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Chapter 2 MCQs in Hindi; वस्तुओं के समूह बनाना
1. किसी वस्तु को बनाने के लिए किसी पदार्थ का चयन किस पर निर्भर होता है?
I. पदार्थ के गुणों के आधार पर
II. पदार्थ के उपयोग के आधार पर
कूट:
Answer: A
सही उत्तर I और II दोनों है।
हमारे चारों ओर दिखाई देने वाली प्रत्येक वस्तु किसी-न-किसी पदार्थ (Material) से बनी होती है। किसी भी वस्तु के निर्माण के लिए पदार्थ का चयन सोच-समझकर किया जाता है। यह चयन मुख्य रूप से पदार्थ के गुणों तथा उसके उपयोग पर निर्भर करता है।
सबसे पहले पदार्थ के भौतिक एवं रासायनिक गुणों को देखा जाता है। यदि किसी वस्तु को मजबूत बनाना हो, तो ऐसा पदार्थ चुना जाता है जिसकी कठोरता (Hardness) और दृढ़ता (Strength) अधिक हो। यदि वस्तु को हल्का बनाना हो, तो कम घनत्व वाला पदार्थ चुना जाता है। इसी प्रकार यदि वस्तु को गर्मी सहनी हो तो ऊष्मा-प्रतिरोधी पदार्थ तथा बिजली प्रवाहित करनी हो तो अच्छा विद्युत चालक (Electrical Conductor) पदार्थ चुना जाता है।
दूसरा महत्वपूर्ण आधार उस वस्तु का उपयोग (Purpose of Use) होता है। उदाहरण के लिए, बिजली के तार बनाने के लिए ताँबा (Copper) चुना जाता है क्योंकि यह विद्युत का उत्कृष्ट चालक है। रसोई के बर्तनों के लिए प्रायः एलुमिनियम या स्टेनलेस स्टील का उपयोग किया जाता है क्योंकि ये ऊष्मा के अच्छे चालक होने के साथ-साथ अपेक्षाकृत टिकाऊ भी होते हैं। हथौड़े का हत्था लकड़ी या फाइबर से बनाया जाता है ताकि हाथ में बिजली या अधिक गर्मी न पहुँचे।
यदि किसी वर्षा-कोट का निर्माण करना हो, तो जलरोधी (Waterproof) पदार्थ का चयन किया जाता है, जबकि कपड़े बनाने के लिए मुलायम तथा आरामदायक रेशों का उपयोग किया जाता है।
इस प्रकार किसी भी वस्तु के निर्माण में पदार्थ के गुण और उसका उपयोग, दोनों समान रूप से महत्वपूर्ण होते हैं।
Source: NCERT Science Class 6 Chapter 2, Page No. 12
2. पदार्थों में क्या-क्या आते हैं?
Answer: D
सही उत्तर उपरोक्त सभी है।
हमारे चारों ओर दिखाई देने वाली प्रत्येक वस्तु एक या एक से अधिक पदार्थों (Materials) से बनी होती है। पदार्थ वे मूल सामग्री हैं जिनका उपयोग विभिन्न वस्तुओं के निर्माण में किया जाता है।
काँच (Glass) का उपयोग खिड़कियों, बोतलों, बल्बों तथा प्रयोगशाला के उपकरणों के निर्माण में किया जाता है।
धातुएँ (Metals) जैसे लोहा, ताँबा, एलुमिनियम, सोना तथा चाँदी अपनी मजबूती, चमक तथा चालकता के कारण अनेक प्रकार की वस्तुओं के निर्माण में प्रयुक्त होती हैं।
प्लास्टिक हल्का, जलरोधी तथा आसानी से आकार देने योग्य पदार्थ है। इससे बाल्टी, बोतल, खिलौने, पाइप तथा विद्युत उपकरणों के अनेक भाग बनाए जाते हैं।
लकड़ी का उपयोग फर्नीचर, दरवाजे, खिड़कियाँ, कागज़ तथा अनेक घरेलू वस्तुओं के निर्माण में किया जाता है।
रुई (Cotton) से वस्त्र, पट्टियाँ तथा गद्दे बनाए जाते हैं। इसके अतिरिक्त कागज़, मिट्टी (Clay) तथा चमड़ा भी महत्वपूर्ण पदार्थ हैं जिनसे अनेक उपयोगी वस्तुएँ बनाई जाती हैं।
एक ही वस्तु भी कई पदार्थों से मिलकर बन सकती है। उदाहरण के लिए स्कूल बैग में कपड़ा, प्लास्टिक, धातु तथा फोम सभी का उपयोग हो सकता है।
इसलिए दिए गए सभी विकल्प पदार्थों के उदाहरण हैं।
Source: NCERT Science Class 6 Chapter 2, Page No. 13
3. निम्नलिखित में से कौन-सी चमकदार सामग्री है?
Answer: A
सही उत्तर सोना है।
किसी पदार्थ के प्रकाश को परावर्तित करके चमकने के गुण को द्युति (Lustre) कहते हैं। जिन पदार्थों में यह गुण पाया जाता है उन्हें द्युतिमय (Lustrous) या चमकदार पदार्थ कहा जाता है।
सोना (Gold) एक बहुमूल्य धातु है, जिसकी प्राकृतिक चमक बहुत अधिक होती है। यही कारण है कि इसका उपयोग प्राचीन काल से आभूषण, सिक्के तथा सजावटी वस्तुओं के निर्माण में किया जाता रहा है। सोने पर सामान्य परिस्थितियों में जंग भी नहीं लगती, इसलिए इसकी चमक लंबे समय तक बनी रहती है।
अधिकांश धातुएँ, जैसे लोहा, ताँबा, एलुमिनियम तथा चाँदी, ताज़ा काटे जाने पर चमकदार दिखाई देती हैं। समय के साथ वायु तथा नमी के संपर्क में आने पर कुछ धातुओं की सतह पर ऑक्साइड की परत बन जाती है, जिससे उनकी चमक कम हो जाती है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं?
