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Chapter 3 MCQs in Hindi; आरंभिक नगर
1. निम्नलिखित में से सही कथन का चयन करे:-
I. लगभग 150 साल पहले रेलवे लाइन बिछाने के क्रम में हड़प्पा पुरास्थल की खोज हुई।
II. हड़प्पा स्थल पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थित है।
कूट:-
Answer: C
हड़प्पा सभ्यता की खोज का इतिहास अत्यंत रोचक है और यह इस बात का उदाहरण भी है कि कैसे कई बार महत्वपूर्ण ऐतिहासिक खोजें संयोगवश सामने आती हैं। लगभग 150 वर्ष पहले जब ब्रिटिश शासन के दौरान पंजाब क्षेत्र में रेलवे लाइन बिछाने का कार्य चल रहा था, तब वहाँ कार्य कर रहे इंजीनियरों को एक प्राचीन स्थल मिला, जिसे आज हम हड़प्पा के नाम से जानते हैं। उस समय उन्हें इस स्थल के ऐतिहासिक महत्व का ज्ञान नहीं था। उन्होंने इसे केवल एक खंडहर समझा और वहाँ से बड़ी मात्रा में पकी हुई ईंटें निकाल लीं, जिनका उपयोग रेलवे लाइन बिछाने में किया गया। इस प्रक्रिया में हड़प्पा की अनेक महत्वपूर्ण संरचनाएँ नष्ट हो गईं, जिससे हमें अपूरणीय क्षति हुई।
दूसरा कथन भी सही है क्योंकि हड़प्पा वर्तमान में पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थित है। यह सिंधु घाटी सभ्यता का एक प्रमुख केंद्र था। बाद में पुरातत्त्वविदों ने इस स्थल का वैज्ञानिक अध्ययन किया और पाया कि यह एक अत्यंत विकसित प्राचीन नगरीय सभ्यता का हिस्सा था।
इस प्रकार दोनों कथन सही हैं, इसलिए विकल्प C सही उत्तर है।
(CLASS 6 CHAPTER-3 PAGE NO.-22)
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2. निम्न में से हड़प्पा सभ्यता का निर्माण कब हुआ था?
Answer: A
हड़प्पा सभ्यता के निर्माण काल को समझना मानव इतिहास के विकास को समझने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। पुरातत्त्वविदों द्वारा किए गए उत्खननों और वैज्ञानिक विश्लेषणों के आधार पर यह ज्ञात हुआ है कि हड़प्पा सभ्यता के नगरों का निर्माण लगभग 4700 वर्ष पूर्व हुआ था।
जब हड़प्पा स्थल की खोज के बाद उसका विस्तृत अध्ययन किया गया, तो यह स्पष्ट हुआ कि यह केवल एक साधारण बस्ती नहीं थी, बल्कि एक सुव्यवस्थित नगरीय सभ्यता थी। यहाँ चौड़ी सड़कों, पक्की ईंटों से बने मकानों, विकसित जल निकासी प्रणाली और संगठित नगर योजना के प्रमाण मिले हैं।
हड़प्पा सभ्यता का विकास एक लंबी प्रक्रिया का परिणाम था, जिसमें मानव ने धीरे-धीरे कृषि, पशुपालन, व्यापार और तकनीकी कौशल विकसित किए। इस सभ्यता के नगर न केवल बड़े थे बल्कि उनमें सामाजिक और आर्थिक संगठन भी अत्यंत विकसित था।
इस प्रकार, उपलब्ध ऐतिहासिक और पुरातात्त्विक साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट है कि हड़प्पा सभ्यता का निर्माण लगभग 4700 वर्ष पूर्व हुआ था, इसलिए विकल्प A सही है।
(CLASS 6 CHAPTER-3 PAGE NO.-22)
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3. निम्नलिखित में से हड़प्पा सभ्यता के नगरों की विशेषता क्या सही नहीं है?
Answer: C
हड़प्पा सभ्यता की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता इसकी उन्नत नगर योजना थी। इस सभ्यता के अधिकांश नगरों को दो मुख्य भागों में विभाजित किया गया था—ऊँचा भाग (नगर-दुर्ग) और निचला भाग (निचला नगर)। नगर-दुर्ग सामान्यतः ऊँचाई पर स्थित होता था और यहाँ विशेष तथा महत्वपूर्ण इमारतें बनाई जाती थीं, जबकि निचले नगर में आम लोग रहते थे।
इस सभ्यता की एक प्रमुख विशेषता यह थी कि यहाँ की इमारतें पकी हुई ईंटों से बनाई जाती थीं। पकी ईंटों का उपयोग यह दर्शाता है कि उस समय निर्माण तकनीक अत्यंत विकसित थी। इन ईंटों का आकार और अनुपात भी एक समान होता था, जो मानकीकरण (standardization) का प्रमाण है।
इसके अतिरिक्त, हड़प्पा सभ्यता एक पूर्ण विकसित नगरीय सभ्यता थी, जिसमें सुव्यवस्थित सड़कें, जल निकासी प्रणाली और योजनाबद्ध निर्माण देखने को मिलता है।
विकल्प C गलत है क्योंकि इसमें कहा गया है कि कच्ची ईंटों का उपयोग किया जाता था, जबकि वास्तव में पकी हुई ईंटों का उपयोग अधिक व्यापक रूप से किया जाता था।
इस प्रकार सही उत्तर विकल्प C है।
(CLASS-6 CHAPTER-3 PAGE NO.-23)
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4. निम्न में से किस स्थल से एक विशाल स्नानागार का साक्ष्य मिलता है?
Answer: B
मोहनजोदड़ो हड़प्पा सभ्यता का एक अत्यंत महत्वपूर्ण नगर था, जहाँ से एक विशेष संरचना मिली है जिसे “महान स्नानागार” (Great Bath) कहा जाता है। यह स्नानागार इस सभ्यता की उन्नत वास्तुकला और जल प्रबंधन प्रणाली का उत्कृष्ट उदाहरण है।
महान स्नानागार एक बड़े आयताकार कुंड के रूप में बना हुआ था, जिसके चारों ओर पक्की ईंटों और प्लास्टर का उपयोग किया गया था। इसमें पानी के रिसाव को रोकने के लिए विशेष तकनीक अपनाई गई थी, जैसे प्लास्टर के ऊपर चारकोल की परत लगाना। इसमें उतरने के लिए दोनों ओर सीढ़ियाँ बनी थीं और इसके चारों ओर कमरे भी बने हुए थे।
इस स्नानागार में पानी भरने के लिए पास के कुएँ से पानी लाया जाता था और उपयोग के बाद उसे निकाल दिया जाता था। इससे यह स्पष्ट होता है कि जल प्रबंधन की प्रणाली अत्यंत विकसित थी।
इतिहासकारों का मानना है कि इस स्नानागार का उपयोग संभवतः धार्मिक या सामाजिक अनुष्ठानों के लिए किया जाता था, जहाँ विशेष अवसरों पर लोग सामूहिक रूप से स्नान करते होंगे।
इस प्रकार मोहनजोदड़ो का महान स्नानागार हड़प्पा सभ्यता की उन्नत संस्कृति और तकनीकी ज्ञान का महत्वपूर्ण प्रमाण है, इसलिए सही उत्तर विकल्प B है।
(CLASS-6 CHAPTER-3 PAGE NO.-23)
5. निम्न में से किस स्थल से अग्निकुंड का साक्ष्य मिला है?
Answer: D
हड़प्पा सभ्यता के विभिन्न पुरास्थलों से प्राप्त पुरातात्विक साक्ष्य उस समय के लोगों के धार्मिक और सांस्कृतिक जीवन के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करते हैं। कालीबंगा (वर्तमान राजस्थान) और लोथल (वर्तमान गुजरात) ऐसे प्रमुख स्थल हैं जहाँ से अग्निकुंड के प्रमाण प्राप्त हुए हैं। कालीबंगा में खुदाई के दौरान कई अग्निकुंड मिले हैं, जो व्यवस्थित रूप से बनाए गए थे। इनकी संरचना और विन्यास यह संकेत देते हैं कि इनका उपयोग किसी प्रकार के अनुष्ठान, यज्ञ या धार्मिक क्रियाओं के लिए किया जाता रहा होगा। यह दर्शाता है कि उस समय के लोगों के जीवन में अग्नि का विशेष धार्मिक महत्व था।
इसी प्रकार लोथल, जो एक प्रमुख बंदरगाह नगर था, वहाँ भी अग्निकुंड के प्रमाण मिले हैं। लोथल मुख्यतः व्यापारिक गतिविधियों के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन यहाँ अग्निकुंड की उपस्थिति यह दर्शाती है कि आर्थिक गतिविधियों के साथ-साथ धार्मिक परंपराएँ भी समाज का अभिन्न हिस्सा थीं। यह इस बात का संकेत है कि हड़प्पा सभ्यता केवल भौतिक रूप से विकसित नहीं थी, बल्कि सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से भी उन्नत थी।
अग्निकुंडों की उपस्थिति यह भी दर्शाती है कि उस समय के लोग संगठित धार्मिक अनुष्ठानों का पालन करते थे और समाज में किसी प्रकार की मान्यताएँ तथा विश्वास प्रणाली विकसित हो चुकी थी।
(CLASS-6 CHAPTER-3 PAGE NO.-23)
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6. निम्नलिखित का सही मिलान कीजिएः-
List I (स्थल) List II (विशेषता)
a. हड़प्पा 1. स्नानागार
b. मोहनजोदड़ो 2. बंदरगाह
c. कालीबंगा 3. R-37
d. लोथल 4. मुहरें
कूट:-
Answer: C
हड़प्पा सभ्यता के विभिन्न पुरास्थल अपनी विशिष्ट विशेषताओं के कारण अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और इनके माध्यम से उस समय की सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक व्यवस्था को समझा जा सकता है।
हड़प्पा स्थल से ‘R-37’ नामक कब्रिस्तान का प्रमाण मिला है। यह उस समय के लोगों की दफनाने की परंपरा और मृत्यु के बाद जीवन के प्रति उनके विश्वास को दर्शाता है। यह दर्शाता है कि समाज में धार्मिक मान्यताएँ और संस्कार विकसित हो चुके थे।
मोहनजोदड़ो से ‘महान स्नानागार’ का साक्ष्य प्राप्त हुआ है, जो हड़प्पा सभ्यता की सबसे प्रसिद्ध संरचनाओं में से एक है। यह स्नानागार पक्की ईंटों और जलरोधी प्लास्टर से बना था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि जल प्रबंधन और स्वच्छता के प्रति लोगों की समझ अत्यंत उन्नत थी।
कालीबंगा से मुहरों और अग्निकुंड के प्रमाण प्राप्त हुए हैं। मुहरें व्यापार और प्रशासनिक कार्यों में उपयोग की जाती थीं और यह दर्शाती हैं कि उस समय व्यापारिक व्यवस्था विकसित थी।
लोथल एक प्रमुख बंदरगाह नगर था, जहाँ से गोदी (dockyard) के अवशेष मिले हैं। यह उस समय के समुद्री व्यापार और तकनीकी उन्नति का प्रमाण है।
इस प्रकार सही मिलान a-3, b-1, c-4, d-2 है।
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7. निम्न में से सही कथन का चयन करेः-
I. हड़प्पा सभ्यता में गहने और बर्तन पत्थर, शंख, तांबा, कांसा, सोना और चाँदी से बनाए जाते थे।
II. इस सभ्यता के लोग धातुओं की मुहरें बनाते थे जिन पर पक्षियों के चित्र होते थे।
कूट:-
Answer: A
हड़प्पा सभ्यता अपने उन्नत शिल्पकला और तकनीकी कौशल के लिए जानी जाती है। यहाँ के लोग विभिन्न प्रकार की धातुओं और प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग करके सुंदर और उपयोगी वस्तुएँ बनाते थे। पुरातात्विक उत्खननों से प्राप्त साक्ष्य बताते हैं कि हड़प्पा के लोग पत्थर, शंख, तांबा, कांसा, सोना और चाँदी से गहने, बर्तन और अन्य वस्तुएँ बनाते थे। इससे यह स्पष्ट होता है कि उन्हें धातु विज्ञान (metallurgy) का अच्छा ज्ञान था और वे विभिन्न धातुओं का प्रभावी उपयोग कर सकते थे।
दूसरा कथन सही नहीं है क्योंकि हड़प्पा सभ्यता की मुहरें मुख्यतः पत्थर, विशेषकर स्टियाटाइट, से बनाई जाती थीं। इन मुहरों पर सामान्यतः जानवरों जैसे बैल, हाथी, गैंडा आदि के चित्र बनाए जाते थे, जो व्यापार और पहचान के उद्देश्य से उपयोग किए जाते थे। पक्षियों के चित्रों का उल्लेख इस संदर्भ में उपयुक्त नहीं है।
यह प्रश्न यह दर्शाता है कि हड़प्पा सभ्यता में कला और शिल्पकला का उच्च स्तर था और लोग विभिन्न प्रकार की वस्तुओं का निर्माण करने में सक्षम थे। साथ ही यह भी स्पष्ट होता है कि उनके पास एक विकसित व्यापारिक प्रणाली थी, जिसमें मुहरों का उपयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभाता था।
(CLASS-6 CHAPTER-3 PAGE NO.-26)
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8. हड़प्पा सभ्यता के लोग लाल मिट्टी के बर्तन बनाने में किस रंग का प्रयोग करते थे?
