NCERT 6th Science MCQ Chapter 1 (For All Competitive Exams)

Chapter 1 MCQs in Hindi; भोजन के घटक

1. भोजन का व्यंजन, जो कच्ची सामग्री से मिलकर बनता है, किससे प्राप्त होता है?

I. पादपों से

II. जंतुओं से

उपर्युक्त में से कौन-सा कथन सही है?

A. केवल I
B. केवल II
C. I और II दोनों
D. इनमें से कोई नहीं

Answer: C

सही उत्तर I और II दोनों है।

हम जो भोजन प्रतिदिन ग्रहण करते हैं, वह एक या एक से अधिक प्रकार की कच्ची सामग्री (Raw Materials) से तैयार होता है। यह कच्ची सामग्री मुख्यतः पादपों (Plants) तथा जंतुओं (Animals) से प्राप्त होती है।

पादपों से हमें अनाज (गेहूँ, चावल, मक्का), दालें, फल, सब्जियाँ, मेवे, तिलहन, मसाले आदि प्राप्त होते हैं। ये हमारे भोजन के प्रमुख स्रोत हैं और इनमें विभिन्न प्रकार के पोषक तत्व पाए जाते हैं।

जंतुओं से हमें दूध, दही, मक्खन, घी, अंडा, मांस, मछली, शहद आदि प्राप्त होते हैं। ये विशेष रूप से प्रोटीन, वसा, विटामिन तथा खनिज लवण के अच्छे स्रोत माने जाते हैं।

इन कच्ची सामग्रियों में उपस्थित उपयोगी घटकों को पोषक तत्व (Nutrients) कहा जाता है। हमारे शरीर की वृद्धि, ऊर्जा उत्पादन, ऊतकों की मरम्मत तथा रोगों से रक्षा के लिए इन पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है।

भोजन में मुख्य रूप से कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, विटामिन, खनिज लवण, रूक्षांश (Dietary Fibre) तथा जल पाए जाते हैं। संतुलित आहार में इन सभी का उचित मात्रा में होना आवश्यक है।

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Source: NCERT Science Class 6 Chapter 1, Page No. 1–2

2. हमारे भोजन में मुख्य पोषक पदार्थ निम्न में से कौन हैं?

A. कार्बोहाइड्रेट
B. प्रोटीन
C. वसा
D. इनमें से सभी

Answer: D

सही उत्तर इनमें से सभी है।

हमारे शरीर को स्वस्थ रखने तथा उसकी सभी जैविक क्रियाओं को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए अनेक प्रकार के पोषक तत्व (Nutrients) आवश्यक होते हैं। इनमें प्रमुख हैं—कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, विटामिन तथा खनिज लवण।

कार्बोहाइड्रेट शरीर को कार्य करने के लिए आवश्यक ऊर्जा का प्रमुख स्रोत है। चावल, गेहूँ, आलू तथा मक्का जैसे खाद्य पदार्थों में इसकी मात्रा अधिक होती है।

प्रोटीन शरीर की वृद्धि, नई कोशिकाओं के निर्माण तथा क्षतिग्रस्त ऊतकों की मरम्मत के लिए आवश्यक है। दालें, दूध, अंडा, मछली और सोयाबीन इसके प्रमुख स्रोत हैं।

वसा शरीर को ऊर्जा का सघन स्रोत प्रदान करती है तथा शरीर को ठंड से बचाने और कुछ विटामिनों के अवशोषण में सहायता करती है। घी, मक्खन, तेल तथा मेवे वसा के प्रमुख स्रोत हैं।

इनके अतिरिक्त विटामिन तथा खनिज लवण शरीर की विभिन्न जैविक क्रियाओं को नियंत्रित करते हैं और रोग प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। साथ ही रूक्षांश पाचन तंत्र को स्वस्थ रखता है तथा जल शरीर में पोषक तत्वों के परिवहन, तापमान नियंत्रण और अपशिष्ट पदार्थों के निष्कासन में सहायक होता है।

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Source: NCERT Science Class 6 Chapter 1, Page No. 2

3. हमारे भोजन में मुख्य पोषक पदार्थ निम्न में से कौन हैं?

I. कार्बोहाइड्रेट

II. प्रोटीन

III. वसा

कूट:

A. I एवं III
B. I एवं II
C. II एवं III
D. I, II एवं III

Answer: D

प्रश्न में दिए गए तीनों—कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और वसा—हमारे भोजन के प्रमुख पोषक तत्व हैं। इसलिए सही उत्तर I, II एवं III है।

कार्बोहाइड्रेट शरीर को दैनिक कार्यों के लिए ऊर्जा प्रदान करता है। यह सबसे प्रमुख ऊर्जा स्रोत है।

प्रोटीन शरीर की वृद्धि, मांसपेशियों के विकास तथा क्षतिग्रस्त ऊतकों की मरम्मत के लिए आवश्यक है। बच्चों और किशोरों के विकास में इसकी विशेष भूमिका होती है।

वसा ऊर्जा का संचित स्रोत है। यह शरीर को ठंड से बचाती है, आंतरिक अंगों की सुरक्षा करती है तथा विटामिन A, D, E और K जैसे वसा में घुलनशील विटामिनों के अवशोषण में सहायता करती है।

संतुलित भोजन में इन तीनों पोषक तत्वों का उचित अनुपात होना आवश्यक है। इनमें से किसी एक की कमी या अधिकता स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है।

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Source: NCERT Science Class 6 Chapter 1, Page No. 2

4. कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन एवं वसा के परीक्षण के लिए निम्नलिखित विलयनों में से किसका उपयोग किया जाता है?