रबर एक अधातु पदार्थ है और सामान्यतः चमकदार नहीं होता।
चाक का पृष्ठ खुरदरा तथा द्युतिहीन होता है।
पुस्तक स्वयं कोई पदार्थ नहीं, बल्कि विभिन्न पदार्थों (मुख्यतः कागज़) से बनी एक वस्तु है।
इस प्रकार चमकदार पदार्थों की पहचान उनका प्रकाश परावर्तित करने का गुण है।
Source: NCERT Science Class 6 Chapter 2, Page No. 14
4. ‘द्युतिमय’ का अर्थ क्या होता है?
Answer: C
सही उत्तर चमकीला है।
द्युतिमय (Lustrous) शब्द का अर्थ है चमकदार या जिसमें द्युति (Lustre) हो। जब किसी पदार्थ की सतह पर प्रकाश पड़ता है और वह उसे अच्छी तरह परावर्तित करती है, तो वह पदार्थ चमकीला दिखाई देता है।
यह गुण विशेष रूप से धातुओं में पाया जाता है। सोना, चाँदी, ताँबा, एलुमिनियम तथा लोहा जैसी धातुएँ ताज़ा काटने या घिसने पर अत्यधिक चमकदार दिखाई देती हैं। इसी गुण के कारण धातुओं का उपयोग आभूषण, सजावटी वस्तुओं, बर्तनों तथा मशीनों के निर्माण में किया जाता है।
ध्यान देने योग्य बात यह है कि सभी चमकदार पदार्थ धातु नहीं होते, और सभी अधातु पूरी तरह द्युतिहीन भी नहीं होते। फिर भी सामान्यतः धातुओं की सबसे प्रमुख पहचान उनका द्युतिमय होना माना जाता है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं?
कठोरता किसी पदार्थ का दबाव या खरोंच का प्रतिरोध करने का गुण है।
मुलायम पदार्थ आसानी से दब या मुड़ सकते हैं।
पारदर्शी वे पदार्थ होते हैं जिनसे प्रकाश लगभग पूरी तरह गुजर जाता है, जैसे स्वच्छ काँच।
इस प्रकार द्युतिमय का सही अर्थ चमकीला होता है।
Source: NCERT Science Class 6 Chapter 2, Page No. 14
5. कठोर पदार्थ किसे कहा जाता है?
Answer: C
सही उत्तर विकल्प (C) है।
किसी पदार्थ की कठोरता (Hardness) उसके उन भौतिक गुणों में से एक है, जिसके आधार पर यह निर्धारित किया जाता है कि उसे दबाना, संपीडित करना या खरोंचना कितना कठिन है। यदि किसी पदार्थ को हाथ से दबाने या किसी अन्य वस्तु से खरोंचने पर उसमें आसानी से परिवर्तन नहीं होता, तो वह कठोर पदार्थ कहलाता है।
उदाहरण के लिए लकड़ी, पत्थर, लोहा, इस्पात, ऐलुमिनियम तथा काँच अपेक्षाकृत कठोर पदार्थ हैं। इन पदार्थों को हाथ से दबाकर उनका आकार बदलना लगभग असंभव होता है तथा इन्हें आसानी से खरोंचा भी नहीं जा सकता।
इसके विपरीत रुई, स्पंज, मोम, मिट्टी तथा रबर अपेक्षाकृत कोमल पदार्थ हैं। इन्हें हाथ से दबाने पर इनका आकार बदल जाता है और कई बार इन्हें आसानी से खरोंचा भी जा सकता है।
यह ध्यान रखना आवश्यक है कि कठोरता और दृढ़ता (Strength) एक ही गुण नहीं हैं। कोई पदार्थ कठोर हो सकता है, लेकिन अधिक आघात पड़ने पर टूट भी सकता है। उदाहरण के लिए काँच कठोर है, परंतु यह भंगुर (Brittle) भी है। दूसरी ओर रबर अपेक्षाकृत कोमल है, लेकिन आसानी से टूटता नहीं।
अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
विकल्प (A) सही है क्योंकि कठोर पदार्थों को दबाना कठिन होता है।
विकल्प (B) भी सही है क्योंकि संपीडित करना कठिन होना कठोरता का प्रमुख गुण है।
इसलिए विकल्प (C) सही उत्तर है।
विकल्प (D) गलत है।
Source: NCERT Science Class 6 Chapter 2, Page No. 14
6. निम्नलिखित में से कौन-सा एक धातु नहीं है?