Answer: B
हड़प्पा सभ्यता के लोग मिट्टी के बर्तन बनाने की कला में अत्यंत निपुण थे। वे लाल मिट्टी से बर्तन बनाते थे और उन पर काले रंग से सुंदर डिजाइन बनाते थे। यह शैली उनकी विशिष्ट पहचान थी और इससे उनकी कलात्मक क्षमता तथा सौंदर्यबोध का पता चलता है।
इन बर्तनों पर बनाए गए डिजाइन ज्यामितीय आकृतियों, रेखाओं और कभी-कभी पशुओं के चित्रों के रूप में होते थे। यह दर्शाता है कि उस समय के लोग केवल उपयोगिता पर ही ध्यान नहीं देते थे, बल्कि सौंदर्य और सजावट को भी महत्व देते थे। इन बर्तनों का उपयोग दैनिक जीवन में किया जाता था, जैसे भोजन पकाने, संग्रह करने और परोसने के लिए।
इसके अतिरिक्त, इन बर्तनों की गुणवत्ता और डिजाइन यह भी संकेत देते हैं कि हड़प्पा सभ्यता में कारीगरों का एक विशेष वर्ग था, जो बर्तन बनाने और सजाने का कार्य करता था। यह श्रम विभाजन (division of labour) का एक उदाहरण है, जो विकसित समाज की पहचान है।
इस प्रकार लाल मिट्टी के बर्तनों पर काले रंग से डिजाइन बनाए जाते थे, जो हड़प्पा सभ्यता की सांस्कृतिक और कलात्मक उन्नति का महत्वपूर्ण प्रमाण है।
(CLASS-6 CHAPTER-3 PAGE NO.-26)
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9. सिंधु घाटी सभ्यता में बहुमूल्य धातुओं को तौलने के लिए किस प्रकार के पत्थर से बने बाट का उपयोग किया जाता था?
Answer: C
सिंधु घाटी सभ्यता में व्यापार और आर्थिक गतिविधियाँ अत्यंत विकसित थीं। इस सभ्यता के लोग स्थानीय तथा दूर-दराज के क्षेत्रों के साथ व्यापार करते थे, जिसके लिए वस्तुओं का सही मापन और तौल आवश्यक था। इसके लिए उन्होंने मानकीकृत बाटों का उपयोग किया, जो चर्ट पत्थर से बनाए जाते थे।
चर्ट एक कठोर और टिकाऊ पत्थर होता है, जिससे बने बाट लंबे समय तक सही माप प्रदान करते हैं। इन बाटों को अत्यंत सावधानी और सटीकता के साथ बनाया जाता था, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी व्यापारिक लेन-देन निष्पक्ष और सटीक हों।
इन बाटों की एक विशेषता यह भी थी कि उनका आकार और वजन एक निश्चित मानक के अनुसार होता था। यह दर्शाता है कि उस समय के लोगों को गणना और मापन का अच्छा ज्ञान था और वे एक संगठित आर्थिक प्रणाली का पालन करते थे।
इस प्रकार चर्ट पत्थर से बने बाट हड़प्पा सभ्यता की उन्नत व्यापारिक प्रणाली, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और प्रशासनिक व्यवस्था के प्रमाण हैं। यह सभ्यता केवल सांस्कृतिक ही नहीं, बल्कि आर्थिक दृष्टि से भी अत्यंत विकसित थी।
(CLASS-6 CHAPTER-3 PAGE NO.-26)
10. जो किसी खास चीजे को बनाने के लिए खास प्रशिक्षण लेता है, उसे कहते है?
Answer: A
हड़प्पा सभ्यता के अध्ययन से यह स्पष्ट होता है कि उस समय का समाज अत्यंत विकसित और संगठित था। इस सभ्यता में विभिन्न प्रकार के कार्यों को करने के लिए अलग-अलग लोगों का समूह था, जिसे हम आज “श्रम विभाजन” (Division of Labour) के रूप में समझते हैं। इसी संदर्भ में “विशेषज्ञ” शब्द का महत्व सामने आता है।
विशेषज्ञ वह व्यक्ति होता है जो किसी विशेष कार्य को करने के लिए विशेष प्रशिक्षण प्राप्त करता है और उस कार्य में निपुण होता है। हड़प्पा सभ्यता में ऐसे कई विशेषज्ञ थे, जैसे पत्थर तराशने वाले, मनके बनाने वाले, मुहरों पर नक्काशी करने वाले, धातु कार्य करने वाले और मूर्तिकार। इन विशेषज्ञों द्वारा बनाए गए उत्पाद अत्यंत उच्च गुणवत्ता के होते थे, जो उनकी कुशलता और तकनीकी ज्ञान को दर्शाते हैं।
उदाहरण के रूप में, हड़प्पा से प्राप्त मूर्तियाँ और मुहरें अत्यंत सुंदर और बारीकी से बनाई गई हैं। किसी मूर्ति के चेहरे की अभिव्यक्ति, दाढ़ी की सजावट और शरीर की संरचना यह दर्शाती है कि इसे बनाने वाला व्यक्ति अत्यधिक प्रशिक्षित और अनुभवी था।
यह भी स्पष्ट होता है कि समाज में ऐसे विशेषज्ञों का विशेष स्थान रहा होगा और वे आर्थिक गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे। यह व्यवस्था उस समय की उन्नत सामाजिक संरचना को दर्शाती है।
(CLASS-6 CHAPTER-3 PAGE NO.-27)
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11. निम्नलिखित कथनों पर विचार करे:-
I. पत्थर और शंख प्राकृतिक रूप में पाए जाते हैं, लेकिन फेयॅन्स को कृत्रिम रूप से तैयार किया जाता है।
II. हड़प्पा सभ्यता के लोग तांबा, लोहा, सोना, चाँदी और बहुमूल्य पत्थरों को दूर-दूर तक निर्यात करते थे।
कूट:-
Answer: B
हड़प्पा सभ्यता में कच्चे माल और तैयार वस्तुओं के उपयोग तथा व्यापार की प्रणाली अत्यंत विकसित थी। पहला कथन सही है क्योंकि पत्थर और शंख प्राकृतिक रूप से प्राप्त होते हैं, जबकि फेयन्स (Faience) एक कृत्रिम पदार्थ है। इसे बनाने के लिए बालू या स्फटिक पत्थर के चूर्ण को गोंद के साथ मिलाकर वस्तुएँ तैयार की जाती थीं और उन पर एक चमकदार परत चढ़ाई जाती थी। इस परत का रंग सामान्यतः नीला या हरा होता था। फेयन्स से मनके, चूड़ियाँ, बाले और छोटे बर्तन बनाए जाते थे, जो उस समय की उन्नत तकनीक को दर्शाते हैं।
दूसरा कथन गलत है क्योंकि हड़प्पा सभ्यता के लोग इन धातुओं और बहुमूल्य पत्थरों का निर्यात नहीं करते थे, बल्कि इन्हें दूर-दराज क्षेत्रों से आयात करते थे। तांबा, सोना, चाँदी और बहुमूल्य पत्थर स्थानीय रूप से पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं थे, इसलिए इन्हें अन्य क्षेत्रों से लाया जाता था।
यह प्रश्न इस बात को स्पष्ट करता है कि हड़प्पा सभ्यता में व्यापारिक नेटवर्क विकसित था और लोग संसाधनों की उपलब्धता के अनुसार आयात-निर्यात की प्रक्रिया को समझते थे।
(CLASS-6 CHAPTER-3 PAGE NO.-27)
12. निम्न में से कपास की खेती का साक्ष्य कहाँ मिलता है?
Answer: A
कपास की खेती मानव इतिहास में एक अत्यंत महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जाती है, क्योंकि इससे वस्त्र निर्माण की प्रक्रिया का विकास हुआ। भारतीय उपमहाद्वीप में कपास की खेती के सबसे प्राचीन प्रमाण मेहरगढ़ से प्राप्त हुए हैं। यह स्थल वर्तमान पाकिस्तान के बलूचिस्तान क्षेत्र में स्थित है और यहाँ से लगभग 7000 वर्ष पूर्व कृषि गतिविधियों के साक्ष्य मिले हैं।
मेहरगढ़ में मिले पुरातात्विक अवशेष यह दर्शाते हैं कि वहाँ के लोग न केवल गेहूँ और जौ जैसी फसलें उगाते थे, बल्कि कपास की खेती भी करते थे। यह विश्व के प्रारंभिक कपास उत्पादन के प्रमाणों में से एक है। इससे यह स्पष्ट होता है कि उस समय के लोग कृषि तकनीकों में कुशल थे और उन्होंने विभिन्न प्रकार की फसलों का उत्पादन करना सीख लिया था।
मोहनजोदड़ो से कपड़े के टुकड़ों के अवशेष मिले हैं, जो यह संकेत देते हैं कि वहाँ वस्त्र निर्माण होता था, लेकिन यह प्रमाण कपास की खेती का नहीं बल्कि कपास के उपयोग का है। इसके अलावा तकलियों (spindle whorls) के अवशेष भी मिले हैं, जो सूत कातने की प्रक्रिया को दर्शाते हैं।
इस प्रकार मेहरगढ़ कपास की खेती के सबसे प्राचीन साक्ष्यों के लिए जाना जाता है और यह कृषि के प्रारंभिक विकास को समझने में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है।
(CLASS-6 CHAPTER-3 PAGE NO.-26)
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13. हड़प्पा के लोग तांबे का आयात कहाँ से करते थे?