A. आयोडीन विलयन
B. कॉपर सल्फेट विलयन
C. कॉस्टिक सोडा विलयन
D. इनमें से सभी

Answer: D

सही उत्तर इनमें से सभी है।

भोजन में विभिन्न पोषक तत्वों की उपस्थिति ज्ञात करने के लिए सरल रासायनिक परीक्षण किए जाते हैं। इन परीक्षणों में अलग-अलग रसायनों का उपयोग किया जाता है।

आयोडीन विलयन (Iodine Solution) का उपयोग स्टार्च (कार्बोहाइड्रेट) की पहचान के लिए किया जाता है। यदि किसी खाद्य पदार्थ में स्टार्च उपस्थित होता है, तो आयोडीन की कुछ बूंदें डालने पर उसका रंग नीला-काला (Blue-Black) हो जाता है।

कॉपर सल्फेट (Copper Sulphate) तथा कॉस्टिक सोडा (Sodium Hydroxide) का संयुक्त रूप से उपयोग प्रोटीन की पहचान के लिए किया जाता है। इसे बायूरेट परीक्षण (Biuret Test) कहा जाता है। यदि प्रोटीन उपस्थित हो, तो विलयन का रंग बैंगनी (Violet) हो जाता है।

वसा की पहचान सामान्यतः खाद्य पदार्थ को कागज पर रगड़कर की जाती है। यदि कागज पर स्थायी पारदर्शी तैलीय धब्बा (Translucent Spot) बन जाए, तो यह वसा की उपस्थिति का संकेत होता है।

इस प्रकार भोजन में विभिन्न पोषक तत्वों की पहचान के लिए आयोडीन, कॉपर सल्फेट तथा कॉस्टिक सोडा जैसे रसायनों का उपयोग किया जाता है।

Source: NCERT Science Class 6 Chapter 1, Page No. 4

5. भोजन में उपस्थित पोषक तत्वों के परीक्षण के संबंध में निम्नलिखित में से सही विकल्प का चयन करें:-

A. परीक्षण करने के बाद कार्बोहाइड्रेट का रंग बैंगनी हो जाता है।
B. परीक्षण करने के बाद प्रोटीन का रंग काला हो जाता है।
C. परीक्षण करने के बाद वसा का रंग नीला हो जाता है।
D. यदि प्रोटीन का परीक्षण किसी ठोस पदार्थ में करना हो, तो परीक्षण से पहले उसे चूर्ण या पेस्ट बनाना होता है।

Answer: D

सही उत्तर विकल्प (D) है।

भोजन में प्रोटीन की उपस्थिति का परीक्षण करने के लिए यदि खाद्य पदार्थ ठोस अवस्था में हो, तो सबसे पहले उसे पीसकर चूर्ण या पेस्ट बनाया जाता है। इसके बाद उसमें थोड़ा जल मिलाकर घोल तैयार किया जाता है और फिर कॉपर सल्फेट तथा कॉस्टिक सोडा (सोडियम हाइड्रॉक्साइड) के विलयन मिलाकर परीक्षण किया जाता है। यदि प्रोटीन उपस्थित हो, तो विलयन का रंग बैंगनी (Violet) हो जाता है।

विकल्प (A) गलत है, क्योंकि कार्बोहाइड्रेट (विशेषकर स्टार्च) की जाँच में आयोडीन विलयन प्रयोग किया जाता है और इसकी उपस्थिति में रंग नीला-काला (Blue-Black) हो जाता है, बैंगनी नहीं।

विकल्प (B) गलत है, क्योंकि प्रोटीन की उपस्थिति में रंग बैंगनी होता है, काला नहीं।

विकल्प (C) भी गलत है, क्योंकि वसा की पहचान किसी रंग परिवर्तन से नहीं होती। वसा की जाँच के लिए खाद्य पदार्थ को कागज़ पर रगड़ा जाता है। यदि कागज़ पर पारदर्शी तैलीय धब्बा रह जाए, तो यह वसा की उपस्थिति का संकेत है।

भोजन में पोषक तत्वों की पहचान के ये सरल परीक्षण विज्ञान प्रयोगशालाओं के साथ-साथ विद्यालय स्तर पर भी कराए जाते हैं, जिससे विद्यार्थी विभिन्न खाद्य पदार्थों के पोषण मूल्य को समझ सकें।

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Source: NCERT Science Class 6 Chapter 1, Page No. 3

6. निम्नलिखित में से किसे ‘ऊर्जा देने वाला भोजन’ कहा जाता है?

I. प्रोटीनयुक्त भोजन

II. वसायुक्त भोजन

III. कार्बोहाइड्रेटयुक्त भोजन

A. I एवं III
B. II एवं III
C. केवल III
D. I, II और III

Answer: B

सही उत्तर II एवं III है।

हमारे शरीर को दैनिक कार्यों, शारीरिक गतिविधियों तथा विभिन्न जैविक प्रक्रियाओं के लिए निरंतर ऊर्जा की आवश्यकता होती है। यह ऊर्जा मुख्य रूप से कार्बोहाइड्रेट और वसा से प्राप्त होती है।

कार्बोहाइड्रेट शरीर का प्रमुख एवं त्वरित ऊर्जा स्रोत है। चावल, गेहूँ, मक्का, आलू तथा शक्कर जैसे खाद्य पदार्थों में इसकी मात्रा अधिक होती है। शरीर सबसे पहले कार्बोहाइड्रेट का उपयोग ऊर्जा प्राप्त करने के लिए करता है।

वसा भी ऊर्जा का महत्वपूर्ण स्रोत है। वास्तव में समान मात्रा में कार्बोहाइड्रेट की तुलना में वसा लगभग दोगुनी से अधिक ऊर्जा प्रदान करती है। यही कारण है कि शरीर अतिरिक्त ऊर्जा को प्रायः वसा के रूप में संचित करता है।

प्रोटीन का मुख्य कार्य ऊर्जा प्रदान करना नहीं, बल्कि शरीर की वृद्धि, ऊतकों की मरम्मत तथा नई कोशिकाओं का निर्माण करना है। ऊर्जा की अत्यधिक कमी होने पर ही शरीर प्रोटीन का उपयोग ऊर्जा के लिए करता है।

इसी कारण कार्बोहाइड्रेट और वसा को “ऊर्जा देने वाला भोजन (Energy Giving Foods)” कहा जाता है।

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Source: NCERT Science Class 6 Chapter 1, Page No. 2

7. समान मात्रा में कार्बोहाइड्रेट एवं वसा लेने पर ऊर्जा किससे सर्वाधिक प्राप्त होगी?

