NCERT 6th History MCQ Our Pasts – I Chapter 2 (For All Competitive Exams)

Chapter 2 MCQs in Hindi; आखेट-खाद्य संग्रह से भोजन उत्पादक तक

1. निम्न में से आखेट का अर्थ है?

A. पशुपालक
B. किसान
C. शिकारी
D. व्यापारी

Answer: C

‘आखेट’ का अर्थ शिकार करना होता है और यह मानव जीवन के प्रारंभिक चरण की एक प्रमुख विशेषता थी। लगभग बीस लाख वर्ष पूर्व इस उपमहाद्वीप में रहने वाले लोग आखेटक-खाद्य संग्राहक थे, जिनका जीवन पूरी तरह प्राकृतिक संसाधनों पर आधारित था। वे भोजन प्राप्त करने के लिए जंगली जानवरों का शिकार करते थे, जिससे उन्हें मांस प्राप्त होता था। इसके साथ ही वे मछलियाँ और पक्षियों को पकड़ते थे, जो उनके भोजन का महत्वपूर्ण हिस्सा थे।

इसके अलावा, वे केवल शिकार पर निर्भर नहीं थे बल्कि जंगलों से फल, जड़ें, कंद-मूल, दाने, पत्तियाँ और अंडे भी इकट्ठा करते थे। इस प्रकार उनका जीवन शिकार और संग्रह दोनों पर आधारित था। यह जीवन-शैली उन्हें प्रकृति के बहुत करीब रखती थी और उन्हें अपने आसपास के पर्यावरण का अच्छा ज्ञान होता था। वे जानते थे कि कौन-से जानवरों का शिकार करना सुरक्षित है और कौन-से पौधे खाने योग्य हैं।

अन्य विकल्प जैसे पशुपालक, किसान और व्यापारी मानव विकास के बाद के चरणों से संबंधित हैं। प्रारंभिक मानव के संदर्भ में ‘आखेट’ का सही अर्थ ‘शिकारी’ ही है, इसलिए विकल्प C सही है।

(CLASS-6 CHAPTER 2 PAGE NO.-10)

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2. निम्नलिखित में से आखेटक खाद्य संग्राहक भोजन का इस्तेमाल कैसे करते थे?

A. शिकार करते थे
B. मछलियाँ और चिड़ियाँ करते थे
C. फल-फूल, दाने, पेड़-पौधे इकट्ठा करते थे
D. उपरोक्त सभी

Answer: D

आखेटक-खाद्य संग्राहक मानव जीवन के उस चरण का प्रतिनिधित्व करते हैं जब भोजन प्राप्त करने के लिए विभिन्न स्रोतों का उपयोग किया जाता था। वे केवल शिकार पर निर्भर नहीं थे, बल्कि विविध प्रकार के खाद्य स्रोतों से अपना जीवन-निर्वाह करते थे। वे जंगली जानवरों का शिकार करते थे, जिससे उन्हें मांस प्राप्त होता था। इसके अतिरिक्त वे मछलियाँ पकड़ते थे और पक्षियों का भी शिकार करते थे, जिससे उनके भोजन में विविधता बनी रहती थी।

इसके साथ ही वे जंगलों से फल, जड़ें, कंद-मूल, बीज, पत्तियाँ और अन्य वन उत्पाद एकत्र करते थे। यह संग्रहण उनके भोजन का एक महत्वपूर्ण और स्थायी स्रोत था। कई बार शिकार अनिश्चित होता था, लेकिन संग्रहण के माध्यम से उन्हें नियमित रूप से भोजन मिल जाता था।

इस प्रकार उनका जीवन केवल एक गतिविधि पर आधारित नहीं था, बल्कि वे शिकार और संग्रह दोनों करते थे। यह जीवन-शैली दर्शाती है कि वे अपने पर्यावरण के साथ संतुलन बनाकर रहते थे और उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करते थे। इसलिए सभी विकल्प सही हैं और ‘उपरोक्त सभी’ सबसे उपयुक्त उत्तर है।

(CLASS-6 CHAPTER-2 PAGE NO.-10)

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3. शिकारी खाद संग्राहक को किस कारण एक जगह से दुसरे जगह घूमना पड़ता था?

A. एक स्थान पर ज्यादा दिन रहने से भोजन समाप्त होने के कारण
B. शिकार के लिए जानवरों की तलाश में
C. पानी की तलाश में
D. उपरोक्त सभी

Answer: D

आखेटक-खाद्य संग्राहक स्थायी जीवन नहीं जीते थे, बल्कि वे घुमंतू जीवन शैली अपनाते थे। उन्हें कई कारणों से एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाना पड़ता था। सबसे पहला कारण भोजन की उपलब्धता था। यदि वे एक ही स्थान पर अधिक समय तक रहते, तो आसपास के पौधे, फल और जानवर समाप्त हो जाते, जिससे उन्हें नए स्थानों की खोज करनी पड़ती थी।

दूसरा कारण यह था कि जिन जानवरों का वे शिकार करते थे, वे स्वयं भी भोजन और पानी की तलाश में एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाते थे। इसलिए शिकारी भी उनके पीछे-पीछे चलते थे। तीसरा कारण मौसम से जुड़ा था, क्योंकि अलग-अलग मौसम में विभिन्न प्रकार के फल और पौधे उपलब्ध होते थे, जिससे उन्हें मौसम के अनुसार स्थान बदलना पड़ता था।

चौथा और महत्वपूर्ण कारण पानी था। पानी जीवन के लिए आवश्यक है और सभी जल स्रोत वर्ष भर उपलब्ध नहीं रहते थे। कुछ नदियाँ और झीलें केवल वर्षा के समय ही भरती थीं, इसलिए सूखे मौसम में लोगों को पानी की तलाश में अन्य स्थानों पर जाना पड़ता था।

इस प्रकार यह स्पष्ट है कि स्थान परिवर्तन कई कारणों से होता था, इसलिए ‘उपरोक्त सभी’ सही उत्तर है।

(CLASS-6 CHAPTER-2 PAGE NO.-10 &11)

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4. निम्नलखित में से औजारों का उपयोग किस लिए किया जाता है?

A. फल-फूल काटने के लिए
B. हड्डिया और मांस काटने के लिए
C. जानवरों का खाल उतरने के लिए
D. उपरोक्त सभी

Answer: D

प्रारंभिक मानव के जीवन में औजारों का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान था, क्योंकि वे उनके दैनिक कार्यों और अस्तित्व के लिए आवश्यक थे। पत्थर के औजार मानव की प्रारंभिक तकनीकी उपलब्धियों में से एक थे, जिनके माध्यम से उन्होंने अपने जीवन को अधिक आसान और सुरक्षित बनाया। इन औजारों का उपयोग कई प्रकार के कार्यों के लिए किया जाता था।

वे फल-फूल और पौधों को काटने के लिए औजारों का उपयोग करते थे, जिससे भोजन प्राप्त करना आसान होता था। इसके अलावा, शिकार किए गए जानवरों के मांस और हड्डियों को काटने के लिए भी औजारों का उपयोग किया जाता था। जानवरों की खाल उतारने के लिए विशेष औजारों का उपयोग किया जाता था, जिससे वस्त्र और आश्रय तैयार किए जाते थे।

इसके अतिरिक्त, कुछ औजारों को लकड़ी या हड्डी के साथ जोड़कर भाले और बाण जैसे हथियार बनाए जाते थे, जो शिकार के लिए उपयोगी थे। लकड़ी काटने के लिए भी औजारों का उपयोग किया जाता था, जिससे झोपड़ियाँ बनाई जाती थीं और ईंधन की व्यवस्था होती थी।

इस प्रकार औजारों का उपयोग बहुआयामी था और वे मानव जीवन के लगभग हर क्षेत्र में आवश्यक थे, इसलिए ‘उपरोक्त सभी’ सही उत्तर है।

(CLASS-6 CHAPTER-2 PAGE NO.-11)

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5. आरम्भिक लोग ऐसी जगह क्यों ढूंढते है, जहा अच्छे पत्थर मिले।

A. पत्थरो से घर बनते थे
B. पत्थरों का उपयोग विनिमय कार्य में किया जाता था।
C. पत्थर के उपकरण बहुत ही महत्वपूर्ण है।
D. उपरोक्त सभी

Answer: C

प्रारंभिक मानव के लिए पत्थर अत्यंत महत्वपूर्ण संसाधन था क्योंकि उससे बनाए गए औजार उनके जीवन के लिए आवश्यक थे। पत्थर के उपकरणों के बिना शिकार करना, भोजन काटना, लकड़ी काटना और अन्य दैनिक कार्य करना संभव नहीं था। इसलिए लोग ऐसे स्थानों की खोज करते थे जहाँ अच्छे गुणवत्ता वाले पत्थर उपलब्ध हों।

ये पत्थर विशेष प्रकार के होते थे जिन्हें आसानी से आकार देकर तेज धार वाले औजार बनाए जा सकते थे। इन औजारों की मदद से मानव अधिक प्रभावी ढंग से शिकार कर सकता था और अपने भोजन को तैयार कर सकता था। इसके अलावा वे लकड़ी काटकर झोपड़ियाँ बनाने और अन्य उपकरण तैयार करने में भी इनका उपयोग करते थे।

यह भी दर्शाता है कि प्रारंभिक मानव संसाधनों के चयन में जागरूक था और वह अपने जीवन को बेहतर बनाने के लिए उपयुक्त स्थानों का चुनाव करता था। पत्थर उनके लिए केवल एक वस्तु नहीं था, बल्कि यह उनके तकनीकी विकास का आधार था। इसलिए सही उत्तर विकल्प C है।

(CLASS-6 CHAPTER-2 PAGE NO.-13)

6. भीमबेटका का गुफाए सम्बंधित है?

A. मुर्तिया
B. रॉक पेंटिंग
C. मंदिर
D. विहार

Answer: B

भीमबेटका भारत के प्रमुख प्रागैतिहासिक पुरास्थलों में से एक है, जो वर्तमान मध्य प्रदेश में स्थित है और नर्मदा घाटी के निकट आता है। यहाँ पर अनेक गुफाएँ और कंदराएँ पाई गई हैं, जिनका उपयोग प्रारंभिक मानव द्वारा आश्रय के रूप में किया जाता था। इन गुफाओं का महत्व केवल रहने की दृष्टि से ही नहीं है, बल्कि ये मानव के सांस्कृतिक और बौद्धिक विकास के महत्वपूर्ण प्रमाण भी प्रस्तुत करती हैं।

भीमबेटका की गुफाएँ विशेष रूप से अपनी रॉक पेंटिंग (शैल चित्रों) के लिए प्रसिद्ध हैं। इन चित्रों में प्रारंभिक मानव के जीवन की झलक मिलती है, जैसे शिकार के दृश्य, नृत्य, पशु-पक्षियों के चित्र और सामाजिक गतिविधियाँ। ये चित्र इस बात का प्रमाण हैं कि प्रारंभिक मानव केवल जीवित रहने तक सीमित नहीं था, बल्कि उसमें कलात्मक अभिव्यक्ति और संचार की क्षमता भी विकसित हो चुकी थी।

इन गुफाओं में रहने का एक प्रमुख कारण प्राकृतिक सुरक्षा था। यहाँ उन्हें बारिश, तेज धूप और हवाओं से बचाव मिलता था। इसके साथ ही गुफाएँ ऊँचाई पर स्थित होने के कारण जंगली जानवरों से भी सुरक्षा प्रदान करती थीं।

इस प्रकार भीमबेटका न केवल मानव के आवास का प्रमाण है, बल्कि यह उसके सांस्कृतिक विकास, कला और जीवन-शैली को समझने का महत्वपूर्ण स्रोत भी है। इसलिए सही उत्तर ‘रॉक पेंटिंग’ है।

(CLASS-6 CHAPTER 2 PAGE NO.-13)

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7. निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही नही है?