Answer: A
हड़प्पा सभ्यता में धातुओं का उपयोग अत्यंत महत्वपूर्ण था और तांबा उन प्रमुख धातुओं में से एक था, जिसका उपयोग औजार, हथियार और विभिन्न वस्तुएँ बनाने में किया जाता था। चूँकि तांबा हर स्थान पर उपलब्ध नहीं था, इसलिए हड़प्पा के लोग इसे अन्य क्षेत्रों से आयात करते थे।
पुरातात्विक साक्ष्यों के अनुसार हड़प्पा सभ्यता के लोग तांबा मुख्यतः वर्तमान राजस्थान क्षेत्र से प्राप्त करते थे। राजस्थान के क्षेत्रों में तांबे के भंडार उपलब्ध थे, इसलिए यह हड़प्पा के लिए प्रमुख स्रोत था। इसके अतिरिक्त पश्चिम एशिया के ओमान से भी तांबे का आयात किया जाता था, जो उस समय के अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक संबंधों को दर्शाता है।
काँसा बनाने के लिए तांबे के साथ टिन मिलाया जाता था। टिन का आयात आधुनिक ईरान और अफगानिस्तान से किया जाता था। इससे यह स्पष्ट होता है कि हड़प्पा सभ्यता के लोग विभिन्न क्षेत्रों के साथ व्यापारिक संपर्क रखते थे और उन्हें धातुओं के गुणों की अच्छी समझ थी।
यह प्रश्न यह दर्शाता है कि हड़प्पा सभ्यता केवल स्थानीय संसाधनों पर निर्भर नहीं थी, बल्कि उसने एक विस्तृत व्यापारिक नेटवर्क विकसित किया था, जिसके माध्यम से आवश्यक कच्चा माल प्राप्त किया जाता था।
(CLASS-6 CHAPTER-3 PAGE NO.-28)
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14. निम्नलिखित में से असत्य कथन का चयन करेः-
I. हड़प्पाई लोग पश्चिम एशियाई देश ओमान से भी तांबे का निर्यात करते थे।
II. काँसा बनाने के लिए तांबे के साथ जस्ता मिलाया जाता है।
III. टिन का आयात आधुनिक ईरान और अफगानिस्तान से किया जाता था।
कूट:-
Answer: B
हड़प्पा सभ्यता के व्यापार और धातु उपयोग को समझने के लिए इन कथनों का विश्लेषण आवश्यक है। पहला कथन असत्य है क्योंकि हड़प्पा के लोग तांबे का निर्यात नहीं करते थे, बल्कि इसका आयात करते थे। तांबा मुख्यतः राजस्थान और ओमान जैसे क्षेत्रों से लाया जाता था। यह दर्शाता है कि हड़प्पा सभ्यता में संसाधनों की पूर्ति के लिए बाहरी क्षेत्रों पर निर्भरता थी।
दूसरा कथन भी असत्य है क्योंकि काँसा (Bronze) बनाने के लिए तांबे के साथ टिन मिलाया जाता है, न कि जस्ता। जस्ता का उपयोग पीतल (Brass) बनाने में किया जाता है। यह एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक तथ्य है, जो धातु विज्ञान की समझ को दर्शाता है।
तीसरा कथन सही है क्योंकि टिन का आयात वास्तव में आधुनिक ईरान और अफगानिस्तान से किया जाता था। यह हड़प्पा सभ्यता के व्यापक व्यापारिक नेटवर्क को दर्शाता है, जो दूर-दराज के क्षेत्रों तक फैला हुआ था।
इस प्रकार केवल पहला और दूसरा कथन असत्य हैं, इसलिए सही उत्तर विकल्प B है।
(CLASS-6 CHAPTER-3 PAGE NO.-28)
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15. निम्न में से हड़प्पा स्थल ‘धौलावीरा’ बसा हुआ है?
Answer: B
धौलावीरा हड़प्पा सभ्यता का एक अत्यंत महत्वपूर्ण नगर था, जो वर्तमान गुजरात राज्य के कच्छ क्षेत्र में स्थित है। यह नगर खदिर बेट नामक द्वीप पर स्थित था और अपने विशिष्ट नगर नियोजन के लिए प्रसिद्ध है। धौलावीरा की एक प्रमुख विशेषता यह थी कि यहाँ जल प्रबंधन की अत्यंत उन्नत व्यवस्था थी, जो उस समय के तकनीकी ज्ञान को दर्शाती है।
धौलावीरा अन्य हड़प्पा नगरों से इस दृष्टि से भिन्न था कि इसे तीन भागों में विभाजित किया गया था—ऊपरी नगर, मध्य नगर और निचला नगर। जबकि अधिकांश हड़प्पा नगर दो भागों (नगर-दुर्ग और निचला नगर) में विभाजित होते थे। यह इसकी विशेष नगर संरचना को दर्शाता है।
यह क्षेत्र जल की दृष्टि से महत्वपूर्ण था क्योंकि यहाँ वर्षा जल संचयन और जल संरक्षण की उन्नत प्रणाली विकसित की गई थी। इससे यह स्पष्ट होता है कि वहाँ के लोग पर्यावरण और संसाधनों के उपयोग के प्रति जागरूक थे।
धौलावीरा का अध्ययन यह दर्शाता है कि हड़प्पा सभ्यता केवल एक समान रूप से विकसित नहीं थी, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में उसकी अलग-अलग विशेषताएँ थीं। यह नगर उस समय की उन्नत तकनीकी, सामाजिक और आर्थिक व्यवस्था का उत्कृष्ट उदाहरण है।
(CLASS-6 CHAPTER-3 PAGE NO.-19)
16. निम्नलिखित में से सही कथन का चयन करेः –
I. हड़प्पा स्थल ‘धौलावीरा’ गुजरात के कच्छ में बसा हुआ नगर था।
II. धौलावीरा नगर तीन भागों में बाँटा गया था।
III. धौलावीरा नगर साबरमती नदी के किनारे बसा हुआ था।
कूट:-
Answer: A
धौलावीरा हड़प्पा सभ्यता का एक अत्यंत महत्वपूर्ण नगर था, जो वर्तमान गुजरात राज्य के कच्छ क्षेत्र में खदिर बेट नामक स्थान पर स्थित था। यह स्थान भौगोलिक दृष्टि से शुष्क क्षेत्र में आता है, फिर भी यहाँ के लोगों ने जल प्रबंधन और नगर नियोजन की अद्भुत व्यवस्था विकसित की थी। इसलिए पहला कथन सही है।
दूसरा कथन भी सही है क्योंकि धौलावीरा अन्य हड़प्पा नगरों से अलग संरचना वाला नगर था। जहाँ सामान्यतः हड़प्पा नगर दो भागों—नगर-दुर्ग और निचले नगर—में विभाजित होते थे, वहीं धौलावीरा को तीन भागों में विभाजित किया गया था। ये तीन भाग प्रशासनिक और सामाजिक व्यवस्था को बेहतर ढंग से संचालित करने के लिए बनाए गए थे। प्रत्येक भाग के चारों ओर मजबूत पत्थर की दीवारें बनाई गई थीं, जो सुरक्षा और संगठन का प्रमाण हैं।
तीसरा कथन गलत है क्योंकि धौलावीरा साबरमती नदी के किनारे नहीं बसा था। साबरमती नदी से संबंधित स्थल लोथल है, जो उसकी एक उपनदी के किनारे स्थित था। धौलावीरा का स्थान कच्छ क्षेत्र में था, जो अलग भौगोलिक क्षेत्र है।
धौलावीरा से प्राप्त अभिलेख, बड़े प्रवेश द्वार, खुला मैदान और पत्थरों में खुदे हुए अक्षर यह दर्शाते हैं कि यह नगर केवल आवासीय ही नहीं बल्कि सांस्कृतिक और प्रशासनिक गतिविधियों का भी केंद्र था।
इस प्रकार केवल I और II सही हैं।
(CLASS 6 CHAPTER-3 PAGE NO.-29)
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17. हड़प्पा स्थल “धौलावीरा” निम्न में से किस नदी के तट पर बसा हुआ है?
Answer: A
धौलावीरा सिंधु घाटी सभ्यता का एक प्रमुख और विशिष्ट नगर था, जो गुजरात के कच्छ क्षेत्र में स्थित है। यह नगर लूनी नदी के तट के पास स्थित माना जाता है। यह क्षेत्र सामान्यतः शुष्क और अर्ध-शुष्क जलवायु वाला है, इसलिए यहाँ जल की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती थी। इसके बावजूद धौलावीरा के निवासियों ने अत्यंत उन्नत जल प्रबंधन प्रणाली विकसित की, जो उस समय की वैज्ञानिक और तकनीकी समझ को दर्शाती है।
धौलावीरा में वर्षा जल संचयन के लिए बड़े-बड़े जलाशय बनाए गए थे। इन जलाशयों में वर्षा का पानी एकत्र किया जाता था और लंबे समय तक उपयोग के लिए सुरक्षित रखा जाता था। इससे यह स्पष्ट होता है कि वहाँ के लोग पर्यावरण के अनुरूप अपनी जीवन शैली को ढालने में सक्षम थे।
अन्य विकल्पों में भोगवा नदी लोथल से संबंधित है, जो एक बंदरगाह नगर था। शादिकौर और मादर नदी धौलावीरा से संबंधित नहीं हैं।
धौलावीरा का महत्व केवल उसके स्थान के कारण नहीं, बल्कि उसके नगर नियोजन, जल संरक्षण और सामाजिक संरचना के कारण भी है। यह नगर दर्शाता है कि हड़प्पा सभ्यता के लोग केवल कृषि और व्यापार में ही नहीं, बल्कि तकनीकी दृष्टि से भी अत्यंत उन्नत थे।
इस प्रकार सही उत्तर लूनी नदी है।
(CLASS-6 CHAPTER-3 PAGE NO.-29)
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18. निम्नलिखित में से हड़प्पा सभ्यता का अंत कैसे हुआ?