A. कार्बोहाइड्रेट
B. वसा
C. दोनों में समान
D. इनमें से कोई नहीं

Answer: B

सही उत्तर वसा है।

कार्बोहाइड्रेट और वसा दोनों शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं, लेकिन समान मात्रा में वसा से कार्बोहाइड्रेट की तुलना में अधिक ऊर्जा प्राप्त होती है।

पोषण विज्ञान के अनुसार 1 ग्राम कार्बोहाइड्रेट से लगभग 4 किलो कैलोरी (kcal) ऊर्जा प्राप्त होती है, जबकि 1 ग्राम वसा से लगभग 9 किलो कैलोरी (kcal) ऊर्जा मिलती है। अर्थात् समान मात्रा में वसा लगभग दोगुनी से भी अधिक ऊर्जा प्रदान करती है।

इसी कारण शरीर अतिरिक्त ऊर्जा को भविष्य की आवश्यकता के लिए वसा के रूप में संग्रहित करता है। हालांकि वसा आवश्यक है, लेकिन इसका अत्यधिक सेवन मोटापा, हृदय रोग तथा अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है।

संतुलित आहार में कार्बोहाइड्रेट और वसा दोनों उचित मात्रा में होने चाहिए ताकि शरीर को पर्याप्त ऊर्जा मिले और स्वास्थ्य भी बना रहे।

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Source: NCERT Science Class 6 Chapter 1, Page No. 2

8. सुमेलित करें:-

Answer:

1. कार्बोहाइड्रेट का स्रोत a. बाजरा, आलू

Answer:

2. वसा के पादप स्रोत b. मछली, घी

Answer:

3. वसा के जंतु स्रोत c. गिरी (मेवे)

कूट:

A. 1-c, 2-a, 3-b
B. 1-b, 2-a, 3-c
C. 1-b, 2-c, 3-a
D. 1-a, 2-c, 3-b

Answer: D

कार्बोहाइड्रेट, वसा तथा उनके स्रोतों की सही पहचान संतुलित आहार को समझने के लिए आवश्यक है।

कार्बोहाइड्रेट का प्रमुख स्रोत बाजरा, आलू, चावल, गेहूँ तथा अन्य अनाज हैं। ये शरीर को ऊर्जा प्रदान करने वाले मुख्य खाद्य पदार्थ हैं।

वसा के पादप स्रोत में गिरी (मेवे), मूंगफली, तिल, सरसों, नारियल तथा विभिन्न वनस्पति तेल शामिल हैं। ये शरीर को ऊर्जा देने के साथ-साथ आवश्यक वसा अम्ल भी उपलब्ध कराते हैं।

वसा के जंतु स्रोत में मछली, घी, मक्खन, अंडे तथा मांस प्रमुख हैं। इनमें वसा के साथ-साथ प्रोटीन तथा कुछ आवश्यक विटामिन भी पाए जाते हैं।

इस प्रकार सही सुमेल होगा—

1. कार्बोहाइड्रेट का स्रोत a. बाजरा, आलू

Answer:

2. वसा के पादप स्रोत c. गिरी (मेवे)

Answer:

3. वसा के जंतु स्रोत b. मछली, घी

अतः सही कूट 1-a, 2-c, 3-b अर्थात विकल्प (D) है।

Answer:

Source: NCERT Science Class 6 Chapter 1, Page No. 4

9. निम्नलिखित में से कौन-सा सत्य कथन है?

A. प्रोटीन रोगों से हमारे शरीर की रक्षा करते हैं।
B. विटामिन की आवश्यकता शरीर की वृद्धि के लिए आवश्यक है।
C. वसायुक्त भोजन को प्रायः ‘शरीर वर्धक भोजन’ भी कहते हैं।
D. हमारे शरीर को सभी प्रकार के विटामिनों की अल्प मात्रा में आवश्यकता होती है।

Answer: D

सही उत्तर विकल्प (D) है।

विटामिन ऐसे आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्व (Micronutrients) हैं जिनकी हमारे शरीर को बहुत कम मात्रा में आवश्यकता होती है, लेकिन उनका महत्व अत्यंत अधिक होता है। ये शरीर की विभिन्न जैविक क्रियाओं को सुचारु रूप से संचालित करते हैं तथा शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

विकल्प (A) गलत है। प्रश्न में प्रोटीन को रोगों से रक्षा करने वाला बताया गया है, जबकि रोगों से शरीर की रक्षा करने तथा प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने में मुख्य भूमिका विटामिन, विशेषकर विटामिन C, निभाता है। प्रोटीन का मुख्य कार्य शरीर की वृद्धि तथा क्षतिग्रस्त ऊतकों की मरम्मत करना है।

विकल्प (B) भी गलत है। शरीर की वृद्धि के लिए मुख्य रूप से प्रोटीन आवश्यक होता है। विटामिन वृद्धि में सहायक अवश्य हैं, लेकिन उनका प्रमुख कार्य शरीर की विभिन्न जैविक प्रक्रियाओं का नियमन तथा स्वास्थ्य की रक्षा करना है।

विकल्प (C) गलत है। ‘शरीर वर्धक भोजन’ प्रोटीनयुक्त भोजन को कहा जाता है क्योंकि यह शरीर की वृद्धि एवं ऊतकों के निर्माण में सहायता करता है। वसा और कार्बोहाइड्रेट को ऊर्जा देने वाला भोजन कहा जाता है।

मानव शरीर को विटामिन A, B-समूह, C, D, E तथा K सहित सभी विटामिनों की आवश्यकता होती है। यद्यपि इनकी मात्रा बहुत कम होती है, लेकिन इनकी कमी से अनेक अल्पता रोग (Deficiency Diseases) उत्पन्न हो सकते हैं।

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Source: NCERT Science Class 6 Chapter 1, Page No. 5

10. हमारी आँखों एवं त्वचा को स्वस्थ रखने वाला विटामिन कौन-सा है?

A. विटामिन A
B. विटामिन B
C. विटामिन C
D. विटामिन D

Answer: A

सही उत्तर विटामिन A है।

विटामिन A हमारी आँखों और त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने के लिए अत्यंत आवश्यक है। यह आँखों की सामान्य दृष्टि बनाए रखने में सहायता करता है तथा विशेष रूप से कम प्रकाश में देखने की क्षमता के लिए महत्वपूर्ण है।

यदि शरीर में विटामिन A की कमी हो जाए, तो रतौंधी (Night Blindness) जैसी समस्या उत्पन्न हो सकती है, जिसमें व्यक्ति को विशेषकर शाम या रात के समय देखने में कठिनाई होती है। लंबे समय तक इसकी कमी रहने पर आँखों को स्थायी क्षति भी हो सकती है।

विटामिन A त्वचा को स्वस्थ रखने के साथ-साथ शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत बनाने में सहायक होता है।

इसके प्रमुख स्रोतों में गाजर, पालक, मेथी, पपीता, आम, दूध, मक्खन, अंडे की जर्दी तथा मछली के यकृत का तेल शामिल हैं।

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Source: NCERT Science Class 6 Chapter 1, Page No. 5

11. हमारे शरीर में अनेक प्रकार के रोगों से लड़ने में सहायता करने वाला विटामिन कौन-सा है?