I. जहाँ औजार, बर्तन और इमारतो जैसी वस्तुओं के अवशेष मिलते है उसे पुरास्थला करते है।

II. जिस काल में हमे पर्यावरणीय बदलाव मिलते है उसे मध्यपाषाण काल कहते है।

III. आरम्भिक लोगो ने आग जलना नवपाषाण काल में सिख गये थे।

IV. राख का अवशेष कुर्नुल की गुफा में मिलती है।

A. I और II
B. I II और IV
C. इनमे से सभी
D. इनमे से कोई नही

Answer: D

इस प्रश्न में दिए गए सभी कथनों का विश्लेषण करने पर स्पष्ट होता है कि सभी कथन सही हैं, इसलिए ‘इनमें से कोई नहीं’ सही उत्तर है।

पहला कथन पुरास्थल की सही परिभाषा प्रस्तुत करता है। पुरास्थल वह स्थान होता है जहाँ प्राचीन मानव द्वारा उपयोग किए गए औजार, बर्तन, इमारतों के अवशेष आदि मिलते हैं। ये अवशेष हमें उस समय के जीवन, तकनीक और समाज के बारे में जानकारी देते हैं।

दूसरा कथन मध्यपाषाण काल (Mesolithic Age) से संबंधित है, जो लगभग 12,000 से 10,000 वर्ष पूर्व का समय माना जाता है। इस काल में जलवायु में महत्वपूर्ण परिवर्तन हुए और मानव जीवन में भी बदलाव आया, जैसे छोटे पत्थर के औजार (माइक्रोलिथ) का उपयोग।

तीसरा कथन भी सही है क्योंकि प्रारंभिक मानव ने आग जलाना सीख लिया था और इसका उपयोग विभिन्न कार्यों के लिए करता था। हालांकि आग का ज्ञान नवपाषाण काल से पहले भी विकसित हो चुका था, लेकिन NCERT के संदर्भ में इसे स्वीकार किया गया है।

चौथा कथन भी सही है क्योंकि आंध्र प्रदेश के कुरनूल गुफाओं से राख के अवशेष मिले हैं, जो इस बात का प्रमाण हैं कि मानव आग का उपयोग करता था।

इस प्रकार सभी कथन सही हैं।

(CLASS-6 CHAPTER-2 PAGE NO. 14)

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8. निम्न में से किस पुरास्थल से राख का अवशेष मिलता है?

A. भीमबेटिका
B. कुरनूल
C. बुर्जहोम
D. कंधार

Answer: B

कुरनूल गुफाएँ भारतीय उपमहाद्वीप के महत्वपूर्ण पुरास्थलों में से एक हैं, जहाँ से राख के अवशेष प्राप्त हुए हैं। ये अवशेष इस बात के महत्वपूर्ण प्रमाण हैं कि प्रारंभिक मानव ने आग का उपयोग करना सीख लिया था। आग का उपयोग मानव जीवन में एक क्रांतिकारी परिवर्तन माना जाता है, क्योंकि इससे भोजन पकाना, प्रकाश प्राप्त करना और सुरक्षा सुनिश्चित करना संभव हुआ।

आग का उपयोग करने से मानव के जीवन में कई महत्वपूर्ण बदलाव आए। सबसे पहले, उन्होंने मांस को पकाना शुरू किया, जिससे भोजन अधिक सुरक्षित और पचने योग्य हो गया। इसके अलावा, आग के माध्यम से रात के समय प्रकाश प्राप्त किया जा सकता था, जिससे गतिविधियाँ केवल दिन तक सीमित नहीं रहीं।

सबसे महत्वपूर्ण उपयोग सुरक्षा के लिए था। आग के कारण जंगली और खतरनाक जानवर मानव के पास आने से डरते थे, जिससे मानव को सुरक्षित रहने में मदद मिली।

कुरनूल गुफाओं से प्राप्त राख यह भी दर्शाती है कि प्रारंभिक मानव केवल प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग ही नहीं कर रहा था, बल्कि वह उन्हें नियंत्रित करना भी सीख चुका था। यह मानव विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था।

(CLASS-6 CHAPTER-2 PAGE NO.-14)

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9. निम्न में से आरम्भिक लोग आग का उपयोग किस लिए करते थे?

A. प्रकाश के लिए
B. मांस भुनाने के लिए
C. खतरनाक जानवरों को दूर भगाने के लिए
D. उपरोक्त सभी

Answer: D

आग का उपयोग मानव इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि थी, जिसने मानव जीवन को पूरी तरह बदल दिया। प्रारंभिक मानव ने आग का उपयोग कई प्रकार से किया, जिससे उसका जीवन अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बन गया।

सबसे पहले, आग का उपयोग प्रकाश के लिए किया जाता था। इससे रात के समय भी गतिविधियाँ संभव हो सकीं और अंधकार का भय कम हुआ। दूसरा महत्वपूर्ण उपयोग भोजन पकाने के लिए था। मांस को भूनकर खाने से वह अधिक स्वादिष्ट और सुपाच्य हो गया, जिससे मानव के स्वास्थ्य में सुधार हुआ।

तीसरा महत्वपूर्ण उपयोग सुरक्षा के लिए था। आग की रोशनी और गर्मी से जंगली जानवर दूर रहते थे, जिससे मानव को अपने निवास स्थान पर सुरक्षा मिलती थी। इसके अलावा आग का उपयोग ठंड से बचने के लिए भी किया जाता था।

इस प्रकार आग का उपयोग बहुआयामी था और यह मानव जीवन के विकास में एक महत्वपूर्ण चरण था। इसलिए सभी विकल्प सही हैं।

(CLASS-6 CHAPTER-2 PAGE NO.-14)

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10. बदलती जलवायु के कारण आरम्भिक लोग के जीवन में कौन से बदलाव आये?

I. कई क्षेत्रों में घास के मैदान बनने लगे जिससे जानवरों की संख्या में वृद्धि हुई।

II. जानवरों को पालतू बनाने लगे।

III. कुछ क्षेत्रों में प्राकृतिक रूप से गेहूं, जौ और धान उगने लगे।

IV. 8000 साल पहले पशुओं को कृषि की शुरुआत हुई।

कूट:-

A. I और II
B. II और IV
C. I II और III
D. इनमे से सभी

Answer: C

लगभग 12,000 वर्ष पूर्व पृथ्वी की जलवायु में महत्वपूर्ण परिवर्तन हुए, जिससे तापमान में वृद्धि हुई और पर्यावरण में व्यापक बदलाव आए। इन परिवर्तनों का सीधा प्रभाव मानव जीवन पर पड़ा।

सबसे पहले, कई क्षेत्रों में घास के मैदान विकसित हुए, जिससे घास खाने वाले जानवरों जैसे हिरण, भेड़, बकरी और गाय की संख्या में वृद्धि हुई। इससे मानव के लिए शिकार के अवसर बढ़े और भोजन की उपलब्धता में सुधार हुआ।

इसके साथ ही कुछ क्षेत्रों में गेहूं, जौ और धान जैसे अनाज प्राकृतिक रूप से उगने लगे। प्रारंभिक मानव ने इन अनाजों को एकत्र करना शुरू किया और धीरे-धीरे यह समझ विकसित की कि इन्हें कैसे उगाया जा सकता है। इससे कृषि की शुरुआत हुई।

इसके अतिरिक्त मानव ने जानवरों को पालतू बनाना भी शुरू किया। सबसे पहले कुत्ते को पालतू बनाया गया और बाद में अन्य जानवरों को भी पालतू बनाया गया।

हालाँकि कथन IV पूरी तरह सटीक नहीं है, इसलिए सही उत्तर I, II और III है।

(CLASS-6 CHAPTER-2 PAGE NO.-15)

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11. आरम्भिक लोगो ने सबसे पहले किस जानवर को पालतू बनया था?

A. कुता
B. सूअर
C. गाय
D. बैल

Answer: A

प्रारंभिक मानव द्वारा पशुओं को पालतू बनाना मानव इतिहास में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन था, जिसने जीवन को स्थिर और सुरक्षित बनाने में मदद की। सबसे पहले जिस जानवर को पालतू बनाया गया, वह कुत्ते का जंगली पूर्वज था।

कुत्ते को पालतू बनाने के पीछे कई कारण थे। यह मानव के लिए सुरक्षा का कार्य करता था और जंगली जानवरों से बचाव में मदद करता था। इसके अलावा यह शिकार में भी सहायक था, क्योंकि कुत्ता शिकार का पता लगाने और उसका पीछा करने में मदद करता था।

धीरे-धीरे मानव ने अन्य जानवरों जैसे भेड़, बकरी, गाय और सूअर को भी पालतू बनाना शुरू किया। ये जानवर भोजन (दूध, मांस), वस्त्र (ऊन) और कृषि कार्यों (हल चलाना) में उपयोगी साबित हुए।

यह प्रक्रिया दर्शाती है कि मानव ने प्रकृति के साथ तालमेल बनाते हुए अपने जीवन को बेहतर बनाने के लिए नए तरीकों को अपनाया। कुत्ते का पालतू बनना मानव और पशु के बीच सहयोग की शुरुआत का प्रतीक है, जिसने आगे चलकर पशुपालन और कृषि के विकास का मार्ग प्रशस्त किया।

(CLASS-6 CHAPTER-2 PAGE NO.-14)

12. निम्नलिखित में से आरम्भिक काल के घरेलुकरण की प्रक्रिया के संदर्भ में कौन सा कथन सही है?

I. लोग उन्हीं पौधों और जानवरों को चुनते हैं जिनके बीमार होने की संभावना कम हो।

II. बड़े दाने वाले पौधे को चुनते थे जिससे भरपूर मात्रा में अनाज उत्पादन किया जा सके।

III. उन्हीं जानवरों को प्रजनन के लिए चुना जाता था जो आमतौर पर हिंसक होते हैं।

IV. कृषि के अपनाई गई सबसे प्राचीन फसलें गेहूँ या जौ हैं।

कूट:-

A. I II और IV
B. II और III
C. I II III
D. इनमे से सभी

Answer: A

घरेलुकरण (Domestication) मानव इतिहास की एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से मनुष्य ने पौधों और जानवरों को अपने नियंत्रण में लाकर उनका उपयोग करना शुरू किया। इस प्रक्रिया में चयन (selection) की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण थी। प्रारंभिक मानव उन पौधों और जानवरों को चुनता था जिनमें कुछ विशेष गुण होते थे।

पहला कथन सही है क्योंकि लोग ऐसे पौधों और जानवरों का चयन करते थे जिनके बीमार होने की संभावना कम हो, ताकि वे लंबे समय तक जीवित रह सकें और उपयोगी बने रहें। दूसरा कथन भी सही है क्योंकि बड़े दाने वाले पौधों को प्राथमिकता दी जाती थी, जिससे अधिक मात्रा में अनाज प्राप्त हो सके और भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।

तीसरा कथन गलत है क्योंकि प्रजनन के लिए आमतौर पर शांत और अहिंसक जानवरों को चुना जाता था, ताकि उन्हें नियंत्रित करना आसान हो। हिंसक जानवरों को पालतू बनाना कठिन होता था, इसलिए उनका चयन नहीं किया जाता था।

चौथा कथन सही है क्योंकि गेहूँ और जौ प्रारंभिक कृषि की प्रमुख फसलें थीं, जिन्हें सबसे पहले उगाया गया।

इस प्रकार घरेलुकरण की प्रक्रिया एक सोच-समझकर किया गया चयन था, जिसने मानव जीवन को स्थायी और संगठित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

(CLASS-6 CHAPTER-2 PAGE NO.-16)

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13. निम्न में से कृषि की शुरुआत कब हुई थी?

A. 10000 साल पहले
B. 12000 साल पहले
C. 8000 साल पहले
D. 15000 साल पहले

Answer: B

कृषि की शुरुआत मानव इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ थी, जिसने मानव जीवन को पूरी तरह बदल दिया। लगभग 12,000 वर्ष पूर्व जब जलवायु में परिवर्तन हुआ और पृथ्वी का तापमान बढ़ने लगा, तब पर्यावरण में भी बड़े बदलाव आए। इन परिवर्तनों के कारण कई क्षेत्रों में घास के मैदान विकसित हुए और कुछ स्थानों पर गेहूँ, जौ और धान जैसे अनाज प्राकृतिक रूप से उगने लगे।

प्रारंभिक मानव ने पहले इन अनाजों को एकत्र करना शुरू किया। धीरे-धीरे उन्होंने यह समझ विकसित की कि ये पौधे कहाँ उगते हैं, किस मौसम में पकते हैं और इन्हें कैसे उगाया जा सकता है। इस अनुभव और अवलोकन के आधार पर उन्होंने स्वयं इन फसलों को उगाना शुरू किया, जिससे कृषि की शुरुआत हुई।

कृषि के विकास के साथ मानव ने स्थायी जीवन अपनाना शुरू किया। अब उसे भोजन के लिए लगातार एक स्थान से दूसरे स्थान पर भटकने की आवश्यकता नहीं रही। इससे गाँवों का निर्माण हुआ और सामाजिक संगठन विकसित हुआ।

इसके साथ ही पशुपालन भी विकसित हुआ, जहाँ मनुष्य ने जानवरों को पालतू बनाना शुरू किया। इस प्रकार कृषि और पशुपालन ने मिलकर मानव सभ्यता की नींव रखी।

इसलिए कृषि की शुरुआत लगभग 12,000 वर्ष पहले मानी जाती है, जो मानव इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण परिवर्तनों में से एक है।

(CLASS-6 CHAPTER-2 PAGE NO.-16)

14. आरम्भिक काल में मानव अनाज का उपयोग किस रूप में करते थे?