I. जंगलों का विनाश हो गया।
II. शासकों का नियंत्रण समाप्त हो गया।
III. कुछ इलाकों में बाढ़ आ गई।
IV. भू-तात्विक परिवर्तन हुए।
कूट:-
Answer: C
हड़प्पा सभ्यता का पतन इतिहास का एक जटिल विषय है, जिसके पीछे कई कारण माने जाते हैं। यह किसी एक घटना का परिणाम नहीं था, बल्कि कई पर्यावरणीय, सामाजिक और भौगोलिक कारणों के संयुक्त प्रभाव से हुआ।
सबसे पहला कारण जंगलों का विनाश था। हड़प्पा सभ्यता में बड़ी मात्रा में पकी ईंटों का उपयोग किया जाता था, जिनके निर्माण के लिए भारी मात्रा में लकड़ी की आवश्यकता होती थी। इससे जंगलों का अत्यधिक दोहन हुआ और पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ गया।
दूसरा कारण शासकीय नियंत्रण का समाप्त होना था। हड़प्पा नगर अत्यंत सुव्यवस्थित थे, जो एक मजबूत प्रशासनिक व्यवस्था की ओर संकेत करते हैं। जब यह नियंत्रण कमजोर हुआ, तो नगरों की व्यवस्था भी धीरे-धीरे समाप्त होने लगी।
तीसरा कारण भू-तात्विक परिवर्तन थे, जैसे नदियों का मार्ग बदल जाना या उनका सूख जाना। चूँकि हड़प्पा सभ्यता नदियों पर निर्भर थी, इसलिए इन परिवर्तनों का सीधा प्रभाव कृषि, जल आपूर्ति और जीवन-निर्वाह पर पड़ा।
हालाँकि कुछ क्षेत्रों में बाढ़ के प्रमाण मिले हैं, लेकिन यह पूरे सभ्यता के पतन का मुख्य कारण नहीं माना जाता। इसलिए कथन III को प्रमुख कारणों में शामिल नहीं किया गया है।
इस प्रकार यह स्पष्ट है कि हड़प्पा सभ्यता का पतन कई कारणों के संयुक्त प्रभाव से हुआ, जिनमें पर्यावरणीय और भूगोलिक परिवर्तन प्रमुख थे। इसलिए सही उत्तर I, II और IV है।
(CLASS-6 CHAPTER-3 PAGE NO.-30 & 31)
19. हड़प्पा सभ्यता में मुहरों (Seals) का प्रमुख उपयोग क्या था?
Answer: B
हड़प्पा सभ्यता की मुहरें (Seals) उस समय की सबसे महत्वपूर्ण खोजों में से एक मानी जाती हैं। ये मुहरें सामान्यतः पत्थर से बनी होती थीं और आयताकार आकार की होती थीं। इन पर विभिन्न जानवरों जैसे बैल, हाथी, गैंडा आदि के चित्र अंकित होते थे, साथ ही उन पर कुछ चिन्ह या लिपि भी उकेरी जाती थी, जिसे हड़प्पा लिपि कहा जाता है।
इन मुहरों का प्रमुख उपयोग व्यापारिक गतिविधियों में होता था। जब व्यापारी वस्तुओं का आदान-प्रदान करते थे, तो वे इन मुहरों का उपयोग अपनी पहचान दर्शाने और वस्तुओं को चिन्हित करने के लिए करते थे। उदाहरण के लिए, किसी सामान पर मिट्टी लगाकर उस पर मुहर दबाई जाती थी, जिससे यह पता चलता था कि वह वस्तु किस व्यापारी या समूह की है।
इसके अतिरिक्त, मुहरों का उपयोग प्रशासनिक नियंत्रण और वस्तुओं की सुरक्षा के लिए भी किया जाता होगा। यह दर्शाता है कि हड़प्पा सभ्यता में व्यापार सुव्यवस्थित और संगठित था।
विकल्प A और C सीमित हैं क्योंकि मुहरों का उपयोग केवल सजावट या धार्मिक कार्यों तक सीमित नहीं था। विकल्प D पूरी तरह गलत है। इसलिए सही उत्तर B है।
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20. हड़प्पा सभ्यता के नगरों की योजना (Town Planning) के संदर्भ में कौन-सा कथन सही है?
Answer: C
हड़प्पा सभ्यता की सबसे प्रमुख विशेषताओं में से एक उसका उत्कृष्ट नगर नियोजन (Town Planning) था। इस सभ्यता के नगर अत्यंत व्यवस्थित ढंग से बनाए गए थे, जो उस समय की उन्नत शहरी योजना को दर्शाते हैं।
इन नगरों की सड़कों को एक विशेष ग्रिड प्रणाली (Grid Pattern) के अनुसार बनाया गया था, जिसमें सड़कें एक-दूसरे को समकोण (90°) पर काटती थीं। इससे पूरा नगर छोटे-छोटे खंडों में विभाजित हो जाता था, जिससे आवागमन और व्यवस्था दोनों आसान हो जाते थे।
इसके अलावा, घर भी योजनाबद्ध तरीके से बनाए जाते थे। अधिकांश घरों में आंगन, कमरे और जल निकासी की व्यवस्था होती थी। हड़प्पा सभ्यता की जल निकासी प्रणाली (Drainage System) विशेष रूप से उन्नत थी, जिसमें नालियाँ ढकी हुई होती थीं और उन्हें नियमित रूप से साफ किया जाता था।
नगरों को आमतौर पर दो भागों में विभाजित किया जाता था—ऊँचा भाग (नगर-दुर्ग) और निचला भाग (निचला नगर)। इससे प्रशासनिक और आवासीय क्षेत्रों को अलग-अलग रखा जाता था।
विकल्प A, B और D गलत हैं क्योंकि वे इस सभ्यता की उन्नत योजना प्रणाली को नहीं दर्शाते। इसलिए सही उत्तर विकल्प C है।
21. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए (हड़प्पा सभ्यता के नगर नियोजन के संदर्भ में):
I. हड़प्पा नगरों में सड़कों का जाल एक निश्चित योजना के अनुसार बनाया गया था।
II. नालियाँ पक्की और ढकी हुई होती थीं।
III. सभी घरों में जल निकासी की व्यवस्था नहीं थी।
कूट:-
Answer: A
हड़प्पा सभ्यता की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक उसका उन्नत नगर नियोजन (urban planning) था, जो उस समय की अन्य सभ्यताओं की तुलना में अत्यंत विकसित और व्यवस्थित था।
कथन I सही है क्योंकि हड़प्पा नगरों की सड़कों को ग्रिड प्रणाली (grid pattern) में बनाया गया था। मुख्य सड़कें एक-दूसरे को समकोण (right angle) पर काटती थीं, जिससे पूरा नगर सुव्यवस्थित दिखाई देता था। यह दर्शाता है कि नगर निर्माण पहले से योजना बनाकर किया गया था।
कथन II भी सही है क्योंकि हड़प्पा सभ्यता की जल निकासी प्रणाली अत्यंत उन्नत थी। नालियाँ पक्की ईंटों से बनी होती थीं और उन्हें ढककर रखा जाता था, जिससे गंदगी बाहर न फैले। यह स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति उनकी जागरूकता को दर्शाता है।
कथन III गलत है क्योंकि अधिकांश घरों में जल निकासी की व्यवस्था थी। लगभग हर घर से नाली जुड़ी होती थी, जो मुख्य नाली में मिलती थी। इससे यह स्पष्ट होता है कि नगर नियोजन बहुत व्यवस्थित और वैज्ञानिक था।
इस प्रकार केवल कथन I और II सही हैं।
(CLASS-6 CHAPTER-3 PAGE NO.-23)
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22. निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा कथन असत्य है (हड़प्पा सभ्यता के शिल्प एवं उद्योग के संदर्भ में)?
Answer: C
हड़प्पा सभ्यता शिल्प और उद्योग के क्षेत्र में अत्यंत विकसित थी। यहाँ के लोग विभिन्न प्रकार के शिल्प कार्यों में दक्ष थे और उन्होंने उत्पादन तथा व्यापार का एक व्यवस्थित तंत्र विकसित किया था।
विकल्प A सही है क्योंकि हड़प्पा के लोग मनके (beads) बनाने में अत्यंत कुशल थे। ये मनके पत्थर, शंख और अन्य कीमती पदार्थों से बनाए जाते थे और उनका उपयोग आभूषणों में किया जाता था।
विकल्प B भी सही है क्योंकि हड़प्पा के लोग तांबा, कांसा, सोना और चाँदी जैसी धातुओं का उपयोग करते थे। इससे उनकी तकनीकी दक्षता और धातुकर्म (metallurgy) की जानकारी का पता चलता है।
विकल्प D भी सही है क्योंकि हड़प्पा सभ्यता में विशेषज्ञ कारीगर होते थे, जो विशेष प्रशिक्षण लेकर वस्तुएँ बनाते थे। जैसे मनके बनाने वाले, पत्थर तराशने वाले और मुहर बनाने वाले।
विकल्प C गलत है क्योंकि हड़प्पा के लोग केवल स्थानीय कच्चे माल पर निर्भर नहीं थे। वे तांबा, सोना, टिन और बहुमूल्य पत्थरों का आयात दूर-दूर के क्षेत्रों से करते थे, जैसे राजस्थान, कर्नाटक, ईरान और अफगानिस्तान।
इस प्रकार यह स्पष्ट है कि हड़प्पा सभ्यता का उद्योग और व्यापार व्यापक और विकसित था, इसलिए असत्य कथन विकल्प C है।
(CLASS-6 CHAPTER-3 PAGE NO.-27 & 28)
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23. निम्नलिखित घटनाओं को कालानुक्रम में व्यवस्थित कीजिए (हड़प्पा सभ्यता के विकास के संदर्भ में):
1. व्यापारिक संपर्कों का विस्तार
2. नगर नियोजन का विकास
3. कृषि की शुरुआत
4. शिल्प उत्पादन में विशेषज्ञता
Answer: A
मानव सभ्यता के विकास को समझने के लिए हमें उसके आर्थिक और सामाजिक परिवर्तनों के क्रम को देखना आवश्यक है।
सबसे पहले कृषि की शुरुआत हुई (3)। यह मानव जीवन का सबसे महत्वपूर्ण मोड़ था, क्योंकि इससे भोजन उत्पादन संभव हुआ और लोग एक स्थान पर बसने लगे।
इसके बाद नगर नियोजन का विकास हुआ (2)। जब लोग स्थायी रूप से बसने लगे, तब उन्होंने योजनाबद्ध तरीके से नगरों का निर्माण किया, जैसा कि हड़प्पा सभ्यता में देखा जाता है।
इसके बाद शिल्प उत्पादन में विशेषज्ञता विकसित हुई (4)। जब समाज अधिक जटिल हुआ, तब अलग-अलग कार्यों के लिए विशेषज्ञ कारीगर बनने लगे, जिससे उत्पादन में वृद्धि हुई।
अंततः व्यापारिक संपर्कों का विस्तार हुआ (1)। जब उत्पादन बढ़ा, तब लोगों ने अपने उत्पादों का विनिमय करना शुरू किया और दूर-दूर के क्षेत्रों से कच्चा माल आयात किया।
इस प्रकार सही क्रम 3 → 2 → 4 → 1 है।
(CLASS-6 CHAPTER-3 PAGE NO.-22 to 28)
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24. निम्नलिखित का सही मिलान कीजिए (हड़प्पा सभ्यता के स्थल एवं विशेषताएँ):
List I (स्थल) List II (विशेषता)
i. मोहनजोदड़ो 1. महान स्नानागार
ii. लोथल 2. बंदरगाह
iii. कालीबंगा 3. अग्निकुंड
iv. हड़प्पा 4. मुहरें
कूट:-
Answer: A
हड़प्पा सभ्यता के विभिन्न स्थल अपनी-अपनी विशेषताओं के लिए प्रसिद्ध हैं और ये हमें उस समय के जीवन, तकनीक और सामाजिक संरचना के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी देते हैं।
मोहनजोदड़ो (i) से ‘महान स्नानागार’ (Great Bath) का प्रमाण मिलता है, जो संभवतः धार्मिक या सामाजिक गतिविधियों के लिए उपयोग किया जाता था। यह अत्यंत विकसित निर्माण तकनीक को दर्शाता है। इसलिए i–1 सही है।
लोथल (ii) एक महत्वपूर्ण बंदरगाह नगर था, जहाँ से समुद्री व्यापार किया जाता था। यहाँ गोदी (dockyard) के अवशेष मिले हैं, जो इसे व्यापारिक केंद्र सिद्ध करते हैं। इसलिए ii–2 सही है।
कालीबंगा (iii) से अग्निकुंड के प्रमाण मिले हैं, जो संभवतः यज्ञ या धार्मिक कार्यों से जुड़े थे। इसलिए iii–3 सही है।
हड़प्पा (iv) से मुहरें (seals) और अन्य कलाकृतियाँ मिली हैं, जो व्यापार और प्रशासनिक गतिविधियों का संकेत देती हैं। इसलिए iv–4 सही है।
इस प्रकार सही मिलान i-1, ii-2, iii-3, iv-4 है।
(CLASS-6 CHAPTER-3 PAGE NO.-23 to 26)
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25. निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा कथन असत्य है (हड़प्पा सभ्यता के व्यापार के संदर्भ में)?