A. विटामिन A
B. विटामिन B
C. विटामिन C
D. विटामिन D

Answer: C

सही उत्तर विटामिन C है।

विटामिन C शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह शरीर को अनेक प्रकार के संक्रमणों और रोगों से लड़ने में सहायता करता है।

यह विटामिन घावों को जल्दी भरने, मसूड़ों को स्वस्थ रखने तथा त्वचा में उपस्थित कोलेजन (Collagen) नामक प्रोटीन के निर्माण में भी सहायक होता है।

यदि शरीर में विटामिन C की कमी हो जाए, तो स्कर्वी (Scurvy) नामक रोग हो सकता है। इस रोग में मसूड़ों से खून आना, घावों का देर से भरना, कमजोरी तथा थकान जैसी समस्याएँ उत्पन्न होती हैं।

विटामिन C के प्रमुख स्रोत आँवला, संतरा, नींबू, मौसमी, अमरूद, टमाटर तथा विभिन्न हरी पत्तेदार सब्जियाँ हैं।

चूँकि विटामिन C ऊष्मा के प्रति संवेदनशील होता है, इसलिए सब्जियों को अधिक देर तक पकाने से इसकी मात्रा कम हो सकती है।

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Source: NCERT Science Class 6 Chapter 1, Page No. 5

12. निम्न में से कौन-सा विटामिन हमारी अस्थियों तथा दाँतों के लिए कैल्सियम का उपयोग करने में हमारे शरीर की सहायता करता है?

A. विटामिन A
B. विटामिन B
C. विटामिन C
D. विटामिन D

Answer: D

सही उत्तर विटामिन D है।

विटामिन D का मुख्य कार्य शरीर में कैल्सियम तथा फॉस्फोरस के अवशोषण (Absorption) में सहायता करना है। यही कारण है कि यह हमारी अस्थियों और दाँतों को मजबूत एवं स्वस्थ बनाए रखने के लिए अत्यंत आवश्यक है।

यदि शरीर में विटामिन D की कमी हो जाए, तो बच्चों में रिकेट्स (Rickets) तथा वयस्कों में ऑस्टियोमलेशिया (Osteomalacia) जैसी समस्याएँ हो सकती हैं। इन रोगों में हड्डियाँ कमजोर और मुलायम हो जाती हैं।

विटामिन D की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसका निर्माण हमारे शरीर में सूर्य के प्रकाश, विशेषकर पराबैंगनी (Ultraviolet-B) किरणों के प्रभाव से त्वचा में भी होता है। इसलिए प्रतिदिन कुछ समय तक सुबह की धूप लेना लाभदायक माना जाता है।

इसके अतिरिक्त दूध, मक्खन, अंडे की जर्दी, मछली तथा कुछ सुदृढ़ीकृत (Fortified) खाद्य पदार्थ भी विटामिन D के अच्छे स्रोत हैं।

मजबूत हड्डियों के लिए केवल कैल्सियम का सेवन पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके उचित उपयोग के लिए विटामिन D की भी पर्याप्त मात्रा आवश्यक होती है।

Source: NCERT Science Class 6 Chapter 1, Page No. 5

13. सुमेलित कीजिए:-

विटामिन स्रोत

Answer:

1. विटामिन A a. अमरूद, मिर्च

Answer:

2. विटामिन B b. पपीता, गाजर, आम

Answer:

3. विटामिन C c. मछली का तेल

Answer:

4. विटामिन D d. यकृत, चावल

कूट:

A. 1-a, 2-b, 3-c, 4-d
B. 1-b, 2-d, 3-a, 4-c
C. 1-c, 2-a, 3-d, 4-b
D. 1-b, 2-d, 3-c, 4-a

Answer: B

विभिन्न विटामिनों के स्रोत अलग-अलग होते हैं और प्रत्येक विटामिन शरीर में विशिष्ट कार्य करता है। इसलिए उनके स्रोतों का सही ज्ञान आवश्यक है।

विटामिन A का प्रमुख स्रोत पपीता, गाजर तथा आम हैं। यह आँखों की दृष्टि, त्वचा के स्वास्थ्य तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखने में सहायक होता है।

विटामिन B-समूह (Vitamin B Complex) के प्रमुख स्रोत यकृत (Liver), साबुत अनाज, चावल, दालें तथा खमीर (Yeast) हैं। यह भोजन से ऊर्जा प्राप्त करने तथा तंत्रिका तंत्र के सामान्य कार्य के लिए आवश्यक है।

विटामिन C मुख्यतः अमरूद, हरी मिर्च, नींबू, संतरा तथा अन्य खट्टे फलों में पाया जाता है। यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और घाव भरने में सहायता करता है।

विटामिन D का एक प्रमुख आहार स्रोत मछली का तेल है। इसके अतिरिक्त इसका निर्माण शरीर में सूर्य के प्रकाश के प्रभाव से भी होता है। यह कैल्सियम के अवशोषण तथा हड्डियों और दाँतों को मजबूत बनाने के लिए आवश्यक है।

अतः सही सुमेल होगा—

विटामिन स्रोत

1. विटामिन A b. पपीता, गाजर, आम

Answer:

2. विटामिन B d. यकृत, चावल

Answer:

3. विटामिन C a. अमरूद, मिर्च

Answer:

4. विटामिन D c. मछली का तेल

इसलिए सही उत्तर विकल्प (B) है।

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Answer:

Source: NCERT Science Class 6 Chapter 1, Page No. 5

14. आहारी रेशे (रूक्षांश) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?