Answer: B
सही उत्तर लकड़ी है।
धातु (Metal) ऐसे पदार्थ होते हैं जिनमें सामान्यतः चमक (Lustre), कठोरता, आघातवर्धनीयता (Malleability), तन्यता (Ductility) तथा ऊष्मा एवं विद्युत की अच्छी चालकता जैसे गुण पाए जाते हैं। अधिकांश धातुएँ कमरे के तापमान पर ठोस अवस्था में होती हैं।
लोहा, सोना तथा चाँदी सभी धातुओं के प्रमुख उदाहरण हैं।
लोहा (Iron) का उपयोग भवन, पुल, मशीनें तथा औद्योगिक उपकरण बनाने में किया जाता है।
सोना (Gold) एक बहुमूल्य धातु है, जिसका उपयोग मुख्यतः आभूषण एवं इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में किया जाता है।
चाँदी (Silver) विद्युत की उत्कृष्ट चालक होने के कारण आभूषणों तथा वैज्ञानिक उपकरणों में प्रयुक्त होती है।
लकड़ी धातु नहीं है। यह पौधों से प्राप्त प्राकृतिक पदार्थ है तथा मुख्यतः सेलुलोज (Cellulose) और लिग्निन (Lignin) से बनी होती है। लकड़ी विद्युत की कुचालक होती है तथा इसमें धातुओं जैसी चमक या तन्यता नहीं होती।
यह भी ध्यान देने योग्य है कि कुछ धातुएँ समय के साथ वायु और नमी के संपर्क में आकर अपनी चमक खो देती हैं। उदाहरण के लिए लोहे पर जंग तथा ताँबे पर हरी परत बन जाती है, जबकि सोना सामान्य परिस्थितियों में अपनी चमक लंबे समय तक बनाए रखता है।
Source: NCERT Science Class 6 Chapter 2, Page No. 14
7. निम्नलिखित में से असत्य कथन की पहचान करें:-
Answer: C
सही उत्तर विकल्प (C) है क्योंकि यही कथन असत्य है।
पहला कथन सही है। जिन पदार्थों को दबाना या संपीडित करना कठिन होता है, उन्हें कठोर पदार्थ कहा जाता है। उदाहरण के लिए लकड़ी, पत्थर तथा लोहा।
दूसरा कथन भी सही है। जिन पदार्थों को आसानी से दबाया या खरोंचा जा सकता है, वे कोमल पदार्थ कहलाते हैं। जैसे रुई, स्पंज, मोम तथा मिट्टी।
तीसरा कथन असत्य है। यह कहना कि धातुओं में हमेशा चमक बनी रहती है, वैज्ञानिक रूप से सही नहीं है। अधिकांश धातुएँ प्रारंभ में चमकदार होती हैं, लेकिन समय के साथ वायु, नमी तथा अन्य रासायनिक पदार्थों के संपर्क में आने पर उनकी सतह पर ऑक्साइड या अन्य यौगिकों की परत बन जाती है, जिससे उनकी चमक कम हो जाती है।
उदाहरण के लिए—
लोहे पर जंग (Iron Oxide) लग जाती है।
ताँबे पर हरे रंग की परत (Copper Carbonate) बन जाती है।
चाँदी पर काले रंग की परत (Silver Sulphide) बन सकती है।
इसी कारण एनसीईआरटी में बताया गया है कि धातुओं की वास्तविक चमक प्रायः ताज़ा कटे हुए पृष्ठ पर अधिक स्पष्ट दिखाई देती है।
विकल्प (D) गलत है क्योंकि पहले और दूसरे कथन सही हैं।
Source: NCERT Science Class 6 Chapter 2, Page No. 14
8. ‘अविलेय’ शब्द का क्या अर्थ है?
Answer: A
सही उत्तर अघुलनशील है।
जब किसी पदार्थ को किसी द्रव, जैसे जल, में मिलाया जाता है, तब दो स्थितियाँ हो सकती हैं।
यदि पदार्थ पूरी तरह जल में घुलकर एक समान मिश्रण बना ले, तो वह विलेय (Soluble) कहलाता है। उदाहरण के लिए चीनी तथा नमक जल में आसानी से घुल जाते हैं।
इसके विपरीत यदि कोई पदार्थ जल में लंबे समय तक हिलाने या मिलाने के बाद भी नहीं घुलता, तो वह अविलेय (Insoluble) कहलाता है।
रेत, चाक का चूर्ण, लकड़ी का बुरादा, पत्थर तथा तेल (यद्यपि तेल अलग परत बनाता है) जल में नहीं घुलते, इसलिए इन्हें जल में अविलेय पदार्थ माना जाता है।
ध्यान देने योग्य बात यह है कि अविलेय और अमिश्रणीय (Immiscible) अलग-अलग शब्द हैं।
विलेय/अविलेय शब्द सामान्यतः ठोस पदार्थों के जल में घुलने या न घुलने के लिए प्रयोग किए जाते हैं।
मिश्रणीय/अमिश्रणीय शब्द मुख्यतः दो द्रवों के आपस में मिलने या न मिलने के लिए प्रयुक्त होते हैं। उदाहरण के लिए तेल और जल अमिश्रणीय हैं।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं?
अमिश्रित का अर्थ है जो मिश्रित न हो।
अपारदर्शी वह पदार्थ है जिससे प्रकाश नहीं गुजर सकता।
पारदर्शी वह पदार्थ है जिससे प्रकाश लगभग पूरी तरह गुजर जाता है।
अतः अविलेय का सही अर्थ अघुलनशील है।
Source: NCERT Science Class 6 Chapter 2, Page No. 15
9. अविलेय पदार्थ के संदर्भ में सही कथन चुनें।
Answer: C
सही उत्तर विकल्प (C) है।
अविलेय (Insoluble) वे पदार्थ होते हैं जो जल जैसे विलायक में मिलाने पर उसमें घुलते नहीं हैं। यदि ऐसे पदार्थों को लंबे समय तक हिलाया या विलोड़ित भी जाए, तब भी वे जल में विलीन नहीं होते। वे या तो गिलास की तली में बैठ जाते हैं या जल की सतह पर तैरते रहते हैं। इस प्रकार वे जल के साथ एक समान विलयन (Solution) नहीं बनाते।
इसके विपरीत जो पदार्थ जल में पूरी तरह घुलकर एकसमान मिश्रण बना लेते हैं, उन्हें विलेय (Soluble) पदार्थ कहा जाता है। उदाहरण के लिए नमक, चीनी तथा फिटकरी जल में आसानी से घुल जाते हैं। जबकि रेत, चाक का चूर्ण, लकड़ी का बुरादा तथा पत्थर का चूर्ण जल में नहीं घुलते और अविलेय कहलाते हैं।
यह भी समझना आवश्यक है कि किसी पदार्थ का जल में न घुलना और जल में तैरना या डूबना अलग-अलग गुण हैं। उदाहरण के लिए लकड़ी का बुरादा जल में तैरता है, जबकि रेत नीचे बैठ जाती है, लेकिन दोनों ही जल में अविलेय हैं।
अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
विकल्प (A) गलत है क्योंकि अविलेय पदार्थ जल में आसानी से नहीं घुलते।
विकल्प (B) भी गलत है क्योंकि लंबे समय तक हिलाने पर भी ये जल में विलीन नहीं होते।
इसलिए विकल्प (C) सही उत्तर है।
Source: NCERT Science Class 6 Chapter 2, Page No. 15
10. निम्नलिखित में से कौन-से विलेय पदार्थ के उदाहरण हैं?