Answer: B
हड़प्पा सभ्यता का व्यापारिक तंत्र अत्यंत विकसित और व्यापक था। यह केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं था, बल्कि दूर-दूर के क्षेत्रों से कच्चा माल लाया जाता था और वस्तुओं का विनिमय किया जाता था।
विकल्प A सही है क्योंकि हड़प्पा के लोग तांबा, सोना, चाँदी और बहुमूल्य पत्थरों जैसे कच्चे माल को विभिन्न क्षेत्रों से आयात करते थे। इससे यह स्पष्ट होता है कि उनका व्यापारिक नेटवर्क विस्तृत था।
विकल्प C भी सही है क्योंकि तांबा राजस्थान और ओमान जैसे क्षेत्रों से लाया जाता था। यह दर्शाता है कि उनका संपर्क विदेशों तक था।
विकल्प D सही है क्योंकि कांसा बनाने के लिए आवश्यक टिन का आयात ईरान और अफगानिस्तान से किया जाता था।
विकल्प B गलत है क्योंकि यह व्यापार को केवल स्थानीय स्तर तक सीमित बताता है, जबकि वास्तव में हड़प्पा सभ्यता का व्यापार अंतर-क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैला हुआ था।
यह व्यापारिक गतिविधियाँ न केवल आर्थिक विकास को दर्शाती हैं, बल्कि यह भी दिखाती हैं कि उस समय के लोग संसाधनों के आदान-प्रदान में कितने उन्नत थे।
इस प्रकार असत्य कथन विकल्प B है।
(CLASS-6 CHAPTER-3 PAGE NO.-28)
26. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए (हड़प्पा सभ्यता के नगर नियोजन के संदर्भ में):
I. सड़कों को इस प्रकार बनाया गया था कि वे एक-दूसरे को समकोण पर काटती थीं।
II. नालियाँ पक्की और ढकी हुई होती थीं।
III. सभी मकान केवल लकड़ी से बने होते थे।
कूट:-
Answer: A
हड़प्पा सभ्यता की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता उसका उन्नत नगर नियोजन (Urban Planning) था। इस सभ्यता के नगर सुव्यवस्थित ग्रिड प्रणाली पर आधारित थे, जहाँ सड़कें एक-दूसरे को समकोण (90°) पर काटती थीं। इससे पूरे नगर को व्यवस्थित खंडों में विभाजित किया जाता था, जिससे आवागमन और प्रशासनिक नियंत्रण आसान होता था। इसलिए कथन I सही है।
इसके साथ ही, जल निकासी व्यवस्था अत्यंत विकसित थी। घरों से निकलने वाला गंदा पानी पक्की नालियों के माध्यम से बाहर जाता था। ये नालियाँ ढकी हुई होती थीं और समय-समय पर उनकी सफाई के लिए विशेष व्यवस्था भी की गई थी। यह उस समय के लोगों की स्वच्छता के प्रति जागरूकता को दर्शाता है। इसलिए कथन II भी सही है।
कथन III गलत है क्योंकि मकान मुख्यतः पकी ईंटों (baked bricks) से बनाए जाते थे, न कि केवल लकड़ी से। लकड़ी का उपयोग सहायक सामग्री के रूप में होता था, लेकिन मुख्य निर्माण सामग्री ईंट थी।
इस प्रकार केवल I और II सही हैं।
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27. निम्नलिखित घटनाओं को सही कालानुक्रम (earliest to latest) में व्यवस्थित कीजिए:
1. कृषि का प्रारंभ
2. नगरों का विकास
3. शिकार एवं खाद्य संग्रह पर आधारित जीवन
4. दीर्घ दूरी व्यापार का विकास
Answer: A
मानव सभ्यता का विकास क्रमिक रूप से विभिन्न चरणों में हुआ है। सबसे प्रारंभिक अवस्था में मानव का जीवन शिकार और खाद्य संग्रह (hunting-gathering) पर आधारित था। इसलिए 3 सबसे पहले आता है।
इसके बाद कृषि का विकास हुआ, जब मानव ने पौधों को उगाना सीखा और भोजन का उत्पादन शुरू किया। इससे भोजन की स्थिरता आई, इसलिए 1 इसके बाद आता है।
कृषि के विकास के साथ लोग स्थायी रूप से बसने लगे और नगरों का विकास हुआ। इससे सामाजिक और प्रशासनिक संरचना विकसित हुई। इसलिए 2 तीसरे स्थान पर आता है।
अंततः उत्पादन बढ़ने के बाद व्यापार का विस्तार हुआ, विशेष रूप से दीर्घ दूरी व्यापार (long-distance trade) का। इसलिए 4 सबसे अंत में आता है।
इस प्रकार सही क्रम 3 → 1 → 2 → 4 है।
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28. निम्नलिखित का सही मिलान कीजिए (हड़प्पा स्थल एवं विशेषता):
List I (स्थल) List II (विशेषता)
i. मोहनजोदड़ो 1. महान स्नानागार
ii. लोथल 2. बंदरगाह (Dockyard)
iii. कालीबंगा 3. अग्निकुण्ड
iv. धौलावीरा 4. तीन भागों में विभाजन
कूट:-
Answer: A
हड़प्पा सभ्यता के विभिन्न पुरास्थल अपनी-अपनी विशिष्ट विशेषताओं के लिए प्रसिद्ध हैं, जो उस समय के सामाजिक, धार्मिक और आर्थिक जीवन को समझने में सहायता करते हैं।
मोहनजोदड़ो का सबसे प्रसिद्ध अवशेष ‘महान स्नानागार’ (Great Bath) है, जो संभवतः धार्मिक या सार्वजनिक स्नान के लिए उपयोग किया जाता था। इसलिए i–1 सही है।
लोथल एक महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र था और यहाँ एक बंदरगाह (dockyard) मिला है, जो समुद्री व्यापार का प्रमाण देता है। इसलिए ii–2 सही है।
कालीबंगा से अग्निकुण्ड (fire altars) के प्रमाण मिले हैं, जो धार्मिक अनुष्ठानों से जुड़े हो सकते हैं। इसलिए iii–3 सही है।
धौलावीरा नगर की विशेषता यह है कि यह तीन भागों में विभाजित था, जो इसे अन्य हड़प्पा नगरों से अलग बनाता है। इसलिए iv–4 सही है।
इस प्रकार सही मिलान i-1, ii-2, iii-3, iv-4 है।
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29. निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा कथन गलत है?
Answer: C
हड़प्पा सभ्यता एक विकसित नगरीय सभ्यता थी, जहाँ विभिन्न प्रकार के व्यवसाय और कार्य मौजूद थे।
विकल्प A सही है क्योंकि हड़प्पा सभ्यता में ईंटों का आकार मानकीकृत होता था (जैसे 1:2:4 अनुपात), जो उन्नत निर्माण तकनीक को दर्शाता है।
विकल्प B भी सही है क्योंकि इस सभ्यता में एक लिपि का प्रयोग होता था, जो मुहरों और अन्य वस्तुओं पर अंकित मिलती है। हालाँकि इसे अभी तक पूरी तरह पढ़ा नहीं जा सका है।
विकल्प D सही है क्योंकि कारीगर (craftsmen) इस सभ्यता का महत्वपूर्ण हिस्सा थे। वे मनके, आभूषण, औजार और अन्य वस्तुएँ बनाते थे, जो व्यापार और दैनिक जीवन के लिए आवश्यक थीं।
विकल्प C गलत है क्योंकि समाज में विभिन्न पेशे मौजूद थे—किसान, व्यापारी, कारीगर, लिपिक आदि। यदि सभी लोग एक ही कार्य करते, तो इतनी विकसित सभ्यता संभव नहीं होती।
इस प्रकार सही उत्तर C है।
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30. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए (हड़प्पा सभ्यता के पतन के संदर्भ में):
I. कुछ क्षेत्रों में बाढ़ आने से नगरों को नुकसान हुआ।
II. नदियों के मार्ग परिवर्तन ने कृषि को प्रभावित किया।
III. सभी नगर एक ही समय में अचानक नष्ट हो गए।
कूट:-
Answer: A
हड़प्पा सभ्यता के पतन के कारणों के बारे में इतिहासकारों के बीच मतभेद है, लेकिन कई संभावित कारण बताए गए हैं।
कथन I सही है क्योंकि कुछ क्षेत्रों में बार-बार बाढ़ आने के प्रमाण मिले हैं, जिससे नगरों की संरचना को नुकसान हुआ होगा और लोगों को स्थान छोड़ना पड़ा होगा।
कथन II भी सही है क्योंकि नदियों के मार्ग बदलने या सूखने से कृषि पर गंभीर प्रभाव पड़ा। चूँकि यह सभ्यता कृषि पर आधारित थी, इसलिए इसका सीधा प्रभाव जीवन पर पड़ा।
कथन III गलत है क्योंकि सभी नगर एक साथ अचानक नष्ट नहीं हुए थे। अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग समय पर धीरे-धीरे पतन हुआ।
इस प्रकार केवल I और II सही हैं।
31. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए (हड़प्पा सभ्यता की जल प्रबंधन प्रणाली के संदर्भ में):
I. हड़प्पा नगरों में कुएँ बड़ी संख्या में पाए गए हैं।
II. जल निकासी प्रणाली अव्यवस्थित और कच्ची थी।
III. घरों से निकलने वाली नालियाँ मुख्य नालियों से जुड़ी होती थीं।
कूट:-
Answer: A
हड़प्पा सभ्यता की सबसे उल्लेखनीय विशेषताओं में से एक उसकी उन्नत जल प्रबंधन प्रणाली थी, जो उस समय की अन्य सभ्यताओं की तुलना में अत्यंत विकसित और वैज्ञानिक थी।
कथन I सही है क्योंकि हड़प्पा नगरों में बड़ी संख्या में कुएँ पाए गए हैं। लगभग प्रत्येक घर या मोहल्ले के पास जल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कुएँ बनाए गए थे। यह दर्शाता है कि लोगों ने जल स्रोतों के महत्व को समझा और उसे योजनाबद्ध तरीके से उपयोग किया।
कथन II गलत है क्योंकि जल निकासी प्रणाली अत्यंत विकसित और पक्की थी। नालियाँ ईंटों से बनी होती थीं और उन्हें ढककर रखा जाता था, जिससे गंदगी बाहर न फैले। यह उस समय की स्वच्छता और शहरी व्यवस्था का उच्च स्तर दर्शाता है।
कथन III सही है क्योंकि घरों से निकलने वाली छोटी नालियाँ मुख्य नालियों से जुड़ी होती थीं। यह एक संगठित और वैज्ञानिक जल निकासी प्रणाली का प्रमाण है, जिससे पानी और गंदगी का उचित प्रवाह सुनिश्चित होता था।
इस प्रकार केवल कथन I और III सही हैं।
(CLASS-6 CHAPTER-3 PAGE NO.-23)
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32. निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा कथन असत्य है (हड़प्पा सभ्यता के लेखन प्रणाली के संदर्भ में)?