A. आहारी रेशे को रूक्षांश के नाम से भी जाना जाता है।
B. हमारे भोजन में रूक्षांश की पूर्ति मुख्यतः पादप उत्पादों से होती है।
C. रूक्षांश हमारे शरीर को कई प्रकार के पोषक पदार्थ प्रदान करते हैं।
D. रूक्षांश के मुख्य स्रोत साबुत खाद्यान्न, दालें, आलू, ताजे फल तथा सब्जियाँ हैं।

Answer: C

सही उत्तर विकल्प (C) है, क्योंकि यह कथन असत्य है।

रूक्षांश (Dietary Fibre) भोजन का ऐसा घटक है जो हमारे शरीर को कोई पोषक तत्व या ऊर्जा प्रदान नहीं करता, फिर भी यह संतुलित आहार का अत्यंत महत्वपूर्ण भाग है।

विकल्प (A) सही है। आहारी रेशे को ही रूक्षांश कहा जाता है।

विकल्प (B) भी सही है। रूक्षांश मुख्य रूप से पादप उत्पादों से प्राप्त होता है। पशुजन्य खाद्य पदार्थों में सामान्यतः रूक्षांश नहीं पाया जाता।

विकल्प (D) सही है। साबुत अनाज, दालें, आलू, ताजे फल, हरी सब्जियाँ तथा अन्य पौध-आधारित खाद्य पदार्थ रूक्षांश के प्रमुख स्रोत हैं।

विकल्प (C) गलत है, क्योंकि रूक्षांश शरीर को पोषक तत्व नहीं देता। इसका मुख्य कार्य भोजन का आयतन बढ़ाना, पाचन तंत्र को स्वस्थ रखना तथा बिना पचे भोजन को बड़ी आँत के माध्यम से शरीर से बाहर निकालने में सहायता करना है। पर्याप्त मात्रा में रूक्षांश लेने से कब्ज (Constipation) जैसी समस्याओं की संभावना भी कम होती है।

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Source: NCERT Science Class 6 Chapter 1, Page No. 6

15. कथनों पर विचार करें:-

I. जल भोजन में उपस्थित पोषक पदार्थों को अवशोषित करने में सहायता करता है।

II. जल शरीर के अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने में सहायक होता है।

उपर्युक्त में सही कथन का चयन कीजिए:-

A. केवल I
B. केवल II
C. I और II दोनों
D. इनमें से कोई नहीं

Answer: C

दोनों कथन सही हैं।

पहला कथन सही है। जल हमारे पाचन तंत्र में भोजन के पाचन तथा उसमें उपस्थित पोषक तत्वों के अवशोषण (Absorption) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। भोजन में उपस्थित घुलनशील पोषक तत्व जल की सहायता से शरीर के विभिन्न भागों तक पहुँचते हैं।

दूसरा कथन भी सही है। जल शरीर से अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने में सहायता करता है। यह मुख्य रूप से मूत्र, पसीना तथा कुछ मात्रा में मल के माध्यम से शरीर से अपशिष्ट पदार्थों का निष्कासन करता है। इससे शरीर का आंतरिक वातावरण संतुलित बना रहता है।

इसके अतिरिक्त जल शरीर के तापमान को नियंत्रित करने, रक्त परिसंचरण को सुचारु रखने, कोशिकाओं तक पोषक तत्व पहुँचाने तथा विभिन्न जैव-रासायनिक क्रियाओं में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

मानव शरीर का लगभग 60–70% भाग जल से बना होता है। इसलिए प्रतिदिन पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ जल पीना अच्छे स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है।

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Source: NCERT Science Class 6 Chapter 1, Page No. 7

16. निम्नलिखित में से असत्य कथन की पहचान करें:-

A. सामान्यतः पूरे दिन में जो कुछ भी हम खाते हैं, उसे आहार कहते हैं।
B. संतुलित आहार में कार्बोहाइड्रेट, वसा एवं प्रोटीन के अलावा रूक्षांश एवं जल भी सम्मिलित होते हैं।
C. छिलका उतारकर सब्जियों को धोने से कुछ विटामिन एवं खनिज लवण नष्ट हो सकते हैं।
D. इनमें से कोई नहीं।

Answer: D

सही उत्तर विकल्प (D) है, क्योंकि दिए गए तीनों कथन सही हैं।

विकल्प (A) सही है। पूरे दिन में जो कुछ भी हम खाते-पीते हैं, उसे आहार (Diet) कहा जाता है।

विकल्प (B) भी सही है। संतुलित आहार (Balanced Diet) वह होता है जिसमें शरीर की आवश्यकता के अनुसार उचित मात्रा में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, विटामिन, खनिज लवण, रूक्षांश तथा जल शामिल हों। किसी भी पोषक तत्व की मात्रा आवश्यकता से अधिक या कम नहीं होनी चाहिए।

विकल्प (C) भी सही है। यदि सब्जियों और फलों का छिलका उतारने के बाद उन्हें धोया जाता है, तो जल में घुलनशील कुछ विटामिन, विशेषकर विटामिन B तथा विटामिन C, और कुछ खनिज लवण नष्ट या बह सकते हैं। इसलिए सामान्यतः पहले सब्जियों और फलों को अच्छी तरह धोना चाहिए, उसके बाद आवश्यकता अनुसार उनका छिलका उतारना चाहिए।

संतुलित आहार शरीर की वृद्धि, विकास, रोग प्रतिरोधक क्षमता तथा समग्र स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए आवश्यक है। उचित भोजन के साथ स्वच्छता एवं सही खाद्य तैयारी की विधियाँ भी समान रूप से महत्वपूर्ण हैं।

Source: NCERT Science Class 6 Chapter 1, Page No. 7

17. भोजन पकाने से कौन-सा विटामिन आसानी से नष्ट हो जाता है?

A. विटामिन A
B. विटामिन B
C. विटामिन C
D. विटामिन D

Answer: C

सही उत्तर विटामिन C है।

विटामिन C ऊष्मा (Heat) के प्रति अत्यंत संवेदनशील होता है। भोजन को अधिक तापमान पर या लंबे समय तक पकाने से यह आसानी से नष्ट हो जाता है। यही कारण है कि भोजन पकाने की प्रक्रिया में विटामिन C की मात्रा काफी कम हो सकती है।

इसी कारण स्वास्थ्य विशेषज्ञ भोजन में ताजे फल, सलाद तथा कच्ची सब्जियाँ शामिल करने की सलाह देते हैं, ताकि शरीर को पर्याप्त मात्रा में विटामिन C प्राप्त हो सके।

विटामिन C शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, घावों को भरने, मसूड़ों को स्वस्थ रखने तथा कोलेजन के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसकी कमी से स्कर्वी (Scurvy) नामक रोग हो सकता है, जिसमें मसूड़ों से खून आना, कमजोरी तथा घावों का देर से भरना जैसी समस्याएँ उत्पन्न होती हैं।

विटामिन C के प्रमुख स्रोत आँवला, अमरूद, नींबू, संतरा, मौसमी, टमाटर तथा हरी मिर्च हैं।

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Source: NCERT Science Class 6 Chapter 1, Page No. 8

