा साथ चलते हैं। जीवन
सफलता में असफलता की भूमिका / The role of failure in success [Modal Essay BPSC Mains] Read Post »
समय का सदुपयोग क्यों आवश्यक है? एक छोटे से गाँव में अर्जुन नाम का एक लड़का रहता था। वह होशियार
लोकोक्तियाँ अर्थ अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ता अकेला व्यक्ति कुछ नहीं कर सकता अक्किल गईल घास चरे सोच-विचार न कर
Bihar Famous Lokoktiya and Hindi Meaning (बिहार की प्रचलित लोकोक्तियाँ एवं अर्थ ) Read Post »
जीवन का अर्थ और उद्देश्य क्या है? “मनुष्य अपने कर्मों से ही अपने जीवन का अर्थ पहचानता है।” – स्वामी
Essay Writing in Hindi; बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने अपनी 68वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा से निबंध को एक स्वतंत्र
भारतीय संविधान मौलिक अधिकारों पर औचित्यपूर्ण प्रतिबंध का प्रावधान करता है किन्तु औचित्य को ध्यान में रखना चाहिए कि: भारतीय
विश्व-कल्याण आध्यात्मिक चेतना के बिना असम्भव है (70th BPSC Essay) विश्व-कल्याण आध्यात्मिक चेतना के बिना असम्भव है। यह वाक्य अपने
शिथिल कानून और व्यवस्था नारी सशक्तीकरण की बाधा है (70th BPSC Essay) शिथिल कानून और व्यवस्था नारी सशक्तीकरण की एक
भ्रष्टाचार का अन्त और देश का उत्थान (70th BPSC Essay) भ्रष्टाचार एक ऐसी समस्या है जो किसी भी देश की
भ्रष्टाचार का अन्त और देश का उत्थान / End of corruption and upliftment of the country Read Post »
राजनीतिक इच्छाशक्ति और देश की सुरक्षा (70th BPSC Essay) किसी भी राष्ट्र की स्थिरता, प्रगति और समृद्धि का मूल आधार
राजनीतिक इच्छाशक्ति और देश की सुरक्षा / Political Will and National Security Read Post »
भूमि संरक्षण और जैविक खेती (70th BPSC Essay) प्रकृति ने हमें अनेक अमूल्य उपहार दिए हैं, जिनमें भूमि सबसे महत्वपूर्ण
भूमि संरक्षण और जैविक खेती / Soil Conservation and Organic Farming Read Post »