Answer: D
सही उत्तर विकल्प (D) है।
विलेय पदार्थ (Soluble Substances) वे पदार्थ होते हैं जो जल में घुलकर एक समान विलयन बनाते हैं। घुलने के बाद उनके कण पूरे जल में समान रूप से फैल जाते हैं और अलग-अलग दिखाई नहीं देते।
नमक (सोडियम क्लोराइड) जल में आसानी से घुल जाता है। घुलने के बाद इसके आयन पूरे जल में फैल जाते हैं। यही कारण है कि समुद्री जल में बड़ी मात्रा में नमक घुला रहता है।
चीनी (सुक्रोज) भी जल में पूर्णतः घुल जाती है। इसी गुण के कारण इसका उपयोग चाय, शरबत, मिठाइयों तथा अन्य पेय पदार्थों में किया जाता है।
वाशिंग पाउडर भी सामान्यतः जल में घुल जाता है और ऐसा विलयन बनाता है जो कपड़ों की सफाई में सहायता करता है। इसमें उपस्थित सर्फेक्टेंट गंदगी और चिकनाई को हटाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इसके विपरीत रेत, चाक का चूर्ण, लकड़ी का बुरादा तथा मिट्टी जैसे पदार्थ जल में नहीं घुलते और अविलेय पदार्थ कहलाते हैं।
जल में किसी पदार्थ की विलेयता तापमान, पदार्थ की प्रकृति तथा विलायक के गुणों पर निर्भर करती है। उदाहरण के लिए अधिकांश ठोस पदार्थ गर्म जल में ठंडे जल की अपेक्षा अधिक मात्रा में घुलते हैं।
Source: NCERT Science Class 6 Chapter 2, Page No. 15
11. निम्न कथनों पर विचार कीजिए:-
I. सभी तरल जल में मिश्रित होते हैं।
II. गैसें थोड़ी मात्रा में जल में घुलनशील होती हैं।
उपर्युक्त में गलत कौन-सा कथन है?
Answer: A
पहले दोनों कथनों का अलग-अलग विश्लेषण करते हैं।
कथन I : “सभी तरल जल में मिश्रित होते हैं।”
यह कथन गलत है। सभी द्रव जल में नहीं मिलते। कुछ द्रव जल के साथ पूर्णतः मिश्रित हो जाते हैं, जबकि कुछ द्रव जल से अलग परत बना लेते हैं।
उदाहरण के लिए अल्कोहल, सिरका तथा ग्लिसरीन जल में अच्छी तरह मिश्रित हो जाते हैं, जबकि किरोसीन, सरसों का तेल, नारियल का तेल तथा अन्य खाद्य तेल जल में नहीं मिलते और कुछ समय बाद अलग परत बना लेते हैं। इसलिए यह कहना कि सभी तरल जल में मिश्रित होते हैं, वैज्ञानिक रूप से सही नहीं है।
कथन II : “गैसें थोड़ी मात्रा में जल में घुलनशील होती हैं।”
यह कथन सही है। अनेक गैसें सीमित मात्रा में जल में घुल जाती हैं। उदाहरण के लिए ऑक्सीजन तथा कार्बन डाइऑक्साइड जल में कुछ मात्रा में घुलती हैं। जल में घुली ऑक्सीजन मछलियों तथा अन्य जलीय जीवों के श्वसन के लिए अत्यंत आवश्यक होती है। यदि जल में घुली ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाए, तो जलीय जीवन प्रभावित हो सकता है।
इस प्रकार पहला कथन गलत तथा दूसरा कथन सही है। इसलिए सही उत्तर केवल I है।
Source: NCERT Science Class 6 Chapter 2, Page No. 15
12. निम्नलिखित में से सही विकल्प कौन-सा है?
I. किरोसीन तेल जल में विलेय है।
II. शहद जल में विलेय है।
कूट:
Answer: C
सही उत्तर विकल्प (C) है।
पहला कथन गलत है। किरोसीन तेल जल में विलेय नहीं होता। यह जल के साथ एक समान मिश्रण नहीं बनाता, बल्कि जल की सतह पर अलग परत के रूप में तैरता रहता है। इसका कारण यह है कि जल ध्रुवीय (Polar) द्रव है, जबकि किरोसीन अध्रुवीय (Non-polar) द्रव है। ध्रुवीय और अध्रुवीय पदार्थ सामान्यतः एक-दूसरे में नहीं घुलते।
दूसरा कथन सही है। शहद मुख्य रूप से ग्लूकोज़ और फ्रुक्टोज़ जैसी शर्कराओं से बना होता है, जो जल में घुलनशील होती हैं। इसलिए शहद जल में मिलाने पर धीरे-धीरे पूरी तरह घुल जाता है। गुनगुने जल में यह और अधिक तेजी से घुलता है।
यहाँ यह भी समझना आवश्यक है कि किसी पदार्थ का जल में घुलना (Solubility) और जल में तैरना या डूबना (Floatation/Sinking) अलग-अलग भौतिक गुण हैं। शहद जल में डालने पर प्रारंभ में नीचे जा सकता है क्योंकि उसका घनत्व अधिक होता है, लेकिन बाद में वह जल में घुलकर विलयन बना देता है। दूसरी ओर किरोसीन ऊपर तैरता है, परंतु जल में घुलता नहीं है।
इसी प्रकार तेल और जल का अलग-अलग परतों में दिखाई देना उनके अमिश्रणीय (Immiscible) होने का उदाहरण है।
Source: NCERT Science Class 6 Chapter 2, Page No. 16
13. निम्नलिखित में से गलत कौन-सा विकल्प है?