18. हमारे भोजन में वसा की मात्रा अधिक होने पर शरीर पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

A. शरीर मोटापे का शिकार हो जाता है।
B. शरीर पतला हो जाता है।
C. शरीर हमेशा ऊर्जावान बना रहता है।
D. शरीर की लंबाई रुक जाती है।

Answer: A

सही उत्तर शरीर मोटापे का शिकार हो जाता है है।

वसा (Fat) शरीर के लिए आवश्यक पोषक तत्व है तथा यह ऊर्जा का सबसे सघन स्रोत है। 1 ग्राम वसा से लगभग 9 किलो कैलोरी ऊर्जा प्राप्त होती है, जो कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन से मिलने वाली ऊर्जा से अधिक है।

यदि आवश्यकता से अधिक वसा का सेवन किया जाए और शरीर उस अतिरिक्त ऊर्जा का उपयोग न कर पाए, तो वह वसा के रूप में शरीर में जमा होने लगती है। इससे मोटापा (Obesity) विकसित हो सकता है।

मोटापा केवल शरीर का भार बढ़ाने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, टाइप-2 मधुमेह तथा अन्य चयापचय संबंधी विकारों का जोखिम भी बढ़ जाता है।

इसलिए संतुलित आहार में वसा का उचित मात्रा में सेवन करना चाहिए तथा तली-भुनी एवं अत्यधिक वसायुक्त वस्तुओं का सीमित उपयोग करना चाहिए।

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Source: NCERT Science Class 6 Chapter 1, Page No. 8

19. निम्नलिखित में से प्रोटीन की कमी से कौन-कौन-सी समस्याएँ हो सकती हैं?

I. वृद्धि का अवरुद्ध होना

II. चेहरे पर सूजन

III. त्वचा की बीमारी एवं पेचिश संबंधी समस्या

A. तीनों कथन सही
B. कथन II एवं III सही
C. I और II सही
D. केवल III सही

Answer: A

प्रश्न में दिए गए उत्तर में (B) अंकित है, जबकि एनसीईआरटी के आधार पर तीनों कथन सही हैं। इसलिए सही उत्तर (A) होना चाहिए।

प्रोटीन शरीर की वृद्धि, ऊतकों की मरम्मत तथा नई कोशिकाओं के निर्माण के लिए आवश्यक पोषक तत्व है। इसकी कमी होने पर अनेक स्वास्थ्य समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं।

पहला कथन सही है। बच्चों में पर्याप्त प्रोटीन न मिलने पर शारीरिक वृद्धि रुक सकती है तथा विकास सामान्य गति से नहीं हो पाता।

दूसरा कथन सही है। प्रोटीन की गंभीर कमी से शरीर में सूजन (Edema) आ सकती है, विशेषकर चेहरे और पैरों में। यह स्थिति क्वाशिओरकोर (Kwashiorkor) रोग का प्रमुख लक्षण है।

तीसरा कथन भी सही है। प्रोटीन की कमी से त्वचा संबंधी समस्याएँ, बालों का रंग उड़ना, कमजोरी तथा पेचिश जैसी पाचन संबंधी समस्याएँ भी उत्पन्न हो सकती हैं।

प्रोटीन के प्रमुख स्रोत दालें, चना, राजमा, सोयाबीन, दूध, दही, पनीर, अंडा, मछली तथा मांस हैं। बच्चों, किशोरों तथा गर्भवती महिलाओं को पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन की विशेष आवश्यकता होती है।

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Source: NCERT Science Class 6 Chapter 1, Page No. 8

20. निम्न में से अरक्तता (एनीमिया) किसकी कमी से होती है?

A. कैल्सियम
B. लोहा
C. विटामिन
D. आयोडीन

Answer: B

सही उत्तर लोहा (Iron) है।

अरक्तता (Anaemia) एक ऐसी अवस्था है जिसमें शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा सामान्य से कम हो जाती है। इसका सबसे प्रमुख कारण लौह तत्व (Iron) की कमी है।

हीमोग्लोबिन लाल रक्त कणिकाओं (Red Blood Cells) में पाया जाने वाला प्रोटीन है, जो फेफड़ों से ऑक्सीजन को शरीर के विभिन्न अंगों तक पहुँचाता है। जब शरीर में पर्याप्त लोहा नहीं होता, तो हीमोग्लोबिन का निर्माण कम हो जाता है और व्यक्ति अरक्तता का शिकार हो जाता है।

अरक्तता के प्रमुख लक्षणों में कमजोरी, जल्दी थकान, चक्कर आना, चेहरे का पीला पड़ना, सांस फूलना तथा कार्यक्षमता में कमी शामिल हैं।

लौह तत्व के प्रमुख स्रोत हरी पत्तेदार सब्जियाँ, पालक, चना, गुड़, दालें, राजमा, सोयाबीन, सूखे मेवे, यकृत (Liver) तथा मांस हैं। विटामिन C युक्त भोजन के साथ लौह तत्व का सेवन करने से उसके अवशोषण में वृद्धि होती है।

तुलना के लिए, आयोडीन की कमी से घेघा (Goitre), कैल्सियम की कमी से दाँत और हड्डियाँ कमजोर होती हैं तथा विटामिन D की कमी से रिकेट्स (Rickets) हो सकता है।

Source: NCERT Science Class 6 Chapter 1, Page No. 9

21. गॉयटर (घेघा) रोग किसकी कमी से होता है?

A. कैल्सियम
B. लोहा
C. विटामिन
D. आयोडीन

Answer: D

सही उत्तर आयोडीन है।

आयोडीन (Iodine) एक आवश्यक खनिज लवण (Mineral) है, जिसकी शरीर को बहुत कम मात्रा में आवश्यकता होती है, लेकिन इसका महत्व अत्यधिक है। यह थायरॉयड ग्रंथि (Thyroid Gland) द्वारा स्रावित होने वाले थायरॉक्सिन (Thyroxine) तथा ट्राईआयोडोथायरोनिन (T₃) जैसे हार्मोनों के निर्माण के लिए आवश्यक होता है। ये हार्मोन शरीर की उपापचय क्रिया (Metabolism), वृद्धि, मानसिक विकास तथा ऊर्जा के उपयोग को नियंत्रित करते हैं।