Answer: C
हड़प्पा सभ्यता की लेखन प्रणाली आज भी इतिहासकारों और पुरातत्त्वविदों के लिए एक रहस्य बनी हुई है। अब तक इस लिपि को पूरी तरह पढ़ा या समझा नहीं जा सका है, जिससे हड़प्पा समाज के कई पहलू अब भी अस्पष्ट हैं।
विकल्प A सही है क्योंकि हड़प्पा लिपि अब तक अपठित (undeciphered) है। कई प्रयास किए गए हैं, लेकिन अभी तक कोई सर्वमान्य व्याख्या सामने नहीं आई है।
विकल्प B भी सही है क्योंकि यह लिपि मुख्यतः मुहरों (seals), मिट्टी की तख्तियों और छोटे-छोटे वस्तुओं पर पाई जाती है। इन मुहरों का उपयोग व्यापार और प्रशासनिक कार्यों में किया जाता था।
विकल्प D सही है क्योंकि हड़प्पा लिपि के चिन्ह छोटे और चित्रात्मक (pictographic) होते हैं। इनमें जानवरों और प्रतीकों का प्रयोग किया गया है।
विकल्प C गलत है क्योंकि हड़प्पा सभ्यता में लंबी लिखित सामग्री, जैसे पुस्तकें या ग्रंथ, नहीं मिले हैं। अधिकांश लेखन छोटे-छोटे चिन्हों तक सीमित है।
इस प्रकार स्पष्ट है कि हड़प्पा लिपि सीमित और संक्षिप्त रूप में उपयोग की जाती थी, इसलिए विकल्प C असत्य है।
(CLASS-6 CHAPTER-3 PAGE NO.-25 to 27)
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33. निम्नलिखित घटनाओं को कालानुक्रम में व्यवस्थित कीजिए (हड़प्पा सभ्यता के विकास के संदर्भ में):
1. नगरों का पतन
2. व्यापार का विस्तार
3. नगरों का निर्माण
4. कृषि का स्थिरीकरण
Answer: A
हड़प्पा सभ्यता के विकास को समझने के लिए हमें उसके आर्थिक और सामाजिक परिवर्तनों के क्रम को देखना आवश्यक है।
सबसे पहले कृषि का स्थिरीकरण (4) हुआ। जब मानव ने कृषि को स्थायी रूप से अपनाया, तब उसे नियमित भोजन मिलने लगा और वह एक स्थान पर बसने लगा।
इसके बाद नगरों का निर्माण (3) हुआ। स्थायी जीवन के कारण लोगों ने योजनाबद्ध नगरों का निर्माण किया, जिसमें सड़कों, घरों और जल निकासी की व्यवस्था शामिल थी।
इसके बाद व्यापार का विस्तार (2) हुआ। जब उत्पादन बढ़ा, तो लोगों ने अतिरिक्त वस्तुओं का विनिमय करना शुरू किया और दूर-दूर के क्षेत्रों से कच्चा माल लाने लगे।
अंततः नगरों का पतन (1) हुआ, जो विभिन्न कारणों जैसे पर्यावरणीय परिवर्तन, संसाधनों की कमी और प्रशासनिक कमजोरियों के कारण हुआ।
इस प्रकार सही क्रम 4 → 3 → 2 → 1 है।
(CLASS-6 CHAPTER-3 PAGE NO.-22 to 31)
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34. निम्नलिखित का सही मिलान कीजिए (कच्चा माल एवं स्रोत):
List I (कच्चा माल) List II (स्रोत)
i. तांबा 1. कर्नाटक
ii. सोना 2. राजस्थान
iii. टिन 3. ईरान/अफगानिस्तान
iv. बहुमूल्य पत्थर 4. गुजरात
कूट:-
Answer: A
हड़प्पा सभ्यता का आर्थिक जीवन केवल स्थानीय संसाधनों पर आधारित नहीं था, बल्कि यह दूर-दूर के क्षेत्रों से कच्चे माल के आयात पर भी निर्भर था।
तांबा (i) मुख्यतः राजस्थान से प्राप्त किया जाता था, इसलिए i–2 सही है। इसके अलावा ओमान से भी तांबा लाया जाता था, जो अंतरराष्ट्रीय व्यापार का प्रमाण है।
सोना (ii) कर्नाटक क्षेत्र से लाया जाता था, इसलिए ii–1 सही है। सोने का उपयोग आभूषण बनाने में किया जाता था, जो सामाजिक प्रतिष्ठा का प्रतीक था।
टिन (iii) ईरान और अफगानिस्तान से आयात किया जाता था, इसलिए iii–3 सही है। टिन को तांबे के साथ मिलाकर कांसा बनाया जाता था, जो एक महत्वपूर्ण धातु थी।
बहुमूल्य पत्थर (iv) गुजरात सहित अन्य क्षेत्रों से प्राप्त होते थे, इसलिए iv–4 सही है। इनका उपयोग मनके और आभूषण बनाने में किया जाता था।
इस प्रकार सही मिलान i-2, ii-1, iii-3, iv-4 है।
(CLASS-6 CHAPTER-3 PAGE NO.-28)
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35. निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा कथन असत्य है (हड़प्पा सभ्यता के पतन के संदर्भ में)?
Answer: C
हड़प्पा सभ्यता का पतन इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण और जटिल विषयों में से एक है। इसके पतन के पीछे एक ही कारण नहीं था, बल्कि कई कारकों का संयुक्त प्रभाव था।
विकल्प A सही है क्योंकि कुछ विद्वानों का मानना है कि नदियों के सूखने या उनके मार्ग बदलने के कारण जल संकट उत्पन्न हुआ, जिससे सभ्यता प्रभावित हुई।
विकल्प B भी सही है क्योंकि जंगलों का विनाश एक महत्वपूर्ण कारण हो सकता है। ईंटों को पकाने के लिए बड़ी मात्रा में लकड़ी की आवश्यकता होती थी, जिससे वनों की कटाई हुई और पर्यावरण असंतुलन उत्पन्न हुआ।
विकल्प D सही है क्योंकि भू-तात्विक परिवर्तन (geological changes) जैसे भूकंप या भूमि में बदलाव भी सभ्यता के पतन का कारण हो सकते हैं।
विकल्प C गलत है क्योंकि यह पतन को केवल एक कारण से जोड़ता है, जबकि वास्तविकता में इसके पीछे कई कारण थे, जैसे पर्यावरणीय परिवर्तन, संसाधनों की कमी और प्रशासनिक कमजोरियाँ।
इस प्रकार स्पष्ट है कि हड़प्पा सभ्यता का पतन बहु-कारकीय (multi-causal) था, इसलिए विकल्प C असत्य है।
(CLASS-6 CHAPTER-3 PAGE NO.-30 & 31)
36. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए (हड़प्पा सभ्यता के सामाजिक संगठन के संदर्भ में):
I. हड़प्पा समाज में विभिन्न प्रकार के कारीगर और विशेषज्ञ मौजूद थे।
II. सभी लोग एक ही प्रकार का कार्य करते थे।
III. समाज में कार्य विभाजन (division of labour) मौजूद था।
कूट:-
Answer: A
हड़प्पा सभ्यता का सामाजिक ढांचा अत्यंत विकसित और संगठित था, जो उस समय के अन्य समाजों की तुलना में अधिक जटिल दिखाई देता है। पुरातात्विक साक्ष्यों से यह स्पष्ट होता है कि समाज में विभिन्न प्रकार के लोग और कार्य मौजूद थे, जिससे यह संकेत मिलता है कि वहाँ कार्य विभाजन की स्पष्ट व्यवस्था थी।
कथन I सही है क्योंकि हड़प्पा सभ्यता में विशेषज्ञ कारीगर (specialised craftsmen) होते थे। ये लोग विशेष प्रशिक्षण लेकर मनके बनाना, धातु कार्य करना, मुहर बनाना और मिट्टी के बर्तन तैयार करना जैसे कार्य करते थे। इससे यह स्पष्ट होता है कि समाज में पेशागत विशेषज्ञता विकसित हो चुकी थी।
कथन II गलत है क्योंकि सभी लोग एक ही प्रकार का कार्य नहीं करते थे। यदि ऐसा होता, तो इतनी उन्नत शिल्पकला और व्यापारिक गतिविधियाँ संभव नहीं होतीं।
कथन III सही है क्योंकि कार्य विभाजन हड़प्पा समाज की एक महत्वपूर्ण विशेषता थी। कुछ लोग निर्माण कार्य करते थे, कुछ व्यापारी थे, कुछ कारीगर थे और कुछ प्रशासनिक कार्यों में लगे होते होंगे।
इस प्रकार केवल कथन I और III सही हैं।
(CLASS-6 CHAPTER-3 PAGE NO.-27)
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37. निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा कथन असत्य है (हड़प्पा सभ्यता के आवास के संदर्भ में)?