I. सरसों का तेल जल में विलेय है।
II. नींबू का रस जल में अविलेय है।
कूट:
Answer: B
सही उत्तर विकल्प (B) है, क्योंकि दोनों कथन गलत हैं।
कथन I : “सरसों का तेल जल में विलेय है।”
यह कथन गलत है। सरसों का तेल जल में विलेय नहीं होता। जब सरसों के तेल को जल में मिलाया जाता है, तो वह कुछ समय तक हिलाने पर भी जल के साथ एकसमान मिश्रण नहीं बनाता। कुछ देर बाद वह जल की सतह पर अलग परत के रूप में दिखाई देने लगता है। इसका कारण यह है कि जल एक ध्रुवीय (Polar) द्रव है, जबकि तेल अध्रुवीय (Non-polar) होता है। ध्रुवीय और अध्रुवीय पदार्थ सामान्य परिस्थितियों में एक-दूसरे में नहीं घुलते।
कथन II : “नींबू का रस जल में अविलेय है।”
यह कथन भी गलत है। नींबू का रस जल में पूरी तरह घुल जाता है और एक समान विलयन बनाता है। इसी कारण नींबू पानी, शिकंजी तथा अन्य पेय पदार्थ आसानी से तैयार किए जा सकते हैं। नींबू के रस में उपस्थित साइट्रिक अम्ल (Citric Acid) तथा अन्य जल में घुलनशील पदार्थ इसके जल में विलेय होने का कारण हैं।
इसी प्रकार सिरका (Vinegar) भी जल में विलेय होता है, जबकि सरसों का तेल, नारियल का तेल तथा मिट्टी का तेल (किरोसीन) जल में अविलेय होते हैं।
यह प्रश्न यह भी स्पष्ट करता है कि विलेय (Soluble) और अविलेय (Insoluble) पदार्थों का वर्गीकरण उनके जल में घुलने के गुण के आधार पर किया जाता है।
Source: NCERT Science Class 6 Chapter 2, Page No. 16
14. निम्नलिखित में से असत्य कथन है:-
Answer: A
सही उत्तर विकल्प (A) है।
पारदर्शिता (Transparency) पदार्थों का एक महत्त्वपूर्ण प्रकाशीय (Optical) गुण है। इसी गुण के आधार पर पदार्थों को पारदर्शी, पारभासी तथा अपारदर्शी तीन वर्गों में बाँटा जाता है।
पारदर्शी (Transparent) पदार्थ वे होते हैं जिनसे होकर प्रकाश लगभग पूरी तरह गुजर जाता है। ऐसे पदार्थों के आर-पार रखी वस्तुएँ स्पष्ट दिखाई देती हैं। उदाहरण के लिए स्वच्छ काँच, शुद्ध जल, वायु तथा कुछ प्रकार के पारदर्शी प्लास्टिक।
अपारदर्शी (Opaque) पदार्थ वे होते हैं जिनसे होकर प्रकाश नहीं गुजर पाता। इसलिए इनके पीछे रखी वस्तुएँ दिखाई नहीं देतीं। लकड़ी, ईंट, पत्थर, धातु तथा दीवार इसके प्रमुख उदाहरण हैं।
पारभासी (Translucent) पदार्थ वे होते हैं जिनसे होकर प्रकाश का केवल कुछ भाग गुजरता है। इनके पीछे की वस्तुएँ दिखाई तो देती हैं, लेकिन स्पष्ट नहीं दिखाई देतीं। धुंधला शीशा, तैलीय कागज तथा कुछ प्रकार की पतली प्लास्टिक इसकी उदाहरण हैं।
अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
विकल्प (A) गलत है क्योंकि जिन पदार्थों से वस्तुएँ स्पष्ट दिखाई देती हैं, उन्हें पारदर्शी कहा जाता है, अपारदर्शी नहीं।
विकल्प (B) सही है।
विकल्प (C) सही है क्योंकि लकड़ी प्रकाश को नहीं गुजरने देती।
विकल्प (D) भी सही है।
Source: NCERT Science Class 6 Chapter 2, Page No. 16
15. वे पदार्थ जिनके द्वारा वस्तुओं को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है, क्या कहलाते हैं?
Answer: C
सही उत्तर विकल्प (C) – पारदर्शी है।
पारदर्शी (Transparent) पदार्थ वे होते हैं जिनसे होकर प्रकाश लगभग पूरी तरह गुजर जाता है। परिणामस्वरूप उनके पीछे रखी वस्तुएँ बिना किसी रुकावट के स्पष्ट दिखाई देती हैं।
उदाहरण के लिए स्वच्छ काँच, शुद्ध जल, वायु तथा कुछ प्रकार के पारदर्शी प्लास्टिक पारदर्शी पदार्थ हैं। इसी कारण घरों की खिड़कियों में काँच का उपयोग किया जाता है ताकि प्रकाश भी अंदर आ सके और बाहर का दृश्य भी स्पष्ट दिखाई दे।
इसके विपरीत पारभासी (Translucent) पदार्थों से प्रकाश केवल आंशिक रूप से गुजरता है। इनके पीछे की वस्तुएँ धुंधली दिखाई देती हैं। जैसे धुंधला काँच और तैलीय कागज।
अपारदर्शी (Opaque) पदार्थ प्रकाश को अपने आर-पार नहीं जाने देते। इसलिए इनके पीछे की वस्तुएँ दिखाई नहीं देतीं। जैसे लकड़ी, धातु, पत्थर तथा दीवार।
पारदर्शिता के आधार पर ही विभिन्न वस्तुओं का चयन किया जाता है। उदाहरण के लिए प्रयोगशालाओं के बीकर, बोतलें तथा कई वैज्ञानिक उपकरण काँच के बनाए जाते हैं ताकि उनके भीतर होने वाली प्रक्रिया को आसानी से देखा जा सके।
Source: NCERT Science Class 6 Chapter 2, Page No. 16
16. पारभासी पदार्थ कौन-सा नहीं है?