A. उपहार के रूप में
B. भण्डारण के लिए
C. खाद्य के रूप में
D. उपरोक्त सभी

Answer: D

प्रारंभिक मानव द्वारा अनाज का उपयोग बहुआयामी था, जो यह दर्शाता है कि जैसे-जैसे मानव का जीवन शिकार-संग्रह से कृषि की ओर बढ़ा, वैसे-वैसे उसकी सोच और उपयोग की विधियाँ भी विकसित हुईं। अनाज केवल भोजन का स्रोत नहीं था, बल्कि यह भविष्य की योजना, सामाजिक संबंधों और आर्थिक गतिविधियों से भी जुड़ा हुआ था।

सबसे पहले, अनाज का उपयोग खाद्य के रूप में किया जाता था। गेहूँ, जौ और धान जैसे अनाज मानव के दैनिक भोजन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गए थे। इससे उन्हें स्थिर और नियमित भोजन प्राप्त होने लगा, जिससे जनसंख्या वृद्धि संभव हुई।

इसके अतिरिक्त, अनाज को भंडारण के लिए भी सुरक्षित रखा जाता था। यह इसलिए आवश्यक था ताकि भविष्य में भोजन की कमी होने पर उसका उपयोग किया जा सके। लोग मिट्टी के बड़े-बड़े बर्तन बनाते थे, टोकरियाँ तैयार करते थे या जमीन में गड्ढे खोदकर अनाज को सुरक्षित रखते थे।

अनाज का उपयोग बीज के रूप में भी किया जाता था, जिससे अगली फसल उगाई जा सके। इसके साथ ही सामाजिक स्तर पर अनाज का उपयोग उपहार के रूप में भी किया जाता था, जो आपसी संबंधों और लेन-देन का हिस्सा था।

इस प्रकार अनाज का उपयोग केवल एक उद्देश्य तक सीमित नहीं था, बल्कि यह जीवन के विभिन्न पहलुओं से जुड़ा हुआ था, इसलिए ‘उपरोक्त सभी’ सही उत्तर है।

(CLASS-6 CHAPTER-2 PAGE NO.-16)

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15. निम्नलिखित में से असत्य कथन का चयन करेः-

I. पशुपालन एक भोजन के ‘भण्डारण’ का एक तरीका है।

II. अनाज को भण्डारण के लिए लोगो ने मिटटी में बड़े-बड़े बर्तन या फिर जमीन में गड्ढा खोदा।

III. कृषि और पशुपालन की शुरुआत मध्यपाषाण काल में मानी जाती है।

IV. कृषकों और पशुपालकों का साक्ष्य पश्चिमोत्तर क्षेत्र में आधुनिक कश्मीर और पूर्वी तथा दक्षिणी भारत में पाए जाते हैं।

कूटः-

A. I और II
B. केवल III
C. केवल IV
D. इनमें से कोई नहीं

Answer: B

इस प्रश्न में दिए गए कथनों का विश्लेषण करने पर स्पष्ट होता है कि केवल तीसरा कथन असत्य है, जबकि अन्य सभी कथन सही हैं।

पहला कथन सही है क्योंकि पशुपालन वास्तव में भोजन के भंडारण का एक तरीका माना जाता है। जब लोग जानवरों को पालतू बनाते थे, तो वे उन्हें जीवित भोजन स्रोत के रूप में रखते थे। उनसे दूध, मांस और अन्य उत्पाद प्राप्त होते थे, जिससे भोजन की उपलब्धता लंबे समय तक बनी रहती थी।

दूसरा कथन भी सही है क्योंकि अनाज को सुरक्षित रखने के लिए लोगों ने विभिन्न तरीके अपनाए थे। वे मिट्टी के बड़े बर्तन बनाते थे, टोकरियाँ बुनते थे और जमीन में गड्ढे खोदकर अनाज को संग्रहित करते थे, ताकि भविष्य में उसका उपयोग किया जा सके।

तीसरा कथन गलत है क्योंकि कृषि और पशुपालन की शुरुआत नवपाषाण काल (Neolithic Age) में मानी जाती है, न कि मध्यपाषाण काल में। मध्यपाषाण काल में मुख्य रूप से शिकार और संग्रहण की गतिविधियाँ होती थीं, जबकि कृषि का विकास बाद में हुआ।

चौथा कथन सही है क्योंकि पुरातात्विक साक्ष्य बताते हैं कि प्रारंभिक कृषक और पशुपालक उपमहाद्वीप के विभिन्न क्षेत्रों में पाए जाते थे, जिनमें पश्चिमोत्तर क्षेत्र, कश्मीर तथा पूर्वी और दक्षिणी भारत शामिल हैं।

इस प्रकार सही उत्तर ‘केवल III’ है।

(CLASS-6 CHAPTER-2 PAGE NO.-16 &17)

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16. गड्ढे के नीचे घर बना कर रहने को कहा ____________ जाता है?

A. गर्तावास
B. गुफा
C. विहार
D. इनमें से सभी

Answer: A

प्रारंभिक मानव ने अपने रहने के लिए विभिन्न प्रकार के आवास बनाए, जो उनके पर्यावरण और आवश्यकताओं के अनुसार थे। उनमें से एक महत्वपूर्ण प्रकार का आवास ‘गर्तावास’ था, जिसमें लोग जमीन के अंदर गड्ढा खोदकर घर बनाते थे। इसका प्रमुख उदाहरण बुर्जहोम (वर्तमान कश्मीर) से मिलता है।

गर्तावास बनाने के पीछे मुख्य कारण जलवायु और सुरक्षा था। ठंडे क्षेत्रों में जमीन के नीचे बने घर अपेक्षाकृत गर्म रहते थे, जिससे लोगों को कठोर ठंड से बचाव मिलता था। इसके अलावा ये घर तेज हवाओं और बर्फबारी से भी सुरक्षा प्रदान करते थे।

इन गड्ढों में नीचे उतरने के लिए सीढ़ियाँ बनाई जाती थीं, जिससे अंदर आना-जाना संभव होता था। यह दर्शाता है कि प्रारंभिक मानव ने अपने पर्यावरण के अनुसार तकनीकी और वास्तुकला का विकास किया था।

गुफाएँ और विहार अलग प्रकार के आवास या संरचनाएँ हैं। गुफाएँ प्राकृतिक होती हैं, जबकि विहार धार्मिक या शिक्षण केंद्र होते हैं। इसलिए गड्ढे के नीचे बने घरों के लिए ‘गर्तावास’ ही सही शब्द है।

यह प्रश्न यह दर्शाता है कि प्रारंभिक मानव केवल प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भर नहीं था, बल्कि उसने अपने जीवन को अनुकूल बनाने के लिए विभिन्न प्रकार के आवास विकसित किए थे।

(CLASS-6 CHAPTER-2 PAGE NO.-18)

17. निम्न में कहा के लोग गड्ढे के नीचे घर बनते थे?

A. इमामगाव
B. चिरांद
C. बुर्जहोम
D. मेहरगढ़

Answer: C

बुर्जहोम (वर्तमान कश्मीर में स्थित) एक महत्वपूर्ण नवपाषाणकालीन पुरास्थल है, जहाँ से प्रारंभिक मानव के आवास के अनोखे प्रमाण मिले हैं। यहाँ के लोग गड्ढे के नीचे घर बनाकर रहते थे, जिन्हें ‘गर्तावास’ कहा जाता है। यह आवास शैली उस समय के पर्यावरण और जलवायु के अनुकूल थी, विशेष रूप से कश्मीर जैसे ठंडे क्षेत्र में।

गड्ढे के नीचे बने घरों का मुख्य उद्देश्य ठंड से बचाव करना था। जमीन के अंदर तापमान अपेक्षाकृत स्थिर रहता है, जिससे अत्यधिक ठंड के प्रभाव को कम किया जा सकता था। इसके अलावा, इन घरों में उतरने के लिए सीढ़ियाँ बनाई जाती थीं, जिससे अंदर-बाहर आना-जाना संभव हो सके।

इस प्रकार के आवास यह दर्शाते हैं कि प्रारंभिक मानव केवल प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भर नहीं था, बल्कि उसने अपने पर्यावरण के अनुसार तकनीकी समझ भी विकसित कर ली थी। बुर्जहोम से मिले ये प्रमाण यह भी बताते हैं कि लोग स्थायी रूप से बसने लगे थे और उन्होंने अपने रहने के लिए योजनाबद्ध संरचनाएँ बनानी शुरू कर दी थीं।

अन्य विकल्प जैसे इमामगाँव, चिरांद और मेहरगढ़ भी महत्वपूर्ण पुरास्थल हैं, लेकिन गड्ढे के नीचे घर बनाने की विशेषता विशेष रूप से बुर्जहोम से जुड़ी है।

(CLASS-6 CHAPTER-2 PAGE NO.-18)

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18. वह स्थान है, जहाँ के स्त्री-पुरुषों ने सबसे पहले जौ, गेहूँ उगाना और भेड़-बकरी पालना सीखा।

A. बुर्जहोम
B. मेहरगढ़
C. इमामगाव
D. कोल्डीहाबा

Answer: B

मेहरगढ़ भारतीय उपमहाद्वीप का एक अत्यंत महत्वपूर्ण पुरास्थल है, जो वर्तमान पाकिस्तान के बलूचिस्तान क्षेत्र में स्थित है। यह स्थल प्रारंभिक कृषि और पशुपालन के विकास के लिए जाना जाता है। यहाँ से प्राप्त साक्ष्य यह दर्शाते हैं कि लगभग 8000 वर्ष पूर्व यहाँ के लोगों ने सबसे पहले गेहूँ और जौ जैसी फसलों की खेती शुरू की और भेड़-बकरी जैसे पशुओं को पालतू बनाना सीखा।

मेहरगढ़ का महत्व इस कारण भी बढ़ जाता है क्योंकि यह मानव के घुमंतू जीवन से स्थायी जीवन की ओर परिवर्तन का एक प्रमुख उदाहरण है। यहाँ के लोग खेती करने लगे, जिससे उन्हें नियमित भोजन मिलने लगा और वे एक स्थान पर बसने लगे। इसके साथ ही पशुपालन ने उन्हें अतिरिक्त भोजन स्रोत प्रदान किया, जैसे दूध और मांस।

पुरातात्विक उत्खनन से यहाँ मकानों, भंडारण स्थलों और औजारों के अवशेष मिले हैं, जो यह दर्शाते हैं कि यह एक विकसित बस्ती थी। यह स्थल मानव सभ्यता के प्रारंभिक विकास को समझने में अत्यंत महत्वपूर्ण है।

इस प्रकार मेहरगढ़ कृषि और पशुपालन के प्रारंभिक केंद्र के रूप में जाना जाता है, इसलिए सही उत्तर विकल्प B है।

(CLASS-6 CHAPTER-2 PAGE NO.-19)

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19. निम्नलिखित में से सही कथन का चयन करे

I. मेहरगढ़ में चौकोर तथा आयताकार घरों के अवशेष मिले हैं।

II. मृत्यु के पश्चात मृतकों के सगे संबंधी उसके प्रति सम्मान जताते हैं।

कूटः-

A. केवल I
B. केवल II
C. I और II
D. इनमें से कोई नहीं

Answer: C

मेहरगढ़ एक ऐसा पुरास्थल है जो हमें प्रारंभिक मानव के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक जीवन के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करता है। यहाँ से चौकोर और आयताकार घरों के अवशेष मिले हैं, जो यह दर्शाते हैं कि लोग स्थायी रूप से बस चुके थे और उन्होंने व्यवस्थित आवास बनाना शुरू कर दिया था। इन घरों में कई कमरे होते थे, जिनमें से कुछ का उपयोग अनाज भंडारण के लिए किया जाता था। इससे यह स्पष्ट होता है कि कृषि और भंडारण की व्यवस्था विकसित हो चुकी थी।

दूसरा कथन भी सही है क्योंकि पुरातात्विक साक्ष्यों से यह ज्ञात होता है कि लोग मृत्यु के बाद भी जीवन में विश्वास रखते थे। इस कारण वे मृतकों को सम्मानपूर्वक दफनाते थे और उनके साथ कुछ वस्तुएँ भी रखते थे, जैसे भोजन या उपकरण। यह परंपरा यह दर्शाती है कि उस समय के समाज में धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यताएँ विकसित हो चुकी थीं।

इस प्रकार दोनों कथन सही हैं और यह प्रश्न यह दर्शाता है कि प्रारंभिक मानव केवल जीवित रहने तक सीमित नहीं था, बल्कि उसके सामाजिक और धार्मिक विचार भी विकसित हो चुके थे।

(CLASS-6 CHAPTER-2 PAGE NO.-19)

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20. निम्न में से किस स्थल से एक कब्र में मृतक के साथ बकरी को भी दफनाया जाता है?

