अकेला चना भाड़ न फोरि सकेला। / Akela chana bhad na fori sakela.
अकेला चना भाड़ न फोरि सकेला। (71st BPSC Essay) “No man is an island, entire of itself; every man is […]
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अकेला चना भाड़ न फोरि सकेला। (71st BPSC Essay) “No man is an island, entire of itself; every man is […]
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जे करा लाठी ओकरा भैंस (71st BPSC Essay) “Power tends to corrupt, and absolute power tends to corrupt absolutely.” —
जे करा लाठी ओकरा भैंस / Je kara lathi okara bhains Read Post »
अधजल घैला छलकैत जाए (71st BPSC Essay) “A little knowledge is a dangerous thing; Drink deep, or taste not the
अधजल घैला छलकैत जाए / Adhajal ghaila chhalkait jay Read Post »
बाँदर की जानैत अहि अदरक के स्वाद (71st BPSC Essay) “यथा दृष्टि तथा सृष्टि।” मानव जीवन में अनेक ऐसी परिस्थितियाँ
बाँदर की जानैत अहि अदरक के स्वाद / Bandar ki janait ahi adarkak swad. Read Post »
डॉलर निर्भरता में कमी और बदलती वैश्विक आर्थिक व्यवस्था (71st BPSC Essay) “The difficulty lies not so much in developing
प्रेम और ज्ञान : एक सार्थक जीवन के दो स्तंभ (71st BPSC Essay) “जहाँ प्रेम है, वहाँ जीवन है; जहाँ
औद्योगिक विस्तार के युग में पर्यावरणीय जिम्मेदारी (71st BPSC Essay) “पृथ्वी के पास हर मनुष्य की जरूरत के लिए पर्याप्त
कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मानवीय मूल्य : क्या मशीनें नैतिकता को समझ सकती हैं? (71st BPSC Essay) “The real question is
मध्य पूर्व के भू-राजनीतिक संकट में बढ़ते तनाव के प्रभाव (71st BPSC Essay) “शांति केवल युद्ध की अनुपस्थिति नहीं है;
व्यवहार में नैतिकता : क्यों नैतिक साहस केवल विचारों से अधिक महत्वपूर्ण है (71st BPSC Essay) “We are what we
प्रौद्योगिकी एक दो-धारी तलवार : नवाचार और नियंत्रण के बीच संतुलन (71st BPSC Essay) “विज्ञान और प्रौद्योगिकी मानवता के लिए
मानसिकता की शक्ति : मानव भाग्य को आकार देने में इसकी भूमिका (71st BPSC Essay) “मन के हारे हार है,
46वीं BPSC संयुक्त प्रतियोगिता (प्रा) परीक्षा – 12.09.2004
45वीं BPSC संयुक्त प्रतियोगिता (प्रा) परीक्षा – 21.04.2002
44वीं BPSC संयुक्त प्रतियोगिता (प्रा) परीक्षा – 18.11.2001
43वीं BPSC संयुक्त प्रतियोगिता (प्रा) परीक्षा – 26.09.1999
42वीं BPSC संयुक्त प्रतियोगिता (प्रा) परीक्षा – 10.05.1998
41वीं BPSC संयुक्त प्रतियोगिता (प्रा) परीक्षा – 06.10.1996
40वीं BPSC संयुक्त प्रतियोगिता (प्रा) परीक्षा – 27.08.1995
39वीं BPSC संयुक्त प्रतियोगिता (प्रा) परीक्षा – 24.07.1994
38वीं BPSC संयुक्त प्रतियोगिता (प्रा) परीक्षा – 12.04.1992
मनुष्य और प्रकृति के संतुलन की आवश्यकता “प्रकृति का सम्मान करो, यही जीवन का आधार है,इसके बिना मानव जीवन अधूरा,
शिक्षा: ज्ञान का माध्यम या चरित्र निर्माण का साधन? “विद्या ददाति विनयं, विनयाद्याति पात्रताम्। पात्रत्वात्धनमाप्नोति, धनात्धर्मं ततः सुखम्।” – महाभारत
विज्ञान और तकनीक का मानव जीवन पर प्रभाव “विद्या ददाति विनयं, विनयाद्याति पात्रताम्। पात्रत्वात्धनमाप्नोति, धनात्धर्मं ततः सुखम्।” – महाभारत यह