Answer: A
सही उत्तर विकल्प (A) है।
पारभासी (Translucent) पदार्थ वे होते हैं जिनसे होकर प्रकाश का केवल कुछ भाग गुजरता है। इनके पीछे रखी वस्तुएँ दिखाई तो देती हैं, लेकिन स्पष्ट नहीं दिखाई देतीं। ऐसे पदार्थ न पूरी तरह पारदर्शी होते हैं और न ही पूरी तरह अपारदर्शी।
तैलीय कागज, धुंधला शीशा (Frosted Glass) तथा कई परिस्थितियों में गंदा या मटमैला पानी पारभासी व्यवहार प्रदर्शित करते हैं, क्योंकि इनमें से होकर गुजरने वाला प्रकाश बिखर (Scattered) जाता है। परिणामस्वरूप पीछे की वस्तुएँ धुंधली दिखाई देती हैं।
इसके विपरीत मोटी लकड़ी प्रकाश को अपने आर-पार बिल्कुल नहीं जाने देती। इसलिए यह अपारदर्शी (Opaque) पदार्थ है, पारभासी नहीं। लकड़ी के पीछे रखी कोई भी वस्तु दिखाई नहीं देती।
पदार्थों का यह वर्गीकरण इस बात पर आधारित होता है कि वे प्रकाश को किस मात्रा में अपने आर-पार जाने देते हैं—
पारदर्शी → प्रकाश लगभग पूर्ण रूप से गुजरता है।
पारभासी → प्रकाश का केवल कुछ भाग गुजरता है।
अपारदर्शी → प्रकाश बिल्कुल नहीं गुजरता।
इसी सिद्धांत का उपयोग घरों की खिड़कियों, बाथरूम के धुंधले काँच, प्रयोगशाला उपकरणों तथा अनेक वैज्ञानिक उपकरणों के निर्माण में किया जाता है।
Source: NCERT Science Class 6 Chapter 2, Page No. 16
17. मक्खन का पेपर क्या है?
Answer: B
सही उत्तर विकल्प (B) – पारभासी है।
मक्खन का पेपर (Butter Paper) एक पारभासी (Translucent) पदार्थ है। इससे होकर प्रकाश का कुछ भाग गुजर जाता है, इसलिए इसके पीछे रखी वस्तुएँ दिखाई तो देती हैं, लेकिन स्पष्ट रूप से नहीं दिखाई देतीं। यही गुण इसे पारदर्शी तथा अपारदर्शी पदार्थों से अलग बनाता है।
पारदर्शी (Transparent) पदार्थ, जैसे स्वच्छ काँच, शुद्ध जल तथा वायु, प्रकाश को लगभग पूरी तरह अपने आर-पार जाने देते हैं। इसलिए इनके पीछे रखी वस्तुएँ स्पष्ट दिखाई देती हैं।
इसके विपरीत अपारदर्शी (Opaque) पदार्थ, जैसे लकड़ी, धातु, पत्थर तथा दीवार, प्रकाश को अपने आर-पार नहीं जाने देते। परिणामस्वरूप इनके पीछे रखी वस्तुएँ बिल्कुल दिखाई नहीं देतीं।
पारभासी (Translucent) पदार्थ इन दोनों के बीच की श्रेणी में आते हैं। इनमें से प्रकाश का केवल कुछ भाग गुजरता है तथा शेष प्रकाश बिखर (Scatter) जाता है। इसलिए इनके पीछे की वस्तुएँ धुंधली दिखाई देती हैं। मक्खन का पेपर, धुंधला शीशा (Frosted Glass), तैलीय कागज तथा कुछ प्रकार की पतली प्लास्टिक इसके प्रमुख उदाहरण हैं।
एनसीईआरटी में इसका एक सरल प्रयोग बताया गया है। यदि किसी साधारण कागज पर खाने का तेल या मक्खन लगाया जाए, तो वह भाग पहले की तुलना में अधिक प्रकाश पारित करने लगता है। उस भाग से बल्ब दिखाई तो देता है, लेकिन स्पष्ट नहीं दिखाई देता। इसी आधार पर यह समझाया गया है कि मक्खन का पेपर पारभासी होता है।
मक्खन के पेपर का उपयोग मुख्यतः बेकरी उत्पादों की पैकिंग, केक एवं बिस्कुट बनाने, खाद्य पदार्थों को चिपकने से बचाने तथा खाना लपेटने में किया जाता है। इसकी पारभासी प्रकृति के कारण इसमें पैक की गई वस्तु की हल्की रूपरेखा दिखाई देती है, लेकिन वह पूरी तरह स्पष्ट नहीं होती।
अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
विकल्प (A) गलत है क्योंकि मक्खन के पेपर से वस्तुएँ स्पष्ट दिखाई नहीं देतीं।
विकल्प (C) गलत है क्योंकि यह प्रकाश को पूर्णतः नहीं रोकता।
विकल्प (D) भी गलत है।
Source: NCERT Science Class 6 Chapter 2, Page No. 17
18. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए—
अधिकांश धातुएँ ताज़ा काटे जाने पर चमकदार दिखाई देती हैं।
सभी धातुएँ जीवनभर अपनी चमक बनाए रखती हैं।
वायु और नमी के संपर्क में आने पर कुछ धातुओं की चमक कम हो सकती है।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए—
Answer: C
कथन 1 सही है। धातुओं का एक प्रमुख भौतिक गुण द्युति (Lustre) है। जब किसी धातु की सतह को ताज़ा काटा, घिसा या पॉलिश किया जाता है, तब वह प्रकाश को अच्छी तरह परावर्तित करती है और चमकदार दिखाई देती है। सोना, चाँदी, ताँबा तथा एलुमिनियम इसके प्रमुख उदाहरण हैं।
कथन 2 गलत है। यह मानना कि सभी धातुएँ हमेशा चमकदार बनी रहती हैं, वैज्ञानिक रूप से सही नहीं है। अनेक धातुएँ वायु, नमी तथा अन्य रासायनिक पदार्थों के संपर्क में आने पर अपनी सतह पर ऑक्साइड या अन्य यौगिकों की परत बना लेती हैं। इससे उनकी चमक कम हो जाती है। उदाहरण के लिए लोहे पर जंग (Iron Oxide) तथा ताँबे पर हरे रंग की परत (Copper Carbonate) बन जाती है। हालांकि सोना जैसी कुछ धातुएँ सामान्य परिस्थितियों में अपनी चमक लंबे समय तक बनाए रखती हैं।
कथन 3 सही है। अधिकांश धातुओं की चमक वातावरण के प्रभाव से धीरे-धीरे कम हो जाती है। यही कारण है कि धातुओं को पॉलिश किया जाता है या उन पर पेंट एवं अन्य सुरक्षात्मक परत चढ़ाई जाती है ताकि उनका क्षरण कम हो।
इस प्रकार केवल कथन 1 और 3 सही हैं।
Source: NCERT Science Class 6, Chapter-2, Page No. 14
19. किसी पदार्थ को जल में डालने पर वह नीचे बैठ जाता है, लेकिन जल में घुलता नहीं है। ऐसे पदार्थ के बारे में कौन-सा कथन सही है?