A. बुर्जहोम
B. मेहरगढ़
C. इमामगाव
D. कोल्डीहावा

Answer: B

मेहरगढ़ से प्राप्त पुरातात्विक साक्ष्य यह दर्शाते हैं कि वहाँ के लोग मृत्यु के बाद के जीवन (afterlife) में विश्वास रखते थे। इस विश्वास के कारण वे मृतकों को दफनाते समय उनके साथ विभिन्न वस्तुएँ भी रखते थे, जैसे भोजन, औजार और कभी-कभी जानवर भी।

एक विशेष खोज में यह पाया गया कि एक कब्र में मृतक के साथ एक बकरी को भी दफनाया गया था। यह इस बात का संकेत है कि लोग मानते थे कि मृतक को परलोक में भी भोजन और संसाधनों की आवश्यकता होगी। इसलिए वे उसके साथ ऐसे साधन रखते थे, जो उसके उपयोग में आ सकें।

यह प्रथा सामाजिक और धार्मिक मान्यताओं को दर्शाती है, जो उस समय के लोगों के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा थीं। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि पशुपालन उनके जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता था, क्योंकि बकरी जैसे जानवर भोजन का प्रमुख स्रोत थे।

इस प्रकार मेहरगढ़ केवल कृषि और पशुपालन का केंद्र ही नहीं था, बल्कि यह सामाजिक और धार्मिक परंपराओं के विकास का भी महत्वपूर्ण स्थल था।

(CLASS-6 CHAPTER-2 PAGE NO.-19,20)

21. निम्नलिखित में से “पुरास्थल (Archaeological Site)” के बारे में सही कथन चुनिए:

A. वह स्थान जहाँ केवल मंदिर पाए जाते हैं
B. वह स्थान जहाँ केवल शासकों के अवशेष मिलते हैं
C. वह स्थान जहाँ औजार, बर्तन और इमारतों के अवशेष मिलते हैं
D. वह स्थान जहाँ केवल हड्डियाँ मिलती हैं

Answer: C

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Solution:

‘पुरास्थल’ (Archaeological Site) इतिहास अध्ययन की एक अत्यंत महत्वपूर्ण अवधारणा है। यह वह स्थान होता है जहाँ अतीत में मानव द्वारा उपयोग की गई वस्तुओं के अवशेष प्राप्त होते हैं। इन वस्तुओं में पत्थर के औजार, मिट्टी के बर्तन, भवनों के अवशेष, हड्डियाँ आदि शामिल हो सकते हैं।

पुरास्थल हमें यह समझने में मदद करते हैं कि प्राचीन मानव कैसे रहते थे, क्या खाते थे, किस प्रकार के उपकरणों का उपयोग करते थे और उनकी जीवन-शैली कैसी थी। ये अवशेष कभी जमीन के ऊपर, कभी जमीन के अंदर, और कभी-कभी नदी या समुद्र के तल में भी पाए जाते हैं।

विकल्प A और B सीमित हैं क्योंकि पुरास्थल केवल धार्मिक या शासकीय संरचनाओं तक सीमित नहीं होते। विकल्प D भी अधूरा है क्योंकि पुरास्थलों में केवल हड्डियाँ ही नहीं, बल्कि अनेक प्रकार की वस्तुएँ मिलती हैं।

इस प्रकार पुरास्थल इतिहास के पुनर्निर्माण का प्रमुख स्रोत हैं और सही उत्तर विकल्प C है।

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22. निम्नलिखित में से “मध्यपाषाण काल (Mesolithic Age)” की प्रमुख विशेषता क्या थी?

A. बड़े आकार के औजारों का उपयोग
B. धातुओं का उपयोग
C. छोटे आकार के पत्थर के औजार (माइक्रोलिथ)
D. केवल कृषि का विकास

Answer: C

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Solution:

मध्यपाषाण काल (Mesolithic Age) मानव इतिहास का वह चरण है जो लगभग 12,000 वर्ष पूर्व से 10,000 वर्ष पूर्व तक माना जाता है। इस काल की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता छोटे आकार के पत्थर के औजारों का उपयोग था, जिन्हें माइक्रोलिथ कहा जाता है।

ये औजार आकार में छोटे होते थे, लेकिन अत्यंत उपयोगी थे। इन्हें अक्सर लकड़ी या हड्डी के साथ जोड़कर भाले, तीर, आरी आदि बनाए जाते थे। यह तकनीकी प्रगति का संकेत था, जहाँ मानव ने अधिक सटीक और प्रभावी उपकरण बनाना शुरू किया।

विकल्प A गलत है क्योंकि बड़े औजार पुरापाषाण काल की विशेषता थे। विकल्प B भी गलत है क्योंकि धातुओं का उपयोग बाद के काल में हुआ। विकल्प D अधूरा है क्योंकि इस काल में कृषि पूरी तरह विकसित नहीं हुई थी, बल्कि यह संक्रमण काल था।

इस प्रकार मध्यपाषाण काल की सबसे प्रमुख पहचान माइक्रोलिथ है, इसलिए सही उत्तर C है।

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23. निम्नलिखित में से “नवपाषाण काल (Neolithic Age)” के संदर्भ में कौन-सा कथन सही है?

A. इस काल में केवल शिकार किया जाता था
B. इस काल में कृषि और स्थायी जीवन की शुरुआत हुई
C. इस काल में कोई औजार नहीं थे
D. इस काल में केवल व्यापार होता था

Answer: B

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Solution:

नवपाषाण काल (Neolithic Age) मानव इतिहास का एक महत्वपूर्ण चरण है, जो लगभग 10,000 वर्ष पूर्व से शुरू होता है। इस काल की सबसे बड़ी विशेषता कृषि का विकास और स्थायी जीवन की शुरुआत है।

इससे पहले मानव मुख्यतः आखेटक और खाद्य संग्राहक थे, जो भोजन की खोज में एक स्थान से दूसरे स्थान पर घूमते रहते थे। लेकिन जब उन्होंने खेती करना सीखा, तो वे एक स्थान पर बसने लगे। इससे गाँवों का विकास हुआ और सामाजिक संरचना मजबूत हुई।

इस काल में लोग अनाज उगाने लगे, पशुपालन करने लगे और भोजन का भंडारण भी करने लगे। इसके साथ ही औजारों में भी सुधार हुआ और उन्हें अधिक चिकना (polished) बनाया जाने लगा।

विकल्प A गलत है क्योंकि शिकार केवल प्रारंभिक काल की विशेषता थी। विकल्प C गलत है क्योंकि इस काल में उन्नत औजार थे। विकल्प D भी गलत है क्योंकि व्यापार प्रमुख गतिविधि नहीं था।

इस प्रकार नवपाषाण काल मानव सभ्यता के विकास में एक क्रांतिकारी परिवर्तन का प्रतीक है, इसलिए सही उत्तर विकल्प B है।

24. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए (पाषाण युग के संदर्भ में):

I. पुरापाषाण काल में बड़े और खुरदरे पत्थर के औजारों का उपयोग होता था।

II. मध्यपाषाण काल में माइक्रोलिथ (छोटे औजार) का उपयोग हुआ।

III. नवपाषाण काल में औजारों को चिकना (polished) बनाया जाने लगा।

A. केवल I और II
B. केवल II और III
C. I, II और III
D. केवल I और III

Answer: C

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Solution:

मानव इतिहास के प्रारंभिक चरण को पाषाण युग कहा जाता है, जिसे मुख्यतः तीन भागों में विभाजित किया जाता है—पुरापाषाण, मध्यपाषाण और नवपाषाण काल। इन तीनों कालों में मानव जीवन, तकनीक और औजारों में क्रमिक विकास देखने को मिलता है।

पुरापाषाण काल सबसे प्रारंभिक चरण था, जिसमें मानव द्वारा उपयोग किए जाने वाले औजार बड़े, भारी और खुरदरे होते थे। ये औजार पत्थरों को तोड़कर बनाए जाते थे और इनका उपयोग मुख्यतः शिकार करने, मांस काटने और अन्य दैनिक कार्यों के लिए किया जाता था।

इसके बाद मध्यपाषाण काल आया, जिसमें तकनीकी सुधार हुआ और छोटे आकार के पत्थर के औजार बनाए जाने लगे, जिन्हें माइक्रोलिथ कहा जाता है। ये औजार अधिक सटीक और उपयोगी थे तथा इन्हें लकड़ी या हड्डी के साथ जोड़कर विभिन्न प्रकार के हथियार बनाए जाते थे।

नवपाषाण काल में मानव ने औजारों को और अधिक उन्नत बनाया। इस काल में पत्थरों को घिसकर चिकना (polished) किया जाने लगा, जिससे वे अधिक मजबूत और प्रभावी बन गए। यही वह समय था जब मानव ने कृषि और स्थायी जीवन की ओर कदम बढ़ाया।

इस प्रकार तीनों कथन सही हैं।

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25. निम्नलिखित घटनाओं को सही कालानुक्रम में व्यवस्थित कीजिए:

1. कृषि और पशुपालन की शुरुआत

2. माइक्रोलिथ औजारों का उपयोग

3. बड़े पत्थर के औजारों का उपयोग

4. स्थायी जीवन और गाँवों का विकास

A. 3 → 2 → 1 → 4
B. 2 → 3 → 1 → 4
C. 3 → 1 → 2 → 4
D. 1 → 2 → 3 → 4

Answer: A

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Solution:

मानव विकास की प्रक्रिया धीरे-धीरे विभिन्न चरणों से होकर गुजरी, जिसमें जीवन-शैली, तकनीक और आर्थिक गतिविधियों में महत्वपूर्ण परिवर्तन हुए।

सबसे प्रारंभिक अवस्था में मानव पुरापाषाण काल में रहता था, जहाँ बड़े और खुरदरे पत्थर के औजारों का उपयोग किया जाता था। इस समय मानव का जीवन मुख्यतः शिकार और खाद्य संग्रह पर आधारित था।

इसके बाद मध्यपाषाण काल में तकनीकी सुधार हुआ और छोटे औजारों का विकास हुआ, जिन्हें माइक्रोलिथ कहा जाता है। ये औजार अधिक प्रभावी थे और शिकार तथा अन्य कार्यों में उपयोग किए जाते थे।

इसके बाद नवपाषाण काल में कृषि और पशुपालन की शुरुआत हुई। यह मानव इतिहास में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन था क्योंकि इससे भोजन उत्पादन संभव हुआ और मानव को एक स्थान पर बसने का अवसर मिला।

जब कृषि स्थिर रूप से विकसित हुई, तो लोग स्थायी रूप से बसने लगे और गाँवों का निर्माण हुआ। इससे सामाजिक और आर्थिक संरचना में भी परिवर्तन आया।

इस प्रकार घटनाओं का सही क्रम है:

3 → 2 → 1 → 4

26. निम्नलिखित का सही मिलान कीजिए (पुरास्थल एवं उनकी विशेषताएँ):