जब भोजन में लंबे समय तक आयोडीन की कमी बनी रहती है, तब थायरॉयड ग्रंथि पर्याप्त मात्रा में हार्मोन नहीं बना पाती। इसकी पूर्ति के लिए यह ग्रंथि आकार में बड़ी होने लगती है, जिससे गर्दन के सामने वाले भाग में सूजन दिखाई देती है। इस स्थिति को घेघा (Goitre) कहा जाता है।

यदि गर्भवती महिला के शरीर में आयोडीन की कमी हो, तो इसका प्रभाव गर्भस्थ शिशु के मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र के विकास पर भी पड़ सकता है। बच्चों में इससे मानसिक विकास में कमी, सीखने की क्षमता प्रभावित होना तथा शारीरिक वृद्धि में बाधा जैसी गंभीर समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं।

आयोडीन की कमी से बचने का सबसे प्रभावी उपाय आयोडीन युक्त नमक (Iodized Salt) का नियमित उपयोग है। इसके अतिरिक्त समुद्री मछलियाँ, समुद्री शैवाल, अंडे तथा दुग्ध उत्पाद भी आयोडीन के अच्छे स्रोत हैं।

अन्य विकल्प क्यों गलत हैं?

• कैल्सियम की कमी से हड्डियाँ और दाँत कमजोर होते हैं, घेघा नहीं होता।

• लोहा (Iron) की कमी से अरक्तता (Anaemia) होती है।

• केवल विटामिन लिखना सही उत्तर नहीं है, क्योंकि घेघा किसी विटामिन की नहीं, बल्कि आयोडीन की कमी से होता है।

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Source: NCERT Science Class 6 Chapter 1, Page No. 9

22. अस्थियों की कमजोरी एवं दन्तक्षय मुख्यतः किसकी कमी से होता है?

A. कैल्सियम
B. लोहा
C. विटामिन
D. आयोडीन

Answer: A

सही उत्तर कैल्सियम है।

कैल्सियम (Calcium) मानव शरीर में पाया जाने वाला सबसे अधिक मात्रा वाला खनिज है। हमारे शरीर के लगभग 99% कैल्सियम का संचय हड्डियों और दाँतों में होता है। यही कारण है कि यह हड्डियों को मजबूती प्रदान करने तथा दाँतों को स्वस्थ बनाए रखने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

यदि शरीर को पर्याप्त मात्रा में कैल्सियम नहीं मिलता, तो हड्डियाँ कमजोर होने लगती हैं तथा दाँतों का क्षय (Dental Caries) होने की संभावना बढ़ जाती है। बच्चों में पर्याप्त कैल्सियम की कमी से हड्डियों का विकास प्रभावित हो सकता है।

ध्यान देने योग्य बात यह भी है कि केवल कैल्सियम का सेवन पर्याप्त नहीं होता। शरीर में कैल्सियम के उचित अवशोषण के लिए विटामिन D भी आवश्यक है। यदि विटामिन D की कमी हो, तो शरीर कैल्सियम का सही ढंग से उपयोग नहीं कर पाता, जिससे बच्चों में रिकेट्स (Rickets) तथा वयस्कों में हड्डियों की कमजोरी जैसी समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं।

कैल्सियम के प्रमुख स्रोतों में दूध, दही, पनीर, हरी पत्तेदार सब्जियाँ, तिल, सोयाबीन तथा कुछ प्रकार की मछलियाँ शामिल हैं।

अन्य विकल्प क्यों गलत हैं?

• लोहा की कमी से अरक्तता (Anaemia) होती है।

• सामान्य रूप से विटामिन कहना सही नहीं है; यहाँ विशेष रूप से कैल्सियम की कमी पूछी गई है।

• आयोडीन की कमी से घेघा (Goitre) होता है।

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Source: NCERT Science Class 6 Chapter 1, Page No. 9

23. सुमेलित कीजिए:-

Answer:

1. विटामिन A a. दृष्टि क्षीणता

Answer:

2. विटामिन B₁ b. स्कर्वी

Answer:

3. विटामिन C c. बेरी-बेरी

Answer:

4. विटामिन D d. रिकेट्स

कूट:

A. 1-a, 2-b, 3-c, 4-d
B. 1-a, 2-c, 3-b, 4-d
C. 1-c, 2-a, 3-d, 4-b
D. 1-d, 2-c, 3-a, 4-b

Answer: B

इस प्रश्न में विभिन्न विटामिनों का उनकी कमी से होने वाले अभावजन्य रोगों (Deficiency Diseases) के साथ सही मिलान करना है। विटामिन शरीर के लिए आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्व (Micronutrients) हैं। इनकी आवश्यकता बहुत कम मात्रा में होती है, लेकिन शरीर की सामान्य वृद्धि, विकास, रोग प्रतिरोधक क्षमता तथा विभिन्न जैविक क्रियाओं के लिए इनका अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान होता है। किसी भी विटामिन की लंबे समय तक कमी रहने पर विशिष्ट रोग उत्पन्न हो जाते हैं।

विटामिन A का मुख्य कार्य आँखों की सामान्य दृष्टि, त्वचा तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता को बनाए रखना है। इसकी कमी से दृष्टि क्षीणता (Dim Vision) तथा विशेष रूप से रतौंधी (Night Blindness) होती है। गंभीर कमी होने पर आँखों की कॉर्निया भी प्रभावित हो सकती है और स्थायी दृष्टिहानि का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए विटामिन A → दृष्टि क्षीणता (1-a) सही है।

विटामिन B₁ (थायमिन) भोजन से ऊर्जा प्राप्त करने तथा तंत्रिका तंत्र और मांसपेशियों के सामान्य कार्य के लिए आवश्यक होता है। इसकी कमी से बेरी-बेरी (Beriberi) रोग होता है, जिसमें मांसपेशियों की कमजोरी, थकान, चलने में कठिनाई तथा तंत्रिका संबंधी विकार उत्पन्न होते हैं। अतः विटामिन B₁ → बेरी-बेरी (2-c) सही है।

विटामिन C शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, घावों को भरने तथा मसूड़ों को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसकी कमी से स्कर्वी (Scurvy) रोग होता है, जिसमें मसूड़ों से रक्तस्राव, घावों का देर से भरना, कमजोरी तथा त्वचा संबंधी समस्याएँ उत्पन्न होती हैं। इसलिए विटामिन C → स्कर्वी (3-b) सही है।