Answer: C
किसी पदार्थ का जल में घुलना (Solubility) और जल में डूबना या तैरना (Floatation/Sinking) दो अलग-अलग भौतिक गुण हैं। कई विद्यार्थी इन दोनों को एक ही समझ लेते हैं, जबकि ऐसा नहीं है।
यदि कोई पदार्थ जल में डालने पर नीचे बैठ जाता है, तो इसका अर्थ केवल इतना है कि उसका घनत्व जल से अधिक है। इससे यह सिद्ध नहीं होता कि वह जल में घुल जाएगा। उदाहरण के लिए रेत जल में नीचे बैठ जाती है, लेकिन उसमें घुलती नहीं है। इसलिए रेत अविलेय (Insoluble) पदार्थ है।
इसी प्रकार कुछ पदार्थ, जैसे लकड़ी का बुरादा, जल की सतह पर तैरते हैं, फिर भी वे जल में नहीं घुलते। अर्थात् तैरना या डूबना किसी पदार्थ की विलेयता का प्रमाण नहीं है।
अन्य विकल्प सही नहीं हैं। नीचे बैठने वाला पदार्थ आवश्यक नहीं कि विलेय हो, पारदर्शी हो या धातु ही हो। अतः सही उत्तर विकल्प C है।
Source: NCERT Science Class 6, Chapter-2, Page No. 15
20. निम्नलिखित का सुमेल कीजिए—
| स्तम्भ-I | स्तम्भ-II |
|---|---|
| A. पारदर्शी पदार्थ | 1. प्रकाश का कुछ भाग गुजरता है |
| B. पारभासी पदार्थ | 2. प्रकाश लगभग पूरी तरह गुजरता है |
| C. अपारदर्शी पदार्थ | 3. प्रकाश नहीं गुजरता |
कूट—
Answer: A
पदार्थों का वर्गीकरण इस आधार पर किया जाता है कि वे प्रकाश को किस सीमा तक अपने आर-पार जाने देते हैं।
पारदर्शी (Transparent) पदार्थ, जैसे स्वच्छ काँच और शुद्ध जल, प्रकाश को लगभग पूरी तरह अपने आर-पार जाने देते हैं। इसलिए इनके पीछे रखी वस्तुएँ स्पष्ट दिखाई देती हैं। अतः A-2 सही है।
पारभासी (Translucent) पदार्थ, जैसे धुंधला शीशा, मक्खन का पेपर तथा तैलीय कागज, प्रकाश का केवल कुछ भाग गुजरने देते हैं। इनके पीछे की वस्तुएँ दिखाई तो देती हैं, परंतु स्पष्ट नहीं होतीं। अतः B-1 सही है।
अपारदर्शी (Opaque) पदार्थ, जैसे लकड़ी, ईंट, धातु तथा पत्थर, प्रकाश को अपने आर-पार नहीं जाने देते। इसलिए इनके पीछे रखी वस्तुएँ बिल्कुल दिखाई नहीं देतीं। अतः C-3 सही है।
इस प्रकार सही मिलान A-2, B-1, C-3 है।
Source: NCERT Science Class 6, Chapter-2, Page No. 16–17
21. निम्नलिखित में से किस विकल्प में सभी पदार्थ जल के साथ एक समान मिश्रण (विलयन) बनाते हैं?
Answer: A
जब कोई पदार्थ जल में पूरी तरह घुलकर एक समान विलयन (Homogeneous Solution) बनाता है, तो उसे विलेय (Soluble) पदार्थ कहा जाता है।
नमक, चीनी और शहद तीनों ही जल में घुल जाते हैं। नमक आयनों के रूप में तथा चीनी एवं शहद में उपस्थित शर्कराएँ जल में समान रूप से फैल जाती हैं। परिणामस्वरूप एकसमान विलयन बनता है जिसमें अलग-अलग कण दिखाई नहीं देते।
विकल्प B गलत है क्योंकि किरोसीन, सरसों का तेल तथा नारियल का तेल जल में नहीं घुलते। ये जल के साथ अलग परत बना लेते हैं और अमिश्रणीय (Immiscible) व्यवहार प्रदर्शित करते हैं।
विकल्प C भी गलत है क्योंकि रेत, चाक का चूर्ण तथा लकड़ी का बुरादा जल में अविलेय होते हैं। इनमें से कुछ नीचे बैठ जाते हैं और कुछ ऊपर तैरते हैं, परंतु जल में घुलते नहीं।
विकल्प D भी गलत है क्योंकि इसमें नमक तो घुल जाता है, लेकिन सरसों का तेल तथा रेत जल में नहीं घुलते।
यह ध्यान रखना आवश्यक है कि विलेयता, तैरना-डूबना तथा मिश्रणीयता तीन अलग-अलग भौतिक गुण हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में इन अवधारणाओं के बीच अंतर पर आधारित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं।
Source: NCERT Science Class 6, Chapter-2, Page No. 15–16
22. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए—
पारदर्शी पदार्थों से होकर प्रकाश लगभग पूरी तरह गुजर जाता है।
पारभासी पदार्थों से होकर वस्तुएँ स्पष्ट दिखाई देती हैं।
अपारदर्शी पदार्थ प्रकाश को अपने आर-पार नहीं जाने देते।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए—
Answer: B
कथन 1 सही है। पारदर्शी (Transparent) पदार्थ वे होते हैं जिनसे होकर प्रकाश लगभग पूरी तरह गुजर जाता है। इसलिए इनके पीछे रखी वस्तुएँ स्पष्ट दिखाई देती हैं। स्वच्छ काँच, शुद्ध जल तथा वायु इसके प्रमुख उदाहरण हैं। यही कारण है कि खिड़कियों तथा अनेक वैज्ञानिक उपकरणों में पारदर्शी काँच का उपयोग किया जाता है।
कथन 2 गलत है। पारभासी (Translucent) पदार्थों से होकर प्रकाश का केवल कुछ भाग गुजरता है। परिणामस्वरूप इनके पीछे रखी वस्तुएँ दिखाई तो देती हैं, लेकिन स्पष्ट नहीं दिखाई देतीं। धुंधला शीशा, मक्खन का पेपर तथा तैलीय कागज़ इसके प्रमुख उदाहरण हैं।
कथन 3 सही है। अपारदर्शी (Opaque) पदार्थ प्रकाश को अपने आर-पार नहीं जाने देते। इसलिए इनके पीछे रखी वस्तुएँ बिल्कुल दिखाई नहीं देतीं। लकड़ी, धातु, ईंट तथा पत्थर इसके प्रमुख उदाहरण हैं।
यह वर्गीकरण पदार्थों की प्रकाश पारगम्यता (Transmission of Light) के आधार पर किया जाता है। प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शी, पारभासी एवं अपारदर्शी पदार्थों के उदाहरणों तथा उनके गुणों पर आधारित प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं।
Source: NCERT Science Class 6, Chapter-2, Page No. 16–17
23. निम्नलिखित में से किस पदार्थ का उपयोग ऐसी खिड़की बनाने में किया जाएगा जिससे बाहर का दृश्य स्पष्ट दिखाई दे तथा पर्याप्त प्रकाश भी भीतर आए?