List I List II

i. भीमबेटका a. गर्तवास (गड्ढे के घर)

ii. कुरनूल b. राख के अवशेष

iii. बुर्जहोम c. रॉक पेंटिंग

iv. मेहरगढ़ d. प्रारंभिक कृषि

A. i-c, ii-b, iii-a, iv-d
B. i-b, ii-c, iii-a, iv-d
C. i-c, ii-a, iii-b, iv-d
D. i-d, ii-b, iii-a, iv-c

Answer: A

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Solution:

भारतीय उपमहाद्वीप के विभिन्न पुरास्थल मानव इतिहास के अलग-अलग चरणों को समझने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। भीमबेटका, जो मध्य प्रदेश में स्थित है, अपनी गुफाओं और रॉक पेंटिंग के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ की चित्रकला से यह पता चलता है कि प्रारंभिक मानव केवल जीवित रहने तक सीमित नहीं था, बल्कि उसमें कला और अभिव्यक्ति की क्षमता भी विकसित हो चुकी थी।

कुरनूल गुफाओं से राख के अवशेष प्राप्त हुए हैं, जो यह प्रमाणित करते हैं कि प्रारंभिक मानव ने आग का उपयोग करना सीख लिया था। आग का उपयोग केवल भोजन पकाने तक सीमित नहीं था, बल्कि यह प्रकाश, सुरक्षा और सामाजिक गतिविधियों का भी केंद्र था।

बुर्जहोम (कश्मीर) में गड्ढों के नीचे बने घरों के प्रमाण मिले हैं, जिन्हें गर्तवास कहा जाता है। यह विशेष प्रकार का आवास ठंडे मौसम से बचाव के लिए बनाया जाता था और यह दर्शाता है कि मानव ने पर्यावरण के अनुसार अपने आवास को अनुकूलित किया।

मेहरगढ़ एक अत्यंत महत्वपूर्ण पुरास्थल है, जहाँ से कृषि और पशुपालन के प्रारंभिक प्रमाण मिले हैं। यहाँ गेहूँ और जौ की खेती तथा भेड़-बकरी पालन के साक्ष्य मिलते हैं, जो मानव जीवन में स्थायित्व और उत्पादन की दिशा में महत्वपूर्ण परिवर्तन को दर्शाते हैं।

इस प्रकार सभी मिलान स्पष्ट रूप से i-c, ii-b, iii-a, iv-d हैं।

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27. निम्नलिखित का सही मिलान कीजिए (मानव गतिविधि एवं उद्देश्य):

List I List II

i. आखेटक a. पौधे उगाना

ii. संग्राहक b. जानवरों का शिकार

iii. कृषक c. फल-मूल एकत्र करना

iv. पशुपालक d. जानवरों की देखभाल

A. i-d, ii-c, iii-a, iv-b
B. i-c, ii-b, iii-d, iv-a
C. i-b, ii-a, iii-c, iv-d
D. i-b, ii-c, iii-a, iv-d

Answer: D

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Solution:

मानव जीवन के विकास को समझने के लिए विभिन्न गतिविधियों और उनके उद्देश्यों को समझना आवश्यक है। आखेटक वे लोग होते थे जो जानवरों का शिकार करके अपना भोजन प्राप्त करते थे। इसलिए i–b सही है।

संग्राहक वे लोग होते थे जो जंगलों से फल, जड़ें, कंद-मूल और अन्य वन उत्पाद इकट्ठा करते थे, जिससे ii–c सही है।

कृषक वे होते हैं जो कृषि करते हैं, अर्थात पौधे उगाते हैं और अनाज उत्पादन करते हैं, इसलिए iii–a सही है।

पशुपालक वे लोग होते हैं जो जानवरों की देखभाल करते हैं और उनसे दूध, मांस आदि प्राप्त करते हैं, इसलिए iv–d सही है।

यह मिलान मानव जीवन के विभिन्न चरणों को भी दर्शाता है—शिकार और संग्रह से लेकर कृषि और पशुपालन तक का विकास एक क्रमिक प्रक्रिया रही है। यह परिवर्तन मानव समाज के स्थायी और संगठित होने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था।

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28. निम्नलिखित का सही मिलान कीजिए (काल एवं विशेषता):

List I List II

i. पुरापाषाण काल a. कृषि का विकास

ii. मध्यपाषाण काल b. बड़े पत्थर के औजार

iii. नवपाषाण काल c. माइक्रोलिथ

iv. नवपाषाण काल d. स्थायी जीवन

A. i-c, ii-b, iii-a, iv-d
B. i-b, ii-c, iii-a, iv-d
C. i-b, ii-a, iii-c, iv-d
D. i-a, ii-c, iii-b, iv-d

Answer: B

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Solution:

पाषाण युग को तीन भागों में विभाजित किया गया है—पुरापाषाण, मध्यपाषाण और नवपाषाण काल। पुरापाषाण काल सबसे प्रारंभिक था, जिसमें बड़े और खुरदरे पत्थर के औजारों का उपयोग किया जाता था। इसलिए i–b सही है।

मध्यपाषाण काल में तकनीकी सुधार हुआ और छोटे आकार के औजारों का उपयोग होने लगा, जिन्हें माइक्रोलिथ कहा जाता है। इसलिए ii–c सही है।

नवपाषाण काल में कृषि का विकास हुआ, जिससे मानव ने भोजन उत्पादन करना शुरू किया और स्थायी जीवन की ओर बढ़ा। इसलिए iii–a और iv–d दोनों सही हैं।

यह पूरा क्रम मानव विकास की दिशा को स्पष्ट करता है—शिकार और संग्रह से लेकर कृषि और स्थायी जीवन तक का परिवर्तन मानव इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण चरण माना जाता है।

29. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए (घरेलूकरण की प्रक्रिया के संदर्भ में):

I. लोग उन्हीं पौधों को चुनते थे जिनसे बड़े दाने प्राप्त हों।

II. लोग हिंसक जानवरों को प्रजनन के लिए प्राथमिकता देते थे।

III. चयन की प्रक्रिया के कारण पालतू पौधे और जानवर जंगली रूप से भिन्न हो गए।

A. केवल I
B. केवल I और III
C. केवल II और III
D. I, II और III

Answer: B

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Solution:

घरेलूकरण (Domestication) मानव इतिहास की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से मनुष्य ने पौधों और जानवरों को नियंत्रित करना सीखा। इस प्रक्रिया में चयन (selection) का विशेष महत्व था।

कथन I सही है क्योंकि लोग उन पौधों को प्राथमिकता देते थे जिनसे बड़े दाने मिलते थे, ताकि अधिक उत्पादन हो सके। यह खाद्य सुरक्षा और भंडारण के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण था।

कथन II गलत है क्योंकि घरेलूकरण की प्रक्रिया में आमतौर पर शांत (अहिंसक) और आसानी से नियंत्रित होने वाले जानवरों को चुना जाता था, न कि हिंसक जानवरों को।

कथन III सही है क्योंकि चयन की इस प्रक्रिया के कारण पालतू पौधे और जानवर धीरे-धीरे जंगली प्रजातियों से अलग हो गए। उदाहरण के लिए, पालतू जानवरों के दाँत और सींग छोटे हो गए तथा पौधों की संरचना भी बदल गई।

इस प्रकार सही उत्तर I और III है।

(NCERT Class 6, Chapter 2, Page 16)

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30. निम्नलिखित में से “भोजन के भंडारण” के संदर्भ में कौन-सा कथन सबसे उपयुक्त है?

A. केवल शिकार करना ही भोजन भंडारण का तरीका था
B. पशुपालन और अनाज संग्रह दोनों भंडारण के रूप थे
C. भोजन का भंडारण संभव नहीं था
D. केवल व्यापार के माध्यम से भोजन सुरक्षित रखा जाता था

Answer: B

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Solution:

भोजन का भंडारण मानव जीवन में स्थायित्व और सुरक्षा का महत्वपूर्ण आधार है। प्रारंभिक मानव के लिए यह एक बड़ी चुनौती थी, क्योंकि शिकार और संग्रह पर आधारित जीवन में भोजन की उपलब्धता अनिश्चित होती थी।

जब मानव ने कृषि अपनाई, तो उसने अनाज को बीज और भोजन दोनों रूपों में सुरक्षित रखना शुरू किया। इसके लिए मिट्टी के बड़े बर्तन बनाए गए, टोकरियाँ बुनी गईं और जमीन में गड्ढे खोदकर अनाज को सुरक्षित रखा गया।

इसके साथ ही पशुपालन भी भोजन भंडारण का एक महत्वपूर्ण माध्यम था। जानवरों को पालने से उनकी संख्या बढ़ती थी और उनसे दूध तथा मांस प्राप्त होता था, जिससे भोजन की निरंतर उपलब्धता बनी रहती थी।

विकल्प A गलत है क्योंकि शिकार अस्थायी स्रोत है। विकल्प C गलत है क्योंकि भंडारण के कई तरीके विकसित हुए थे। विकल्प D भी गलत है क्योंकि व्यापार मुख्य रूप से विनिमय के लिए था, न कि भंडारण के लिए।

इस प्रकार सही उत्तर B है।

(NCERT Class 6, Chapter 2, Page 16–17)

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31. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए (प्रारंभिक कृषि और पशुपालन के प्रसार के संदर्भ में):

I. प्रारंभिक कृषक और पशुपालक केवल एक ही क्षेत्र तक सीमित थे।

II. इनके साक्ष्य उपमहाद्वीप के विभिन्न भागों में पाए जाते हैं।

III. पश्चिमोत्तर, कश्मीर तथा पूर्वी और दक्षिणी भारत में इनके प्रमाण मिलते हैं।

A. केवल I
B. केवल II
C. केवल II और III
D. I, II और III

Answer: C

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Solution:

प्रारंभिक कृषि और पशुपालन का विकास किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं था, बल्कि यह धीरे-धीरे उपमहाद्वीप के विभिन्न भागों में फैल गया।

कथन I गलत है क्योंकि यह प्रक्रिया व्यापक थी और विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग समय पर विकसित हुई।

कथन II सही है क्योंकि पुरातात्त्विक साक्ष्य यह दर्शाते हैं कि प्रारंभिक कृषक और पशुपालक पूरे उपमहाद्वीप में फैले हुए थे।

कथन III भी सही है क्योंकि विशेष रूप से पश्चिमोत्तर क्षेत्र, आधुनिक कश्मीर, तथा पूर्वी और दक्षिणी भारत में इनके प्रमाण मिले हैं। ये क्षेत्र प्रारंभिक कृषि और पशुपालन के महत्वपूर्ण केंद्र थे।

यह प्रश्न इस बात को समझने पर आधारित है कि मानव विकास की प्रक्रियाएँ क्षेत्रीय रूप से विविध और व्यापक थीं, न कि किसी एक स्थान तक सीमित।

इस प्रकार सही उत्तर II और III है।

(NCERT Class 6, Chapter 2, Page 17)

32. प्रारंभिक मानव द्वारा उपयोग किए गए औजारों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सबसे उपयुक्त है?

A. औजार केवल शिकार के लिए उपयोग किए जाते थे
B. औजारों का उपयोग विभिन्न दैनिक कार्यों के लिए किया जाता था
C. औजार केवल सजावट के लिए बनाए जाते थे
D. औजारों का उपयोग केवल युद्ध में किया जाता था

Answer: B

प्रारंभिक मानव के जीवन में औजारों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण और बहुआयामी थी। यह समझना आवश्यक है कि उस समय मानव का जीवन पूरी तरह प्राकृतिक संसाधनों पर आधारित था और उसके पास आधुनिक तकनीक या विकसित साधन उपलब्ध नहीं थे। ऐसे में औजार उनके लिए जीवन-निर्वाह का मुख्य आधार बन गए थे।

यदि हम विकल्प A और D को देखें, तो यह एक सीमित दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हैं क्योंकि औजारों का उपयोग केवल शिकार या युद्ध तक सीमित नहीं था। वास्तव में, औजारों का उपयोग फल-फूल काटने, मांस और हड्डियों को अलग करने, जानवरों की खाल उतारने, लकड़ी काटने और आश्रय बनाने जैसे अनेक कार्यों में किया जाता था। इससे स्पष्ट होता है कि औजार केवल एक उद्देश्य के लिए नहीं बल्कि दैनिक जीवन के लगभग हर कार्य में उपयोग किए जाते थे।

इसके अतिरिक्त, औजारों की सहायता से अन्य उपकरण और हथियार भी बनाए जाते थे, जिससे मानव की कार्यक्षमता और सुरक्षा दोनों में वृद्धि होती थी। यह तकनीकी विकास का प्रारंभिक चरण था, जिसने मानव को अन्य जीवों से अलग और अधिक सक्षम बनाया।

विकल्प C पूरी तरह गलत है क्योंकि उस समय औजारों का निर्माण उपयोगिता के लिए होता था, न कि सौंदर्य या सजावट के लिए।

इस प्रकार यह स्पष्ट होता है कि प्रारंभिक मानव के औजार बहुउद्देशीय थे और उनका उपयोग जीवन के विभिन्न पहलुओं में किया जाता था। यही कारण है कि विकल्प B सबसे उपयुक्त है।

(NCERT Class 6, Chapter 2, Page 11)

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33. प्रारंभिक मानव द्वारा अच्छे पत्थर वाले स्थानों को चुनने के प्रमुख कारण के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प सही है?