विटामिन D शरीर में कैल्सियम और फॉस्फोरस के अवशोषण में सहायता करता है। इसकी कमी से बच्चों में रिकेट्स (Rickets) रोग हो जाता है, जिसमें हड्डियाँ मुलायम होकर टेढ़ी होने लगती हैं। वयस्कों में इसकी कमी से ऑस्टियोमलेशिया (Osteomalacia) जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। अतः विटामिन D → रिकेट्स (4-d) सही है।

इस प्रकार सही सुमेल होगा—

विटामिन कमी से होने वाला रोग

1. विटामिन A a. दृष्टि क्षीणता

Answer:

2. विटामिन B₁ c. बेरी-बेरी

Answer:

3. विटामिन C b. स्कर्वी

Answer:

4. विटामिन D d. रिकेट्स

अतः सही कूट 1-a, 2-c, 3-b, 4-d अर्थात विकल्प (B) है।

Answer:

Source: NCERT Science Class 6 Chapter 1, Page No. 9

24. सुमेलित कीजिए:-

Answer:

1. कार्बोहाइड्रेट a. शरीर की वृद्धि एवं ऊतकों की मरम्मत

Answer:

2. प्रोटीन b. रोगों से सुरक्षा एवं शारीरिक क्रियाओं का नियमन

Answer:

3. वसा c. ऊर्जा प्रदान करना

Answer:

4. विटामिन d. ऊर्जा का संचित स्रोत

कूट:

A. 1-c, 2-a, 3-d, 4-b
B. 1-a, 2-d, 3-c, 4-b
C. 1-c, 2-b, 3-a, 4-d
D. 1-d, 2-a, 3-b, 4-c

Answer: A

इस प्रश्न का उद्देश्य विभिन्न पोषक तत्वों (Nutrients) के मुख्य कार्यों की समझ विकसित करना है। प्रत्येक पोषक तत्व शरीर में अलग-अलग भूमिका निभाता है, इसलिए संतुलित आहार में इन सभी का उचित मात्रा में होना आवश्यक है।

कार्बोहाइड्रेट शरीर के लिए ऊर्जा का प्रमुख स्रोत है। दैनिक कार्य, चलना, दौड़ना, पढ़ना, सोचने जैसी सभी गतिविधियों के लिए शरीर सबसे पहले कार्बोहाइड्रेट से ऊर्जा प्राप्त करता है। गेहूँ, चावल, मक्का, बाजरा, आलू तथा शक्कर इसके प्रमुख स्रोत हैं। इसलिए कार्बोहाइड्रेट → ऊर्जा प्रदान करना (1-c) सही है।

प्रोटीन शरीर के निर्माणकारी (Body Building) पोषक तत्व हैं। ये नई कोशिकाओं के निर्माण, ऊतकों की मरम्मत तथा बच्चों और किशोरों की वृद्धि के लिए आवश्यक हैं। दालें, दूध, अंडा, मछली, मांस और सोयाबीन इसके प्रमुख स्रोत हैं। अतः प्रोटीन → शरीर की वृद्धि एवं ऊतकों की मरम्मत (2-a) सही है।

वसा ऊर्जा का सघन स्रोत होने के साथ-साथ अतिरिक्त ऊर्जा को शरीर में संचित रखने का कार्य करती है। यह शरीर को ठंड से बचाती है तथा आंतरिक अंगों की सुरक्षा भी करती है। इसलिए वसा → ऊर्जा का संचित स्रोत (3-d) सही है।

विटामिन शरीर को ऊर्जा नहीं देते, बल्कि विभिन्न जैविक क्रियाओं को नियंत्रित करते हैं तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखने में सहायता करते हैं। अतः विटामिन → रोगों से सुरक्षा एवं शारीरिक क्रियाओं का नियमन (4-b) सही है।

इस प्रकार सही सुमेल 1-c, 2-a, 3-d, 4-b है।

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Source: NCERT Science Class 6 Chapter 1, Page No. 2–6

25. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:-

Answer:

1. रूक्षांश (आहारी रेशा) शरीर को ऊर्जा प्रदान नहीं करता, फिर भी यह संतुलित आहार का आवश्यक भाग है।

Answer:

2. जल भोजन के पाचन, पोषक तत्वों के अवशोषण तथा अपशिष्ट पदार्थों को शरीर से बाहर निकालने में सहायता करता है।

Answer:

3. विटामिन D की कमी से स्कर्वी रोग होता है।

Answer:

4. लौह (Iron) की कमी से अरक्तता (एनीमिया) हो सकती है।

नीचे दिए गए कूट की सहायता से सही उत्तर चुनिए—

A. केवल 1, 2 और 4
B. केवल 2 और 3
C. केवल 1 और 3
D. 1, 2, 3 और 4

Answer: A

इस प्रश्न में विभिन्न पोषक तत्वों एवं उनकी कमी से होने वाले प्रभावों का समग्र ज्ञान परखा गया है।

कथन 1 सही है। रूक्षांश (Dietary Fibre) शरीर को कोई ऊर्जा या पोषक तत्व नहीं देता, लेकिन यह भोजन का आयतन बढ़ाकर पाचन तंत्र को स्वस्थ रखता है तथा कब्ज जैसी समस्याओं से बचाता है। यह बड़ी आँत की सामान्य कार्यप्रणाली बनाए रखने में भी सहायक होता है।

कथन 2 सही है। जल शरीर का अत्यंत महत्वपूर्ण घटक है। यह भोजन के पाचन, पोषक तत्वों के अवशोषण, रक्त द्वारा पोषक तत्वों के परिवहन, शरीर के तापमान के नियंत्रण तथा मूत्र एवं पसीने के माध्यम से अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

कथन 3 गलत है। स्कर्वी (Scurvy) रोग विटामिन C की कमी से होता है, जबकि विटामिन D की कमी से रिकेट्स (Rickets) होता है, जिसमें बच्चों की हड्डियाँ मुलायम होकर टेढ़ी होने लगती हैं।

कथन 4 सही है। लौह (Iron) हीमोग्लोबिन के निर्माण के लिए आवश्यक खनिज है। इसकी कमी से अरक्तता (Anaemia) होती है, जिसमें शरीर में ऑक्सीजन पहुँचाने की क्षमता कम हो जाती है और व्यक्ति को कमजोरी, थकान तथा चक्कर आने जैसी समस्याएँ होती हैं।

अतः केवल कथन 1, 2 और 4 सही हैं, इसलिए सही उत्तर विकल्प (A) है।

Source: NCERT Science Class 6 Chapter 1, Page No. 6–9

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