Answer: C
हड़प्पा सभ्यता के आवासीय ढाँचे (housing pattern) से यह स्पष्ट होता है कि वहाँ का नगर नियोजन अत्यंत उन्नत और सुव्यवस्थित था। घरों का निर्माण पकी हुई ईंटों से किया जाता था, जो उनकी मजबूती और स्थायित्व को दर्शाता है।
विकल्प A सही है क्योंकि अधिकांश घर पकी ईंटों से बने होते थे। यह निर्माण तकनीक उस समय के लिए अत्यंत उन्नत मानी जाती है।
विकल्प B भी सही है क्योंकि कई घरों में एक से अधिक कमरे होते थे। इससे यह संकेत मिलता है कि परिवारों की संरचना और सामाजिक जीवन जटिल था।
विकल्प D सही है क्योंकि कई घरों में आँगन होते थे, जो प्रकाश और वेंटिलेशन के लिए उपयोगी थे। यह वास्तुकला की समझ को दर्शाता है।
विकल्प C गलत है क्योंकि सभी घर एक जैसे नहीं थे। कुछ घर बड़े और जटिल थे, जबकि कुछ छोटे और साधारण थे। यह समाज में आर्थिक और सामाजिक विविधता को दर्शाता है।
इस प्रकार हड़प्पा समाज में आवासीय संरचनाएँ विविध थीं, इसलिए विकल्प C असत्य है।
(CLASS-6 CHAPTER-3 PAGE NO.-23)
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38. निम्नलिखित घटनाओं को कालानुक्रम में व्यवस्थित कीजिए (हड़प्पा सभ्यता के आर्थिक विकास के संदर्भ में):
1. कच्चे माल का आयात
2. शिल्प उत्पादन का विकास
3. कृषि उत्पादन में वृद्धि
4. व्यापारिक नेटवर्क का विस्तार
Answer: A
हड़प्पा सभ्यता के आर्थिक विकास को समझने के लिए हमें उत्पादन, संसाधनों और व्यापार के क्रमिक विकास को देखना आवश्यक है।
सबसे पहले कृषि उत्पादन में वृद्धि (3) हुई। कृषि के स्थिर होने से भोजन की उपलब्धता बढ़ी और अधिशेष (surplus) उत्पादन संभव हुआ।
इसके बाद शिल्प उत्पादन का विकास (2) हुआ। जब अतिरिक्त भोजन उपलब्ध हुआ, तब कुछ लोग अन्य कार्यों जैसे कारीगरी में लग सके, जिससे विशेषज्ञता विकसित हुई।
इसके बाद कच्चे माल का आयात (1) शुरू हुआ। कारीगरों को विभिन्न वस्तुएँ बनाने के लिए तांबा, सोना, पत्थर आदि की आवश्यकता होती थी, जिन्हें दूर-दूर से लाया जाता था।
अंततः व्यापारिक नेटवर्क का विस्तार (4) हुआ। जब उत्पादन और संसाधनों का आदान-प्रदान बढ़ा, तब व्यापार दूरस्थ क्षेत्रों तक फैल गया।
इस प्रकार सही क्रम 3 → 2 → 1 → 4 है।
(CLASS-6 CHAPTER-3 PAGE NO.-26 to 28)
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39. निम्नलिखित का सही मिलान कीजिए (हड़प्पा सभ्यता के शिल्प एवं उत्पाद):
List I (शिल्प) List II (उत्पाद)
i. मनका निर्माण 1. आभूषण
ii. मिट्टी शिल्प 2. लाल मृदभांड
iii. धातु शिल्प 3. औजार
iv. मुहर निर्माण 4. व्यापारिक चिन्ह
कूट:-
Answer: A
हड़प्पा सभ्यता में शिल्प और उद्योग अत्यंत विकसित थे और विभिन्न प्रकार के उत्पाद बनाए जाते थे, जो न केवल स्थानीय उपयोग के लिए बल्कि व्यापार के लिए भी महत्वपूर्ण थे।
मनका निर्माण (i) से आभूषण (1) बनाए जाते थे। ये मनके पत्थर, शंख और फेयॅन्स से बनाए जाते थे और अत्यंत सुंदर होते थे।
मिट्टी शिल्प (ii) से लाल मृदभांड (2) बनाए जाते थे, जिन पर काले रंग से डिजाइन बनाए जाते थे। यह उनकी कलात्मक क्षमता को दर्शाता है।
धातु शिल्प (iii) से औजार (3) और हथियार बनाए जाते थे, जो दैनिक जीवन और शिकार के लिए आवश्यक थे।
मुहर निर्माण (iv) से व्यापारिक चिन्ह (4) बनाए जाते थे, जिनका उपयोग वस्तुओं की पहचान और व्यापारिक लेन-देन में किया जाता था।
इस प्रकार सही मिलान i-1, ii-2, iii-3, iv-4 है।
(CLASS-6 CHAPTER-3 PAGE NO.-25 to 27)
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40. निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा कथन असत्य है (हड़प्पा सभ्यता के आर्थिक जीवन के संदर्भ में)?
Answer: C
हड़प्पा सभ्यता का आर्थिक जीवन अत्यंत विविध और विकसित था, जिसमें कृषि, शिल्प उत्पादन और व्यापार सभी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे।
विकल्प A सही है क्योंकि व्यापार हड़प्पा सभ्यता की एक प्रमुख आर्थिक गतिविधि थी। लोग अपने उत्पादों का विनिमय करते थे और दूर-दूर के क्षेत्रों से वस्तुएँ लाते थे।
विकल्प B सही है क्योंकि कच्चे माल का आयात राजस्थान, कर्नाटक, ईरान और अफगानिस्तान जैसे क्षेत्रों से किया जाता था। यह उनके विस्तृत व्यापारिक नेटवर्क को दर्शाता है।
विकल्प D सही है क्योंकि शिल्प उत्पादन भी आर्थिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा था। मनके, बर्तन, धातु उपकरण आदि का निर्माण बड़े पैमाने पर किया जाता था।
विकल्प C गलत है क्योंकि यह आर्थिक गतिविधियों को केवल कृषि तक सीमित कर देता है, जबकि वास्तव में हड़प्पा सभ्यता में बहुआयामी आर्थिक गतिविधियाँ थीं।
इस प्रकार स्पष्ट है कि हड़प्पा सभ्यता का आर्थिक जीवन अत्यंत विकसित और विविध था, इसलिए विकल्प C असत्य है।
(CLASS-6 CHAPTER-3 PAGE NO.-26 to 28)
41. हड़प्पा सभ्यता के नगर नियोजन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा कथन असत्य है ?
Answer: C
हड़प्पा सभ्यता का नगर नियोजन विश्व की प्राचीनतम और सबसे उन्नत नगर योजनाओं में से एक माना जाता है। यह सभ्यता केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसमें वैज्ञानिक सोच, संगठन और प्रशासनिक क्षमता का भी उत्कृष्ट उदाहरण मिलता है।
विकल्प A सही है क्योंकि हड़प्पा नगरों की सड़कों को ग्रिड प्रणाली (grid pattern) में बनाया गया था। सड़कों का निर्माण एक-दूसरे को समकोण पर काटते हुए किया गया था, जिससे आवागमन और व्यवस्था दोनों सुगम होती थी।
विकल्प B भी सही है क्योंकि नालियाँ ढकी हुई होती थीं। यह स्वच्छता के प्रति जागरूकता को दर्शाता है। घरों से निकलने वाली छोटी नालियाँ मुख्य नालियों से जुड़ी होती थीं और नियमित सफाई की व्यवस्था भी होती थी।
विकल्प D भी सही है क्योंकि नगर पूरी तरह योजनाबद्ध थे। इसमें दुर्ग (ऊँचा भाग) और निचला नगर स्पष्ट रूप से विभाजित था, जो प्रशासनिक और सामाजिक व्यवस्था को दर्शाता है।
विकल्प C गलत है क्योंकि सभी घर एक जैसे नहीं थे। कुछ घर बड़े और बहु-कक्षीय थे जबकि कुछ छोटे थे। इससे सामाजिक और आर्थिक असमानता का संकेत मिलता है।
इस प्रकार हड़प्पा सभ्यता में विविधता थी, इसलिए विकल्प C असत्य है।
(CLASS-6 CHAPTER-3 PAGE NO.-23)
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42. हड़प्पा सभ्यता के व्यापारिक संबंधों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा सही है ?
Answer: C
हड़प्पा सभ्यता का आर्थिक ढाँचा अत्यंत विकसित था, जिसमें व्यापार की महत्वपूर्ण भूमिका थी। यह सभ्यता केवल स्थानीय उत्पादन और उपभोग तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसका संपर्क दूर-दूर के क्षेत्रों से था, जिससे यह एक व्यापक व्यापारिक नेटवर्क का हिस्सा बन गई थी।
विकल्प C सही है क्योंकि पुरातात्त्विक साक्ष्य बताते हैं कि हड़प्पा सभ्यता का व्यापार पश्चिम एशिया (जैसे मेसोपोटामिया), ओमान, ईरान और अफगानिस्तान तक फैला हुआ था। इन क्षेत्रों से तांबा, टिन, सोना और बहुमूल्य पत्थर जैसे कच्चे माल का आयात किया जाता था।
विकल्प A और B गलत हैं क्योंकि ये व्यापार को सीमित बताते हैं, जबकि वास्तविकता में हड़प्पा सभ्यता अंतर-क्षेत्रीय व्यापार में सक्रिय थी।
विकल्प D भी गलत है क्योंकि व्यापार हड़प्पा सभ्यता के आर्थिक जीवन का आधार था। मुहरें, बाट और गोदाम इस बात के प्रमाण हैं कि व्यापार संगठित और नियंत्रित था।
लोथल जैसे बंदरगाह नगर इस बात के स्पष्ट प्रमाण हैं कि समुद्री व्यापार भी विकसित था।
इस प्रकार हड़प्पा सभ्यता का व्यापार व्यापक और संगठित था, इसलिए विकल्प C सही है।
(CLASS-6 CHAPTER-3 PAGE NO.-28)
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43. निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा कथन असत्य है ?