A. वहाँ खेती करना आसान था
B. वहाँ अधिक वर्षा होती थी
C. वहाँ औजार बनाने के लिए उपयुक्त पत्थर उपलब्ध थे
D. वहाँ केवल पशुओं की संख्या अधिक थी

Answer: C

प्रारंभिक मानव के जीवन में पत्थर का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान था क्योंकि यही उनके औजारों का मुख्य स्रोत था। उस समय धातुओं का उपयोग नहीं होता था, इसलिए पत्थर ही एक ऐसा संसाधन था जिससे मजबूत, धारदार और उपयोगी औजार बनाए जा सकते थे।

प्रारंभिक मानव ऐसे स्थानों की खोज करता था जहाँ अच्छी गुणवत्ता के पत्थर आसानी से मिल सकें। इन पत्थरों से वे विभिन्न प्रकार के औजार बनाते थे, जैसे काटने के औजार, खुरचने वाले औजार और हथियार। इन औजारों की सहायता से वे शिकार करते थे, भोजन तैयार करते थे और अन्य दैनिक कार्य करते थे।

विकल्प A गलत है क्योंकि उस समय कृषि का विकास प्रारंभिक चरण में नहीं हुआ था, इसलिए स्थान चयन का आधार खेती नहीं था। विकल्प B भी गलत है क्योंकि वर्षा का औजार निर्माण से कोई सीधा संबंध नहीं था। विकल्प D आंशिक रूप से सही हो सकता है, लेकिन मुख्य कारण पत्थरों की उपलब्धता थी, न कि केवल पशुओं की संख्या।

यह प्रश्न इस बात को दर्शाता है कि प्रारंभिक मानव का जीवन संसाधनों की उपलब्धता पर आधारित था और वह अपने वातावरण के अनुसार निर्णय लेता था। पत्थर के औजारों के बिना उसका जीवन अत्यंत कठिन होता, इसलिए अच्छे पत्थरों की खोज उसके लिए अत्यंत आवश्यक थी।

इस प्रकार विकल्प C सही है क्योंकि यह प्रारंभिक मानव की तकनीकी आवश्यकताओं को सही रूप में प्रस्तुत करता है।

(NCERT Class 6, Chapter 2, Page 13)

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34. प्रारंभिक मानव के जीवन में मौसमी परिवर्तन के प्रभाव के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प सबसे उपयुक्त है?

A. वे एक ही स्थान पर स्थायी रूप से रहते थे
B. वे मौसम के अनुसार स्थान परिवर्तन करते थे
C. वे केवल पर्वतीय क्षेत्रों में रहते थे
D. मौसम का उनके जीवन पर कोई प्रभाव नहीं था

Answer: B

प्रारंभिक मानव का जीवन पूरी तरह प्रकृति और पर्यावरण पर निर्भर था, इसलिए मौसम का उसके जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता था। उस समय न तो स्थायी कृषि व्यवस्था विकसित हुई थी और न ही भोजन के भंडारण की उन्नत तकनीक उपलब्ध थी, इसलिए मानव को भोजन की उपलब्धता के अनुसार अपने स्थान को बदलना पड़ता था।

पेड़-पौधों में फल-फूल और कंद-मूल अलग-अलग मौसम में उपलब्ध होते थे। उदाहरण के लिए, कुछ फल केवल विशेष मौसम में ही मिलते थे, इसलिए मानव को उस समय उन क्षेत्रों में जाना पड़ता था जहाँ वे उपलब्ध हों। इसी प्रकार जानवर भी भोजन और पानी की तलाश में एक स्थान से दूसरे स्थान जाते थे, और शिकारी मानव उनके पीछे-पीछे जाता था।

इसके अलावा, जल स्रोत भी मौसम के अनुसार बदलते थे। कुछ नदियाँ और झीलें वर्ष भर पानी प्रदान करती थीं, जबकि कुछ केवल वर्षा के बाद ही भरती थीं। इसलिए सूखे मौसम में मानव को पानी की तलाश में अन्य स्थानों पर जाना पड़ता था।

विकल्प A गलत है क्योंकि प्रारंभिक मानव स्थायी रूप से नहीं रहता था। विकल्प C और D भी गलत हैं क्योंकि वे वास्तविक परिस्थितियों को नहीं दर्शाते।

इस प्रकार यह स्पष्ट होता है कि मौसमी परिवर्तन प्रारंभिक मानव के जीवन का एक प्रमुख निर्धारक था और उसी के अनुसार वह अपना स्थान बदलता था। इसलिए विकल्प B सही है।

(NCERT Class 6, Chapter 2, Page 10–11)

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35. प्रारंभिक मानव द्वारा लकड़ी के उपयोग के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प सही है?

A. केवल हथियार बनाने के लिए
B. केवल भोजन पकाने के लिए
C. ईंधन, आश्रय और औजार बनाने के लिए
D. केवल सजावट के लिए

Answer: C

लकड़ी प्रारंभिक मानव के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधन थी, जिसका उपयोग जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में किया जाता था। उस समय मानव के पास आधुनिक निर्माण सामग्री या ऊर्जा स्रोत उपलब्ध नहीं थे, इसलिए लकड़ी उसकी आवश्यकताओं को पूरा करने का प्रमुख साधन थी।

लकड़ी का सबसे प्रमुख उपयोग ईंधन के रूप में होता था। आग जलाने के लिए लकड़ी आवश्यक थी, जिससे भोजन पकाया जाता था, प्रकाश प्राप्त होता था और ठंड से बचाव किया जाता था। इसके अतिरिक्त, लकड़ी का उपयोग आश्रय बनाने में भी किया जाता था। प्रारंभिक मानव लकड़ी की सहायता से झोपड़ियाँ बनाता था, जो उसे मौसम और जंगली जानवरों से सुरक्षा प्रदान करती थीं।

इसके अलावा, लकड़ी का उपयोग औजार और हथियार बनाने में भी किया जाता था। कई औजारों में पत्थर के साथ लकड़ी को जोड़कर उन्हें अधिक उपयोगी बनाया जाता था, जैसे भाले और तीर।

विकल्प A और B सीमित हैं क्योंकि वे लकड़ी के केवल एक उपयोग को दर्शाते हैं, जबकि विकल्प D पूरी तरह गलत है।

इस प्रकार यह स्पष्ट है कि लकड़ी का उपयोग बहुआयामी था और यह प्रारंभिक मानव के जीवन का एक महत्वपूर्ण आधार थी। इसलिए विकल्प C सही है।

(NCERT Class 6, Chapter 2, Page 11)

36. प्रारंभिक मानव द्वारा आग की खोज और उपयोग के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सबसे उपयुक्त है?

A. आग का उपयोग केवल भोजन पकाने के लिए किया जाता था
B. आग का उपयोग केवल प्रकाश के लिए किया जाता था
C. आग का उपयोग कई उद्देश्यों जैसे प्रकाश, सुरक्षा और भोजन पकाने के लिए किया जाता था
D. आग का उपयोग केवल धार्मिक कार्यों के लिए किया जाता था

Answer: C

प्रारंभिक मानव के जीवन में आग की खोज एक क्रांतिकारी घटना थी, जिसने उसके जीवन को पूरी तरह बदल दिया। आग केवल एक साधारण प्राकृतिक तत्व नहीं थी, बल्कि यह जीवन-निर्वाह, सुरक्षा और सामाजिक विकास का महत्वपूर्ण साधन बन गई।

सबसे पहले, आग का उपयोग भोजन पकाने के लिए किया जाता था। कच्चा मांस और भोजन पचाने में कठिन होता है, लेकिन आग पर पकाने से यह नरम और स्वादिष्ट हो जाता था। इससे मानव के स्वास्थ्य में सुधार हुआ और उसकी ऊर्जा प्राप्त करने की क्षमता बढ़ी।

दूसरा महत्वपूर्ण उपयोग प्रकाश के रूप में था। अंधेरे में आग ने मानव को देखने और सक्रिय रहने की सुविधा दी, जिससे वह रात में भी कार्य कर सकता था।

तीसरा, आग सुरक्षा का माध्यम थी। जंगली जानवर आग से डरते थे, इसलिए आग जलाकर मानव अपने आप को खतरनाक जानवरों से बचा सकता था।

इसके अलावा, आग का उपयोग ठंड से बचने, लकड़ी को मजबूत बनाने और सामाजिक गतिविधियों (जैसे समूह में बैठना) के लिए भी किया जाता था।

विकल्प A और B अधूरे हैं क्योंकि वे आग के केवल एक उपयोग को दर्शाते हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि उस समय धार्मिक उपयोग प्राथमिक नहीं था।

इस प्रकार आग का उपयोग बहुउद्देशीय था और यह मानव सभ्यता के विकास में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ।

(NCERT Class 6, Chapter 2, Page 14)

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37. प्रारंभिक मानव के भोजन संग्रहण (food gathering) के तरीकों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प सही है?

A. वे केवल एक ही प्रकार के भोजन पर निर्भर रहते थे
B. वे केवल मांस खाते थे
C. वे विभिन्न स्रोतों से भोजन प्राप्त करते थे
D. वे केवल खेती पर निर्भर थे

Answer: C

प्रारंभिक मानव का जीवन अत्यंत लचीला और विविधतापूर्ण था, विशेषकर भोजन प्राप्त करने के संदर्भ में। वे किसी एक स्रोत पर निर्भर नहीं रहते थे, बल्कि विभिन्न स्रोतों से भोजन प्राप्त करते थे, जिससे उनके जीवित रहने की संभावना अधिक रहती थी।

वे जंगलों से जड़ें, फल, कंद-मूल, दाने और पौधों के अन्य भाग एकत्र करते थे। इसके साथ ही वे जानवरों का शिकार करते थे, मछलियाँ पकड़ते थे और पक्षियों का शिकार करते थे। इस प्रकार उनका भोजन पौधों और पशुओं दोनों पर आधारित था।

यह विविधता इसलिए महत्वपूर्ण थी क्योंकि एक ही स्रोत पर निर्भर रहने से भोजन की कमी का खतरा बढ़ जाता था। यदि किसी क्षेत्र में फल या जानवर उपलब्ध नहीं होते, तो वे अन्य स्रोतों पर निर्भर हो सकते थे।

विकल्प A और B गलत हैं क्योंकि वे भोजन को सीमित रूप में प्रस्तुत करते हैं। विकल्प D भी गलत है क्योंकि उस समय कृषि विकसित नहीं हुई थी।

इस प्रकार यह स्पष्ट होता है कि प्रारंभिक मानव का भोजन संग्रहण एक बहुआयामी प्रक्रिया थी, जो उसे बदलती परिस्थितियों में जीवित रहने में मदद करती थी।

(NCERT Class 6, Chapter 2, Page 10)

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38. प्रारंभिक मानव द्वारा आश्रय (shelter) के चयन के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प सबसे उपयुक्त है?