Answer: C
यदि किसी खिड़की का उद्देश्य कमरे में पर्याप्त प्रकाश प्रवेश कराना तथा बाहर का दृश्य स्पष्ट रूप से दिखाई देना हो, तो उसके लिए पारदर्शी पदार्थ का चयन किया जाता है। स्वच्छ काँच (Clear Glass) प्रकाश को लगभग पूरी तरह अपने आर-पार जाने देता है, इसलिए इसके पीछे की वस्तुएँ स्पष्ट दिखाई देती हैं।
इसी कारण घरों, विद्यालयों, कार्यालयों तथा वाहनों की अधिकांश खिड़कियाँ पारदर्शी काँच से बनाई जाती हैं। इससे प्राकृतिक प्रकाश भी प्राप्त होता है और बाहर का दृश्य भी आसानी से देखा जा सकता है।
अन्य विकल्प सही नहीं हैं। धुंधला शीशा पारभासी होता है, जिससे वस्तुएँ धुंधली दिखाई देती हैं। इसका उपयोग प्रायः बाथरूम या गोपनीयता (Privacy) वाले स्थानों पर किया जाता है। मोटी लकड़ी तथा गत्ता अपारदर्शी पदार्थ हैं, जो प्रकाश को अपने आर-पार नहीं जाने देते।
इस प्रकार जहाँ स्पष्ट दृश्य और पर्याप्त प्रकाश दोनों आवश्यक हों, वहाँ स्वच्छ काँच सबसे उपयुक्त पदार्थ होता है।
Source: NCERT Science Class 6, Chapter-2, Page No. 16
24. निम्नलिखित का सुमेल कीजिए—
| स्तम्भ-I | स्तम्भ-II |
|---|---|
| a. पारदर्शी | 1. लकड़ी |
| b. पारभासी | 2. स्वच्छ काँच |
| c. अपारदर्शी | 3. मक्खन का पेपर |
कूट—
Answer: A
पदार्थों को प्रकाश के संचरण के आधार पर तीन प्रमुख वर्गों में बाँटा जाता है।
पारदर्शी पदार्थ प्रकाश को लगभग पूरी तरह अपने आर-पार जाने देते हैं। इसलिए स्वच्छ काँच पारदर्शी पदार्थ का उदाहरण है। अतः A-2 सही है।
पारभासी पदार्थ प्रकाश का केवल कुछ भाग अपने आर-पार जाने देते हैं। इनके पीछे रखी वस्तुएँ स्पष्ट नहीं दिखाई देतीं। मक्खन का पेपर इसका प्रमुख उदाहरण है। अतः B-3 सही है।
अपारदर्शी पदार्थ प्रकाश को अपने आर-पार बिल्कुल नहीं जाने देते। लकड़ी प्रकाश को रोक देती है, इसलिए यह अपारदर्शी पदार्थ है। अतः C-1 सही है।
इस प्रकार सही मिलान A-2, B-3, C-1 प्राप्त होता है।
Source: NCERT Science Class 6, Chapter-2, Page No. 16–17
25. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन पदार्थों की पारदर्शिता के संबंध में सही है?
Answer: C
पारदर्शिता (Transparency) पदार्थों का एक महत्वपूर्ण प्रकाशीय गुण (Optical Property) है। इसी गुण के आधार पर यह निर्धारित किया जाता है कि कोई पदार्थ प्रकाश को कितनी मात्रा में अपने आर-पार जाने देता है।
यदि कोई पदार्थ प्रकाश को लगभग पूरी तरह गुजरने देता है, तो वह पारदर्शी (Transparent) कहलाता है। यदि वह प्रकाश का केवल कुछ भाग गुजरने देता है, तो वह पारभासी (Translucent) कहलाता है। वहीं यदि वह प्रकाश को बिल्कुल नहीं गुजरने देता, तो उसे अपारदर्शी (Opaque) कहा जाता है।
अन्य विकल्प सही नहीं हैं। पारभासी पदार्थों से वस्तुएँ स्पष्ट दिखाई नहीं देतीं। अपारदर्शी पदार्थ प्रकाश को नहीं गुजरने देते। इसी प्रकार केवल धातुएँ ही पारदर्शी हों, यह भी गलत है। वास्तव में अधिकांश धातुएँ अपारदर्शी होती हैं, जबकि स्वच्छ काँच, जल तथा वायु पारदर्शी पदार्थों के प्रमुख उदाहरण हैं।
अतः पदार्थों का यह वर्गीकरण प्रकाश के संचरण (Transmission of Light) पर आधारित होता है और यही इस अध्याय की प्रमुख वैज्ञानिक अवधारणा है।
Source: NCERT Science Class 6, Chapter-2, Page No. 16–17