Answer: C
हड़प्पा सभ्यता में व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को व्यवस्थित रूप से संचालित करने के लिए मानकीकरण (standardization) का विशेष महत्व था। इसी का एक प्रमुख उदाहरण है — मानकीकृत बाट (weights)।
विकल्प A सही है क्योंकि हड़प्पा सभ्यता में बाटों का आकार और वजन एक निश्चित मानक के अनुसार होता था। यह दर्शाता है कि व्यापारिक लेन-देन में सटीकता और निष्पक्षता बनाए रखने का प्रयास किया जाता था।
विकल्प B भी सही है क्योंकि बाटों को प्रायः चर्ट पत्थर से बनाया जाता था। यह पत्थर मजबूत और टिकाऊ होता है, जिससे बाट लंबे समय तक उपयोग में रह सकते थे।
विकल्प D भी सही है क्योंकि इन बाटों का उपयोग मुख्यतः व्यापार में किया जाता था। इनके माध्यम से धातुओं, अनाज और अन्य वस्तुओं का सही वजन किया जाता था।
विकल्प C गलत है क्योंकि बाटों का उपयोग धार्मिक कार्यों के लिए नहीं, बल्कि आर्थिक गतिविधियों के लिए किया जाता था।
इस प्रकार यह स्पष्ट है कि हड़प्पा सभ्यता में व्यापारिक व्यवस्था अत्यंत संगठित और वैज्ञानिक थी।
(CLASS-6 CHAPTER-3 PAGE NO.-26)
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44. निम्नलिखित कथनों में से गलत कथन का चयन कीजिए:
Answer: C
हड़प्पा सभ्यता की वास्तुकला अत्यंत उन्नत और संगठित थी, जो उसके तकनीकी ज्ञान और प्रशासनिक व्यवस्था को दर्शाती है।
विकल्प A सही है क्योंकि पकी ईंटों का व्यापक उपयोग किया जाता था। ये ईंटें मजबूत और टिकाऊ होती थीं, जिससे भवन लंबे समय तक सुरक्षित रहते थे।
विकल्प B भी सही है क्योंकि निर्माण कार्य में मानकीकरण स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। ईंटों का आकार, निर्माण शैली और संरचना एक समान होती थी, जो योजनाबद्ध निर्माण को दर्शाता है।
विकल्प D भी सही है क्योंकि नगरों में दुर्ग और दीवारें बनाई जाती थीं, जो सुरक्षा और प्रशासनिक नियंत्रण का संकेत देती हैं।
विकल्प C गलत है क्योंकि सभी इमारतें केवल कच्ची ईंटों से नहीं बनी थीं। वास्तव में पकी ईंटों का उपयोग अधिक महत्वपूर्ण और व्यापक था।
इस प्रकार हड़प्पा सभ्यता की वास्तुकला उसकी उन्नत तकनीकी क्षमता का प्रमाण है।
(CLASS-6 CHAPTER-3 PAGE NO.-23)
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45. निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा कथन असत्य है ?
Answer: B
हड़प्पा सभ्यता की लिपि (script) उसके सांस्कृतिक और प्रशासनिक जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा थी, लेकिन यह आज भी पूरी तरह पढ़ी नहीं जा सकी है।
विकल्प A सही है क्योंकि हड़प्पा सभ्यता में लेखन प्रणाली का उपयोग होता था। यह मुहरों, ताम्र वस्तुओं और अन्य कलाकृतियों पर पाया जाता है।
विकल्प C भी सही है क्योंकि लेखन केवल पत्थरों तक सीमित नहीं था, बल्कि मुहरों, मिट्टी की वस्तुओं और धातु पर भी अंकित मिलता है।
विकल्प D भी सही है क्योंकि अब तक हड़प्पा लिपि को पूरी तरह समझा नहीं जा सका है, जिससे इसके अर्थ और भाषा के बारे में पूर्ण जानकारी उपलब्ध नहीं है।
विकल्प B गलत है क्योंकि यह लेखन को केवल पत्थरों तक सीमित करता है, जबकि वास्तव में यह विभिन्न माध्यमों पर पाया जाता है।
इस प्रकार हड़प्पा सभ्यता की लिपि रहस्यमय और महत्वपूर्ण है, जो आज भी शोध का विषय बनी हुई है।
(CLASS-6 CHAPTER-3 PAGE NO.-25)
46. हड़प्पा सभ्यता के खाद्य उत्पादन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा कथन सही है ?
Answer: B
हड़प्पा सभ्यता में आर्थिक जीवन का आधार कृषि और पशुपालन था, और यह व्यवस्था ग्रामीण तथा नगरीय क्षेत्रों के बीच स्पष्ट कार्य विभाजन को दर्शाती है। नगरों में रहने वाले लोग मुख्यतः शिल्पकार, व्यापारी, लिपिक और शासक वर्ग से संबंधित थे, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोग कृषि और पशुपालन करते थे।
विकल्प B सही है क्योंकि किसानों और पशुपालकों द्वारा उत्पादित खाद्य सामग्री नगरों में रहने वाले लोगों को उपलब्ध कराई जाती थी। यह एक संगठित आर्थिक तंत्र का संकेत है, जहाँ उत्पादन और उपभोग अलग-अलग वर्गों द्वारा नियंत्रित होते थे।
विकल्प A गलत है क्योंकि नगरों में रहने वाले लोग स्वयं खाद्य उत्पादन नहीं करते थे। उनका जीवन अन्य पेशों पर आधारित था।
विकल्प C गलत है क्योंकि कृषि हड़प्पा सभ्यता की रीढ़ थी। गेहूँ, जौ, दालें, मटर, चावल, तिल, सरसों आदि की खेती की जाती थी, जो भोजन का मुख्य स्रोत थे।
विकल्प D भी गलत है क्योंकि शिकार केवल एक सहायक गतिविधि थी, न कि मुख्य आधार।
इस प्रकार यह स्पष्ट होता है कि हड़प्पा सभ्यता में ग्रामीण और शहरी जीवन एक-दूसरे पर निर्भर थे और एक संतुलित आर्थिक संरचना विकसित थी।
(CLASS-6 CHAPTER-3 PAGE NO.-31)
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47. निम्नलिखित का सही मिलान कीजिए:
List I List II
a. हल (Plough) 1. सिंचाई
b. सिंचाई 2. बीज बोना
c. पशुपालन 3. भोजन स्रोत
d. शिकार 4. अतिरिक्त भोजन
कूट:-
Answer: A
हड़प्पा सभ्यता में कृषि और उससे संबंधित तकनीकों का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान था। हल (plough) का उपयोग भूमि को जोतने और बीज बोने के लिए किया जाता था, जिससे खेती अधिक प्रभावी हो जाती थी। इसलिए a–2 सही है।
सिंचाई (irrigation) का उपयोग जल की आपूर्ति के लिए किया जाता था, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहाँ वर्षा कम होती थी। इससे फसलों की निरंतर वृद्धि संभव होती थी, इसलिए b–1 सही है।
पशुपालन (cattle rearing) भोजन का एक महत्वपूर्ण स्रोत था, जिससे दूध, मांस और अन्य उत्पाद प्राप्त होते थे। इसलिए c–3 सही है।
शिकार (hunting) एक सहायक गतिविधि थी, जिससे अतिरिक्त भोजन प्राप्त होता था। यह मुख्य स्रोत नहीं था, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर उपयोगी था। इसलिए d–4 सही है।
यह मिलान दर्शाता है कि हड़प्पा सभ्यता में कृषि, पशुपालन और अन्य गतिविधियाँ एक-दूसरे से जुड़ी हुई थीं और एक संतुलित आर्थिक प्रणाली का निर्माण करती थीं।
(CLASS-6 CHAPTER-3 PAGE NO.-31)
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48. निम्नलिखित घटनाओं को कालानुक्रम में व्यवस्थित कीजिए:
1. कृषि का विकास
2. सिंचाई तकनीकों का उपयोग
3. नगरों का विकास
4. व्यापारिक गतिविधियों का विस्तार
Answer: A
मानव सभ्यता के विकास को समझने के लिए हमें उसकी आर्थिक गतिविधियों के क्रम को समझना आवश्यक है।
सबसे पहले कृषि का विकास हुआ (1)। जब मानव ने खेती करना शुरू किया, तब उसे स्थायी भोजन स्रोत मिला और वह एक स्थान पर बसने लगा।
इसके बाद सिंचाई तकनीकों का उपयोग (2) शुरू हुआ। चूँकि कुछ क्षेत्रों में वर्षा कम होती थी, इसलिए पानी को संग्रहित करके खेतों तक पहुँचाने की व्यवस्था की गई।
इसके बाद नगरों का विकास (3) हुआ। स्थायी जीवन और अधिशेष उत्पादन के कारण लोगों ने नगर बसाने शुरू किए।
अंततः व्यापारिक गतिविधियों का विस्तार (4) हुआ। जब उत्पादन बढ़ा, तो लोगों ने वस्तुओं का विनिमय और दूर-दूर तक व्यापार करना शुरू किया।
इस प्रकार सही क्रम 1 → 2 → 3 → 4 है।
(CLASS-6 CHAPTER-3 PAGE NO.-31 & 32)
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49. निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा कथन असत्य है ?
Answer: C
लोथल हड़प्पा सभ्यता का एक अत्यंत महत्वपूर्ण नगर था, जो गुजरात में स्थित था और समुद्री व्यापार का प्रमुख केंद्र था।
विकल्प A सही है क्योंकि लोथल एक बंदरगाह नगर था, जहाँ से समुद्री मार्ग द्वारा व्यापार किया जाता था।
विकल्प B भी सही है क्योंकि यहाँ एक विशाल गोदी (dockyard) का निर्माण किया गया था। यह संरचना इस बात का प्रमाण है कि हड़प्पा सभ्यता में समुद्री व्यापार अत्यंत विकसित था।
विकल्प D भी सही है क्योंकि लोथल व्यापारिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र था। यहाँ से पत्थर, धातु और शंख से बनी वस्तुएँ बनाई और निर्यात की जाती थीं।
विकल्प C गलत है क्योंकि लोथल केवल कृषि के लिए प्रसिद्ध नहीं था। इसका मुख्य महत्व व्यापार और उद्योग से जुड़ा था।
इस प्रकार लोथल हड़प्पा सभ्यता के आर्थिक और व्यापारिक विकास का एक प्रमुख उदाहरण है।
(CLASS-6 CHAPTER-3 PAGE NO.-32)
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50. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
I. हड़प्पा सभ्यता में मुहरों का उपयोग वस्तुओं की पहचान के लिए किया जाता था।
II. मुहर की छाप को “सीलिंग” कहा जाता था।
III. यदि सीलिंग सुरक्षित हो, तो वस्तुओं की सुरक्षा सुनिश्चित मानी जाती थी।
कूट:-
Answer: C
हड़प्पा सभ्यता में मुहरें (seals) व्यापार और प्रशासनिक नियंत्रण का एक महत्वपूर्ण साधन थीं। इनका उपयोग वस्तुओं की पहचान और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किया जाता था।
कथन I सही है क्योंकि मुहरों का उपयोग बैग या पैकेट पर छाप लगाने के लिए किया जाता था, जिससे यह पता चलता था कि वस्तु किस व्यापारी या समूह से संबंधित है।
कथन II भी सही है क्योंकि जब मुहर को गीली मिट्टी पर दबाया जाता था, तो उसकी छाप को “सीलिंग” कहा जाता था। यह एक प्रकार का प्रमाण होता था।
कथन III भी सही है क्योंकि यदि सीलिंग सुरक्षित रहती थी, तो यह माना जाता था कि वस्तु बिना छेड़छाड़ के सुरक्षित रूप से अपने गंतव्य तक पहुँची है।
यह प्रणाली आधुनिक पैकेजिंग और सुरक्षा प्रणाली का प्रारंभिक रूप थी। इससे यह स्पष्ट होता है कि हड़प्पा सभ्यता में व्यापार अत्यंत संगठित और सुरक्षित था।
इस प्रकार तीनों कथन सही हैं।
(CLASS-6 CHAPTER-3 PAGE NO.-32)