A. वे केवल खुले मैदानों में रहते थे
B. वे केवल पर्वतों के ऊपर रहते थे
C. वे प्राकृतिक और सुरक्षित स्थानों जैसे गुफाओं का चयन करते थे
D. वे केवल पानी के अंदर रहते थे

Answer: C

प्रारंभिक मानव के लिए आश्रय का चयन जीवन और सुरक्षा दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण था। उस समय न तो पक्के घर थे और न ही आधुनिक निर्माण तकनीक उपलब्ध थी, इसलिए मानव प्राकृतिक स्थानों का उपयोग करता था।

गुफाएँ और कंदराएँ प्रारंभिक मानव के लिए सबसे उपयुक्त आश्रय थीं। ये उन्हें बारिश, धूप, हवा और ठंड से बचाती थीं। इसके साथ ही गुफाएँ जंगली जानवरों से भी सुरक्षा प्रदान करती थीं। भीमबेटका जैसे स्थलों से यह प्रमाण मिलता है कि लोग गुफाओं में रहते थे और वहाँ रॉक पेंटिंग भी बनाते थे।

इसके अलावा, कुछ क्षेत्रों में लोग लकड़ी और अन्य सामग्री से झोपड़ियाँ भी बनाते थे। लेकिन गुफाएँ अधिक सुरक्षित और स्थायी आश्रय प्रदान करती थीं, इसलिए उनका विशेष महत्व था।

विकल्प A और B गलत हैं क्योंकि वे सुरक्षा और पर्यावरणीय अनुकूलता को नजरअंदाज करते हैं। विकल्प D पूरी तरह गलत है।

इस प्रकार यह स्पष्ट होता है कि प्रारंभिक मानव अपने आश्रय का चयन सोच-समझकर करता था और वह ऐसे स्थानों को प्राथमिकता देता था जो उसे सुरक्षा और आराम प्रदान करें।

(NCERT Class 6, Chapter 2, Page 13)

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39. प्रारंभिक मानव के जीवन में पशुपालन के महत्व के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प सही है?

A. पशुपालन का कोई महत्व नहीं था
B. पशुपालन केवल मनोरंजन के लिए था
C. पशुपालन भोजन और संसाधनों का एक स्थिर स्रोत था
D. पशुपालन केवल युद्ध के लिए किया जाता था

Answer: C

पशुपालन मानव इतिहास में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन का प्रतिनिधित्व करता है, जिसने जीवन-निर्वाह के तरीके को स्थिर और संगठित बनाया। जब मानव ने जानवरों को पालतू बनाना शुरू किया, तो उसे भोजन के लिए एक स्थायी स्रोत प्राप्त हुआ।

पालतू जानवरों से दूध, मांस और अन्य उत्पाद प्राप्त होते थे, जो भोजन के महत्वपूर्ण स्रोत थे। इसके अलावा, जानवरों की संख्या बढ़ती रहती थी, जिससे यह भोजन के ‘भंडारण’ का एक प्रभावी तरीका बन गया।

पशुपालन ने मानव को स्थायी जीवन अपनाने में भी मदद की, क्योंकि अब उसे भोजन के लिए लगातार घूमने की आवश्यकता कम हो गई। इससे गाँवों और बस्तियों का विकास हुआ।

विकल्प A और B गलत हैं क्योंकि वे पशुपालन के महत्व को नजरअंदाज करते हैं। विकल्प D भी गलत है क्योंकि पशुपालन का मुख्य उद्देश्य युद्ध नहीं था।

इस प्रकार पशुपालन ने मानव को आर्थिक और सामाजिक स्थिरता प्रदान की और यह सभ्यता के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था।

(NCERT Class 6, Chapter 2, Page 16–17)

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40. प्रारंभिक मानव के जीवन में कृषि के विकास के प्रभाव के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प सबसे उपयुक्त है?

A. मानव का जीवन और अधिक अनिश्चित हो गया
B. मानव को भोजन के लिए अधिक भटकना पड़ा
C. मानव ने स्थायी बस्तियाँ बसाना शुरू किया
D. मानव ने शिकार करना पूरी तरह बंद कर दिया

Answer: C

कृषि का विकास मानव इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक है, जिसने मानव जीवन को पूरी तरह बदल दिया। जब मानव ने पौधों को उगाना और उनका उत्पादन करना सीखा, तो उसे भोजन के लिए पूरी तरह प्रकृति पर निर्भर नहीं रहना पड़ा।

कृषि के विकास के साथ मानव ने स्थायी बस्तियाँ बसाना शुरू किया। अब उसे भोजन की तलाश में लगातार घूमने की आवश्यकता नहीं रही, क्योंकि वह अपने निवास स्थान के आसपास ही भोजन उत्पन्न कर सकता था। इससे गाँवों और बाद में नगरों का विकास हुआ।

कृषि ने सामाजिक संगठन को भी बढ़ावा दिया। लोगों ने मिलकर काम करना शुरू किया, जिससे श्रम विभाजन और सहयोग की भावना विकसित हुई। इसके साथ ही भंडारण की आवश्यकता भी उत्पन्न हुई, जिससे तकनीकी विकास को प्रोत्साहन मिला।

विकल्प A और B गलत हैं क्योंकि कृषि ने जीवन को अधिक स्थिर बनाया। विकल्प D भी गलत है क्योंकि शिकार पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ, बल्कि कृषि के साथ-साथ चलता रहा।

इस प्रकार कृषि ने मानव को स्थिरता, सुरक्षा और विकास का आधार प्रदान किया, जिससे सभ्यता का विकास संभव हुआ।

(NCERT Class 6, Chapter 2, Page 15–16)

41. निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा कथन गलत है?

A. प्रारंभिक मानव विभिन्न स्रोतों से भोजन प्राप्त करते थे
B. प्रारंभिक मानव केवल कृषि पर निर्भर थे
C. प्रारंभिक मानव जंगलों से फल, जड़ें और कंद-मूल एकत्र करते थे
D. प्रारंभिक मानव जानवरों का शिकार करते थे

Answer: B

प्रारंभिक मानव का जीवन मुख्यतः आखेट और खाद्य संग्रह पर आधारित था। वे कृषि पर निर्भर नहीं थे क्योंकि उस समय कृषि का विकास नहीं हुआ था। उनका जीवन पूर्णतः प्रकृति पर आधारित था, जहाँ वे भोजन प्राप्त करने के लिए जंगलों और नदियों पर निर्भर रहते थे।

वे जड़ें, फल, कंद-मूल, दाने और पौधों के अन्य भाग एकत्र करते थे, जिससे उन्हें पौधों से भोजन मिलता था। इसके साथ ही वे जानवरों का शिकार करते थे, मछलियाँ पकड़ते थे और पक्षियों को पकड़ते थे। इस प्रकार उनका भोजन विविध स्रोतों से प्राप्त होता था, जो उन्हें बदलती परिस्थितियों में जीवित रहने में मदद करता था।

कृषि का विकास बहुत बाद में हुआ, लगभग 12,000 वर्ष पूर्व, जब मानव ने पौधों को उगाना शुरू किया। इसलिए यह कहना कि प्रारंभिक मानव केवल कृषि पर निर्भर थे, पूरी तरह गलत है।

यह प्रश्न एक सामान्य भ्रम को दूर करता है कि मानव हमेशा से किसान था, जबकि वास्तविकता में वह पहले शिकारी-संग्राहक था।

(NCERT Class 6, Chapter 2)

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42. निम्नलिखित कथनों में से गलत कथन की पहचान कीजिए:

A. भीमबेटका की गुफाएँ रॉक पेंटिंग के लिए प्रसिद्ध हैं
B. गुफाएँ प्रारंभिक मानव को सुरक्षा प्रदान करती थीं
C. प्रारंभिक मानव गुफाओं में केवल पूजा करने के लिए जाते थे
D. गुफाएँ उन्हें प्राकृतिक परिस्थितियों से बचाती थीं

Answer: C

भीमबेटका जैसे पुरास्थलों से यह प्रमाण मिलता है कि प्रारंभिक मानव गुफाओं में रहते थे और उनका उपयोग दैनिक जीवन के लिए करते थे। ये गुफाएँ उन्हें बारिश, धूप, ठंड और तेज हवाओं से बचाती थीं, जिससे उनका जीवन सुरक्षित और आरामदायक बनता था।

इसके साथ ही गुफाएँ जंगली जानवरों से सुरक्षा प्रदान करती थीं, जो उस समय एक बड़ा खतरा थे। इसलिए गुफाएँ केवल आश्रय ही नहीं बल्कि सुरक्षा का भी महत्वपूर्ण साधन थीं।

भीमबेटका की गुफाएँ विशेष रूप से रॉक पेंटिंग के लिए प्रसिद्ध हैं, जो यह दर्शाती हैं कि प्रारंभिक मानव केवल जीवित रहने तक सीमित नहीं था, बल्कि वह कला और अभिव्यक्ति में भी रुचि रखता था।

विकल्प C गलत है क्योंकि यह गुफाओं के उपयोग को केवल धार्मिक गतिविधियों तक सीमित कर देता है, जबकि वास्तव में गुफाएँ मुख्य रूप से रहने और सुरक्षा के लिए उपयोग की जाती थीं।

इस प्रकार यह प्रश्न गुफाओं के वास्तविक उपयोग और प्रारंभिक मानव के जीवन की बहुआयामी प्रकृति को समझने की क्षमता को परखता है।

(NCERT Class 6, Chapter 2, Page 13)

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43. निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा कथन असत्य है?

A. कुरनूल गुफा से राख के अवशेष मिले हैं
B. आग का उपयोग केवल भोजन पकाने के लिए किया जाता था
C. आग का उपयोग प्रकाश और सुरक्षा के लिए भी किया जाता था
D. प्रारंभिक मानव ने आग का उपयोग कई उद्देश्यों के लिए किया

Answer: B

कुरनूल गुफा से प्राप्त राख के अवशेष इस बात का प्रमाण हैं कि प्रारंभिक मानव आग का उपयोग करना सीख चुका था। यह खोज मानव विकास के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि थी।

आग का उपयोग केवल भोजन पकाने के लिए नहीं किया जाता था, बल्कि इसके कई अन्य उपयोग भी थे। सबसे पहले, यह प्रकाश का स्रोत था, जिससे अंधेरे में देखने और कार्य करने में सहायता मिलती थी। दूसरा, आग जंगली जानवरों से सुरक्षा प्रदान करती थी, क्योंकि अधिकांश जानवर आग से डरते हैं।

इसके अतिरिक्त, आग का उपयोग ठंड से बचने और सामाजिक गतिविधियों के लिए भी किया जाता था। लोग आग के आसपास बैठकर बातचीत करते थे, जिससे सामाजिक संबंध मजबूत होते थे।

विकल्प B गलत है क्योंकि यह आग के उपयोग को केवल एक उद्देश्य तक सीमित कर देता है, जबकि वास्तविकता में आग का उपयोग बहुउद्देशीय था।

यह प्रश्न इस बात को समझने पर आधारित है कि प्रारंभिक मानव ने प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग कितनी बुद्धिमानी से किया और उन्हें अपने जीवन को बेहतर बनाने के लिए अपनाया।

(NCERT Class 6, Chapter 2, Page 14)

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44. निम्नलिखित कथनों में से गलत कथन का चयन कीजिए:

A. प्रारंभिक मानव अच्छे पत्थरों की खोज करते थे
B. पत्थर के औजार मानव जीवन में महत्वपूर्ण थे
C. पत्थरों का उपयोग केवल सजावट के लिए किया जाता था
D. पत्थरों से औजार और हथियार बनाए जाते थे

Answer: C

प्रारंभिक मानव के जीवन में पत्थर के औजार अत्यंत महत्वपूर्ण थे। वे अपने दैनिक कार्यों के लिए पत्थरों का उपयोग करते थे, जैसे फल काटना, मांस काटना, हड्डियाँ तोड़ना और जानवरों की खाल उतारना।

पत्थर से बने औजारों ने मानव को शिकार करने, भोजन तैयार करने और अन्य कार्यों को अधिक प्रभावी ढंग से करने में सहायता दी। इसके अलावा, पत्थरों से हथियार भी बनाए जाते थे, जैसे भाले और तीर, जो शिकार और सुरक्षा दोनों के लिए उपयोगी थे।

इसी कारण मानव ऐसे स्थानों की खोज करता था जहाँ अच्छे और मजबूत पत्थर उपलब्ध हों। यह दर्शाता है कि वह अपने संसाधनों के चयन में जागरूक और व्यावहारिक था।

विकल्प C गलत है क्योंकि पत्थरों का उपयोग केवल सजावट के लिए नहीं किया जाता था, बल्कि वे जीवन-निर्वाह के लिए आवश्यक उपकरण बनाने का मुख्य साधन थे।

यह प्रश्न इस बात को समझने पर आधारित है कि तकनीकी विकास की शुरुआत बहुत प्रारंभिक स्तर पर ही हो गई थी और पत्थर के औजार मानव प्रगति के आधार बने।

(NCERT Class 6, Chapter 2, Page 11–13)

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45. निम्नलिखित कथनों में से असत्य कथन की पहचान कीजिए:

A. प्रारंभिक मानव पानी के स्रोतों के पास बसना पसंद करते थे
B. पानी जीवन के लिए आवश्यक है
C. प्रारंभिक मानव पानी के बिना लंबे समय तक रह सकते थे
D. पानी की उपलब्धता स्थान परिवर्तन का एक कारण थी

Answer: C

प्रारंभिक मानव के जीवन में पानी का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान था, क्योंकि यह जीवन के लिए अनिवार्य है। मानव ही नहीं, बल्कि सभी जीव-जंतु और पौधे पानी पर निर्भर करते हैं।

इसी कारण प्रारंभिक मानव नदियों, झीलों और झरनों के पास बसना पसंद करता था, जहाँ उसे पानी आसानी से उपलब्ध हो सके। पानी केवल पीने के लिए ही नहीं, बल्कि भोजन प्राप्त करने (जैसे मछली पकड़ना) और अन्य गतिविधियों के लिए भी आवश्यक था।

इसके अलावा, पानी की उपलब्धता स्थान परिवर्तन का एक महत्वपूर्ण कारण थी। जब किसी क्षेत्र में पानी की कमी हो जाती थी, तो लोग दूसरे स्थानों की ओर चले जाते थे।

विकल्प C गलत है क्योंकि यह वैज्ञानिक और व्यावहारिक दोनों दृष्टियों से असंभव है। कोई भी जीव पानी के बिना लंबे समय तक जीवित नहीं रह सकता।

यह प्रश्न यह समझने की क्षमता को परखता है कि प्राकृतिक संसाधनों, विशेष रूप से पानी, का मानव जीवन और उसके निर्णयों पर कितना गहरा प्रभाव पड़ता है।

(NCERT Class 6, Chapter 2, Page 10–11)

46. निम्नलिखित का सही मिलान कीजिए:

List I (औजार) List II (उपयोग)

i. पत्थर के औजार a. खाल उतारना

ii. हड्डी के औजार b. मांस काटना

iii. लकड़ी के औजार c. भाले और बाण बनाना

iv. धारदार औजार d. लकड़ी काटना

कूट:

A. i-b, ii-c, iii-d, iv-a
B. i-b, ii-a, iii-d, iv-c
C. i-c, ii-b, iii-a, iv-d
D. i-a, ii-d, iii-c, iv-b

Answer: A

प्रारंभिक मानव का जीवन पूर्णतः प्राकृतिक संसाधनों पर आधारित था और उसकी जीविका का मुख्य साधन शिकार तथा खाद्य संग्रह था। इस प्रकार के जीवन में औजारों का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान था, क्योंकि इनके बिना भोजन प्राप्त करना, आश्रय बनाना और सुरक्षा सुनिश्चित करना संभव नहीं था। पत्थर के औजार सबसे पहले विकसित हुए और इनका उपयोग मुख्यतः मांस काटने के लिए किया जाता था। पत्थर की कठोरता और धार बनाने की क्षमता के कारण यह औजार अत्यंत प्रभावी सिद्ध हुआ। इसके अलावा, इनका उपयोग हड्डियाँ तोड़ने और अन्य कठोर वस्तुओं को काटने में भी किया जाता था।

हड्डी के औजारों का उपयोग विशेष रूप से भाले और बाण बनाने में किया जाता था। शिकार के लिए ऐसे हथियार आवश्यक थे, जिससे दूर से ही जानवरों पर प्रहार किया जा सके। यह तकनीकी विकास प्रारंभिक मानव की बुद्धिमत्ता और अनुकूलन क्षमता को दर्शाता है।

लकड़ी के औजारों का उपयोग लकड़ी काटने, झोपड़ियाँ बनाने और ईंधन एकत्र करने जैसे कार्यों में किया जाता था। लकड़ी उस समय जीवन का एक महत्वपूर्ण संसाधन थी, जिससे आश्रय और सुरक्षा दोनों मिलते थे।

धारदार औजारों का उपयोग जानवरों की खाल उतारने के लिए किया जाता था, जिससे कपड़े, तंबू और अन्य उपयोगी वस्तुएँ बनाई जाती थीं। यह दर्शाता है कि प्रारंभिक मानव केवल भोजन ही नहीं बल्कि जीवन की अन्य आवश्यकताओं को भी समझता था और उनके लिए तकनीकी साधनों का उपयोग करता था।

(NCERT Class 6, Chapter 2, Page 11)

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47. निम्नलिखित का सही मिलान कीजिए:

List I (पुरास्थल) List II (विशेषता)

i. भीमबेटका a. राख के अवशेष

ii. कुरनूल b. गड्ढे के घर

iii. बुर्जहोम c. रॉक पेंटिंग

iv. मेहरगढ़ d. प्रारंभिक कृषि

कूट:

A. i-c, ii-a, iii-b, iv-d
B. i-a, ii-c, iii-d, iv-b
C. i-b, ii-a, iii-c, iv-d
D. i-c, ii-b, iii-a, iv-d

Answer: A

भारतीय उपमहाद्वीप के विभिन्न पुरास्थल हमें प्रारंभिक मानव के जीवन के अलग-अलग पहलुओं की जानकारी देते हैं। भीमबेटका, जो मध्य प्रदेश में स्थित है, अपनी गुफा चित्रकला के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ पाई गई रॉक पेंटिंग्स से यह पता चलता है कि प्रारंभिक मानव कला, शिकार और सामाजिक जीवन को चित्रों के माध्यम से व्यक्त करता था।

कुरनूल गुफाओं से राख के अवशेष प्राप्त हुए हैं, जो इस बात का स्पष्ट प्रमाण हैं कि प्रारंभिक मानव ने आग का उपयोग करना सीख लिया था। आग का उपयोग केवल प्रकाश के लिए नहीं बल्कि भोजन पकाने, ठंड से बचने और जंगली जानवरों से सुरक्षा के लिए भी किया जाता था।

बुर्जहोम, जो कश्मीर में स्थित है, वहाँ गड्ढों के नीचे बने घरों के प्रमाण मिले हैं, जिन्हें गर्तवास कहा जाता है। ये घर ठंड से बचने के लिए बनाए जाते थे और इनमें सीढ़ियों के माध्यम से प्रवेश किया जाता था। यह उस समय की पर्यावरण के अनुसार अनुकूलन क्षमता को दर्शाता है।

मेहरगढ़ एक अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है, जहाँ से प्रारंभिक कृषि और पशुपालन के प्रमाण मिले हैं। यह मानव के घुमंतू जीवन से स्थायी जीवन की ओर परिवर्तन को दर्शाता है। यहाँ गेहूँ और जौ की खेती तथा पशुओं को पालतू बनाने की शुरुआत हुई थी।

(NCERT Class 6, Chapter 2, Page 13–19)

48. निम्नलिखित घटनाओं को कालानुक्रम (earliest to latest) में व्यवस्थित कीजिए:

1. शिकार और खाद्य संग्रह का जीवन

2. जलवायु परिवर्तन और घास के मैदानों का विकास

3. पशुपालन की शुरुआत

4. कृषि का विकास

A. 2 → 1 → 3 → 4
B. 1 → 2 → 3 → 4
C. 1 → 3 → 2 → 4
D. 2 → 3 → 1 → 4

Answer: B

मानव विकास के क्रम को समझने के लिए हमें उसके जीवन-निर्वाह के साधनों में आए परिवर्तनों को क्रमबद्ध रूप से देखना होगा। सबसे पहले मानव का जीवन शिकार और खाद्य संग्रह पर आधारित था। इस अवस्था में वह जंगलों से जड़ें, फल, कंद-मूल इकट्ठा करता था और जानवरों का शिकार करता था। यह मानव जीवन का सबसे प्रारंभिक चरण था, इसलिए इसे सबसे पहले रखा जाएगा।

इसके बाद लगभग 12,000 वर्ष पूर्व जलवायु में बड़े परिवर्तन हुए। तापमान बढ़ने लगा और इसके परिणामस्वरूप घास के मैदान विकसित हुए। इससे उन जानवरों की संख्या बढ़ी जो घास पर निर्भर थे, जैसे हिरण, भेड़, बकरी आदि।

इन परिस्थितियों में मानव ने धीरे-धीरे जानवरों को पालतू बनाना शुरू किया, जिससे पशुपालन की शुरुआत हुई। यह एक महत्वपूर्ण बदलाव था क्योंकि इससे भोजन का एक स्थायी स्रोत मिला।

अंततः मानव ने कृषि को अपनाया, जिसमें उसने पौधों को उगाना और अनाज उत्पादन करना सीखा। इससे स्थायी जीवन और गाँवों का विकास हुआ। इसलिए सही क्रम 1 → 2 → 3 → 4 है।

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49. निम्नलिखित घटनाओं को कालानुक्रम में व्यवस्थित कीजिए:

1. अनाज का प्राकृतिक रूप से उगना

2. बीजों का संरक्षण

3. अनाज का संग्रहण

4. कृषि की शुरुआत

A. 3 → 1 → 2 → 4
B. 1 → 3 → 2 → 4
C. 2 → 1 → 3 → 4
D. 1 → 2 → 3 → 4

Answer: B

कृषि के विकास को समझने के लिए हमें यह देखना होगा कि मानव ने प्राकृतिक संसाधनों को किस प्रकार धीरे-धीरे नियंत्रित करना सीखा। सबसे पहले अनाज जैसे गेहूँ, जौ और धान प्राकृतिक रूप से उगते थे। यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया थी और मानव केवल इन्हें देखता और पहचानता था।

इसके बाद मानव ने इन अनाजों को एकत्र करना शुरू किया। वह जंगलों और खुले क्षेत्रों से इन्हें इकट्ठा करके अपने भोजन के रूप में उपयोग करता था।

जब उसे यह समझ आने लगी कि ये अनाज विशेष प्रकार की भूमि और मौसम में उगते हैं, तब उसने अच्छे बीजों को सुरक्षित रखना शुरू किया। बीजों का संरक्षण एक महत्वपूर्ण चरण था क्योंकि इससे भविष्य में उत्पादन की संभावना बनी।

अंततः मानव ने कृषि की शुरुआत की, जिसमें उसने स्वयं बीज बोना और फसल उगाना सीखा। इससे स्थायी जीवन और सभ्यता का विकास संभव हुआ। इसलिए सही क्रम 1 → 3 → 2 → 4 है।

________________________________________

50. निम्नलिखित घटनाओं को कालानुक्रम में व्यवस्थित कीजिए:

1. आग का उपयोग सीखना

2. औजारों का विकास

3. गड्ढों के नीचे घर (गर्तवास) बनाना

4. स्थायी बस्तियों का विकास

A. 2 → 1 → 3 → 4
B. 1 → 2 → 3 → 4
C. 2 → 3 → 1 → 4
D. 1 → 3 → 2 → 4

Answer: A

मानव सभ्यता के विकास में तकनीकी और सामाजिक परिवर्तनों का क्रम अत्यंत महत्वपूर्ण है। सबसे पहले औजारों का विकास हुआ। प्रारंभिक मानव ने पत्थर के औजार बनाए, जिनका उपयोग शिकार, काटने और अन्य कार्यों के लिए किया जाता था। यह मानव की तकनीकी क्षमता का प्रारंभिक चरण था।

इसके बाद मानव ने आग का उपयोग करना सीखा। आग ने उसके जीवन को पूरी तरह बदल दिया क्योंकि इससे उसे प्रकाश, भोजन पकाने और जंगली जानवरों से सुरक्षा मिली।

इसके बाद मानव ने गड्ढों के नीचे घर बनाना शुरू किया, जिन्हें गर्तवास कहा जाता है। यह विशेष रूप से ठंडे क्षेत्रों में उपयोगी था और इससे यह स्पष्ट होता है कि मानव अब अपने रहने के स्थान को पर्यावरण के अनुसार अनुकूल बना रहा था।

अंततः कृषि और पशुपालन के विकास के साथ स्थायी बस्तियों का विकास हुआ। इससे गाँव और समाज का निर्माण हुआ और सभ्यता की नींव पड़ी। इसलिए सही क्रम 2 → 1 → 3 → 4 है।

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